जादू-टोने के शक ने बना दिया कातिल! छत्तीसगढ़ में हत्या के बाद शव जलाने से मचा हड़कंप

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दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में अंधविश्वास के चलते एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पोरोपरिया (पटेलपारा) में जादू-टोना करने के शक में ग्रामीणों के एक समूह ने 53 वर्षीय व्यक्ति की लाठियों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, साक्ष्य मिटाने की नीयत से आरोपियों ने शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार भी कर दिया।

बैठक के बाद घर में घुसकर परिजनों को बनाया बंधक

जानकारी के मुताबिक, 1 सितंबर को हुई इस घटना के पीछे अंधविश्वास से जुड़ा विवाद था:

  • जादू-टोने का आरोप: पोरोपरिया निवासी जोगा मंडावी (53 वर्ष) पर कुछ ग्रामीण आरोप लगा रहे थे कि उसके जादू-टोने के कारण गांव में बीमारियां और परेशानियां आ रही हैं।

  • परिजनों से मारपीट: इसी विषय पर गांव में बैठक के बाद कोसा मंडावी, नंदा मंडावी, नंदा कोवासी, आयता कवासी, भीमा और हिड़मा बारसे जोगा के घर पहुंचे। आरोपियों ने परिजनों को बंधक बनाकर महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट की।

विरोध करने पर डंडों से हमला, मौके पर ही तोड़ा दम

जब जोगा मंडावी ने अपने परिवार के साथ हो रही अभद्रता का विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया:

  • निर्मम हत्या: आरोपियों ने ताबड़तोड़ वार कर जोगा को तब तक पीटा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

  • सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के उपरांत आरोपियों ने अपराध छिपाने के उद्देश्य से शव को जबरन ले जाकर जला दिया।

पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपियों की तलाश जारी

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने किसी तरह अरनपुर थाना पहुंचकर आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई:

  • गंभीर धाराओं में एफआईआर: पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) [हत्या], 238 [साक्ष्य मिटाना], 190, 191, 332(1), 127(2), 115(2), 351 और 296 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीकृत कर लिया है।

  • दबिश जारी: पुलिस की विशेष टीमें गठित कर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।