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सड़क किनारे गाने वाले दिव्यांग मकसूद का सहारा बने Sonu Sood…

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कहते हैं कि अगर आपके अंदर काबिलियत है तो कोई भी आपको आगे बढ़ने से रोक नहीं सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ है झारखंड के बोकारो के रहने वाले दोनों पैरों से दिव्यांग मोहम्मद मकसूद के साथ। टीवी के मशहूर रियलिटी शो इंडियन आइडल के मंच पर गाना गा चुके झारखंड के बोकारो के रहने वाले मोहम्मद मकसूद का एक वीडियो वायरल हुआ था। वह अच्छा गाना गाते हैं और सड़क किनारे गाने के जरिए ही वह लोगों का मनोरंजन करके अपने परिवार का पेट भरते हैं। हाल ही में उनको सोनू सूद का ऑफर मिला है। 

मिला नौकरी का ऑफर
दोनों पैरों से दिव्यांग मोहम्मद मकसूद सड़क किनारे गाना गाते हुए मनोरंजन करके पैसा जुटाते हैं। 2017 में वह इंडियन आइडल के 24वें राउंड तक पहुंचे थे। वायरल हो रहे वीडियो में उन्होंने नौकरी की मांग की थी। अब बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने उनको नौकरी का ऑफर दिया है। सोनू सूद ने पटना के एक स्कूल में बतौर म्यूजिक टीचर उनके काम करने का इंतजाम कर दिया है।

मोहम्मद मकसूद के वायरल हो रहे वीडियो पर सोनू सूद ने लिखा था- 'मकसूद भाई को नौकरी और रहने के लिए जगह का इंतजाम हो गया है। अब सड़क किनारे नहीं अपने घर पर गाना और सबको सिखाना'। हालांकि एक इंटरव्यू के दौरान मकसूद का कहना था कि सोनू सूद के ऑफिस के कॉल आया था। पटना के एक स्कूल में नौकरी की बात कही गई है, लेकिन अभी सैलरी को लेकर कुछ नहीं बताया है। 

 भोपाल में 25-30 नवंबर को बंद रहेंगी मीट दुकानें

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भोपाल । राजधानी भोपाल में 25 और 30 नवंबर को मीट दुकानें बंद रहेंगी। जयंती के चलते नगर निगम ने दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है। बावजूद किसी ने बेचा तो दुकानों के लाइसेंस कैंसिल होंगे। इस संबंध में नगर निगम ने बुधवार को आदेश जारी कर दिए। जानकारी के अनुसार, संत श्री टीएल वासवानी जी के 143वें जन्मदिवस अंतर्राष्ट्रीय निरामिस आहार/पशु अधिकारी दिवस पर शुक्रवार, 25 नवंबर को संत हिरदाराम नगर क्षेत्र में मीट दुकानें बंद रहेंगी। इसी प्रकार बुधवार, 30 नवंबर को संत श्री जिन तरण-तारण जयंती के अवसर पर संपूर्ण भोपाल शहर में मांस विक्रय की दुकानें बंद रखी जाएगी। उक्त दिनों में संबंधित क्षेत्रों में यदि कोई भी मीट बेचते पाया गया तो उनका लाइसेंस निरस्त करते हुए नियमानुसार पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

बंसल ग्रुप के 30 ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा, भोपाल, मंडीदीप, महू में सर्चिंग…

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भोपाल : आयकर विभाग ने मध्यप्रदेश में बंसल ग्रुप के 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापा मारा है। ग्रुप के ऑनर सुनील बंसल और अनिल बंसल के यहां शुक्रवार सुबह विभाग की टीम पहुंची। सुबह 6 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई भोपाल के साथ ही महू और मंडीदीप में भी चल रही है। कंपनी एजुकेशन, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी सहित अन्य सेक्टर में काम कर रही है। भोपाल के वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के डेवलपमेंट का काम भी बंसल ग्रुप कर रहा है।

