मुंबई। टीवी एक्ट्रेस अवनीत कौर ने हाल ही में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की.इन तस्वीरों में वो साड़ी वाले लुक में नजर आ रही हैं. अवनीत अक्सर अपनी तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करती रहती हैं.
अवनीत कौर की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. अवनीत इस समय इंटरनेट सेंसेशन बनी हुई हैं. अवनीत एथनिक लुक में नजर आ रही हैं. अवनीत की इन ट्रैडिशनल तस्वीरों को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं.
अवनीत कौर सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव रहती हैं. बहुत ही छोटी उम्र में अवनीत ने अपना करियर शुरू कर दिया था. उनकी इंस्टाग्राम अकाउंट पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. उनके 33 मिलियन के आस-पास फॉलोअर्स हैं.
अवनीत कौर ने ब्लू कलर की साड़ी में अपनी तस्वीरें शेयर की हैं. इन तस्वीरों में उनका ट्रैडिशनल अवतार देखने को मिल रहा है. अवनीत ने अपने हाथों में बड़े कड़े, अंगूठियां, गले में मैचिंग हार और कानों में बड़े ईयररिंग्स कैरी किए हैं.
अवनीत कौर ने इस फोटोशूट के लिए मिनिमल मेकअप, आई शैडो और ग्लॉसी लिप कैरी किया. उनकी तस्वीरें आपकी रातों की नींदें चुरा सकती हैं. वो इस साड़ी में गजब की खूबसूरत लग रही हैं. उनकी तस्वीरें फैंस की धड़कने बढ़ा रही हैं.
अवनीत कौर साड़ी में लग रही हैं बला की खूबसूरत
महिला टी20 विश्व कप के लिए जिम्बाब्वे और थाईलैंड सहित दस टीमें को मिला प्रवेश
अबू धाबी । बांग्लादेश और आयरलैंड ने अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2023 के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। इन दोनो ही टीमों ने अबू धाबी में खेले गए क्वालीफार में जिम्बाब्वे और थाईलैंड को हराकर विश्वकप के लिए जगह बनायी। इसी के साथ ही उन 10 टीमों के नाम अब तय हो गये हैं। जो अगले साल विश्वकप के इस आठवे संस्करण में शामिल होंगी।
मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया और मेजबान दक्षिण अफ्रीका के साथ ही भारत, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और वेस्टइंडीज सहित कुल 8 टीमों ने इस टूर्नामेंट के लिए रैंकिंग के आधार पर पहले ही प्रवेश हासिल कर लिया था जबकि आयरलैंड और बांग्लादेश ने अब अपनी जगह पक्की की है।
साल 2020 में अंतिम बार टी20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में खेला गया था। इसके बाद कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो साल यह टूर्नामेंट नहीं हुआ था।
प्राइम सब्सक्रिप्शन ग्राहकों को चार घंटे के अंदर सामान डिलेवर करेगी अमेजन, 50 शहरों में सेवा शुरु
मुंबई । ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन पर सालाना सेल शुरू हो चुकी है। इस बीच कंपनी ने भारत के 50 शहरों में अपनी ‘सेम-डे डिलीवरी’ सर्विस शुरू करने की घोषणा की है। इस सर्विस के अंतर्गत आने वाले शहरों के प्राइम मेंबर्स को केवल चार घंटे के अंदर प्रोडक्ट डिलीवर किए जाएंगे।
अमेजन चार घंटों में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, किताबें, खिलौने, लग्जरी, स्पोर्ट्स, वीडियो गेम्स और पर्सनल केयर जैसे प्रोडक्ट्स ग्राहकों तक पहुंचाएगी। गौरतलब है कि कंपनी ने इस सेवा को पिछले साल शुरू किया था। उस समय कंपनी 14 शहरों में यह सुविधा दे रही थी। हालांकि, अब यह सर्विस देशभर के 50 शहरों में उपलब्ध रहेगी।
इस सेवा के शुरू होने के साथ ही सूरत, मैसूर, मैंगलोर, भोपाल, नासिक, नेल्लोर, अनंतपुर, वारंगल, गाजियाबाद, फरीदाबाद और पटना जैसे शहरों में रहने वाले ग्राहकों को अब अपना प्रोडक्ट पाने के लिए लंबा इंतेजार नहीं करना होगा। उल्लेखनीय है कि अमेजन की यह नई सर्विस केवल अमेजन प्राइम सब्सक्रिप्शन वाले ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। बाकी ग्राहकों को उनका प्रोडक्ट पहले की तरह डिलीवर होगा।
