- मेष :- धन का व्यर्थ व्यय, अशांति, कुछ विलम्ब से मन दु:खी तथा विक्षुब्ध होगा।
- वृष :- चिन्ताग्रस्त होने से बचें, व्यवसायिक क्षमता अवश्य ही बन जायेगी।
- मिथुन :- तनाव, क्लेश व अशांति, असमर्थता का वातावरण कष्टप्रद अवश्य ही होगा।
- कर्क :- किसी प्रलोभन से बचें, अन्यथा परेशानी में फंस सकते हैं, समय का ध्यान रखें।
- सिंह :- तनाव, क्लेश व अशांति तथा असमर्थता का वातावरण कष्टप्रद निश्चय होगा।
- कन्या :- कुटुम्ब की समस्यायें सुलझें, कार्यगति में सुधार होगा, समय का ध्यान अवश्य रखें।
- तुला :- विवादग्रस्त होने की सम्भावना होगी, सोचे हुए कार्य समय पर ही बन जायेंगे।
- वृश्चिक :- कार्यकुशलता से संतोष, दैनिक-समृद्धि के साधन अवश्य ही बन जायेंगे।
- धनु :- अधिकारियों से तनाव व मित्र वर्ग की उपेक्षा से मन में अशांति का भाव रहेगा।
- मकर :- मान-प्रतिष्ठा में तनाव, मित्र-वर्ग से कष्ट, कार्यगति में बाधा बनेगी, ध्यान दें।
- कुम्भ :- किसी घटना का शिकार होने से बचें, चोटादि का भय अवश्य ही होगा।
- मीन :- स्त्री-वर्ग से सुख व हर्ष मिले, बिगड़े कार्य बनेंगे, समय का लाभ आप अवश्य लेवें।
राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (09 अक्टूबर 2022)
मौसम तय करेगा प्रधानमंत्री इंदौर से हेलीकाप्टर से उज्जैन जाएंगे या कार से
इंदौर । उज्जैन में महाकाल लोक का शुभारंभ करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर से उज्जैन की यात्रा हेलीकाप्टर से करेंगे या सड़क मार्ग से जाएंगे, यह मौसम के साफ होने पर निर्भर होगा। सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गए हैं। जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को इंदौर में मौसम खराब रह सकता है। अब तक के तय कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री अपने विमान से इंदौर आएंगे। इसके बाद वे वायुसेना के हेलीकाप्टर से उज्जैन जाएंगे और वहां ढाई से तीन घंटे तक रहेंगे। वापसी में शाम हो जाएगी और सुरक्षा की दृष्टि से हेलीकाप्टर रात को सफर नहीं करते, इसलिए प्रधानमंत्री को रात में सड़क मार्ग से इंदौर लाने की तैयारी है। शनिवार को एसपीजी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें तैयारी पर चर्चा की गई। मामले में रिहर्सल 10 अक्टूबर को की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि बैठक में भी मौसम पर चर्चा हुई है। इसमें कहा गया है कि अगर मौसम ठीक नहीं रहा तो प्रधानमंत्री को इंदौर से उज्जैन सड़क मार्ग से ही लाया ले जाया जाएगा। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय 11 अक्टूबर को ही लिया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस संबंध में भी तैयारी शुरू कर दी है।
11 अक्टूबर को दोपहर दो बजे बंद हो जाएगा इंदौर-उज्जैन मार्ग
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के लिए रोड मैप तैयार हो चुका है। शनिवार को अफसरों ने इंदौर-उज्जैन मार्ग का दौरा किया। इस मार्ग पर यातायात संभालने के लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी व अधिकारी तैनात रहेंगे। ट्रैफिक डीसीपी (एसएसपी) महेशचंद जैन के मुताबिक, प्रधानमंत्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद सड़क मार्ग से इंदौर आएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से 11 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से लवकुश चौराहा इंदौर से उज्जैन और उज्जैन से इंदौर के बीच सभी चार पहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। उज्जैन जाने वाले वाहनों को देवास होते हुए जाना होगा। डीसीपी के मुताबिक, परिस्थिति को देखते हुए दोपहिया वाहनों के आने जाने पर भी रोक लगाई जा सकती है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित होंगी 400 बसें
