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जानें क्यों होती है माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा? पढ़िये पूरी कथा

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Laxmi Ganesh Puja: विघ्न विनाशक गणेश आदिदेव शंकर और माता पार्वती के पुत्र हैं. लेकिन गणेश जी की पूजा माता लक्ष्मी के साथ होती है. यह सवाल कई बार दिमाग में आता होगा, तो आइये बताते हैं इसकी कथा. काशी के पं. शिवम शुक्ला ने बताया कि एक बार माता लक्ष्मी को अहंकार हो गया कि उनकी सभी पूजा करते हैं, और पाने के लिए लालायित रहते हैं. भगवान यह बात समझ गए, उन्होंने कहा कि देवी भले ही संसार आपकी पूजा करता हो और आपको पाने के लिए लालायित रहता हो , लेकिन आप में एक कमी है. आप अपूर्ण हैं. इस पर माता लक्ष्मी ने कारण पूछा.

माता लक्ष्मी क्यों थी अपूर्ण
इस पर भगवान विष्णु ने कहा कि जब तक कोई स्त्री मां नहीं बनती, तब तक वह पूर्ण नहीं होती. निःसंतान होने के कारण आप अपूर्ण हैं. यह जानकर माता लक्ष्मी दुखी हो गईं और उन्होंने अपनी पीड़ा माता पार्वती को बताई और उनके दो पुत्रों में से एक गणेश को गोद देने के लिए कहा. माता पार्वती ने लक्ष्मीजी की पीड़ा देखकर गणेशजी को गोद दे दिया. इसके बाद से गणेशजी माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र बन गए.इसी के बाद से माता लक्ष्मी ने भगवान गणेश को वरदान दिया कि जो व्यक्ति मेरे साथ तुम्हारी पूजा नहीं करेगा, उसके पास मैं नहीं रहूंगी. तभी से माता लक्ष्मी के साथ गणेशजी की पूजा होने लगी.

प्रथम पूजा के अधिकारी
वैसे भी गणेश प्रथम पूज्य हैं. कोई भी पूजा और धार्मिक अनुष्ठान उनकी पूजा के बाद ही शुरू होता है और बिना उनकी पूजा के पूरा नहीं होता. इसीलिए सभी अनुष्ठान शुरू करने के लिए विघ्न विनाशक की पूजा होती है.
 

नए साल 2023 में अमावस्या कब-कब आ रही है?

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धार्मिक शास्त्रों में अमावस्या तिथि (Amavasya Tithi 2023) का बहुत महत्व है। इस दिन गरीबों को दान, पितृ तर्पण, तीर्थ दर्शन, पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, नदी स्नान, तथा नदी स्नान करते समय सभी तीर्थों और पवित्र नदियों का ध्यान करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। पितृ दोष को दूर करने वाली अमावस्या तथा जीवन को खुशियों से भर देने वाली यह तिथि हर महीने में एक बार पड़ती है, आइए यहां जानते हैं वर्ष 2023 की अमावस्या तिथि के बारे में संपूर्ण जानकारी।

यहां पढ़ें, अमावस्या 2023 की संपूर्ण लिस्ट-
21 जनवरी 2023, शनिवार-माघ अमावस्या, दर्श अमावस्या
माघ, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 21 जनवरी को 06.17 ए एम,
समापन- 22 जनवरी को 02.22 ए एम, पर।
19 फरवरी 2023, रविवार-दर्श अमावस्या
फाल्गुन, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 19 फरवरी को 04.18 पी एम,
समापन- 20 फरवरी 12.35 पी एम पर।
20 फरवरी 2023, सोमवार- फाल्गुन अमावस्या
समापन- 20 फरवरी को 12.35 पी एम पर।
21 मार्च 2023, मंगलवार-दर्श अमावस्या, चैत्र अमावस्या
चैत्र, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 21 मार्च को 01.47 ए एम,
समापन- 21 मार्च को 10.52 पी एम पर।
19 अप्रैल 2023, बुधवार- दर्श अमावस्या
वैशाख, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 19 अप्रैल को 11.23 ए एम,
समापन- 20 अप्रैल को 09.41 ए एम पर।
20 अप्रैल 2023, बृहस्पतिवार- वैशाख अमावस्या
19 मई 2023, शुक्रवार- ज्येष्ठ अमावस्या, दर्श अमावस्या
ज्येष्ठ, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 18 मई को 09.42 पी एम,
समापन- 19 मई 09.22 पी एम पर।
17 जून 2023, शनिवार- आषाढ़ अमावस्या
आषाढ़, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 17 जून को 09.11 ए एम,
समापन- 18 जून को 10.06 ए एम पर।
17 जुलाई 2023, सोमवार- श्रावण अमावस्या
श्रावण, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 16 जुलाई को 10.08 पी एम,
समापन- 18 जुलाई को 12.01 ए एम पर।
15 अगस्त 2023, मंगलवार- अधिक दर्श अमावस्या
श्रावण, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 15 अगस्त को 12.42 पी एम,
समापन- 16 अगस्त 03.07 पी एम पर।
16 अगस्त 2023, बुधवार- श्रावण अधिक अमावस्या
समापन- 16 अगस्त को 03.07 पी एम पर।
14 सितंबर 2023, बृहस्पतिवार- भाद्रपद अमावस्या
भाद्रपद, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 14 सितंबर 04.48 ए एम,
समापन- 15 सितंबर 07.09 ए एम पर।
14 अक्टूबर 2023, शनिवार- आश्विन अमावस्या
आश्विन, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 13 अक्टूबर को 09.50 पी एम,
समापन- 14 अक्टूबर को 11.24 पी एम पर।
13 नवंबर 2023, सोमवार- कार्तिक अमावस्या
कार्तिक, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 12 नवंबर को 02.44 पी एम
समापन- 13 नवंबर को 02.56 पी एम पर।
12 दिसंबर, 2023, मंगलवार- मार्गशीर्ष अमावस्या
मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या का आरंभ- 12 दिसंबर को 06.24 ए एम,
समापन- 13 दिसंबर 05.01 ए एम पर।