आईटी की टीम ने मंडीदीप में बंसल इंजीनियरिंग कॉलेज के सेकेंड फ्लोर को सील कर दिया है। यहां 2 गाड़ियों से टीम पहुंची और अकाउंट विभाग में दस्तावेज जांचने शुरू किए। महू के सुशीला देवी बंसल कॉलेज ऑफ इंस्टिट्यूट में करीब 10 अधिकारियों की टीम 2 गाड़ियों से पहुंची और अकाउंट सेक्शन में कार्रवाई शुरू की। जिन गाड़ियों में इनकम टैक्स के अधिकारी पहुंचे उनके पीछे रिंग सेरेमनी के स्टीकर लगे हैं। इन पर रश्मि संग अरविंद लिखा है। प्रदेश के विभन्न शहरों में चल रही छापेमार कार्रवाई में करीब 120 गाड़ियों से अफसर पहुंचे हैं।

18 ठिकानों पर की थी कार्रवाई
भोपाल में बंसल ग्रुप ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का रिडेवलमपेंट का काम किया है। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, तब इसका नाम हबीबगंज से बदलकर रानी कमलापति किया गया था। बंसल ग्रुप ने कई सड़कों का निर्माण किया है। इनके टोल प्लाजा इसी ग्रुप के पास हैं। हाल ही में कोलार भोपाल के 15 किलोमीटर नई रोड बनाने का 222 करोड़ का ठेका भी इसी ग्रुप को मिला है।

सुबह 6 बजे कॉलेज पहुंची 10 सदस्यीय टीम

महू के सुशीला देवी बंसल कॉलेज पर आयकर विभाग की टीम सुबह 6 बजे छापा मारा। कार्रवाई करने आई टीम में 10 सदस्य शामिल है, जो कॉलेज के अंदर कागजातों की छानबीन कर रहे हैं। अधिकारी यहां पर दो गाड़ी हायर करके पहुंचे थे। इन गाड़ियों पर सगाई के स्टीकर भी चिपके हुए थे। फिलहाल कॉलेज में बच्चों को अंदर जाने दिया जा रहा है, लेकिन अन्य लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

FIFA WC 2022 : FIFA WC से पहले चोटिल हुए स्टार खिलाड़ी सादियो माने, टूर्नामेंट से बाहर… 

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FIFA World Cup शुरू होने में अब बस दो दिन का समय बचा है। इस साल 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार-चार के आठ ग्रुप में बांटा गया है। अफ्रीकन देश सेनेगल भी उन टीमों में से है जो बड़ी टीमों को हराकर टूर्नामेंट में उलटफेर कर सकती है। हालांकि, इस टीम को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार खिलाड़ी सादियो माने चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत 20 नवंबर से हो रही है। पहले मैच में मेजबान कतर और इक्वाडोर आमने-सामने होंगे।

सेनेगल अफ्रीका के पांच देशों में से एक हो जो फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने जा रहा है। हालांकि, अब टीम को अपने नियमित कप्तान के बिना ही यह टूर्नामेंट खेलना पड़ेगा। सेनेगल की टीम अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस की चैंपियन है। माने को पहले फाइनल स्क्वॉड में रखा गया था। तब वह इंजरी से रिकवर कर रहे थे। यह चोट उन्हें क्लब फुटबॉल के दौरान बायर्न म्यूनिख से खेलते हुए वर्डर ब्रेमेन के खिलाफ लगी थी। 

उनके पैर में चोट लगी थी, लेकिन फैन्स उम्मीद कर रहे थे कि यह स्टार खिलाड़ी कतर विश्व कप तक फिट हो जाएगा। हालांकि, अब मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि वह वर्ल्ड कप तक फिट नहीं हो पाएंगे, जो कि दुनिया भर के फैन्स के लिए झटका है। माने मौजूदा समय में दुनिया के बेहतरीन फॉरवर्ड में से एक माने जाते हैं। अपनी स्पीड और स्किल से वह दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमियों के चहेते बन चुके हैं।

टीवी अभिनेत्री Vaishali Thakkar आत्महत्या मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत…

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टीवी अभिनेत्री वैशाली ठक्कर की आत्महत्या के मामले में जिला कोर्ट ने वैशाली के बॅायफ्रेंड राहुल नवलानी की पत्नी दिशा को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने जमानत आदेश में कहा है कि दिशा को गिरफ्तार करने की स्थिति में उसके द्वारा 50 हजार रुपये का मुचलका प्रस्तुत करने पर उसे रिहा किया जाए। पुलिस ने वैशाली को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले राहुल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था और रिमांड के बाद से फिलहाल वह जेल में है, लेकिन उसकी पत्नी दिशा फरार थी।

