इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के स्वामित्व वाले चार गोदामों (वेयरहाउस) में फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) मानकों की कमी को लेकर वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस दंडात्मक कार्रवाई और आरोपों के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा को फोन कर दो टूक लहजे में अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पटवारी ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि राज्य सरकार को लगता है कि उनके गोदामों में किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो वे तत्काल उनका पूरा वेयरहाउस खाली करा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और द्वेषवश की जा रही इस कार्रवाई को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
क्या है पूरा मामला? औचक निरीक्षण के बाद जारी हुआ नोटिस
इस प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पालिया में स्थित चार बड़े वेयरहाउसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के बाद यह बात सामने आई कि ये चारों गोदाम कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के हैं।
निरीक्षण के बाद कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष नगायच ने आरोप लगाया कि इतने बड़े कद के राजनीतिक नेता होने के बावजूद पटवारी के गोदामों में आगजनी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं हैं। यहाँ तक कि बुनियादी सुरक्षा के तौर पर रखी जाने वाली रेत और बाल्टियों तक का इंतजाम सही तरीके से नहीं मिला। उन्होंने अपने रुख को निष्पक्ष बताते हुए कहा कि वे प्रदेश भर के करीब 100 वेयरहाउसों का दौरा कर चुके हैं, और यह कार्रवाई केवल एक नेता को लक्षित करके नहीं की गई है। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉर्पोरेशन ने पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
'नियमों का उल्लंघन नहीं करेंगे, अनाज का पूरा ख्याल रखेंगे' — पटवारी
कॉर्पोरेशन की ओर से नोटिस थमाए जाने के बाद जीतू पटवारी ने महाप्रबंधक अनुराग वर्मा से फोन पर सीधा संवाद किया। सोशल मीडिया पर आए बयानों के अनुसार पटवारी ने कहा, "बीजेपी के कुछ नए नेता जो कॉर्पोरेशन में पदों पर बैठे हैं, वे मेरे वेयरहाउस पर गए थे और औचक निरीक्षण के नाम पर कह रहे हैं कि वहां जाले लगे हैं।"
पटवारी ने अधिकारी से आगे कहा, "मैंने पूर्व में भी लिखित रूप से अवगत कराया था और आज पुनः आपको पत्र लिख रहा हूं। यदि हमारी व्यवस्थाओं से आपत्ति है, तो आप सहर्ष हमारे गोदामों को खाली करा सकते हैं। हम सत्ता पक्ष के अनुचित दबाव में आकर स्थापित नियमों के विरुद्ध कोई कार्य नहीं करेंगे। गोदामों में रखे अनाज की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा और रख-रखाव में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।"
कॉर्पोरेशन अध्यक्ष का पलटवार: 'अधिकारियों को धमका रहे हैं नेता'
दूसरी तरफ, कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने जीतू पटवारी के इस रुख पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता नियमों का पालन करने के बजाय शासकीय अधिकारियों को डराने और धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। नगायच ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा इंदौर और उज्जैन संभाग के विभिन्न वेयरहाउसों का व्यापक निरीक्षण किया गया था, और जहां-जहां तकनीकी या सुरक्षात्मक कमियां पाई गईं, उन सभी को समान रूप से नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि जब वे पालिया गांव के गोदामों की जांच कर रहे थे, तब उन्हें इस बात की पूर्व जानकारी नहीं थी कि यह संपत्ति जीतू पटवारी की है। कॉर्पोरेशन अध्यक्ष के अनुसार, कानून और सुरक्षा के नियम समाज के हर वर्ग के लिए एक समान हैं; चाहे कोई बड़ा राजनेता हो, प्रशासनिक अधिकारी हो या आम नागरिक, जनसुरक्षा से जुड़ी लापरवाही मिलने पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