इस दिन है विवाह पंचमी, जानें इस दिन क्यों नहीं करनी चाहिए शादी

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हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस साल विवाह पंचमी 28 नवंबर 2022 को होगी. भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं. इस दिन माता सीता-भगवान राम के विवाह का आयोजन भी कराया जाता है और इसे एक उत्सव के समान मनाया जाता है. विवाह पंचमी के दिन शादी करना अपशकुन माना जाता है. आइए जानें क्यों खास है विवाह पंचमी का दिन

विवाह पंचमी 2022 की तिथि
विवाह पंचमी तिथि- 28 नवंबर, सोमवार
पंचमी तिथि की शुरुआत- 27 नवंबर को शाम 4 बजकर 25 मिनट पर
पंचमी तिथि समाप्त- 28 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर
28 नवंबर को उदया तिथि के कारण इसी दिन विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा

विवाह पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 10 बजकर 29 मिनट से 29 नवंबर को सुबह 6 बजकर 55 मिनट तक
रवि योग- सुबह 10 बजकर 29 मिनट से 29 नवंबर को सुबह 6 बजकर 55 मिनट तक

इसलिए विवाह पंचमी के दिन नहीं किया जाता विवाह
राम और सीता ने आम जनमानस के बीच एक आदर्श जीवन का उदाहरण प्रस्तुत किया है. उन्होंने लोगों को जीवन के उच्च मूल्य, प्रेम, समर्पण का पाठ पढ़ाया है. सीता और राम की जोड़ी को आदर्श जोड़ी माना जाता है. लेकिन फिर भी उनके विवाह की तिथि के दिन लोग विवाह करना पसंद नहीं करते हैं. इसकी वजह है कि विवाह के बाद श्रीराम और माता सीता के जीवन में ढेरों कष्ट आए थे. दोनों को 14 साल का वनवास झेलना पड़ा. इसके बाद माता सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा. सामाजिक मान्यताओं और अपने निष्पक्ष उसूलों के चलते मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने गर्भवती सीता का परित्याग कर दिया. इसके बाद माता सीता को अपना आगे का जीवन वन में गुजारना पड़ा और वहीं रहकर उन्होंने अपने बच्चों का पालन पोषण किया. राम और सीता के वैवाहिक जीवन में इतने संघर्षों को देखते हुए लोग उनके विवाह का उत्सव तो मनाते हैं, लेकिन इस दिन अपनी संतान का विवाह नहीं करते. ताकि जो दुख सीता माता और श्रीराम ने झेला है, वो कभी उनके बच्चों को न झेलना पड़े.

इसलिए खास है विवाह पंचमी का दिन
इस दिन कुंवारी कन्या द्वारा पूजा-पाठ करना बहुत शुभ होता है. उन्हें उत्तम वर की प्राप्ति होती है. यदि शादी-विवाह में किसी प्रकार की अड़चनें आ रही हैं या किसी कारण देरी हो रही है तो विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा जरूर करें. इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं. वहीं शादीशुदा जोड़ा विवाह पंचमी के दिन व्रत-पूजन करता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कोई परेशानी नहीं होती है.