दिशा ने वकील राहुल पेठे के माध्यम से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। जिसमें कहा गया था कि वैशाली की आत्महत्या से दिशा को कोई लेना देना नहीं है। सुसाइड नोट में भी दिशा के बारे में स्पष्ट तौर पर नहीं लिखा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जमानत आवेदन स्वीकार कर लिया।

 आपको बता दें कि कई टीवी सीरियलों में काम करने वाली टीवी अभिनेत्री वैशाली ने अपने घर में पिछले माह 15 अक्टूबर की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर वैशाली ठक्कर के दोस्त राहुल नवलानी और उसकी पत्नी दिशा नवलानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया है।

 वैशाली के परिजनों ने आरोप लगाए थे कि राहुल की पत्नी भी वैशाली को मानसिक प्रताड़ना देती थी। वैशाली दूसरी जगह शादी करना चाहती थी, लेकिन राहुल और दिशा रिश्ते तुड़वा देते थे। पुलिस ने 19 अक्टूबर को राहुल को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह जेल में है। राहुल की पत्नी दिशा नवलानी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन अब उसे अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

 मप्र में राहुल गांधी के स्वागत की जोरदार तैयारी

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भोपाल । कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की मप्र में 23 नवंबर को प्रवेश करेगी। महाराष्ट्र में जलगांव के जामोद से होते हुए यात्रा बुरहानपुर के बोदरली गांव पहुंचेगी। यात्रा 15 दिन में प्रदेश के 6 जिले बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर-मालवा में घूमेगी। मप्र में यात्रा 399 किलोमीटर चलेगी। प्रदेश के राहुल गांधी के स्वागत की जोरदार तैयारी की गई है। स्वागत के दौरान यात्रा को यहां की संस्कृति से रूबरू करवाया जाएगा। बुरहानपुर में रीना नरेंद्र पंवार 51 मटकियां सिर पर रखकर तलवार की धार पर खड़े होकर बंजारा लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगी। खंडवा में गणगौर नृत्य से अगवानी होगी। खरगोन में नर्मदा आरती तो इंदौर में राजबाड़ा पर राहुल गांधी की नुक्कड़ सभा होगी। उज्जैन में राहुल महाकाल और आगर में नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी का आशीर्वाद लेंगे।

बुरहानपुर में चारों तरफ राहुल के पोस्टर
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की प्रदेश में एंट्री महाराष्ट्र होते हुए बुरहानपुर जिले के बोदरली गांव से हो रही है। यात्रा को लेकर यहां इतना उत्साह है कि दीवारों से लेकर पेड़ों तक राहुल के पोस्टर नजर आ रहे हैं। यहां राहुल के 60 कंटेनर खड़े होने के लिए 10 एकड़ जमीन को दिन-रात समतल कर मिट्टी को दबाने का काम किया जा रहा है। यात्रा के स्वागत की यहां विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रा का अगला पड़ाव मप्र का खंडवा जिला होगा। यहां पर यात्रा की अगवानी निमाड़ की पहचान गणगौर नृत्य से की जाएगी। गणगौर नृत्य के साथ आदिवासी संस्कृति की भी झलक देखने को मिलेगी। राहुल टंट्या भील की जन्मस्थली भी जाएंगे। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को यहां होने वाली जनसभा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

सिंगाजी के भजनों के साथ होगी मां नर्मदा की आरती
खरगोन में 26 नवंबर को यात्रा का पड़ाव खेरदा में होगा। खरगोन विधायक रवि जोशी ने बताया कि यात्रा का निमाड़ क्षेत्र में प्रवेश पर निमाड़ी संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया जाएगा। यात्रा के जिले में प्रवेश पर गणगौर नृत्य के साथ स्वागत किया जाएगा।