उज्जैन में महाकाल लोक का लोकार्पण करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के लिए परिवहन विभाग 400 बसें अधिग्रहित करेगा। विभिन्न मार्गों पर चलने वाली बसों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों की बसें भी ली जाएंगी। कुछ बसें उज्जैन प्रशासन को भी दी जाएंगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर से 400 बसें अधिग्रहित की जाएंगी। 250 बसें इंदौर से लोगों को लेकर जाएंगी, जबकि 150 बसें उज्जैन जिला प्रशासन को उपलब्ध करवानी है। वहां के प्रशासन को 500 बसें अधिग्रहित करना है लेकिन वहां पर बसें कम होने से यहां से बसें दी जाएंगी। बसें अधिग्रहित करने से मार्गों पर तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना ही पड़ेगा, स्कूलों और कालेजों से बसें लेने पर बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी।
शिव लीला हुई साकार, अवंतिका मना रही उत्सव – शिवराज
धार । शिव लीला साकार हुई है, अवंतिका उत्सव मना रही है। प्रदेश के लिए गर्वित होने का क्षण है। महाकाल लोक महाकाल बाबा के चरणों में लोकर्पित होने के लिए तैयार है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री इस मौके पर प्रदेश आ रहे हैं। यह अद्भुत रचना है, जो महाकाल बाबा के प्रांगण में हुई है। प्रदेशभर के मंदिरों में तैयारियां चल रही हैं। यह बात मध्य प्रदेश भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन मांडू पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मीडिया कर्मियों से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि आज सरकार पंचायत और वार्डों तक घर-घर जा रही है। पात्र हितग्राही 31 अक्टूबर तक हर हाल में योजना का लाभ लें, इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 22 लाख हितग्राहियों को इस योजना के माध्यम से लाभ दिलाया गया है। एक नवंबर को इस बार मध्य प्रदेश उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार रात मांडू में ही रुकेंगे। यहां कर्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे और सांस्कृतिक आयोजनों में शिरकत करेंगे। तीसरे दिन रविवार को सुबह प्रशिक्षण वर्ग में एक सत्र को संबोधित करने के बाद मांडू से दोपहर में रवाना होंगे।
नशे के कारोबार पर करेंगे जड़ से प्रहार
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अपराध और अपराधियों पर प्रहार किया जा रहा है। दुराचारियों को हम नेस्तनाबूद कर देंगे। अवैध नशे के कारोबार पर जड़ से प्रहार करेंगे। मध्यप्रदेश की धरती पर नशीली ड्रग्स बेचने वाले नहीं रह सकेंगे। आने वाली पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। अपराधियों के लिए मध्यप्रदेश में कोई जगह नहीं है, किसी हाल में उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
उमा भारती का नाम लेते ही धन्यवाद बोल चल दिए शिवराज
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री चौहान बड़े ही सहज भाव से पत्रकारों के जवाब दे रहे थे। इस बीच एक पत्रकार द्वारा उनसे शराब बंदी के खिलाफ धरने पर बैठी उमा भारती को लेकर प्रश्न करने की कोशिश की गई। जैसे ही पत्रकार के मुंह से उमा भारती शब्द निकला, तत्काल चौहान धन्यवाद बोलकर आगे बढ़ गए। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब नहीं दिए।
चाय की दुकान के पास सड़क पर खड़े लोगों से मिले
मांडू में शाम को मीरा की जीरात पर शिवराज का हेलीकाप्टर उतरा। वहां से एक निजी होटल तक शिवराज अपने वाहन से गुजर रहे थे। इस दौरान चाय की एक दुकान के पास सड़क पर खड़े लोगों को देखकर शिवराज ने अपना काफिला रुकवाया। वे वाहन से उतरे। सभी से नमस्कार कर हाथ मिलाया। चाय की दुकान के संचालक कन्हैयालाल प्रजापत के साथ उपस्थित उनके पुत्र राहुल प्रजापत, मनोज बामनिया आदि लोगों से उन्होंने चर्चा की। शिवराज ने उनसे पूछा कैसे हो भाइयों, सबकुछ ठीक चल रहा है न, सब अच्छे हो न। उसके बाद उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री को कमल के फूल भेंट किए। इस पर शिवराज ने कहा कि ये कमल के फूल कहां से लाए तो उन्हें बताया गया कि मांडू के सागर जलाशय से। चौहान ने उपस्थित सभी लोगों के साथ सहज भाव से फोटो खिंचवाए और कहा अपना ध्यान रखना। इसके बाद वे अपने वाहन में बैठकर रवाना हो गए। मुख्यमंत्री का सहज भाव देखकर लोग गदगद नजर आए।
मुख्यमंत्री चौहान ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्य-तिथि पर नमन किया
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
