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बड़े भाई सनी देओल पर प्यार जताते हुए बॉबी देओल ने दी जन्मदिन की बधाई

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90 के दशक के मशहूर अभिनेता सनी देओल 19 अक्टूबर को 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक्टर का जन्म पंजाब के लुधियाना में स्थित साहनेवाल में एक पंजाबी जाट परिवार धर्मेंद्र और प्रकाश कौर के घर हुआ था। कहते हैं धर्मेंद्र के फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव होने की वजह से उनका परिवार पंजाब से मुंबई आकर रहने लगा था। पापा के बाद सनी ने भी फिल्मी दुनिाया में कदम रखा और आज उन्हें एक्शन सीन और भारी-भरकम डायलॉग्स से जाना जाता है। इस खास मौके पर फिल्म इंडस्ट्री की दिग्गज हस्तियों सनी पाजी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रही हैं। इसी बीच उनके छोटे भाई बॉबी देओल और करीबी दोस्त चंकी पांडे ने भी सोशल मीडिया के जरिए अभिनेता को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।

बॉबी देओल ने यूं किया विश

बॉबी ने सनी संग इंस्टाग्राम पर देर रात एक फोटो शेयर कर भाई को जन्मदिन की बधाई दी है। उन्होंने कैप्शन में लिखा- आई लव यू भैया जन्मदिन मुबारक हो। वहीं अभिनेता चंकी पांडे ने भी सनी देओल को इंस्टाग्राम पर विश किया है। चंकी पांडे ने बॉबी देओल की पोस्ट पर कमेंट कर लिखा, 'हैप्पी हैप्पी बर्थडे सनी डियर। वहीं एक्टर राहुल देव ने भी इस पोस्ट पर सनी को विश किया है और लिखा- हैप्पी बर्थडे सनी भैया।

 

मनी लॉन्ड्रिंग केस में सचिन जोशी को मिली राहत

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अभिनेता व बिजनसमैन सचिन जोशी के लिए मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर एक राहत वाली खबर सामने आई है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने सचिन को ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज धन शोधन मामले से बरी कर दिया। धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने जोशी को इस मामले से बरी कर दिया।

बता दें कि सचिन जोशी को फरवरी 2021 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सीय आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी। मार्च 2022 में, विशेष अदालत ने जोशी को गुण-दोष के आधार पर जमानत दे दी, यह देखते हुए कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया धनशोधन का कोई मामला नहीं बनता है। जोशी के वकील आबाद पोंडा और परिनम लॉ एसोसिएट्स के वकील सुभाष जाधव ने दलील दी थी कि कथित धनशोधन का कोई साक्ष्य नहीं है जैसा कि ईडी ने दावा किया था।

Bigg Boss 16: फिर भिड़े घरवाले, सुंबुल-मान्या को मिली सजा

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बिग बॉस का 18वां एपिसोड फुल ड्रामे से भरपूर रहा। जहां एक और घर में प्यार मोहब्बत वाला एंगल नजर आ रहा है। वहीं, हर दिन घरवालों में जमकर तकरार भी देखने को मिल रही है। शो के प्रोमो में यह बात सामने आ गई थी कि ताजा एपिसोड में भयंकर लड़ाई देखने को मिलने वाली है। तो चलिए आपको शुरू से बताते हैं।17वें दिन की शुरुआत में नए कैप्टन शिव प्रियंका को बर्तन धोने की ड्यूटी देते हैं। इस दौरान प्रियंका कहती हैं कि यह उनका काम नहीं है वह सिर्फ शिव के कहने पर यह काम कर रही हैं। इस बीच प्रियंका और निमरत के बीच भी इसी बात को लेकर बहस शुरू हो जाती है।

निमरत उनसे कहती हैं कि इतना सेल्फ ऑबसेस्ड न बनें और अपनी जुबान को लगाम दें। तभी प्रियंका करीना कपूर का मशहूर डायलॉग 'मैं अपनी फेवरेट हूं।' बोलती नजर आती हैं। दूसरी ओर एमसी स्टेन अगल ही दुनिया में खोए हुए हैं। वह किसी से बात ही नहीं कर रहे हैं। अब्दु उन्हें चीयर करने की कोशिश करते नजर आते हैं लेकिन उनकी मेहनत सफल नहीं हो पाती है और वह शिव के पास चले जाते हैं। इस दौरान वह अपना गाना गाते हैं जिसे सुनकर अंकित इरिटेट हो जाते हैं।

