प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और डबल्यूएचओ इंडिया कंट्री हेड ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं पर की चर्चा

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  • डबल्यूएचओ इंडिया कंट्री हेड ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
  • मा योजना और डबल्यूएचओ व राज्य साझेदारी के बारे में ली विस्तार से जानकारी
  • राजस्थान में स्वास्थ्य वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ और विश्व स्वास्थ्य संगठन इंडिया के कंट्री हेड डॉ. यवान हुतींन के मध्य सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य वित्तीय सुरक्षा तथा भविष्य में तकनीकी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ के साथ बैठक में राजस्थान सरकार और डबल्यूएचओ के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। डबल्यूएचओ की टेक्निकल सपोर्ट यूनिट के माध्यम से राज्य को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा भविष्य में संयुक्त रूप से किए जा सकने वाले कार्यों के संभावित क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई।

संभावित सहयोग के क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों की क्षमता निर्माण, रोग निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना, स्वास्थ्य प्रणालियों का सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सुधारों के लिए तकनीकी सहयोग शामिल हैं। दोनों पक्षों ने तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, मजबूत और जन-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।

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इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा,आयुक्त श्री बाबूलाल गोयल एवं डबल्यूएचओ की हेल्थ सिस्टम्स स्ट्रेंगथेनिंग टीम की वरिष्ठ अधिकारी डॉ. ग्रेस अचुनगुरा भी उपस्थित रहीं। बैठक में राजस्थान में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं सुधारों की प्रगति तथा राज्य और डबल्यूएचओ के बीच सहयोग को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

इससे पहले डॉ. हुतींन ने राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र का दौरा कर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध कराई जा रही कैशलेस उपचार व्यवस्था और स्वास्थ्य वित्तीय सुरक्षा की जानकारी ली। उन्होंने जयपुर स्थित महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा किया, जो मा योजना के तहत सूचीबद्ध है। उन्होंने अस्पताल में लाभार्थियों को दी जा रही कैशलेस उपचार सुविधा तथा मरीज के पंजीकरण से लेकर उपचार और क्लेम प्रक्रिया तक की पूरी व्यवस्था का अवलोकन किया।

डॉ. हुतींन ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट का उपचार करा रहे एक लाभार्थी से बातचीत कर उपचार प्रक्रिया और मा योजना के तहत मिल रहे स्वास्थ्य सुरक्षा लाभों की जानकारी ली। उन्होंने जाना कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे महंगे उपचार का कैशलेस कवरेज गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के आर्थिक बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने राजस्थान में स्वास्थ्य वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की।