उत्पन्ना एकादशी पर बन रहा त्रिवेणी संयोग

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भगवान विष्णु की प्रिय मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना एकादशी 20 नवंबर को होगी। एकादशी पर इस बार त्रिवेणी संयोग बन रहा है। इस दिन मंगलकारी प्रीति और आयुष्मान योग के साथ अमृत, सर्वार्थसिद्धि और द्विपुष्कर योग रहेगा। यह खास संयोग व्रत के संतान सुख और आरोग्यता के फल को दुगना करेगा। ज्योर्तिविदों के मुताबिक इस बार एकादशी पर विशेष सयोग बन रहा है।एकादशी व्रत के फल से पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही व्रत करने वाले को संतान सुख, आरोग्यता और जन्म-मरण के बंधन से भी मुक्ति मिलती है। वर्षभर में आने वाली 24 एकादशी में उत्पन्ना एकादशी का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है। ज्योर्तिविद् कान्हा जोशी के मुताबिक एकादशी तिथि 19 नवंबर को सुबह 10.41 बजे से 20 नवंबर को सुबह 10.41 बजे तक रहेगी। 20 को उदयातिथि में एकादशी है। इसके चलते 20 नवंबर को एकादशी व्रत करना शास्त्र सम्मत होगा। व्रत का पारण 21 नवंबर को सुबह 6.40 बजे से सुबह 8.47 बजे तक रहेगा।

व्रतों में सर्वाधिक महत्व एकादशी का
 शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि व्रतों में सर्वाधिक महत्व एकादशी व्रत का होता है। एकादशी के नियमित व्रत रखने से स्वभाव की चंचलता समाप्त होकर मन को शांति की अनुभूति होती है। एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त के समय उठकर सबसे पहले व्रत का संकल्प लेना चाहिए। नित्य क्रियांओं के बाद भगवान की पूजा करे। व्रत की कथा सुने। पूरे दिन व्रती बुरे कर्म करने वाले पापी व्यक्तियों की संगत से बचे। साथ ही जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए के लिए श्रीहरि से क्षमा मांगे। आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इस व्रत को निर्जला, जलीय या फलाहारी रखते है। इस व्रत में दशमी की रात भी भोजन नहीं करना चाहिए। एकादशी के दिन सुबह कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।भगवान भी सिर्फ फलों का भोग लगना चाहिए।भगवान विष्णु को हल्दी मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए। यह भी कहा जाता है कि एकादशी व्रत का पारण करने से पहले ब्राह्मण को दान- दक्षिणा देना चाहिए। वर्षभर में 24 एकादशी आती है। हर महीने दो एकादशी में एक कृष्ण पक्ष और एक शुक्ल पक्ष की होती है। एकादशी व्रत रखने की शुरुआत भी इस एकादशी के साथ होती है।

चार रोजा़ आलमी तब्लीगी़ इज्तिमा शुक्रवार की अल सुबह से शुरू होने जा रहा

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चार रोजा़ आलमी तब्लीगी़ इज्तिमा शुक्रवार की अल सुबह से शुरू होने जा रहा है इसके मद्देनजर भोपाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं वही भोपाल यातायात पुलिस ने भी यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए एक यातायात प्लान तैयार किया है जिसमें यह खास ख्याल रखा गया है कि सभी रास्तों से आने वाले जमातिओं और उनके वाहनों को बिना किसी व्यवधान के  इज्तिमा स्थल तक पहुंचाया जा सके यातायात व्यवस्था का प्लान इस प्रकार है दिनांक-18.11.2022 से 21.11.2022 तक इज्तिमा का आयोजन घासीपुरा ईटखेडी में किया जा रहा है। इस दौरान यातायात, डायवर्सन एवं पार्किंग व्यवस्था निम्नानुसार रहेगीः-

(।) इज्तिमा में शामिल होने वाले वाहनों के लिए मार्ग एवं पार्किंग व्यवस्था –
01.    विदिशा की ओर से आने वाले दो पहिया वाहन लाम्बाखेडा बायपास चैराहा से पार्किंग क्रमांक-26,27,34,37 में एवं चार पहिया वाहन पार्किग क्र0-28, 29, 33, 35, 36, 38, 39, 40 में वाहन पार्क किये जायेगें।
02.    सीहोर, राजगढ़, की ओर से आने वाले दो पहिया वाहन मुबारकपुर चैराहा होकर मीना चैराहा बायपास से पार्किंग-2,3,16,19 में एवं चार पहिया वाहन पार्किग क्रमांक-01,04,05,06,07,08,09,10,17,18 में पार्क किये जायेगें।
03.    भोपाल शहर की ओर से आने वाले दो पहिया वाहन लाम्बाखेडा बायपास चैराहा होकर पार्किंग क्रमांक-14,20,21 में एवं चार पहिया वाहन पार्किंग क्र0-12, 13, 15, 22, 23, 24,25 में वाहन पार्क किये जायेगें।
04.    बैरसिया की ओर से आने वाले दो पहिया वाहन पार्किंग क्रमांक-31,42 में एवं चार पहिया वाहन पार्किंग क्र-32,41,43,44 में वाहन पार्क किये जायेगें।