इस बीच खाने की चीजों को लेकर अर्चना की एक बार फिर से लड़ाई हो जाती है। इस बार अर्चना की मान्या के साथ आलू को लेकर तू-तू मैं-मैं होती है। इस दौरान अब्दु बीच बचाव करते नजर आते हैं। तभी मान्या अर्चना पर चोरी का आरोप लगा देती हैं जिससे वह भड़क जाती हैं। इस बात पर दोनों के बीच जमकर गाली गलौच होती है। दोनों के बीच झगड़ा अभी खत्म भी नहीं हुआ होता है कि बीच में गोरी नागोरी भी आ जाती हैं और वह अर्चना पर एवोकाडो फेंकने का आरोप लगा देती हैं। गोरी की बात सुनकर अर्चना भड़क जाती हैं और दोनों के बीच बहस शुरू हो जाती है। तभी प्रियंका आती हैं और गोरी की तरफदारी करने लगती हैं। तभी पता चलता है कि एवोकाडो फेंकने का काम प्रियंका का है। 

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के कहने पर उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने घटाया 32 किलो वजन

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उज्जैन ।  अपने वजन की वजह से हमेशा चर्चा में रहे उज्जैन से भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने सात महिनों में 32 किलोग्राम वजन घटाकर सबको चौंका दिया है। उनका वजन अब 97 किलोग्राम है। ये परिवर्तन खान-पान में बदलाव और नियमित व्यायाम करने से आया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की सलाह अनुरूप अपना वजन 80 किलोग्राम करना चाहता हूं। दरअसल, इसी साल फरवरी में केंद्रीय मंत्री गडकरी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक कार्यक्रम में उज्जैन आए थे। तब उन्होंने मंच से मजाकिया लहजे में सांसद को वजन कम करने की सलाह दी थी। बोले थे कि आप वजन कम करो, मैं हर किलो पर एक हजार करोड़ रुपये संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए दूंगा। उनकी सलाह को सांसद ने गंभीरता से लिया और अगले ही दिन से दिनचर्या बदली और वजन घटाने में लग गए। फरवरी में 129 किलो वजन वाले सांसद फिरोजिया अब 97 किलो के हो गए हैं। उनका कहना है कि जिस दिन वजन 80 किलोग्राम हो जाएगा, उस दिन नितिन गड़करी से 49 हजार करोड़ रुपये उज्जैन के विकास के लिए मांगने का हकदार हो जाऊंगा।

टोकन में मिले 209 करोड़

सांसद अनिल फिरोजिया का कहना है कि टोकन स्वरूप अभी वजन कम करने पर वे इंदौर गेट रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर तक रोप-वे बनाने को 209 करोड़ रुपये मंजूर कर चके हैं। घोंसला से आगर तक फोरलेन बनाने को तकनीकी स्वीकृति भी उन्होंने दे दी है। उन्हेल, नागदा, जावरा के मध्य फोरलेन निर्माण के लिए सर्वे कराने के निर्देश भी दिए हैं। रोप-वे का निर्माण अगले वर्ष प्रारंभ हो जाएगा।

ऐसे घटाया वजन

उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि सात महीनों से प्रतिदिन आठ किलोमीटर पैदल चलने, सुबह घंटेभर व्यायाम करने की आदत बना ली है। खान-पान में कुछ बदलाव किया है। पिछली मुलाकात में प्रधानमंत्री से मिला था तो उन्होंने भी मुझे वजन 80 किलोग्राम करने की सलाह दी थी।