‘लोकनायक’ के नाम से प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और राजनेता थे। केन्द्र सरकार ने उन्हें वर्ष 1998 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा। वर्ष 1965 में उन्हें समाज सेवा के लिए ‘मैगसेसे’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनका निधन लम्बी बीमारी के बाद पटना में 8 अक्टूबर 1979 को हुआ।
मुख्यमंत्री चौहान ने आँवला, शहतूत और बरगद के पौधे लगाए
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में कंज्यूमर एंड ह्यूमन राइट प्रोटक्शन समिति के सदस्यों के साथ आँवला, शहतूत और बरगद के पौधे लगाए। समिति के सर्व सतीश नायक, वीरेन पप्पू राम, योगान्तर नायक तथा साधना नायक भी पौध-रोपण में सम्मिलित हुईं।
समिति द्वारा वृक्षा-रोपण को लेकर भोपाल में जन-मानस को जागरूक करने विगत 20 वर्षों से विभिन्न कार्यक्रम किये गये। साथ ही चंदनपुरा और कलियासोत के जंगलों में हो रही अवैध कटाई को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र को प्रोटेस्ट फॉरेस्ट घोषित कराया गया है।
नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए : मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए। युवा पीढ़ी को खोखला करने वाली इस गतिविधि के विरूद्ध सघन अभियान चलाते हुए स्कूल, कॉलेजों के आसपास बनी छोटी-छोटी दुकानों से लेकर संगठित माफिया तक कड़ी कार्यवाही की जाए। नशे की गतिविधियों को संरक्षण देने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। खुफिया तंत्र को सक्रिय और बीट व्यवस्था को सशक्त करते हुए ड्रग्स, अवैध शराब और नशे की अन्य सामग्री के अवैध कारोबार को जड़ से नष्ट किया जाए। अवैध गतिविधियों की जानकारी देने वालों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाएगी और उनका नाम गुप्त रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान निवास कार्यालय पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना तथा अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा उज्जैन से वर्चुअली सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हुक्का लाउंज को तत्काल बंद किया जाए। इनमें संचालित गतिविधियाँ बच्चों को गलत दिशा में ले जा रही हैं। हुक्का लाउंज के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराब पीकर वाहन चलाने, अव्यवस्था फैलाने और दूसरों का अपमान करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस को सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध आवश्यक होने पर ईओडब्ल्यू की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में दुराचारी किसी भी स्थिति में बचना नहीं चाहिए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों को स्वच्छ प्रशासन देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। नशे के विरूद्ध थाना स्तर से राज्य स्तर तक संबंधित अधिकारी प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। भविष्य में इस संबंध में शिकायत मिलने पर अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, माफिया के विरूद्ध की गई कार्यवाही, चिन्हित अपराधों, महिला सुरक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंधित विषयों और नारकोटिक्स के प्रकरणों की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस वर्ष अब तक भू-माफिया के विरूद्ध 352 प्रकरणों में 4 हजार 869 अवैध अतिक्रमण तोड़े गए तथा 1 हजार 616 करोड़ रुपये अनुमानित लागत की 5 हजार 703 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई। प्रदेश में जिला बदर के 50 और एनएसए के 24 प्रकरणों में आदेश जारी किए गए हैं। अवैध शराब के विरूद्ध 1 लाख 12 हजार 129 प्रकरणों में कार्यवाही की गई। खनन माफिया से संबंधित 6 हजार 286 प्रकरणों में 6 हजार 345 वाहन तथा 32 हजार घन मीटर रेत जब्त की गई। चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध की गई प्रभावी कार्यवाहियों में 55 करोड़ 22 लाख रूपये की संपत्ति जब्त की गई। कुल 24 हजार 56 निवेशकों को 38 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि वापिस दिलाई गई। प्रदेश में सभी सनसनीखेज और संवेदनशील अपराधों को ट्रेस कर अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। चिन्हित अपराधों में 3 प्रकरणों में मृत्युदंड और 373 में अजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