इस सर्विस की खास बात यह है कि इसके लिए प्राइम सब्सक्रिप्शन लेने वाले ग्राहकों को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। यह सर्विस बिल्कुल फ्री है। बता दें कि प्राइम सब्सक्रिप्शन वाले ग्राहकों के पास पहले से ही फ्री वन-डे डिलीवरी का ऑप्शन मौजूद है। इसके तहत कंपनी अपने प्राइम मेंबर्स को एक दिन में प्रोडक्ट डिलीवर करती है।
दीप्ति के चार्ली को रन आउट करने के तरीक पर हुआ विवाद
लंदन । इंग्लैंड के खिलाफ यहां लॉर्ड्स मैदान में हुए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में भारतीय टीम टीम की दीप्ति शर्मा ने जिस प्रकार स्ट्राइकर एंड पर गेंद फेंककर मेजबान टीम की चार्ली डीन को आउट किया उससे मैदान में विवाद भी हुआ। आउट करार दिये जाते ही चार्ली ने गुस्से में अपना बल्ला फेंक दिया और रोने लगी। चार्ली जब आउट हुई तो वह 47 रनों पर खेल रहीं थीं। दीप्ति के इस रन आउट करने के तरीके को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कुछ लोगों ने इसे खेल भावना के विपरीत बताया है जबकि कुछ ने सही करार दिया है। पहले इस तरह के रन आउट को ठीक नहीं माना जाता था पर मार्च में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने इसे अनफेयर कैटेगेरी से निकालकर रन आउट में डाल दिया और हाल के दिनों में आइसीसी ने भी इसे सही करार देकर है। यह नियम यह 1 अक्टूबर से लागू भी कर दिया जाएगा। इसलिए दीप्ति के इस रन आउट करने के तरीके का पूर्व भारतीय क्रिकेटरों आकाश चोपड़ा और वसीम जाफर ने भी बचाव किया है। चार्ली के आउट होते हुए भारतीय टीम ने यह मैच जीतने के साथ ही सीरीज भी अपने नाम कर ली। इस विवाद से भारतीय टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के विदायी मैच में भी अनावश्यक विवाद पैदा हो गया। झूलन ने अपने इस विदायी मैच में 10 ओवर गेंदबाजी करते हुए 30 रन देकर दो विकेट लिए। इस के साथ ही उनके कुल एकदिवसीय विकेटों की संख्या 255 तक पहुंच गयी।
अब 9 की जगह 5 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया जाएगी भारतीय टीम, कंडीशनिंग के लिए खेलेगी अभ्यास मैच
नई दिल्ली । हिटमैन रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम इंडिया की नजरें टी20 वर्ल्ड कप पर लग गई हैं। भारतीय टीम अपनी तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहती। टी20 वर्ल्डकप टूर्नामेंट से पहले टीम इंडिया अपनी कमजोरियों और ऑस्ट्रेलिया की कंडीशंस में ढलने के लिए खास तैयारी करने की योजना बनाई है। इसके लिए भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में पर्थ को अपना बेस बनाने का निर्णय लिया है। बीसीसीआई ने भी इसके लिए हरी झंडी दे दी है। पर्थ को बेस बनाने की सबसे बड़ी वजह वहां के विकेटों में अतिरिक्त उछाल का होना है।
टी20 विश्व कप से पहले भारतीय बल्लेबाज यहां प्रैक्टिस कर उछाल और अतिरिक्त गति से तालमेल बिठा लेना चाहते हैं। ताकि विश्व कप में उन्हें तेज रफ्तार गेंदों को खेलने में कोई दिक्कत न हो। जानकारी के मुताबिक, टीम इंडिया पर्थ में 2 हफ्ते तक अभ्यास करेगी और विश्व कप के वार्म अप मैच से पहले इंट्रा स्क्वॉड मुकाबले खेलेगी। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप के लिए दो या ढाई हफ्ते पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएगी। टीम पर्थ में ट्रेनिंग और प्रैक्टिस करेगी। इतना ही नहीं, वहां कुछ प्रैक्टिस मैच भी खेले जाएंगे।