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दिनांक-20.11.2022 को भारी एवं अन्य वाहनो के लिए डायवर्सन व्यवस्थाः-  
दिनांक-20.11.2022 को रात्रि 21ः00 बजे से भोपाल के सीमावर्ती जिलों से भोपाल शहर में सभी प्रकार के भारी माल वाहनों का प्रवेश पूर्वतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे समस्त भारी वाहन का डायवर्सन निम्नानुसार रहेगा।
01.    इंदौर, सीहोर की ओर से भोपाल की ओर आने वाले भारी मालवाहक ट्रक, ट्राला कंटेनर, आदि वाहन भोपाल की ओर प्रवेष नही पा सकेंगे। इन्हे भोपाल-सीहोर जिले की सीमा के पास इज्तिमा की समाप्ति तक रोका जावेगा या सीहोर पुलिस द्वारा उनके द्वारा नियत सड़क मार्ग से इक्छावर, बुधनी के रास्ते डायवर्ट किया जायेगा।
02.    गुना, व्यावरा (राजगढ़) की ओर से भोपाल की आने वाले वाहन भोपाल मेें प्रवेष नही पा सकेंगे इन्हे व्यावरा पर रोका जावेगा या कुरावर, ष्यामपुर, सीहोर के रास्ते परिवर्तित मार्ग पर भेजा जावेगा। 
03.    रायसेन, सलामतपुर एवं मण्डीदीप से आने वाले भारी वाहनों को भी मण्डीदीप, बिलखिरिया-रायसेन सीमा पर रोका जावेगा इन्हे कार्यक्रम समाप्ति के पष्चात् ही भोपाल सीमा में प्रवेष दिया जावेगा।
04.    विदिषा जिले से बैरसिया के रास्ते भी भारी मालयान वाहनों का भोपाल सीमा में प्रवेष नही  होगा।
05.    इन्दौर की ओर से आने वाले हल्के वाहन जो होशंगाबाद जाना चाहते हैं वे सीहोर से झागरिया, बडझीरी, रातीबढ, भदभदा, डीपो चैराहा, माता मंदिर, लिंक रोड नंबर-2, बीजेपी कार्यालय, मानसरोवर होते हुये मिसरोद रोड की ओर जा सकेंगे। 
06.    बैरसिया से भोपाल की ओर आने वाले आम यात्री वाहन गोलखेड़ी, राताताल, तारासेवनिया, परवलिया होकर भोपाल की ओर प्रवेष कर सकेंगें।
07.    कार्यक्रम के दौरान मुबारकपुर से पटेल नगर नया वायपास, गांधीनगर से अयोध्या नगर, रतनागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज रेल्बे स्टेषन आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय के सड़कों पर रहने के दौरान इन स्थानों पर आने वाले यातायात को आवष्यकतानुसार परिवर्तित मार्ग पर चलाया जावेगा।    

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भोपाल शहर मे आने वाली यात्री बसों का डायवर्सन-
सागर, छतरपुर, दमोह, रायोन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाडा, बेतूल की ओर से आने वाली बसें 11 मील, मीसरोद, आरआरएल तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी की ओर आवागमन कर सकेगें। आईएसबीटी से आगे यात्री बसों का नादरा बस स्टेण्ड की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इंदौर से भोपाल की ओर आने वाली बसें हलालपुर बस स्टैण्ड का उपयोग कर सकेंगी। इंदौर उज्जैन की ओर से आने वाली यात्री बसों का मार्ग खजूरी बायपास, बैरागढ़ से हलालपुर बस स्टैण्ड पर अपनी यात्रा समाप्त करेगीं। हलालपुर बस स्टैण्ड से आगे लालघाटी की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गुना, राजगढ़, ब्यावरा की ओर से आने वाली यात्री बसें श्यामपुर, परवलिया होते हुए मुबारकपुर बायपास से खजूरी सड़क, बैरागढ़ होकर हलालपुर बस स्टैण्ड की ओर आवागमन कर सकेगी। इन बसों का प्रवेश हलालपुर बस स्टैण्ड से लालघाटी की ओर प्रतिबंधित रहेगा। विदिशा की ओर से आने वाली यात्री बसें सूखी सेवानिया, चैपडा बायपास, से भानपुर चैराहा भानपुर रोटरी पर समाप्त होगीं। बैरसिया की ओर से आने वाली यात्री बसें गोलखेडी से तारासेवनिया, परवलिया रोड,  मुबारकपुर बायपास, खजूरी बायपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैण्ड पर समाप्त होगीं।

राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल/मुख्य रेल्वे स्टेशन भोपाल आवागमन-
भोपाल शहर से एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहन भदभदा चैराहा, निलबड, रातीबड, झागरिया रोड से खजूरी बाायपास, मुबारकपुर बायपास होकर एयरपोर्ट की ओर आवागमन कर सकेगें। भोपाल शहर से मुख्य रेल्वे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड क्र-02, बोर्ड आफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चैराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेट फार्म क्रंमाक-01 की ओर आवागमन कर सकेगें।
 

