धमतरी में स्कूल बस बनी आग का गोला, चालक ने दिखाई समझदारी; 28 लोग सुरक्षित

0
5

धमतरी | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया, जब बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूली बस में अचानक आग भड़क उठी। घटना के वक्त बस में 25 मासूम स्कूली बच्चों के अलावा एक शिक्षक, चालक और हेल्पर समेत कुल 28 लोग सवार थे। बस से अचानक धुआं उठता देख सतर्क चालक ने गनीमत दिखाते हुए तुरंत गाड़ी रोक दी और बिना एक पल गंवाए सभी बच्चों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी आगोश में ले लिया, लेकिन समय रहते उठाए गए सूझबूझ भरे कदम से एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की 112 टीम और दमकल विभाग मौके पर पहुँचा और आग पर पूरी तरह काबू पाया।

कैसे हुआ हादसा और कहाँ मची अफरा-तफरी?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सेहराडबरी के पास घटी है। विद्या कुंज स्कूल की यह बस रोजाना की तरह बच्चों को लेकर विद्यालय जा रही थी, तभी अचानक उसके इंजन और अन्य हिस्सों से भारी धुआं निकलने लगा। बंद बस के भीतर अचानक धुआं भरते ही बच्चों और शिक्षक के बीच चीख-पुकार मच गई और भारी अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

मौके पर मौजूद बस चालक ने घबराने के बजाय अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और तत्काल बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद फौरन बस के दरवाजे खोलकर सभी बच्चों और शिक्षक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। कुछ ही पलों में आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया, गनीमत यह रही कि तब तक सभी मासूम सुरक्षित बाहर आ चुके थे।

दमकल की टीम ने पाया आग पर काबू, दूसरी बस से भेजे गए बच्चे

घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत दमकल विभाग और आपातकालीन सेवा की '112' टीम मौके पर पहुँची। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद जलती हुई बस पर पानी डालकर आग को पूरी तरह से बुझाया। गनीमत यह रही कि इस भयानक अग्निकांड में किसी भी बच्चे, शिक्षक या अन्य कर्मी को खरोंच तक नहीं आई और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा दूसरी वैकल्पिक बस की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए सभी बच्चों को सुरक्षित उनके स्कूल पहुँचाया गया। प्रारंभिक तौर पर बस में अचानक आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है, और पुलिस तथा परिवहन विभाग इस बात की गहराई से जाँच कर रहे हैं कि आखिर वाहन में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी किस वजह से हुई थी।