MP से महाराष्ट्र की दूरी होगी कम, नया फोरलेन कॉरिडोर बदलेगा यात्रा का अनुभव

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सिवनी: मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र के नागपुर शहर तक का सफर आने वाले समय में बेहद आसान, सुरक्षित और तेज होने वाला है। दोनों राज्यों के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सिवनी, छिंदवाड़ा और सावनेर के बीच एक शानदार फोरलेन (चार लेन) सड़क प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 547 (NH-547) और 347 (NH-347) के अंतर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम बहुत तेजी से किया जा रहा है।

158 किलोमीटर लंबा बनेगा नया फोरलेन कॉरिडोर

इस नए प्रोजेक्ट के तहत सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के सावनेर तक करीब 158 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य सावनेर-नागपुर के बड़े औद्योगिक क्षेत्र को मध्य प्रदेश के शहरों से सीधे और मजबूती से जोड़ना है। इस सड़क के चौड़ीकरण से दोनों राज्यों के बीच आम जनता का यातायात सुगम होगा और साथ ही औद्योगिक परिवहन, कृषि, व्यापार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को एक नया और बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

टू-लेन की समस्या और ट्रैफिक जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति

वर्तमान स्थिति की बात करें तो सिवनी-छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग का एक बड़ा हिस्सा अभी केवल टू-लेन (दो लेन) का ही है, जिसके कारण इसकी वाहन क्षमता काफी सीमित है। सड़कों पर लगातार बढ़ती गाड़ियों की संख्या की वजह से इस रूट पर सफर करना हर दिन मुश्किल होता जा रहा है और लोगों को भारी जाम से जूझना पड़ता है। नया फोरलेन बन जाने के बाद इस इलाके से गुजरने वाले कोयला परिवहन के ट्रकों, औद्योगिक ट्रैफिक और लंबी दूरी के बड़े मालवाहक जहाजों (कार्गो वाहनों) को जाम की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी और समय की भी भारी बचत होगी।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों के लिए खुलेंगे विकास के रास्ते

NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, इस नए कॉरिडोर की डीपीआर का काम अंतिम चरणों में है। यह नया मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण राजमार्गों NH-44 और NH-47 से सीधा संपर्क स्थापित करेगा। इसके पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद नागपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी के अलावा मध्य प्रदेश के जबलपुर, नरसिंहपुर, बैतूल और पांढुर्णा जैसे शहरों के लिए भी विकास के नए रास्ते खुलेंगे। चूंकि नागपुर को सेंट्रल इंडिया (मध्य भारत) का सबसे बड़ा व्यावसायिक केंद्र माना जाता है, इसलिए इस फोरलेन के बनने से आम यात्रियों के साथ-साथ छोटे-बड़े व्यापारियों और उद्योगों को सीधा मुनाफा होगा।