अस्पताल के कायाकल्प में लाखों खर्च, फिर भी नहीं बदली काया

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शिवपुरी ।   जिला अस्पताल में कायाकल्प के नाम पर अस्पताल प्रबंधन ने लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं लेकिन इसके बावजूद अस्पताल की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। यह हकीकत रोगी कल्यण समिति के सदस्यों द्वारा किए गए अस्पताल के निरीक्षण में सामने आई। अस्पताल की हालत पर रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने जमकर नाराजगी जाहिर की और इसके बाद सिविल सर्जन के समक्ष भी इस बात को रखा। रोगी कल्याण समिती के सदस्यों के अनुसार यह सुनकर सिविल सर्जन खुद को रोगी कल्याण समिती से भी ज्यादा महत्वपूर्ण काम बताकर वहां से चले गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में जाने से पूर्व रोगी कल्याण समिति के सदस्य संजय सांखला व छत्रपाल गुर्जर ने जिला अस्पताल की ओपीडी सहित अन्य कई यूनिट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में कई चैंबरों से ड्यूटी टाइम में भी डाक्टर नदारद मिले। बाथरूम के गेट टूटे हुए थे और कई चैंबरों के बाथरूम गंदे मिले। इस पर रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा एनसीडी में बैठने वाली नर्सेस के चैंबर के बाथरूम का गेट टूटा हुआ था। आरएसके के सदस्यों ने इस पर नर्सों से पूछा कि यह गेट टूटा हुआ है। क्या इसकी जानकारी आपने अस्पताल प्रबंधन को दी है? तो नर्सेस का कहना था कि वह लिखित में इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को काफी दिन पहले अवगत करा चुके हैं, लेकिन यह गेट सही नहीं हुआ है। सभी चैंबरों में दीवारें बेहद खराब हो रहीं थीं और उन पर सीलन की गंध आ रही थी। इस पर सदस्यों ने काफी नाराजगी जाहिर की और कहा कि अस्पताल प्रबंध ने अस्पताल के कायाकल्प के नाम पर लाखों रूपये कागजों में खर्च दर्शाया है लेकिन वास्तविकता में अस्पताल की काया नहीं बदल पा रही है। अस्पताल में मिली तमाम खामियों को लेकर जब दोनों सदस्य सिविल सर्जन डा आरके चौधरी के पास पहुंचे और उन्हें अस्पताल के हालातों से अवगत कराया। सदस्यों के अनुसार बताई गई समस्याओं पर जबाब देने की बजाय सिविल सर्जन चेम्बर से यह कहते हुए भाग गए कि उन्हें जरूरी काम है। सदस्यों का कहना है कि सिविल सर्जन के लिए रोगी कल्याण समिती और अस्पताल की समस्याओं से ज्यादा जरूरी काम क्या हो सकता है?

सबको एक्स-रे फिल्म दे रहे हो या नहीं

लंबे समय से अस्पताल में मरीजों को एक्स-रे फिल्म नहीं मिलने की शिकायत मिल रही थी, इसी के चलते उन्होंने रेडियोलाजी विभाग में जाकर वहां मौजूद स्टाफ से बात की। डाक्टर का कहना था कि डिजिटल फिल्म में थोड़ी परेशानी आ रही है। इस संबंध में सीएमएचओ आफिस से जानकारी लेने की बात कही। कुल मिलाकर डाक्टर ने कोई स्पष्ट जबाब नहीं दिया। उन्होंने सदस्यों से यह कहा कि फिलहाल तो हम सभी को एक्स-रे फिल्म दे रहे हैं। अगर खत्म हो जाएंगी तो दिक्कत आएगी।

बंद लिफ्ट को पंद्रह दिन खराब बताया

अस्पताल की एक लिफ्ट बंद मिली। बंद लिफ्ट के संबंध में जब उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारी से बात की तो कर्मचारी का कहना था कि यह लिफ्ट पंद्रह दिन से खराब हो गई है, जबकि वास्तविकता में वह लिफ्ट कभी चालू ही नहीं हुई है।

आरकेएस की मीटिंग में नहीं पहुंचे डाक्टर

जिला अस्पताल परिसर में बनने वाली केंटीन को लेकर रोगी कल्याण समिती की बैठक बुधवार को आयोजित की गई थी। इस बैठक में छत्रपाल सिंह गुर्जर, संजय सांखला, डा आरके चौधरी, डा आलोक श्रीवास्तव, डा अंजना जैन, इंजीनियर राम कुमार सिनोरिया, प्रभारी स्टीवर्ट सागर सोनी को उपस्थित होना था, लेकिन बैठक में डा आरके चौधरी, डा आलोक श्रीवास्तव सहित छत्रपाल सिंह गुर्जर और संजय सांखला ही उपस्थित हुए। शेष लोग बैठक में आए ही नहीं जो उनकी लापरवाही को दर्शाता है।

इनका कहना है

 हमने अस्पताल का निरीक्षण किया, निरीक्षण में काफी खामियां सामने आईं। गेट टूटे हुए थे, कई डाक्टर ड्यूटी टाइम में नदारद थे। अस्पताल की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च कर दिया गया है, लेकिन अस्पताल के हालात बदतर हैं। इस बारे मे हमने जब सिविल सर्जन से बात की तो वह वहां से खुद को जरूरी काम बताकर चले गए। उन्होंने अस्पताल की समस्याओं के निराकरण पर बात करना ही उचित नहीं समझा। 

