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स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी ने विश्व-कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के परमहंसी गंगा आश्रम झौंतेश्वर पहुँचे। उन्होंने ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पादुका पूजन किया। साथ ही द्वारका- शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती एवं बद्रिकाश्रम ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माला पहना कर वस्त्र पट्टिका ओढ़ाई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ राजराजेश्वरी माँ त्रिपुरसुंदरी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख- समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने मंदिर में परिक्रमा भी लगाई।

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी ज्ञान, भक्ति एवं कर्म त्रिवेणी के संगम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी ज्ञान, भक्ति एवं कर्म की त्रिवेणी के संगम थे। उन्हें अल्पायु में ही वेद-वेदांगों, उपनिषदों एवं सनातन धर्म के सार का ज्ञान था। वे ज्ञान मार्गी भक्त और क्रांतिकारी कर्मयोगी थे। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भी भाग लिया। उन्हें क्रांतिकारी संत के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जेल की यातनाऍ सहीं। स्वामी जी विश्व कल्याण के साथ ही गरीब, दलित, शोषित एवं पीड़ितों के कल्याण के लिए सदैव काम करते रहे। स्वामी जी में दीन-दुखियों के प्रति करूणा का भाव सदैव रहा। उन्होंने आत्मा के मोक्ष और जगत कल्याण के लिए कार्य किया। उनकी तपस्या एवं साधना ने इस क्षेत्र को ऊर्जा स्थल बनाया है। वे निरंतर जन-जन के कल्याण में लगे रहे और सेवा के अनेक प्रकल्प प्रारंभ किये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी ने समान नागरिक संहिता, अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण और गौ-रक्षा जैसे विषयों पर हमेशा देश को जगाने का काम किया। उनके चेहरे का तेज और उनकी वाणी का ओज उनके ब्रह्मलीन होने के बाद भी सदैव दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने उनके चरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने धर्म की जय, अधर्म के नाश, प्राणियों में सद्भावना और विश्व के कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया। स्वामी जी ने झारखंड में विश्व कल्याण आश्रम हो या अलग-अलग राज्यों में जनजातियों के कल्याण के लिए भी काम किया। चिकित्सालय, विद्यालय, संस्कृत पाठशाला सहित अनेक सेवा कार्यों में भी वे सदैव सक्रिय रहे।

केंद्रीय जल शक्ति, खाद्य प्र-संस्करण एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश के गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि विधायी कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने स्वामी स्वरूपानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पादुका पूजन किया। राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री जालम सिंह पटेल, श्री अभिलाष मिश्रा ने भी स्वामी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
 

डायबिटीज़ के मरीज़ ये फल ज़रूर खाए

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डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है, जिसमें खाने को लेकर कई तरह के परहेज़ करने पड़ते हैं। खाने की हर चीज़ को सोच समझकर खाना होता है, वरना आपका ब्लड शुगर का स्तर आसमान छू सकता है।फल विटामिन्स, खनीज और फाइबर से भरपूर होते हैं। अगर इन्हें सही तरीके से खाया जाए, तो इससे ब्लड शुगर का स्तर सही रह सकता है।

1. सेब : सेब को सबसे फायदेमंद फल माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पॉलीफेनॉल नाम का कम्पाउंड होता है, जो बीमारियों से लड़ने का काम करता है। इस फल का छिलका एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी एजेंट की तरह काम करती है। सेब दिल, आंत और त्वचा की सेहत का खास ख्याल रखने का काम करते हैं। यह फल कैंसर से भी लड़ता है। सबसे अच्छा है अगर आप इस फल को सुबह नाश्ते के समय खाएं।

2. संतरा : शायद ही कोई ऐसा हो जिसे संतरे न पसंद हों? खट्टे, रस से भरे और पोषक तत्वों से पैक्ड संतरा, डायबिटिक के मरीज़ों के लिए भी फायदेमंद होता है। संतरे में मौजूद हेस्परिडिन आपके हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल के स्तर का ख्याल रखता है। यह फल फ्री रेडिकल्स से लड़ता है और आयरन के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। इसमें पाया जाने वाला एक अन्य यौगिक फोलेट, गुर्दे की पथरी को बनने से रोकता है। संतरा एसिडिक होता है, इसलिए इसे खाली पेट या हेल्दी खाने के बाद न खाएं। इसकी जगह आप इसे मील्स के बीच में स्नैक के तौर पर खा सकते हैं।