जनसेवा अभियान के क्रियान्वयन की धीमी गति अक्षम्य होगी – मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान में चिन्हित योजनाओं में पात्र व्यक्तियों का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। गत 17 सितंबर को आरंभ हुए अभियान को आज 21 दिन हो चुके हैं और अभी 23 दिन शेष हैं। यह जनता की सेवा का अभियान है, कोई भी पात्र हितग्राही नहीं छूटे। अभियान में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी कलेक्टर लंबित आवेदनों के संबंध में तत्काल निर्णय लेकर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। जारी की गई स्वीकृतियों में हितलाभ वितरण की कार्यवाही में विलंब न हो। अभियान में आवदनों के निराकरण की धीमी गति अक्षम्य होगी। आवेदनों को अस्वीकृत और स्वीकृत करने एक समान मानक अपनाए जाएँ। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना उपस्थित थे। सभी मंत्रीगण, संभागायुक्त तथा जिला कलेक्टर बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने सभी को प्रदेश में नवरात्रि पर्व और विसर्जन कार्यक्रम शांति से, श्रद्धापूर्वक और भक्तिमय वातावरण में निर्विघ्न रूप से संपन्न होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पुलिस प्रशासन की दक्षता और प्रामाणिकता का परिणाम है। मुख्यमंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान में 21 दिन में 22 लाख से अधिक आवेदन निराकृत करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री चौहान ने अभियान में जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, अभियान का सभी ग्राम और वार्डों में प्रचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने झाबुआ और अलीराजपुर में भूमि के संयुक्त खातों को पृथक-पृथक करने, नामांतरण और बँटवारा के लिए राजस्व विभाग का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभिन्न संभागों और जिलों की विशेष परिस्थिति अनुसार वहाँ विद्यमान समस्याओं के समाधान के लिए विशेष गतिविधियाँ संचालित करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अभियान में लग रहे शिविरों की प्रामाणिकता तभी स्थापित होगी, जब प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से देखकर उन पर व्यवस्थित रूप से विचार होगा और उनका निश्चित निराकरण किया जाएगा। संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव मंत्रालय से अभियान की निरंतर समीक्षा करें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अभियान के बाद जिलों के दौरों में इन योजनाओं से संबंधित आवेदन या समस्याएँ प्राप्त हुईं तो यह माना जाएगा कि जिले ने अभियान को गंभीरता से नहीं लिया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनसेवा अभियान में प्राप्त आवेदनों का हित लाभ वितरण मध्यप्रदेश स्थापना दिवस – एक नवंबर से किया जाएगा। सभी जिलों में भव्य और गरिमापूर्ण कार्यक्रम कर लाभार्थियों को भौतिक रूप से स्वीकृति-पत्र या लाभ वितरित किए जाएंगे। जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री-मंडल के सदस्य, सांसद, विधायक और पंचायत प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे।
बताया गया कि 17 सितम्बर से आरंभ हुए अभियान में 7 अक्टूबर तक ग्रामीण क्षेत्र में 21 हजार 485 और शहरी क्षेत्र में 5 हजार 139 शिविर लगाये जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 35 लाख 85 हजार 159 और शहरी क्षेत्र में 8 लाख 25 हजार 685 इस प्रकार कुल 44 लाख 10 हजार 844 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 22 लाख 34 हजार 673 आवेदन निराकृत कर लिए गए हैं। इसमें से 20 लाख 19 हजार 113 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृति का प्रतिशत 90 से अधिक है। आयुष्मान भारत योजना में प्राप्त 16 लाख 12 हजार 12 आवेदनों में से 9 लाख 16 हजार 115 को स्वीकृति दी गई है। स्वच्छ भारत मिशन, निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, लक्षित सार्वजनिक प्रणाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
