जयपुर की बड़ी चौपड़ पर फिर कायम हुई 1947 की परंपरा, सत्ता-विपक्ष ने शान से फहराया तिरंगा

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जयपुर: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जयपुर की ऐतिहासिक बड़ी चौपड़ एक बार फिर सत्ता और विपक्ष द्वारा अलग-अलग ध्वजारोहण किए जाने की अनूठी परंपरा की गवाह बनी। इस पावन अवसर पर सत्ता पक्ष की ओर से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, वहीं मुख्य विपक्षी दल की ओर से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ध्वजारोहण किया। इन दोनों ही गरिमामयी आयोजनों में बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता और शहर के आम नागरिक उपस्थित रहे।

वर्ष 1947 से जुड़ी है बड़ी चौपड़ की यह परंपरा

इतिहास के पन्नों को पलटें तो आजादी के ठीक बाद, 15 अगस्त 1947 की शाम को बड़ी चौपड़ पर तत्कालीन राज्य प्रमुख टीकाराम पालीवाल ने पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली पल में तत्कालीन राजपरिवार के सदस्य भी विशेष रूप से मौजूद थे। इसके बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता गोकुलभाई भट्ट ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया और तब से लेकर आज तक हर राष्ट्रीय पर्व पर बड़ी चौपड़ पर ध्वजारोहण करने का यह सिलसिला निरंतर जारी है।

दिशाओं के आधार पर तय है सत्ता और विपक्ष का स्थान

बड़ी चौपड़ पर होने वाले इस ध्वजारोहण समारोह की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें दिशाओं का बहुत महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, सत्ता पक्ष हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख करके तिरंगा फहराता है, जबकि विपक्ष दक्षिण दिशा की ओर मुख करके ध्वजारोहण करता है। यहां पूर्व दिशा को उगते सूरज और एक नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ा है गहरा इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, बड़ी चौपड़ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की इस गौरवशाली परंपरा की जड़ें वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' से जुड़ी हुई हैं। उस दौर में 'आजाद मंडल' (यानी आजाद मोर्चा) और जयपुर के साहसी युवाओं ने यहीं पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा और गति दी थी। इस पूरे ऐतिहासिक घटनाक्रम में महाराजा कॉलेज के विद्यार्थियों की भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप को लेकर मांग और माफी

ध्वजारोहण के इस क्रम में, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कार्यक्रम के दौरान 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत का मूल स्वरूप नहीं बजाए जाने का मामला भी सामने आया, जिस पर मदन राठौड़ ने सहजता से माफी भी मांगी। इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पुलिस मुख्यालय में भी हुआ ध्वजारोहण

राजधानी जयपुर के पुलिस मुख्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। यहां पुलिस महानिदेशक (DGP) संजय अग्रवाल ने विधिवत ध्वजारोहण किया। इस दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों और जवानों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और देश की सुरक्षा का संकल्प लिया।