इंदौर में नुक्कड़ सभा
इंदौर में 28 नवंबर को भारत जोड़ो यात्रा महू दशहरा मैदान ग्राउंड से शुरू होगी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि यात्रा यहां से चोइथराम अस्पताल के सामने से होते हुए माणिकबाग से कलेक्टर चौराहे पर जाएगी। कलेक्टर चौराहे से यात्रा कांग्रेस कार्यालय के सामने से होकर गुजरते हुए राजबाड़ा पहुंचेगी। यहां पर राहुल गांधी की नुक्कड़ सभा होगी। नुक्कड़ सभा के बाद राहुल गांधी कार से खालसा कॉलेज जाएंगे। यहां पर राहुल गांधी रात रुकेंगे। 29 नवंबर को यात्रा का ब्रेक रहेगा। 30 नवंबर को बड़ा गणपति चौराहे से यात्रा शुरू होगी, जो जिंसी चौराहे से होकर किला मैदान होते हुए मरीमाता चौराहे पहुंचेगी।

उज्जैन में दाल-बाफले खाएंगे राहुल
राहुल की यात्रा बाबा महाकाल के दर से भी गुजरेगी। उज्जैन में 1 दिसंबर को पहुंचने वाली यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राहुल यहां सबसे पहले बाबा महाकाल के दर्शन को जाएंगे। इसके बाद एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसमें एक लाख से ज्यादा लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। सभा में प्रियंका गांधी भी नजर आएंगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खडग़े, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के मौजूद रहने की भी चर्चा है।

मां बगुलामुखी के दर पर भी जाएंगे राहुल
मप्र में यात्रा का आखिरी पड़ाव मप्र का आगर जिला होगा। यात्रा 3 दिसंबर को जिले में प्रवेश करेगी और दो रात, तीन दिन रहेगी। मालवा की परंपरानुसार यात्रा का स्वागत किया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों को यात्रा के साथ जोडऩे के लिए पीले चावल और आमंत्रण पत्र बांटे जा रहे हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी के साथ आगर में स्थित प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर दर्शन को जाएंगे।

‘असम के बीटीसी इलाकों में जबरन धर्म परिवर्तन’

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गुवाहाटी| बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के प्रमुख हगरामा मोहिलरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में दावा किया है कि ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां असम में बोडो आदिवासी परिवारों को ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्हें सरकारी सुविधाओं तक आसान पहुंच का लालच दिया जाता है और कभी-कभी उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती धर्म परिवर्तन किया जाता है। बीपीएफ सुप्रीमो ने अपने पत्र में, जिसे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी संबोधित किया था, आरोप लगाया कि बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) प्रमोद बोरो के नेतृत्व में धर्म परिवर्तन हो रहा है।

मोहिलारी ने कहा, बीटीसी क्षेत्र में हर जगह चर्च बनाए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने कथित तौर पर भगवा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से वादा किया कि उनकी पार्टी लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों को खड़ा नहीं करेगी और कैबिनेट के अलावा एनडीए में बीपीएफ को शामिल करते हुए असम मंत्रिपरिषद में पार्टी के लिए बर्थ और बीटीसी में सीईएम पद देने की मांग की है।

उन्होंने कहा, "मैंने और मेरी पार्टी (बीपीएफ) ने 2015 से असम में एनडीए के एक मजबूत और प्रतिबद्ध साथी के रूप में भाजपा के साथ मिलकर काम किया। मैंने एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और राज्यसभा के अन्य उम्मीदवारों का भी समर्थन किया था।"

बीपीएफ नेता ने अपने पत्र में कहा, "हमारे समर्थन के कारण भाजपा 2016 में मुख्यमंत्री के रूप में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में असम में सत्ता में आई। मुझे भाजपा और बीपीएफ की विचारधारा और उद्देश्यों के बीच कोई अंतर या विरोधाभास नहीं दिखता। मुझे आपके नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।"

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में बीपीएफ के तीन विधायक हैं।

मोहिलरी ने कहा कि असम में भाजपा ने प्रमोद बोरो के नेतृत्व वाली यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) से 2020 में दोस्ती करने का फैसला किया, बावजूद इसके कि भाजपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन करने की उनकी पूरी कोशिश थी।

इस साल जनवरी में भाजपा के सहयोगी बीपीएफ ने राज्य विधानसभा में भाजपा के सहयोगी के रूप में वापसी की थी।