3. अनार : क्या डायबिटीज़ में अनार खाया जा सकता है? यह एक ऐसा सवाल है, तो काफी पूछा जाता है और इससे जुड़े मिथक भी आपको मिल जाएंगे। इसका जवाब है, हां। आप अगर डायबिटिक हैं, तो भी आप अनार खा सकते हैं। अनार एक ऐसा फल है, जो ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट्स से भरा होता है, यानी इसमें ग्रीन-टी से ज़्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आधे घंटे में शरीर पर असर दिखाना शुरू कर देते हैं।
अनार के बीज आपके शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं और आपके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यह फल एनीमिया को रोकता है, आपके पेट के लिए उपयुक्त है, और आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाता है। आप इसे खाने के साथ या बाद में खा सकते हैं।

4. कीवी : कीवी एक ऐसा फल है, जो आपके शरीर के हर अंग को फायदा पहुंचाता है। अच्छी बात यह है कि यह खाने में भी स्वादिष्ट होती है। कीवी में विटामिन-बी6, सी, मैग्नीशियम, कैल्शियम, और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। यह फाइबर से भरपूर होती है। कीवी ब्लड प्रेशर को कम करती है, और इसमें मौजूद विटामिन-के घाव को जल्दी भरता है, जो डायबिटीज़ में मददगार साबित होता है। यह फल मल त्याग, वज़न मैनेज और किडनी की पत्थरी से भी बचाने का काम करता है। साथ ही यह ब्ल़ शुगर के स्तर को भी कंट्रोल में रखता है। आप इसे सोने से पहले या फिर स्नैक की तरह खा सकते हैं।

BPSC लेक्चर भर्ती परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी

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बिहार लोक सेवा आयोग/BPSC ने लेक्चरर के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र को जारी कर दिया है। प्रवेश पत्र को 22 सितंबर, 2022 को ऑनलाइन मोड में जारी किया गया है। जो भी उम्मीदवार लेक्चरर भर्ती परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे अपने प्रवेश पत्र को बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट onlinebpsc.bihar.gov.in पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

कब होगी परीक्षा?
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा लेक्चरर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन 27 सितंबर, 2022 को किया जाएगा। परीक्षा राज्यभर में निर्धारित विभिन्न केद्रों पर एक पाली में दोपहर 12 बजे से लेकर 02 बजे तक आयोजित की जाएगी।

कैसै डाउनलोड करें प्रवेश पत्र?

  1. सबसे पहले उम्मीदवार BPSC की आधिकारिक वेबसाइट onlinebpsc.bihar.gov.in पर जाएं।
  2. अब होम पेज पर दिखाई दे रहे लेक्चरर भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
  3. अब आप एक नए पेज पर आ जाएंगे।
  4. यहां मांगी जा रही जानकारी को दर्ज कर के सबमिट करें।
  5. अब आपका प्रवेश पत्र सामने की स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
  6. इसे डाउनलोड कर लें और आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंट भी निकलवा लें।

बिहार डायरेक्ट्रेट ऑफ लैंड रिकॉर्ड सर्वे ने 2506 पदों पर निकाली भर्ती

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बिहार डायरेक्ट्रेट ऑफ लैंड रिकॉर्ड सर्वे ने 2506 खाली पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए है। उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट dlrs.bihar.gov.in पर जाकर करना होगा। इस भर्ती के लिए बिहार डायरेक्ट्रेट ऑफ लैंड रिकॉर्ड सर्वे ने तीन भर्ती विज्ञापन 01/2022, 02/2022, 03/2022 जारी किए हैं।

आवेदन की शुरुआती तारीख : 27 सितंबर 2022
आवेदन की आखिरी तारीख : 21 अक्टूबर 2022

वैकेंसी डिटेल्स

स्पेशल सर्वे असिस्टेंट/ सेटलमेंट ऑफिसर- 96
स्पेशल सर्वे कानूनगो- 240
स्पेशल सर्वे अमीन- 1944
स्पेशल सर्वे क्लर्क- 226

योग्यता

स्पेशल सर्वे असिस्टेंट- बीई/बीटेक सिविल इंजीनियरिंग और दो साल का अनुभव।
स्पेशल सर्वे कानूनगो- सिविल इंजीनियरिंग में दो साल का डिप्लोमा, दो साल का अनुभव।
स्पेशल सर्वे अमीन- सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा।
स्पेशल सर्वे क्लर्क- ग्रेजुएशन।

