इंदौर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 21 जून तक मध्य प्रदेश के चार दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगी। अपने इस प्रवास के पहले दिन, यानी 18 जून को वे हवाई मार्ग से इंदौर पहुंचेंगी। इंदौर एयरपोर्ट पर आगमन के तुरंत बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से सीधे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर के लिए रवाना हो जाएगा। ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन करेंगी और वहां आयोजित विभिन्न धार्मिक व आधिकारिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और थ्री-लेयर व्यवस्था
राष्ट्रपति के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए तीन स्तरीय (थ्री-लेयर) सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें स्थानीय पुलिस, विशेष सुरक्षा बल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहेंगे। इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा से जुड़े सभी पुख्ता इंतजाम निर्धारित प्रोटोकॉल और एसओपी (SOP) के तहत पूरे कर लिए गए हैं। केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे यात्रा मार्ग और कार्यक्रम स्थलों की बारीकी से जांच की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मॉक ड्रिल और रिहर्सल
राष्ट्रपति के आगमन से पहले किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को टालने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल और कड़े रिहर्सल किए गए। इस रिहर्सल के दौरान राष्ट्रपति के एयरपोर्ट पहुंचने, वहां से प्रस्थान करने, काफिले के गुजरने वाले रास्तों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे सुरक्षा ऑपरेशन में जरा सी भी लापरवाही या चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
इंदौर एयरपोर्ट क्षेत्र 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित
सुरक्षा के कड़े उपायों के तहत देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है। एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट परिसर से चारों तरफ 5 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से 'नो-फ्लाई जोन' घोषित कर दिया गया है। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में रिमोट से चलने वाले ड्रोन, क्वाडकॉप्टर या अन्य किसी भी प्रकार के उड़ने वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने आम जनता से भी यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।