भाजपा यूपीपीएल के साथ मिलकर बीटीसी की छठी अनुसूची परिषद पर राज कर रही है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली भाजपा की अगुवाई वाली पहली सरकार में असम में मंत्रिपरिषद में बीपीएफ के तीन मंत्री थे।

पश्चिमी असम में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में भूटान और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे तामुलपुर, चिरांग, बक्सा, उदलगुरी और कोकराझार के पांच जिले शामिल हैं।

सड़कों की खामी दूर करने में नाकाम, हादसों पर कैसे लगेगी लगाम

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भोपाल । मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पाट सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है। प्रदेश में इसको लेकर एजेंसियां तो तय की गई हैं, लेकिन इसके बाद भी सड़कों की हालत खराब है। पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, एनएचएआइ, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, गृह एवं परिवहन विभाग को अलग-अलग सड़कों की देखरेख, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन सड़कों की स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। भोपाल क्षेत्र की तीन हजार 700 किलोमीटर सड़क का आडिट किया गया, जिसमें 194 ब्लैक स्पाट, 248 अवैध कट्स, 34 बाटल नेक एवं रोड डिजाइन में 76 कमियां मिलीं है। इसी तरह मालवा-विमाड़ अंचल की तीन 900 किमी सड़कों में 419 ब्लैक स्पाट, 273 अवैध कट मिले है। धार जिले में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर 13 वर्षों में एक हजार 23 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 411 लोगों की जान गई और दो हजार 700 घायल हुए। कमोबेश यही स्थिति ग्वालियर-चंबल अंचल की सड़कों की भी है। ग्वालियर हाइवे पर हर पांच किमी पर ब्लैक स्पाट्स हादसे का सबब बना हुआ है। अधिकतर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक भी नहीं लगे हैं। उधर, सरकार का दावा है कि साढ़े चार सौ ब्लैक स्पाट सुधारे जा चुके हैं। इससे दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। निर्माण एजेंसियों के साथ इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

भोपाल अंचल में 194 ब्लैक स्पाट
भोपाल अंचल की 3700 किमी सड़कों में 194 ब्लैक स्पाट, 248 अवैध कट्स, 34 बाटल नेक एवं रोड डिजाइन में 76 कमियां मिलीं है। इनमें भोपाल से लगे दस जिले छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर, विदिशा, सागर, गुना, राजगढ़ और अशोकनगर में 178 ब्लैक स्पाट, 230 अवैध कट्स, 32 बाटल नेक एवं रोड डिजाइन में 64 कमियां मिलीं। वहीं भोपाल जिले में ही 350 किमी की सड़कों पर 16 ब्लैक स्पाट, 18 अवैध कट, दो बाटल नेक एवं सड़क डिजाइन में 12 कमियां मिलीं। महाकोशल- विंध्य के 12 जिलों को जोडऩे वाले विभिन्न् मार्गों पर विशेषज्ञों के साथ सड़क पर उतरी। हमारी टीम ने पाया कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और संकेतकों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबलपुर- कंटगी सड़क मार्ग पर प्रत्येक किमी पर गड्ढे हैं। सड़क पर कई जगह यातायात संकेतक नहीं हैं। एनएच- 30 मंडला से जबलपुर बरेला के बीच पहाड़ की कटिंग सही नहीं होने के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। इस सड़क के निर्माण कार्य को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने माफी मांगी थी। बावजूद इसके अब तक जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबलपुर-नागपुर नेशनल हाइवे 44 में मोहगांव से खवासा तक 27 किमी सड़क के इको फ्रेंडली अंडरपास में गहरी गहरी दरारें उभर आई हैं।