टीम इंडिया पहले 9 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन कोच राहुल द्रविड़ ने बीसीसीआई से टीम के लिए अतिरिक्त प्रैक्टिस मैच कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। इसे बीसीसीआई ने स्वीकार करते हुए टीम को कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया भेजने का फैसला किया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि हम कुछ टीमों के साथ बातचीत कर रहे हैं, जो आईसीसी द्वारा रखे गए वॉर्म अप मैच के अलावा हमारे साथ प्रैक्टिस मैच खेल सकें।
टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टी20 की सीरीज के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी इतने ही मैच की टी20 सीरीज खेलनी है। इसका आखिरी मुकाबला 4 अक्टूबर को इंदौर में खेला जाना है। अब भारतीय टीम इस मैच के खत्म होने के बाद 5 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होगी। पहले टीम की योजना 9 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया जाने की थी।
ऑस्ट्रेलिया के लिए जल्दी उड़ान भरने के साथ ही भारतीय टीम नेट बॉलर और स्टैंडबाय खिलाड़ियों को लेकर साथ जाएगी। वहीं, आईसीसी द्वारा टीम इंडिया के लिए शेड्यूल किए गए दो वार्म अप मैच न्यूजीलैंड (17 अक्टूबर) और ऑस्ट्रेलिया (18 अक्टूबर) के अलावा बीसीसीआई ऑस्ट्रेलिया में टीम के लिए कम से कम 3 अभ्यास मैच की योजना पर काम कर रही है। भारतीय टीम टी20 विश्व कप में पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी।
इस प्रकार बच्चों को संक्रमण से बचायें
बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है, इसकी मुख्य वजह यह है कि शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं।
हालाँकि, कई विशेषज्ञों का यह मानना है कि अधिकतर बच्चो को जुकाम खांसी और बुखार की समस्या मौसम बदलने के कारण होती है, लेकिन अगर आप अपने बच्चे की इम्युनिटी को बढ़ावा दें तो ऐसी संक्रमण वाली बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। ऐसे में बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए निम्न आदतों को अपनाना बहुत जरूरी है, जिनमें निम्न शामिल हैं-
बच्चे को स्तनपान करायें- मां के दूध में रोग प्रतिरोधी सारे गुण मौजूद होते है। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत समान होता है, इतना ही नहीं यह बच्चों में संक्रमण, एलर्जी, दस्त, निमोनिया, दिमागी बुखार, और अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम के खिलाफ लड़ने के लिए भी मजबूत बनाता है। ऐसे में बच्चे को जन्म लेने के साथ-साथ ही स्तनों से बहने वाले गाढे पतले पीले दूध को कम से कम 2-3 महीने तक जरुर कराएं।
बच्चे को ग्रीन वेजिटेबल खिलाएं- अपने बच्चे को खाने में गाजर, हरी बीन्स, संतरे, स्ट्रॉबेरी जैसे सभी को चीज़ों को शामिल करें, क्योंकि यह विटामिन सी और कैरोटीन युक्त होते हैं। जो आपके बच्चे की इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में बच्चों को अधिक से अधिक फल और सब्जियों को उनके खाने में शामिल करें, ताकि बच्चे को संक्रमण से लड़ने में मदद मिल सके।
बच्चे को भरपूर नींद लेने दें- बच्चों में नींद की कमी होने पर इम्युनिटी तो कमजोर होती ही साथ ही आपका बच्चा बीमारी का अधिक शिकार होने लगता है। जिससे कि नवजात में स्वास्थ्य मुश्किलें बढ़ जाती है। हालाँकि, नवजात बच्चों को एक दिन में 18 घंटे की नींद तो वही छोटे बच्चों को 12 से 13 घंटे की नींद की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा युवा बच्चे को रोजाना 10 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
धूम्रपान के धुएं से बचाएं- आपके घर में कोई सदस्य धूम्रपान करता है तो बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए उसे छोड़ दें। सिगरेट के धुआं शरीर में कोशिकाओं को मार सकते हैं। इसके अलावा सिगरेट बीड़ी में कई अधिक विषाक्त पदार्थों शामिल होते है जो अतिसंवेदनशील बच्चों के रोग नियंत्रण शक्ति को प्रभावित कर इम्युनिटी को कमजोर करते है।