धड़ल्ले से चल रहा फर्जी Aadhar Card बनाने का खेल…

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भोपाल । भारत में फर्जीवाड़ा करना बहुत आसान है। सही काम कराना बहुत मुश्किल है। सरकार फर्जीवाड़े को समाप्त करने के लिए नए-नए तरीके इजाद करती है।फर्जीवाड़ा करने वाले उसकी तोड़ निकाल लेते हैं। पहले की तुलना में और ज्यादा फर्जीवाड़ा होने लगता है।
सरकार ने पिछले 10 वर्षों में आधार कार्ड को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। सरकार की हर योजना और प्रत्येक कार्यवाही में आधार अनिवार्य कर दिया गया है।  वही आधार कार्ड जब बड़ी संख्या में फर्जी बन रहे हैं। तब सोच सकते हैं कि सरकार की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के वार्ड क्रमांक 39 के ऐशबाग इलाके में संचालित आधार कार्ड सेंटर में फर्जी आधार कार्ड फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेज के आधार पर बने हैं। शिकायत मिलने पर जांच की गई, जो सही निकली। जांच में पता चला कि केवल एक आधार सेंटर से पिछले 6 माह में 2100 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बना दिए गए। दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर में पाए गए।
जिला प्रशासन की गवर्नेंस शाखा ने वार्ड 85 में एक आधार सेंटर बनाया था। लेकिन यह रायसेन जिले के मंडीदीप में संचालित हो रहा था। इस सेंटर ने पिछले डेढ़ साल में करीब 7000 से अधिक आधार कार्ड बनाए हैं। आधार सेंटर भोपाल का था। रायसेन जिले के मंडीदीप मैं संचालित हो रहा था। 
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 250 आधार सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से 54 सेंटर स्टेट रजिस्टार मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन संचालित कर रहा है। बाकी के सेंटर अन्य द्वारा संचालित हैं। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। आधार कार्ड बनने में हो रहे फर्जीवाड़े की शिकायत पर जब आईडी ब्लॉक कर जांच की गई।तब फर्जीवाड़े की कलाई खुलना शुरू हुई।
10 साल पुराने आधार कार्ड को फिर से सत्यापित कर नए कार्ड बनाने की अनिवार्यता कर दी गई है।जिसके चलते आधार कार्ड सेंटर में भारी भीड़ लगने लगी है। जिस तरह की गड़बड़ी अभी देखने को मिल रही है। उसके बाद तो आधार कार्ड का भगवान ही मालिक है। 10 वर्ष पहले जो कार्ड बनाए गए थे। उसमें सभी मापदंड का कड़ाई से पालन किया गया था। लेकिन अब क्या होगा इसको लेकर लोगों में नई चिंता देखने को मिलने लगी है।

पुष्‍य नक्षत्र में भोपाल एम्‍स में हुआ बच्‍चों का स्‍वर्ण प्राशन संस्‍कार

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भोपाल ।  राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजधानी के साकेत नगर में स्‍थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) के आयुष विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है । इसी के तहत मंगलवार को संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो डा. अजय सिंह ने एम्स में बच्चों के लिए आयुर्वेदिक स्वर्ण प्राशन संस्कार का शुभारंभ किया। एम्स भोपाल में स्वर्ण प्राशन कराने वाला संभवत: प्रथम आयुर्विज्ञान संस्थान है। इसके बारे में जानकारी देते हुए संस्‍थान के निदेशक प्रो. सिंह ने कहा कि स्‍वर्ण प्राशन एक प्राचीन पद्धति है, जो कि बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने मे सहायक है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र मे स्वर्ण प्राशन द्वारा जापानीज इंसेफेलाइटिस (मस्‍तिष्‍क ज्‍वर) की गंभीरता पर नियंत्रण प्राप्त किया गया है । उन्होंने कहा कि स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम के रूप में एम्स की यह पहल भोपाल एवं आस-पास क्षेत्रों मे बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने में सहायक होगी। इसके आगे भी एम्स मे हर माह पुष्य नक्षत्र पर स्वर्ण प्राशन आयोजित किया जाएगा, जो कि अगले महीने 15 नवंबर को होगा। यह बच्चों मे किए जाने वाले 16 संस्कारों मे से एक संस्कार है। यह विशेष रूप से पुष्य नक्षत्र में दिया जाता है। इसे शहद, घी, स्वर्ण भस्म तथा अनेक जड़ी-बूटियों को आयुर्वेदीय तरीके से मिलाकर तैयार किया जाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। याददाश्त और एकाग्रता को बढ़ता है। पढ़ाई करने बच्चों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है । बच्चों के बौद्धिक एवं शारीरिक विकास में भी सहायक है। इस आयोजन में आयुष विभाग के डा. रंजना पांडे, डा. दानिश जावेद, डा. तारिक बरकती, डा. मुद्दा सोफिया सहित अन्य शामिल हुए।