आयु सीमा

न्यूनतम आयु- 18 साल
पुरुष कैंडिडेट की अधिकतम आयु- 37 साल
ओबीसी और सामान्य वर्ग की महिलाओं की अधिकतम आयु : 40 साल
एससी और एसटी- 40 साल

सैलरी

स्पेशल सर्वे असिस्टेंट- 59000
स्पेशल सर्वे कानूनगो- 36000
स्पेशल सर्वे अमीन- 31000
स्पेशल सर्वे क्लर्क- 25000

सिलेक्शन प्रोसेस

अमीन, क्लर्क, कानूनगो और एएसओ पदों पर भर्ती मेरिट के आधार पर होगी। यह मेरिट न्यूनतम शैक्षिक योग्यता में हासिल अंकों के आधार पर बनेगी।

गुजरात चुनाव तय करेगा-राष्ट्रीय राजनीति की दिशा…

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Sudhir Pandey

आगामी गुजरात विधानसभा की लड़ाई भविष्य की राजनीति के लिये एक बहुत बड़ा संकेत बनने जा रही है। पिछले दो दशक के अधिक समय से गुजरात में सत्तासीन भाजपा के लिये राष्ट्रीय राजनीति में अपनी दावेदारी को मजबूत करने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। गुजरात द्वारा राजनीति में स्थापित परम्पराओं के अनुसार अस्मिता और भाषाई एकता के संस्कार राज्य से केन्द्र की राजनीति को बल देते हैं। प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी गृह मंत्री के रूप में अमित शाह की राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि को गुजरात राष्ट्रीय राजनीति में क्रांतिय गौरव को स्थापित करने से जोड़ कर देखता है।

यह माना जाता है कि गुजराती समाज मूलतः व्यवसायिक होता है और सामाजिक, धार्मिक मान्यताओं एवं कार्यक्रमों को भी किसी न किसी रूप में व्यवसायी की उन्नति और विकास से जोड़कर भी देखता है। गुजरात में द्वारका की उपस्थिति समूचे प्रान्त में जय श्री कृष्णा के उद्घोश से परिलक्षित होती है। अपने छोटे से दायरे में अधिक से अधिक खुशियों को बटोर लेने वाले गुजराती समाज के लोग आम तौर सीधे और सरल माने जाते है। पर व्यवसाय की दृष्टि से संभावनाओं की तलाश और छोटे से छोटे कुटीर उद्योग को एक बड़े उद्योग में परिवर्तित कर देने में वे पारंगत भी है। गुजराती समाज के लोगों का समर्पण विभिन्न रंगों के प्रति और प्रकृति के प्रति स्पष्ट नजर आता है।

अपनी पोशाकों के माध्यम से किन्हीं भी स्थितियों में रंग बिखेर देने में सिर्फ गुजराती समाज की हर धारा के साथ बहुत आसानी के साथ जुड़ जाते हैं। यही कारण है कि समूचे भारत के उद्योगों में एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरात के निवासियों का भी है। उनकी सभ्यता और संस्कृति खान-पान को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हुई है। परंतु आश्चर्य यह होता है कि इतने सहज माने जाने वाले गुजरातियों के राज्य में इतना बड़ा सामाजिक दंगा कैसे हो जाता है। क्या सामान्य से दिखने वाले इस समाज में हिन्सक प्रवृतियां इतने बडे़ आकार में छिपकर रह सकती है। दंगो के काल में जिस तरह गुजरात में मारकाट मची और खून बहा, उसमें कई प्रश्न वर्तमान मानव सभ्यता के सामने खड़े कर दिये हैं। क्या गुजराती समाज जिस कोमल व्यवहार और स्पर्श से विश्व को आकर्षित करता है, वही समाज दंगों की विभीषिका के समय इतना क्रूर हो सकता है।

राजनैतिक रूप से यह मान्यता है कि गुजराती समाज समग्र की ओर सोचता है। पहनावा, खान-पान और व्यवहार के अतिरिक्त यह समाज भविष्य के सामाजिक और राजनैतिक सुधारों को भी न सिर्फ महसूस करता है बल्कि उसकी आधारशिला भी रखता है। इन स्थितियों में गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव क्या केवल गुजराती अस्तित्व की पहचान के प्रश्न पर सिमित रह जायेगी या आम आदमी पार्टी द्वारा दिये जा रहे आश्वासन उनकी विचारधारा में कोई परिवर्तन ला पायेगा, गुजराती एक स्वतंत्र सोच का समाज है। भाजपा में गुजरात चुनाव को लेकर फेली हुई बैचेनी यह स्पष्ट करती है कि राज्य का मतदाता कोई घुटन महसूस कर रहा है और परिवर्तन की और बढ़ना चाहता है। गुजराती एक प्रायोगिक समाज है जो नित्य नूतन प्रयोगों पर विश्वास करता है। राष्ट्रीय राजनीति में मिली पहचान को गुजराती स्वयं कितना राष्ट्र और समाज हित मे मानते हैं। कितना वे इस अधिपत्य से एकाकार हो पाते हैं, यह गुजरात का चुनाव स्पष्ट कर देगा। जिसके परिणाम राष्ट्रीय राजनीति को न सिर्फ प्रभावित करेंगे बल्कि उसकी दिशा का निर्धारण भी कर देंगे।