3900 किमी सड़कों में 419 ब्लैक स्पाट
मालवा-निमाड़ अंचल के 13 जिलों की 3900 किमी सड़कों में 419 ब्लैक स्पाट और 273 अवैध कट और मिले। विशेषज्ञों ने इस संबंध में सुझाव दिए हैं। इन जिलों में अंधे मोड़ भी अधिक हैं। सबसे अधिक धार जिले में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गणपति घाट पर 13 सालों में 1023 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 411 लोगों की जान गई और 2700 घायल हुए। दुर्घटनाओं का कारण अधिक ढलान है। इस तकनीकी कमी को समाप्त करने के लिए आठ किमी के हिस्से में फिर से नई सड़क बनाकर दुर्घटना को रोकने की योजना है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से वन भूमि पर सड़क बनाने की अनुमति मिलने का इंतजार है। देवास जिले में बरझाई घाट पर भी अधिक घुमावदार मोड़ दुर्घटनाओं का कारण है।

ग्वालियर हाइवे पर हर पांच किमी पर ब्लैक स्पाट्स
ग्वालियर-चंबल अंचल में हाइवे पर हर पांच किमी पर ब्लैक स्पाट्स से हादसे बढ़ रहे हैं। ग्वालियर में पीडब्ल्यूडी ने शीतला चीनौर स्टेट हाइवे को अधूरा छोड़ दिया है। अंधे मोड़ पर सड़क सकरी होने व घाटी से दुर्घटना क्षेत्र विकसित हो गए है। 34 किमी हिस्से में चार अंधे मोड़ है। नेशनल हाइवे 44 पर पांच, भिंड से गुजरने वाले नेशनल हाइवे 719, भिंड-गोपालपुरा स्टेट हाइवे, गोहद मार्ग और शहरी एवं नगरीय क्षेत्रों में लगभग 70 ब्लैक स्पाट हैं। शिवपुरी में एनएच 46 पर पांच और एनएच 27 पर सात ब्लैक स्पाट हैं, इनके कारण तीन साल में 86 मौत हो चुकी हैं। शिवपुरी-गुना के बीच लोगों ने सुविधानुसार कट बना लिए हैं। श्योपुर में पाली हाईवे पर 25 किलोमीटर की दूरी तक 145 गड्ढे हैं। मुरैना में नेशनल हाईवे 552 पर आठ जगह बोटलनेक की स्थिति बन गई है। कहीं निर्माण हो गए हैं। चंबल नदी राजघाट से बानमोर के निरावली तक 60 किमी सड़क पर 12 से अधिक और दतिया में नेशनल हाइवे 44 पर छह ब्लैक स्पाट हैं। सबसे खतरनाक ब्लैक स्पाट बड़ौनी तिराहे पर है। छतरपुर में 173 किमी लंबे झांसी-खजुराहो फोरलेन नेशनल हाइवे 39 पर आठ स्थानों पर नई विकसित हो रही कालोनियों के लोगों ने अवैध रास्ते कर लिए हैं। 21 किमी सटई रोड पर 29 छोटे-बड़े पुल-पुलिया हैं। टीकमगढ़ एनएच 539 पर चार और स्टेट हाइवे छतरपुर मार्ग पर तीन ब्लैक स्पाट हैं।

विक्रम सेठ और लापता रैक का दिलचस्प मामला

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नई दिल्ली| ट्विटर से जुड़ा एक दिलचस्प मामला सामने आया है। प्रसिद्ध लेखक विक्रम सेठ की छोटी बहन आराधना ने ट्विटर पर अपने भाई द्वारा ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन के साथ अपने अनुभव पर लिखे गए एक अंश का स्क्रीनशॉट साझा किया है। अपने अनुभव के बारे में विस्तार से बताते हुए जब उन्होंने इस महीने अमेजन से 9,990 रुपये के दस बुक रैक का ऑर्डर दिया था, लेकिन केवल एक ही प्राप्त किया। बेस्ट-सेलिंग उन्पयास 'ए सूटेबल बॉय' के लेखक याद करते हैं कि जब उन्होंने बुक रैकों की संख्याओं में असमानता की ओर इशारा किया था, डिलीवरी एजेंट ने जोर देकर कहा कि अक्सर ऐसा ही होता है, क्योंकि डिलीवरी कभी-कभी विभाजित हो जाती है, और सेठ को जल्द ही शेष राशि मिल जाएगी।

हालांकि, ऐसा कभी नहीं हुआ और सभी बुक रैक्स के लिए उनके ऑर्डर को ऑनलाइन वितरित के रूप में चिह्न्ति किया गया था।