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मप्र टूरिज्म की जानकारी अब मोबाइल पर

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भोपाल । मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थनों की जानकारी अब आप अपने मोबाइल से भी जान सकते हैं। यह होगा बस एक क्यूआर कोड को स्कैन करने से। पर्यटकों को अब पर्यटन स्थलों को जानने के लिए गाइड रखने की जरूरत नहीं होगी।
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम से ट्रेवल बडी ऐप (ट्रेवल ऑडियो गाइड ऐप) लॉन्च किया। मिंटो हाल से इसकी शुरुआत की गई है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की तरफ से अपर प्रबंध संचालक विवेक श्रोत्रिय और सागो संस्था से चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर वरुण इनबसेकरन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। सागो बडी ऐप से पर्यटक अपने मोबाइल में क्यूआर कोड स्कैन कर ऑडियो फॉर्मेट में सुन सकेंगे। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिसे स्कैन कर पर्यटन स्थल का इतिहास, विस्तृत विवरण एवं संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जानकारी अनुसार मिंटो हॉल के अलावा प्रदेश के 12 और अलग-अलग जगहों पर यह कोड लगाए जाएंगे। यह सुविधा 3 भाषा हिंदी, तमिल और इंग्लिश में उपलब्ध होगी। आने वाले समय में अन्य लैंग्वेज भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

हीरा उगल रहा पन्ना का जंगल

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भोपाल। पन्ना जिले के जंगल हीरे उगल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में लोगों को दर्जनों हीरे मिल चुके हैं। हीरे की तलाश करने यहां करीब 20 हजार आ जुटे हैं जोकि खुदाई में लगे हैं। ऐसे लोगों को पुलिस और वन विभाग हटा रहे हैं लेकिन लोग मान ही नहीं रहे हैं। निर्माणाधीन रुंझ डैम क्षेत्र में हीरे तलाश रहे ऐसे लोगों को समझाइश देने रविवार को वन विभाग की टीम पहुंची तो उनके बीच झड़प हो गई। आखिरकार टीम बैरंग लौट गई।
वन अमला पिछले दिनों हुए हादसे का हवाला देकर उन्हें यहां से भगाने का प्रयास कर रहा था, जिससे हीरा तलाश रहे लोग उग्र हो गए। दोनों पक्षों में तीखी नोंक-झोंक के बाद विभागीय टीम को बैरंग लौटना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि हीरा खोदने वालों ने वन विभाग की टीम को ही खदेड़ दिया। घंटों गहमा-गहमी का माहौल रहा।
दरअसल, निर्माणाधीन रुंझ डैम व उसके आसपास के पन्ना के जंगलों में हीरा तलाशने वालों की भीड़ उमड़ रही है। हीरा मिलने पर कई लोग रातोंरात मालामाल बन चुके हैं। यहां हर दिन 20 हजार से अधिक लोग हीरे की खुदाई के लिए पहुंच रहे हैं। हाल ही में खदान धंसने से एक महिला घायल हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को हटाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं।
रुंझ नदी के साथ पांडेयपुरवा पहाड़ी में 20 हजार लोग अवैध रूप से हीरा खनन कर रहे हैं। इनमें पन्ना के साथ सतना, रीवा, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, कटनी, जबलपुर व यूपी के सीमावर्ती चित्रकूट, प्रयागराज, बांदा महोबा, झांसी जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यहां मेले जैसे हालात हैं। सैकड़ों लोगों ने तो रात्रि विश्राम के लिए जंगल में ही झोपडिय़ां तान ली। भीड़-भाड़ देख चाय-नास्ते की दुकानें भी खूब खुल गईं थीं। रेंजर जेपी मिश्रा के मुताबिक वहां बहुत लोग थे। वनकर्मी कम होने के कारण वापस लौटना पड़ा था। मिटिंग के बाद भी पुलिस प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा। सहयोग मिलने के बाद आगामी दिनों बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी तैयारी : मोबाइल नंबर से राशन की कालाबाजारी पर लगेगी रोक….