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नेस्ले भारत में करेगी 5,000 करोड़ रुपये का निवेश

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दुनिया की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले ने शुक्रवार को भारत में निवेश योजनाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया। कंपनी ने कहा कि 2025 तक 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने योजना है। ये निवेश कंपनी के पोर्टफोलियो विस्तार और कोर बिजनेस को भारत में और मजबूत करने में मदद करेगा।समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के सीईओ मार्क श्नाइडर ने कहा कि आने वाले 3.5 साल यानी 2025 तक कंपनी भारत में 5000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। इस निवेश को कंपनी के पूंजीगत निवेश, नए प्लांट लगाने, अधिग्रहण और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए उपयोग किया जाएगा।श्नाइडर ने आगे कहा कि भारत उनके टॉप 10 बाजारों में शामिल हैं। इस निवेश से भारत में बड़े स्तर नौकरियां पैदा होंगी। हालांकि निवेश सरकार से कंपनी की योजनाओं को मंजूरी मिलने पर निर्भर करता है।नेस्ले के मुताबिक, कंपनी ने 1960 में भारत में उत्पादन शुरू करने के बाद से अब तक कुल 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अब और अधिक निवेश करने का फैसला किया गया है।

गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के बीच हुआ एग्रीमेंट ,एक-दूसरे के कर्मचारियों को नहीं देंगे नौकरी

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एशिया के दो सबसे रईस अरबपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी ने आपस में ‘नो पोचिंग’एग्रीमेंट किया है। इसके तहत अडानी समूह के कर्मचारी ना तो रिलायंस इंडस्ट्रीज में नौकरी कर सकेंगे और ना ही मुकेश अंबानी की कंपनी में काम कर चुके कर्मचारियों को अडानी समूह हायर करेगी। यह एग्रीमेंट इस साल मई से लागू है और दोनों कंपनियों से जुड़े सभी कारोबार के लिए है। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक अडानी समूह या रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से अब तक इस एग्रीमेंट से जुड़े सवाल के जवाब नहीं दिए गए हैं। 

‘नो पोचिंग’ एग्रीमेंट इसलिए भी अहम है क्योंकि अब अडानी समूह उन कारोबार में एंट्री कर रहा है, जहां पहले से ही रिलायंस इंडस्ट्रीज का दबदबा है। पिछले साल, अडानी समूह ने अडानी पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में प्रवेश का ऐलान किया। इस सेक्टर में रिलायंस की सबसे बड़ी उपस्थिति है। वहीं, टेलीकॉम में भी अडानी समूह ने एंट्री के लिए पहला कदम बढ़ा दिया है। हाल ही में अडानी ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई है। वहीं, ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अडानी और अंबानी एक दूसरे के प्रतिद्वंदी बनते दिख रहे हैं। इसी तरह, मीडिया में भी मुकेश अंबानी के बाद अब अडानी समूह ने एंट्री की है। मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के बीच एग्रीमेंट की वजह से लाखों कर्मचारियों के लिए रास्ते बंद हो गए हैं। रिलायंस के 3.80 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। वहीं, अडानी समूह के भी हजारों कर्मचारी मुकेश अंबानी की किसी कंपनी में नौकरी नहीं कर पाएंगे।

टीसीएस में कर्मचारियों को हफ्ते में 3 बार आना होगा ऑफिस

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपने सभी कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम खत्म कर सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस में काम करना आनिवार्य कर दिया है, टीसीएस ने कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उसके वरिष्ठ कर्मचारी पहले से ही कार्यालय से काम कर रहे हैं और ग्राहक भी टीसीएस कार्यालयों का दौरा कर रहे हैं. इसके लिए प्रबंधक एक रोस्टर तैयार करेंगे और कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन कार्यालय से काम करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही कहा गया है कि रोस्टरिंग का पालन करना अनिवार्य है और साथ ही इसे ट्रैक भी किया जाएगा. किसी भी गैर-अनुपालन को गंभीरता से लिया जाएगा और प्रशासनिक उपाय लागू किए जा सकते हैं.
 