अपनी बहन द्वारा साझा किए गए अंश में लेखक ने कहा कि उसने दो सप्ताह के लिए अमेजन के हेल्प डेस्क से बात की थी और कम से कम छह प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी।

यह याद करते हुए कि शुरू में अमेजन इस बात पर जोर देता रहा कि आदेश पूरी तरह से वितरित किया गया था, अंतत: वे जांच करने के लिए सहमत हुए।

उन्होंने कहा, "जब एक हफ्ते के बाद उनकी 'जांच' खत्म हो गई और मैं उनके साथ फिर से ऑनलाइन गया, तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें पता चल गया है कि ऑर्डर वास्तव में पूरी तरह से डिलीवर हो गया था। (दूसरे शब्दों में यह कि मैं झूठ बोल रहा था)।"

उन्हें न तो रिफंड दिया गया और न ही बाकी के नौ रैक भेजे गए।

दिलचस्प बात यह है कि सेठ ने ई-कॉमर्स कंपनी से प्राप्त अस्पष्ट प्रतिक्रियाओं की ओर इशारा किया – 'आगे का दिन अच्छा हो' और 'हमें आपको भविष्य में किसी भी तरह की सहायता प्रदान करने में खुशी होगी'।

उन्होंने जोर देकर कहा कि हर कदम पर 'परेशान' होने के बाद उनके पास लोगों को चेतावनी देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था कि वे उस पर भरोसा न करें, जिसे उन्होंने 'एक प्रतिष्ठित कंपनी' माना था।

हालांकि वायरल हुए ट्वीट का अमेजन ने जवाब दिया है, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि क्या कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।

अब जनता ही लाट साहब, विकास के लिए सीएम-विधायक के हाथ जोडऩे की जरूरत नहीं

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भोपाल/इटारसी । अब लोकतंत्र में जनता ही लाट साहब है। अब जंगल में साहबगीरी नहीं होगी। जंगल मे रेंजर अब डेंजर हो गए हैं, लेकिन अब इनसे आदिवासी मजदूरों को डरने की जरूरत नहीं है। पेसा एक्ट जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकार वापस दिलाने के लिए लागू कर रहा हूं। अब ग्राम सभा अपने विकास का बजट तय करेगी। अब सीएम या विधायकों के हाथ जोडऩे की जरूरत नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को केसला में आयोजित पेसा जागरूकता कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम में चौहान ने मंच से कहा कि पेसा एक्ट किसी के खिलाफ नही है। मप्र के 89 इलाकों में इसे लागू किया जा रहा है। अब ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई भी नई शराब दुकान या भांग दुकान नहीं खोली जाएगी। सभा को ड्राय डे घोषित करने का अधिकार भी होगा। अवैध शराब गांव में नहीं बेची जाएगी। हर गांव मयखाना नहीं बनाना है।जंगलों में अभी तक ठेकेदार और मुट़्ठीभर लोग फायदा उठाते रहे। ग्राम सभा में शांति और विवाद निवारण समिति बनाई जाएगी। ग्राम सभा की बैठक में पटवारी और बीटगार्ड को खसरा नकल रखना होगी। अधिसूचित इलाकों में पुलिस एफआइआर करेगी तो ग्राम सभा को बताना होगा। मेलों का आयोजन भी अब ग्राम सभा करेगी। नए कानून में बांध या किसी प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण बिना ग्राम सभा की अनुमति नहीं होगा। जिनकी जमीन वे फैसला करेंगे। कोई भी आपकी जमीन कपट से नही ले सकेगा।
सीएम ने कहा कि मप्र में धर्मांतरण सहन नहीं करेंगे। आदिवासी बेटियों से विवाह कर उनकी जमीन हथियाने का षड्यंत्र मंजूर नहीं है, यदि आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ तो सभा इसे वापस ले सकेगी। बिना सहमति के पट्टा नीलाम नहीं होगा। गांव की खदानों पर भी आदिवासी समिति या हमारी बहन का पहला अधिकार होगा। गांव के तालाबों पर मछली-सिंगाड़ा पालन सभा करेगी। कोई कलेक्टर, कमिश्नर तय नही करेगा। गांव का रुपया अब गांव में ही रहेगा।
 

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