संजय सांखला, सदस्य, आरकेएस

अभी कायाकल्प का काम पूरा नहीं हुआ है, अभी कायाकल्प का काम चल रहा है। जहां-जहां पर कमी रह गई है, हम उसे पूरा करवा लेंगे। मैं वहां से इसलिए चला गया था क्योंकि मुझे कोई दूसरा महत्वपूर्ण काम था।

डा आरके चौधरी, सिविल सर्जन

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग सिंह ने की निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा

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भोपाल : सचिव राज्य निर्वाचन आयोग  राकेश सिंह ने गुरूवार को निर्वाचन के लिए बाकी नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन तैयारियों की वीडियो कॉफ्रेंसिंग से समीक्षा की।  सिंह ने कहा कि सभी तैयारियाँ समय-सीमा में सुनिश्चित करें।

 सिंह ने बताया कि 5 जिलों के 19 नगरीय निकायों में आम निर्वाचन होना है। उन्होंने निकायवार निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की। सिंह ने कहा कि शेष पंचायतों में आम एवं उप निर्वाचन की पूरी जानकारी तुरंत भेजें। बैठक में जिलों से उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन अधीक्षक और नोडल अधिकारी आई.टी. शामिल हुए।

बैठक में निर्वाचन सामग्रियों की उपलब्धता और बजट आवंटन के संबंध में भी चर्चा की गयी। इस दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव  राजकुमार खत्री,  नवीत धुर्वे,  सुतेश शाक्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 

भाषाएँ जोड़ने का काम करती हैं : राज्य मंत्री परमार

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भोपाल : स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन से शिक्षा का स्वरूप बदल रहा है। नवाचार और पद्धतियों के अनुप्रयोग से एक-दूसरे राज्यों को समझने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 नए संदेश को समाहित कर शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन के साथ स्वाभिमान और आत्म-गौरव के भाव को पुनर्स्थापित करने का अवसर दे रही है।

राज्य मंत्री  परमार ने कहा कि देश के सभी शिक्षा बोर्ड समन्वय के साथ विद्यार्थी के समग्र मूल्यांकन पर विचार करें। शिक्षा बोर्ड के नवाचारों से एक-दूसरे राज्यों को लाभ मिलेगा। राष्ट्र को सकारात्मक दृष्टि से अग्रसर करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारतीय भाषाओं को महत्व दिया गया है।  परमार ने कहा कि भाषाएँ जोड़ने का काम करती हैं। एक दूसरे से संवाद करने एवं आत्मीयता से जुड़ने के भाव को जाग्रत करने में भाषा की अहम भूमिका है। मध्यप्रदेश भी अन्य राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं जैसे कन्नड़, तमिल, तेलगु आदि को शिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल करने की ओर कार्य कर रहा है।

राज्य मंत्री  परमार ने कहा कि सीएम राइज स्कूल योजना से मध्यप्रदेश में नई शिक्षा क्रांति का सूत्रपात होगा। इस सत्र में 370 सीएम राइज विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं और 9200 सर्वसुविधायुक्त सीएम राइज विद्यालय प्रदेश में खोले जायेंगे। विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थी के समग्र मूल्यांकन की दृष्टि से 5वीं एवं 8वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा लेने का निर्णय किया गया है।

राज्य मंत्री  परमार ने आज भोपाल में मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड एवं महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान द्वारा 17 से 19 नवम्बर तक आयोजित "काउंसिल ऑफ बोर्डस ऑफ स्कूल एजुकेशन" की 3 दिवसीय 51वीं वार्षिक कॉन्फ्रेन्स का शुभारंभ किया। उन्होंने काउंसिल आफ वोर्ड की पत्रिका "सहोदय" के विशेष संस्करण का विमोचन भी किया।

पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष  भरत बैरागी ने कहा कि राज्य सरकार सीएम राइज विद्यालय जैसे नवाचारों से शिक्षा व्यवस्था में आदर्श स्थापित कर रही है। संस्कृत भाषा के प्रति जन-मानस की धारणा परिवर्तित हो रही है। उन्होंने कहा की कोई भी भाषा कमतर नहीं है, लेकिन संस्कृत भाषा से अन्य भारतीय भाषाओं का प्रादुर्भाव हुआ है।

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा  रश्मि अरूण शमी ने विभिन्न राज्यों से आए शिक्षा बोर्ड के प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि कांफ्रेंस एक-दूसरे से सीखने और अनुभव साझा करने के लिए बेहतर अवसर है। हर राज्य में शिक्षा क्षेत्र में समान चुनौतियाँ होती हैं और उनके समाधान भी समान ही होते हैं। तीन दिवसीय कांफ्रेंस में होने वाली चर्चा से हम निर्धारित कर सकेंगे कि बच्चों को कैसे बेहतर शिक्षा देकर उनका बेहतर मूल्यांकन कर सकें।