बच्चों को कम से कम दवा दें- कई बार पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर अधिक सवेंदनशील हो जाते हैं। खासकर जब बच्चे को सर्दी, फ्लू या गले में हल्की खराश होने पर डॉक्टर को एंटीबायोटिक देने को कहते है। अधिकतर एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया की वजह से होने वाली बीमारियों का इलाज करते हैं जबकि बचपन में अधिकतर बिमारियां वायरस के कारण होती हैं।
संक्रमण के खतरों से बचाएँ- अपने बच्चे को बीमारियों से बचाने के लिए संक्रमण वाले जीवाणु से हमेशा बचा कर रखें। आप बच्चों को कीटाणुओं से बचाने के लिए बचपन से ही हाथ धोने के बाद ही हाथों को होठों के पास लाने और कुछ खाने के बारे में बताएं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमित, टूथब्रश आदि के साथ-साथ बच्चों के तौलिया रुमाल और खिलौनों की सफाई हमेशा समय-समय पर करते रहें।
जेरोधा के सीईओ ने कर्मचारियों से कहा- जो फिटनेस लक्ष्य हासिल करेगा उसे मिलेगा बोनस
नई दिल्ली । ऑनलाइन ब्रोकिंग फर्म जेरोधा के सह-संस्थापक और सीईओ नितिन कामथ ने अपनी कंपनी के कर्मचारियों के लिए एक नई पहल की है। उन्होंने अपने कर्मचारियों को फिटनेस के लिए रोजाना गोल्स सेट करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि जो कर्मचारी अपने फिटनेस लक्ष्य को हासिल कर लेगा उसे बोनस के रूप में एक महीने का वेतन दिया जाएगा। उन्होंने अपने कर्मचारियों को फिटनेस को लेकर चैलेंज दिया है। कामथ ने फिटनेस ट्रैकर पर अपने कर्मचारियों को रोजाना एक लक्ष्य निर्धारित करने का चैलेंज दिया है। कामथ ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा है कि हममें से अधिक लोग वर्क फ्रॉम होम में हैं। बैठने और स्मोकिंग की आदत लगातार बढ़ रही है। इसलिए हम अपनी टीम को एक्टिव करने के लिए कुछ कर रहे हैं। फिटनेस ट्रैकर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को देखना दिलचस्प होगा।
कामथ के अनुसार एक महीने की बोनस सैलरी पाने के लिए कर्मचारियों को अपने रोजना फिटनेस लक्ष्य का 90 फीसदी हासिल करना होगा। साथ ही इसमें 10 लाख रुपए का एक लकी ड्रा भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि जेरोधा में हमारा नया चैलेंज फिटनेस ट्रैकर्स पर डेली टार्गेट सेट करना है। उन्होंने कहा कि यह एक ऑप्शनल प्रोग्राम है और प्रति दिन कम से कम 350 एक्टिव कैलोरी किसी भी रूप में बर्न होनी चाहिए। कामथ ने एक फिटनेस ऐप का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अपने पर्सनल अनुभव भी शेयर किए। उन्होंने बताया कि कोरोना के दौरान मेरा वजन बढ़ गया था। मैंने अपने लिए फिटनेस गोल्स बनाए और वजन को कम किया। उन्होंने कहा कि हेल्दी खानपान को लेकर भी कर्मचारियों को जागरूक होना चाहिए।
गेंदबाज पर हावी होने की कला जानते हैं ऋषभ पंत, उन्हें मिलनी चाहिए टीम इंडिया में जगह : गिलक्रिस्ट
दुबई । ऑस्ट्रेलिया के अपने जमाने के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का मानना है कि किसी भी गेंदबाज पर हावी होने की अपनी हिम्मत के कारण ऋषभ पंत को आगामी टी20 विश्व कप में भारत की शुरुआती ग्यारह खिलाड़ियों में अवश्य शामिल किया जाना चाहिए। पंत की खासियत है कि वह किसी भी गेंदबाज के दबाव में नहीं आते। पिछले कुछ समय से यह चर्चा का विषय है कि ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक में से किसे अंतिम एकादश में स्थान मिलना चाहिए, इस पर गिलक्रिस्ट ने बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज पंत का समर्थन किया।