पाकिस्तान की जीत पर शाहीन अफरीदी का ट्वीट वायरल..

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को लेकर एक ऐसा ट्वीट किया है, जिसे पढ़कर लोग पहले तो हैरान रह गए, लेकिन पूरा पढ़ने से समझ आया, कि किस तरह से उन्होंने आलोचकों के मुंह पर ताला लगाया है। एशिया कप 2022 के बाद से पाकिस्तान के दोनों सलामी बल्लेबाज कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान धीमे स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। बाबर की खराब फॉर्म ने भी पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा दी थी, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ जिस तरह से इन दोनों ने बल्लेबाजी की, उससे आलोचकों के मुंह पर कुछ समय के लिए ताला जरूर लग गया होगा। 200 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से जीत दर्ज की। बाबर 110 और रिजवान 88 रन बनाकर नॉटआउट लौटे।

दोनों की इस पारी से शाहीन अफरीदी भी फूले नहीं समाए। शाहीन अफरीदी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं, वह इंग्लैंड में रिहैब से गुजर रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि टी20 वर्ल्ड कप तक फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। 

अफरीदी ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हमें कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान से छुटकारा मिल जाना चाहिए। इतने सेलफिश खिलाड़ी हैं दोनों। अगर सही से खेलते तो मैच 15 ओवर में ही फिनिश हो जाना चाहिए था। ये आखिर तक ले गए। इसको लेकर आंदोलन छेड़ा जाए ना? इस शानदार पाकिस्तानी टीम पर गर्व है।'

चेहरे पर मलाई पैक लगाने से दिखने लगेगा नई दुल्हन जैसा निखार

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मलाई का इस्तेमाल प्राचीन काल से स्किन को निखारने के लिए किया जाता है। हम सभी जानते हैं कि मलाई, बेसन और हल्दी का उबटन लगाने से दुल्हन का रंग खिल जाता है। मलाई सिर्फ आपकी रंगत को ही नहीं निखारती बल्कि कई स्किन प्रॉब्लम्स को भी ठीक करती है। सबसे अच्छी बात यह है कि दूध होने की वजह से इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। ऐसे में अगर आप चेहरे पर कोई इफेक्टिव स्किन केयर प्रॉडक्ट को अप्लाई करना चाहते हैं, तो महंगे केमिकल बेस्ड फेस मास्क की बजाय मलाई का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ड्राय स्किन के लिए : नेचुरल होममेड मलाई फेस पैक आपकी रूखी त्वचा को हाइड्रेट कर सकता है। इसके लिए एक चम्मच दूध की मलाई में एक चम्मच शहद मिलाएं और इस पैक को अपनी त्वचा पर लगाएं। इसे 20 मिनट के लिए लगा रहने दें। फिर इसे पानी से धो लें।

ग्लोइंग स्किन के लिए : सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन के लिए भी मलाई बहुत कारगर है। एक चम्मच मलाई में एक चम्मच बेसन या बेसन मिलाएं और इसे अपनी स्किन पर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। गोल्डन ग्लो के लिए आप मलाई-हल्दी का फेस पैक भी बना सकते हैं। एक चम्मच दूध की मलाई में एक चम्मच हल्दी मिलाएं और अपनी स्किन पर लगाएं। इसे पानी से धो लें। हर हफ्ते दो-तीन बार लगा सकते हैं। 

स्क्रब फेस पैक : आप मलाई का इस्तेमाल स्क्रब फेस पैक बनाने के लिए भी कर सकते हैं। यह दोनों तरह से काम करेगा। इसके लिए एक चम्मच चावल के आटे में दो चम्मच मलाई डाल दें। इसे चेहरे पर मसाज करके डेड स्किन उतार लें और फिर इसे 10 मिनट ऐसे ही रहने दें और फिर फेसवॉश से साफ कर लें। 

डेड स्किन रिमूवल  : टैनिंग की वजह से अगर डेड स्किन हो गई है, तो इसे रिमूव करने के लिए एक बाउल लें और उसमें 1 बड़ा चम्मच मलाई डालें। अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं।एक चिकना पेस्ट बनाने के लिए अच्छी तरह मिलाएं। इसे कम से कम 30 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें। 

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