कांफ्रेंस में नेपाल, यूएसए, मॉरिशस आदि देशों सहित भारत के 32 राज्य शिक्षा बोर्ड के लगभग 70 प्रतिनिधि सम्मिलित हो रहे हैं। कॉन्फ्रेन्स में ऑनलाइन एजुकेशन और कॉमन यूनिवर्सिटी इंट्रेन्स टेस्ट के आयोजन के विषयों सहित नवीन शिक्षा नीति के प्रकाश में विभिन्न अकादमिक विषयों पर चर्चा की जायेगी। सी.ओ.बी.एस.ई. एवं नागालैंड बोर्ड की अध्यक्ष  असानो सेहासो, महासचिव  एम.सी. शर्मा, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा  रश्मि अरूण शमी एवं आयुक्त लोक शिक्षण  अभय वर्मा, निदेशक मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड  प्रभात राज तिवारी सहित अधिकारी एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने पंजाब केसरी स्व. लाला लाजपत राय की पुण्य-तिथि पर नमन किया

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भोपाल : मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब केसरी स्वतंत्रता सेनानी स्व. लाला लाजपत राय की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने निवास कार्यालय सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोगा जिले में हुआ था।  लाला लाजपत राय,  बाल गंगाधर तिलक और  बिपिन चंद्र पाल को लाल-बाल-पाल के नाम से जाना जाता है। लाला लाजपत राय ने स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ मिल कर आर्य समाज को लोकप्रिय बनाया। देश के लिए उनकी निष्ठा और देश भक्ति सदैव अमर रहेगी।
 

Rashifal (18 नवंबर 2022) : कैसा रहेगा आपका आज का दिन, किस राशि की चमकेगी किस्मत

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Rashifal (Horoscope) 18 November 2022 : वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। हर राशि का स्वामी ग्रह होता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक 18 November 2022 का हाल…

मेष : आज आपको किसी भी निर्णय को बुद्धि विवेक से लेना होगा। व्यक्तिगत मामलों में आज आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। घर परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। आज आप भावनात्मक मामलों में सकारात्मकता बनाए रखें तो आपके लिए बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन जी रहे लोग आज साथी की बातों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें। विद्यार्थियों को परीक्षा में जीत मिलने से वह प्रसन्न रहेंगे। जो लोग नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें भी आज कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आज आप अपने घर परिवार में सुख सुविधाओं की कुछ वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।

वृष : आज का दिन आपके लिए किसी की कही-सुनी बातों पर भरोसा करने से बचना होगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे और आपको दिए गए सुझावों पर भी अमल करेंगे। आपको विनम्रता व विवेक से काम लेना होगा। यदि किसी बात पर आपको क्रोध आए,तो भी आपको धैर्य बनाए रखना होगा। आपकी वाणी की सौम्यता आज आपको मान सम्मान दिलाएगी। आपको आज जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य मिलने से काफी सारी समस्याएं हल होंगी। आपको आज किसी आवश्यक जानकारी के मिलने पर तुरंत उसे किसी से शेयर नहीं करना है।

मिथुन : आज का दिन आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएगा। आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने को मिल सकती है। आपका कोई मित्र आपके साथ छल कर सकता है,जिसे आपको अपनी चतुर बुद्धि का प्रयोग करके पहचानना होगा। कार्यक्षेत्र में आपके साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी। आप लोगों से मेलजोल बढ़ाने में कामयाब रहेंगे। भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा और आप किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं,लेकिन आपको आलस्य को दूर भगाकर आगे बढ़ना होगा। आपके किसी संपत्ति की प्राप्ति की अभिलाषा आज पूरी होगी। 

कर्क : आज का दिन आपके मान सम्मान में वृद्धि लेकर आएगा। आपको परिवार के किसी सदस्य से कोई वादा बहुत ही सोच विचार करना होगा। यदि आपने जीवनसाथी के लिए किसी नए व्यवसाय को करने का सोचा है, तो अभी कुछ समय रुकना बेहतर रहेगा। घर में आज अतिथि आगमन होने से आपका धन खर्च बढ़ सकता है। जनकल्याण की भावना बनी रहेगी। यदि किसी यात्रा पर जाएं, तो उसमें अपने कीमती सामानों की सुरक्षा अवश्य करें, नहीं तो उनके खोने व चोरी होने का भय बना हुआ है। कारोबार में तेजी आने से आप अच्छा लाभ आसानी से कमा पाएंगे। आज आप अपने संस्कारों पर पूरा जोर देंगे।