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भोपाल । खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता सरंक्षण विभाग अब राशन की कालाबाजारी को रोकने के लिए मोबाइल नंबर का उपयोग करेगा। हर उपभोक्ता का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा जिससे दुकान से राशन मिलने के बाद उसके मोबाइल पर मैसेज आएगा कि कितना राशन मिला और पर्ची भी निकल सकेगी। इसको लेकर भोपाल से सभी जिलों को आदेश जारी हो गए हैं। इसमें अभियान चलाने के लिए कहा गया है जो कि 30 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। कम से कम एक परिवार का एक मोबाइल नंबर जरूरी तौर पर दर्ज किया जाएगा।
राशन की दुकानों पर कम राशन देने व कालाबाजारी की शिकातयें आम हैं। भोपाल सहित प्रदेशभर में लगातार यह शिकायतें सामने आ रहीं हैं। वहीं अभी तो प्रधानमंत्री की योजना वाला राशन दिया जा रहा है उसे न देने की सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आईं। अब पात्र हितग्राहियों को पूरा राशन मिले इसके बाद यह पूरा सिस्टम बनाया जा रहा है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों के इकेवायसी एवं डाटाबेस में मोबाइल नंबर दर्ज किया जाना अनिवार्य है। साज्ञथ ही वास्तविक पात्र हितग्राहियों की पहचान करना, हकदारी अनुसार सामग्री की प्रदायगी, प्रदाय सामग्री की हितग्राही को सूचना, ओएनओआर के तहत किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त करने में सुविधा, अपात्र एवं अस्तित्वहीन हितग्राहियों का विलोपन एवं नवीन हितग्राही को जोडऩा जरूरी है। वास्तविक परिवार के सही मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर दर्ज करने की कार्रवाई ओटीपी आधारित रहेगी। पात्र परिवार के डेटाबेस में मोबाइल नंबर दर्ज करने की सुविधा उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई पीओएस मशीन पर उपलब्ध कराई गई है। जिनके पहले से नंबर दर्ज हैं,उनके नंबर नहीं लिए जाएंगें।

लोगों को पसंद आ रहे हैं ग्रीन पटाखे

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भोपाल । दीपावली के बाद अचानक ही बढ़ जाते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए कई राज्यों ने पूरी तरह पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, कई जगहों पर दो घंटे तक ग्रीन पटाखों जलाने की छूट दी गई है। इसके चलते शहरभर में दीपावली में ग्रीन पटाखों के तरफ लोगों का स्र्झान बढ़ा है साथ ही ग्रीन पटाखे जलाने के लिए लोगों में उत्सुकता है। बता दें कि ग्रीन पटाखे पर्यावरण के लिए सामान्य पटाखों की अपेक्षा कम हानिकारक होते हैं। पटाखा बाजार लगने के साथ ही इस बार बाजार में ग्रीन पटाखे बिकने को तैयार हैं।
ग्रीन पटाखे दिखने में सामान्य पटाखों जैसे ही होते है । इन पटाखों के निर्माण के समय इस बात का विशेष ख्याल रखा जाता है कि धमाके के बाद कम से कम प्रदूषण फैले। ग्रीन पटाखे से करीब 20 प्रतिशत पार्टिक्यूलेट मैटर निकलता है। जबकि 10 प्रतिशत गैस उत्सर्जित होती है। ये गैस पटाखे की संरचना पर आधारित होती है। ग्रीन पटाखों के बाक्स पर बने क्यूआर कोड को स्कैन कर करके इनकी पहचान की जा सकती है।
दिवाली के बाद पटाखे जलाने से हुए प्रदूषण से हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। प्रदूषण बढऩे से सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा और कैंसर के मरीजों को होती है। साधारण पटाखों से बाहर निकलने वाले पार्टिक्यूलेट मैटर शरीर के अंदर चले जाते हैं और फेफड़ों में फंस जाते हैं। इसकी वजह से हार्ट डिसीज या अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह बेहद जानलेवा हो सकता है।
हाल ही में जीएसटी विभाग द्वारा गिरवाई स्थित पटाखा मार्केट में छापेमारी की गई थी । इस छापेमारी के पीछे का कारण दुकानदार द्वारा ग्राहक को बिल न देना था। बिल मांगने पर ग्राहक से खरीदारी की कुल भुगतान शुल्क पर छूट देने की बात कही जाती थी । इसके खिलाफ जीएसटी विभाग ने कार्यवाही की थी। इसलिए पटाखे खरीदते समय अनिवार्य रूप से बिल लें ।

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