बैठक में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, पी.एम. स्ट्रीट वेंडर्स, राष्ट्रीय विधवा पेंशन, राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति और लाड़ली लक्ष्मी में स्वीकृति जारी करना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना, मुख्यमंत्री किसान-कल्याण, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता, प्रधानमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण, छह वर्ष से अधिक आयु के बहुविकलांग और मानसिक रूप से अविकसित नि:शक्तजन के लिए सहायता अनुदान, राष्ट्रीय परिवार सहायता, किसान क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना, नामांतरण प्रकरणों का निराकरण, बँटवारा प्रकरणों का निराकरण, नि:शुल्क कृत्रिम अंग सहायक उपकरण, अटल पेंशन, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, नि:शक्त छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा में दी जाने वाली फीस, निर्वाह भत्ता, परिवहन भत्ता योजना, जाति प्रमाण-पत्र, नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, सीमांकन, मछुआ क्रेडिट कार्ड, दिव्यांग छात्रवृत्ति, नक्शा शुद्धिकरण और आहार अनुदान योजना में प्राप्त आवेदनों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
मुख्यमंत्री चौहान ने सीहोर, रायसेन, श्योपुर, भिण्ड, गुना, दतिया, ग्वालियर, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, डिण्डोरी, नर्मदापुरम, सीधी, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, शहडोल, नीमच, देवास और रतलाम कलेक्टर से जिला स्तर पर जारी गतिविधियों की जानकारी ली तथा अभियान को गति देने के निर्देश दिए।
श्री महाकाल लोक का लोकार्पण दिव्य, आलौकिक और अनुपम स्वरूप में हो – मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महाकाल लोक के लोकार्पण समारोह से प्रदेश ही नहीं पूरे देश की भावना और आस्था जुड़ी है। लोकार्पण दिव्य, आलौकिक और अनुपम स्वरूप में हो। संपूर्ण देश में कार्यक्रम की चर्चा है। उज्जैन नगरी की अद्भुत छठा अविस्मरणीय बन सके, इस उद्देश्य से स्वच्छता और साज-सज्जा की गतिविधियाँ संचालित की जाएँ।
मुख्यमंत्री चौहान महाकाल लोक के लोकार्पण की तैयारियों संबंधी निवास कार्यालय पर बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला सहित संभागायुक्त उज्जैन तथा अन्य अधिकारी उज्जैन से वर्चुअली सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि महाकाल लोक के लोकार्पण अवसर पर उज्जैन पधार रहे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। वर्षा की संभवना को देखते हुए वॉटर प्रूफ टेंट की व्यवस्था की जाए। उज्जैन में अन्य स्थानों से पधार रहे श्रद्धालुओं की बसों की पार्किंग व्यवस्था ऐसी हो जिससे उन्हें अधिक पैदल नहीं चलना पड़े। आयोजन से जुड़े सभी अधिकारी और एजेंसियों में परस्पर समन्वय और स्पष्ट संवाद हो। मुख्यमंत्री चौहान ने जारी तैयारियों के संबंध में बिन्दु बार जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि 11 अक्टूबर को लोकार्पण के समय पर ही प्रदेश के 899 बड़े मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन तथा भजन-पूजन के कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
प्रदेश के लिये ऐतिहासिक होगा महाकाल लोक का लोकार्पण
भोपाल : 11 अक्टूबर का दिन मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक होने जा रहा है। इस दिन प्राचीन काल-गणना नगरी उज्जयनी सहित प्रदेश के सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दीपोत्सव मनाया जाएगा। यह अवसर होगा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल की नगरी उज्जैन में नव-निर्मित महाकाल लोक का लोकार्पण। शिव लीलाओं की अदभुत छटा के साथ विकसित किया गया महाकाल लोक न केवल प्रदेशवासियों वरन पूरे भारत के श्रद्धालुओं के लिये आकर्षण का केन्द्र बनेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष रूचि ने उज्जैन नगरी को श्रद्धालुओं के लिये ऐसा विकसित कर दिया है कि पर्यटक एवं श्रद्धालु स्वयं ही खिंचे चले आयेंगे। यहाँ पौराणिक कथाओं पर केन्द्रित शिव लीलाओं के साथ ऐसी अधो-संरचनाएँ निर्मित की गई हैं, जिन्हें देख कर लोगों को पृथ्वी पर शिव लोक के दर्शन होंगे।
