धार में साध्वी ऋतंभरा का बड़ा दावा, बोलीं- भोजशाला विजय से कृष्ण जन्मभूमि का रास्ता साफ हुआ

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धार| मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर धार स्थित प्रसिद्ध भोजशाला में गुरुवार को प्रसिद्ध संत साध्वी ऋतंभरा का आगमन हुआ। उन्होंने यहाँ पहुँचकर माँ वाग्देवी की विशेष पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान परिसर में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि भोजशाला को लेकर पिछले कई वर्षों से चल रहा संघर्ष अब अपनी सफलता के मुकाम पर पहुँच गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी एक भौतिक स्थान की जीत नहीं है, बल्कि यह अंततः सत्य और धर्म की विजय है।

'माँ वाग्देवी स्वयं धार नगरी आना चाहती हैं'

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि धार की भोजशाला की इस ऐतिहासिक विजय ने आगे चलकर मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के मार्ग को भी पूरी तरह प्रशस्त कर दिया है। देश के समाज ने लंबे वर्षों तक अपार धैर्य, संघर्ष और दृढ़ संकल्प के साथ इस धार्मिक विषय को आगे बढ़ाया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि माँ वाग्देवी स्वयं इस पवित्र धार नगरी में आना चाहती हैं।

उन्होंने वर्तमान युवा पीढ़ी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी का एक धड़ा अनजाने में अपशब्दों और पश्चिमी अपसंस्कृति की ओर आकर्षित हो रहा है। ऐसे में माँ वाग्देवी स्वयं अधीर होकर मानो यह कह रही हैं कि 'मुझे लंदन से चलकर भी वापस भारत आना ही होगा, क्योंकि मैं इस देश को भारत ही बनाए रखना चाहती हूँ।' उन्होंने विश्वास जताया कि माँ वाग्देवी बहुत जल्द अपनी पूरी गरिमा के साथ भोजशाला में पुनः विराजमान होंगी।

सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई, निर्धारित व्यवस्था के तहत होगी नमाज

दूसरी ओर, धार स्थित भोजशाला से जुड़े कानूनी विवाद में गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में मस्जिद पक्ष की ओर से दायर की गई अंतरिम याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। इस कारण से अदालत द्वारा पूर्व में दी गई अंतरिम व्यवस्था के अनुपालन में आज यानी शुक्रवार को भी खसरा नंबर 612 में ही जुमे की नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है, जिसके तहत आज दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक का समय भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 में नमाज अदा करने के लिए निर्धारित किया गया है। स्थानीय प्रशासन शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।