गिलक्रिस्ट ने कहा ऋषभ पंत साहसी खिलाड़ी है और जिस तरह से वह किसी भी तरह के गेंदबाजी आक्रमण पर हावी हो जाते हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि उन्हें भारतीय एकादश में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा वे दोनों (ऋषभ और कार्तिक) साथ में खेल सकते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि ऋषभ पंत को निश्चित तौर पर अंतिम एकादश में होना चाहिए।
भारत ने पंत और कार्तिक दोनों को ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्वकप के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया है। पंत हालांकि सबसे छोटे प्रारूप में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं, जो कि अंतिम एकादश का चयन करते समय उनके खिलाफ जा सकता है। पंत ने अब तक 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 23.94 की औसत और 126.21 के स्ट्राइक रेट से 934 रन बनाए हैं लेकिन वह इस प्रारूप में टेस्ट क्रिकेट जैसी सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं।
दूसरी तरफ कार्तिक ने पिछले कुछ समय से खुद को फिनिशर के रूप में स्थापित किया है, लेकिन पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की तरह गिलक्रिस्ट का भी मानना है कि इन दोनों विकेटकीपर बल्लेबाजों को अंतिम एकादश में रखा जा सकता है। गिलक्रिस्ट ने कहा अगर उन दोनों को अंतिम एकादश में रखा जाता है तो यह दिलचस्प होगा। मुझे लगता है कि वह ऐसा कर सकते हैं। दिनेश कार्तिक शीर्ष क्रम में भी खेल सकते हैं। उन्हें मध्यक्रम और बाद के ओवरों में भी उपयोग में लाया जा सकता है। उनका खेल वास्तव में बहुत अच्छा है।
मोबाइल का ज्यादा इस्तेमान न करने दें
छोटे बच्चों के अभिभावकों को ये चिंता सताती रही है कि बच्चे मोबाइल के सामने कितना समय बिताते हैं। पहले टीवी अब तकनीक के बढ़ने के साथ कई और स्क्रीन्स बढ़ गई हैं जिसमें मोबाइल स्क्रीन भी शामिल है।
जहां कई सारे माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। यूएस टेक कंपनी के लिए काम करने वाली डॉरेथी का दो साल का बच्चा है और उनका कहना है, 'मुझे पता है कि मुझे अपने बच्चे के स्क्रीन टाइम पर पाबंदी रखनी चाहिए।'
हालांकि वह बताती हैं कि जब उन्हें काम करना होता है या उनका बच्चा जब सुबह जल्दी जाग जाता है तो उसे व्यस्त रखने का सबसे अच्छा तरीका फोन ही है। वह अकेली नहीं है।
मीडिया और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले बच्चों पर एक रिपोर्ट पेश की। इसके मुताबिक 8 साल और इससे कम उम्र के बच्चे रोजाना घर पर 2 घंटे 19 मिनट स्क्रीन के सामने बिताते हैं। ये आंकड़ा 2011 के लगभग बराबर है लेकिन 2013 से डेढ़ घंटे ज्यादा है। ये सर्वे 2013 में उस वक्त हुआ था जब स्मार्टफोन का इतना चलन नहीं था लेकिन टीवी देखने का क्रेज घट रहा था।
हालांकि बच्चे अब मोबाइल और दूसरी डिवाइसों की तरफ ज्यादा शिफ्ट हो रहे हैं, ठीक अपने माता-पिता की तरह। सर्वे में ये बात सामने आई कि बच्चे एक दिन में 48 मिनट मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा बच्चे कई वर्चुअल डिवाइस और इंटरनेट टॉयज के संपर्क में भी आ रहे हैं।
कुछ माता-पिता इस बात से चिंतित हैं कि स्क्रीन के सामने इतना वक्त गुजारने से बच्चे एक्सर्साइज और सीखने को इतना वक्त नहीं दे पा रहे लेकिन स्टडजी से ये बात साफ नहीं हो पा रही।
दो साल की बच्ची की मां जेनी बताती हैं, 'मेरे बच्चे किसी सामान्य बच्चे से कम शैतान नहीं हैं क्योंकि हम बहुत कम टीवी देखते हैं। अगर सही समय पर उन्हें स्क्रीन के सामने वक्त बिताने दिया जाए तो कभी-कभी ठीक भी रहता है।
पीडिएट्रिक स्पीच पैथोलॉजिस्ट जेन का कहना है, 'स्क्रीन के सामने जरा भी वक्त न बिताना, ये बिल्कुल अवास्तविक है। इसमें बैलेंस बनाकर रखना चाहिए। वह सलाह देती हैं कि इसके लिए विजिबल शेड्यूल बनाएं ताकि बच्चे इसको सीमित करना समझ सकें।