महाकाल लोक के लोकार्पण समारोह को सुखद और आनंदित बनाने के लिये सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महाकाल लोक का लोकार्पण अद्भुत समारोह होगा, इसमें जन-जन को जोड़ने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री चौहान स्वयं प्रदेशवासियों को विभिन्न संचार माध्यमों से समारोह में आमंत्रित कर रहे हैं। साथ ही उनके द्वारा यह आहवान भी किया जा रहा है कि प्रदेश के सभी मंदिरों में 11 अक्टूबर को दीप जला कर भजन-कीर्तन किये जाये। यहाँ उज्जैन के मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे क्षेत्रवासी समारोह का आनंद उठा कर साक्षी बन सकें। मुख्यमंत्री चौहान का मानना है कि समारोह जरूर उज्जैन में हो रहा है, लेकिन इसकी छटा पूरे प्रदेश में बिखरे और दिखे। मुख्यमंत्री की इस मंशा को पूरा करने सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन द्वारा जन-भागीदारी से लोकार्पण समारोह की तैयारियाँ की जा रही हैं। प्रदेश के देव स्थानों में दीपमालाएँ जला कर रोशनी की जाएगी। सभी जिलों के बड़े शिव मंदिरों में 10 एवं 11 अक्टूबर को 2 दिन अभिषेक-पूजन आदि होंगे और मंदिरों में रोशनी की जायेगी।
महाकाल लोक की अवधारणा वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मन में आई थी। इस पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, संतों और विषय-विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर योजना तैयार की गई थी जिस पर गंभीरता से अमल करते हुए योजना का प्रथम चरण पूर्ण किया जा चुका है। "महाकाल लोक" के लोकार्पण के अलावा प्रधानमंत्री मोदी उज्जैन में एक विशाल धर्म सभा को भी संबोधित करेंगे।
शिवराज के मंत्री बोले-चतुर जातियों ने क्षत्रियों का दुरुपयोग किया
ग्वालियर दशहरे वाले दिन शिवराज सरकार में मंत्री ओपीएस भदौरिया बयान देते हैं। वे कहते हैं- चाहे किसी दल का नेता हो, क्षत्रिय होगा, तो समर्थन करेंगे। पूरी दुनिया पर क्षत्रियों का राज कायम करना है, तो एकता लानी होगी। यहां तो ठीक था, लेकिन वे आगे कहते हैं- कुछ चतुर जातियों ने क्षत्रियों का दुरुपयोग किया है। बस उनका यही बयान वाला VIDEO सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गया। सोशल मीडिया यूजर ने 'चतुर जातियों' को ब्राह्मण माना। मंत्री के इस बयान की आलोचना होने लगी। हंगामा हुआ तो मंत्री ने खुद VIDEO जारी कर सफाई देते हुए कहा- मैंने हमेशा से ब्राह्मणों का सम्मान किया है। ब्राह्मण समाज के ज्ञानी हैं। मेरे बयान को तोड़-मरोड के पेश किया गया है। मेरा कहने का मतलब मुगल और अंग्रेजों से था।
क्षत्रिय दशहरा मिलन समारोह में दिया था बयान…
ग्वालियर में दशहरा के मौके पर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री ओपीएस भदौरिया क्षत्रियों के दशहरा मिलन समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था- क्षत्रियों को पूरी धरती पर राज करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब हम संगठित होकर रहें। क्षत्रिय किसी भी दल का हो, पहले वह क्षत्रिय है। ये VIDEO दो दिन बाद सामने आया। चतुर जातियों के शोषण वाले शब्दों को ब्राह्म्ण समाज के लिए माना गया। इसे सोशल मीडिया पर यह कहते हुए ट्रोल किया गया कि शिवराज के एक और मंत्री ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ बयान दिया है।
हंगामा हुआ तो मंत्री बोले- मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही…
मंत्री ओपीएस भदौरिया पर जब ब्राह्मणों को टारगेट करने के आरोप लगे, तो शुक्रवार शाम मंत्री खुद सामने आए। VIDEO जारी कर कहा- मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। ब्राह्मण समाज, समाज के हर वर्ग को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। कुछ राजनीतिक विरोधियों ने मेरे बयान को उल्टा पेश कर छवि खराब करने की कोशिश की है। मैंने हमेशा से ब्राह्मण समाज का सम्मान किया है, करता हूं और करता रहूंगा…।