सिंह : आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से उत्तम रहने वाला है। आपकी साख चारों ओर फैलने से आपको खुशी होगी। नवविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए मेहमान की दस्तक हो सकती है। आप अपना एक अलग नजरिया बनाए रखेंगे और अपनी लंबित पड़ी हुई योजनाओं को फिर से शुरू कर सकते हैं। आप किसी सरकारी योजना का पूरा लाभ उठाएंगे। आप किसी काम को करने में निसंकोच आगे बढ़ेंगे,लेकिन आपको अपनी पिछली की गई गलती से सबक लेना होगा। यदि आपके ऊपर कुछ पुराना कर्ज है,तो आप उसे भी काफी हद तक उतारने में सफल रहेंगे।

कन्या : आज का दिन आपके सम्मान में वृद्धि लेकर आएगा। धर्म के कार्यों में आप पूरी रुचि दिखाएंगे। आपको किसी आवश्यक कार्य को जल्दबाजी में पूरा करना होगा,लेकिन परिवार के किसी सदस्य के करियर से संबंधित फैसला बहुत ही सोच विचार कर लें तो आपको लिए बेहतर रहेगा। कुछ खर्चों से आप परेशान रहेंगे। आपको अपने परिजनों का पूरा समर्थन मिलेगा। आपकी कोई पिछली की गई गलती से आपको सबक लेना होगा। किसी निवेश में आप उसकी पूरी जानकारी लेकर ही निवेश करें,तो बेहतर रहने वाला है। जो लोग धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़े हैं,उन्हें नाम व शोहरत कमाने का मौका मिलेगा।

तुला : आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको छोटे व्यापारियों को मन मुताबिक लाभ मिलने से उनकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा,लेकिन आज किसी को बिना मांगे सलाह देने से बचें। कार्यक्षेत्र में कुछ नई उपलब्धियां हासिल कर सकेंगे। प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में भी आप पूरी रुचि दिखाएंगे। आपको किसी काम को अपने अधिकारियों के नेतृत्व में करना बेहतर रहेगा,नहीं तो आपसे कोई गलती हो सकती है। आज आप धन-धान्य से भरपूर होने के कारण परिवार के किसी सदस्य से किए हुए वादे को आसानी से पूरा कर पाएंगे।

वृश्चिक : आज का दिन आपके पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि लेकर आएगा। कारोबार में उछाल आने से आपका करियर और चमकेगा। पैतृक संपत्ति संबंधित मामले में आप चुप्पी बनाए रखें,तो आपके लिए बेहतर रहने वाला है। आपको शासन-सत्ता का पूरा सहयोग मिलता दिख रहा है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार के पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ किसी शुभ मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं। ससुराल पक्ष के लोगों से आपको मान सम्मान मिलेगा,लेकिन आप किसी वाद विवाद में ना पड़े,तो आपके लिए बेहतर रहेगा और आप किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह मशवरा करके अपने कुछ समस्याओं को हल कर सकते हैं।

धनु : आज आप अध्यात्म के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और आपके कुछ लक्ष्य आपको नजर आएंगे,जिनको पूरा करने के लिए आप पूरी मेहनत करेंगे। यदि विद्यार्थियों ने किसी परीक्षा को दिया था,तो आज उसके परिणाम आ सकते हैं। आप धार्मिक गतिविधियों से जुड़कर नाम व शोहरत कमा सकते हैं। आप मित्रों के साथ किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। यदि सेहत में कुछ समस्या बनी हुई है,तो आज उसमें सुधार हो सकता है। घर परिवार में किसी पूजा पाठ में भजन कीर्तन आदि का आयोजन होने से परिजनों का आना जाना लगा रहेगा।

मकर : आज का दिन आपको जल्दबाजी में किसी भी कार्य को करने से बचना होगा और आपको घर परिवार में जिम्मेदारियों का बोझ उतना ही उठाना होगा,जितनी आप निभा सके और अक्समात आपको छोटी दूरी की यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आपको किसी भी जोखिम भरे काम में हाथ डालने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह मशवरा अवश्य करना होगा। आप बड़ों की बात सुने और उनकी बात का मान रखें,तभी आप कुछ अच्छे काम कर पाएंगे। कार्यक्षेत्र में स्थितियां सामान्य बनी रहेंगी। व्यवसाय में आप सूझबूझ दिखाकर आगे बढ़े,तभी आपको कुछ अच्छी डील फइनल करने को मिलेंगी।

कुंभ : आज का दिन गृहस्थ जीवन जी रहे लोगों के लिए दिन खुशनुमा रहेगा। अपने साथी का प्रेम और गहरा होगा और वह घूमने-फिरने जा सकते हैं,लेकिन पारिवारिक रिश्तों में आप सामंजस्य बनाए रखें। व्यवसाय में आपको लाभ अधिक मिलेगा। आप किसी भी आवश्यक कार्य को कल पर ना टालें,नहीं तो बाद में समस्या हो सकती है। आपको कुछ मोर्चों में सकारात्मक परिणाम मिलते दिख रहे हैं। साझेदारी में आपने यदि किसी व्यवसाय को किया हुआ है,तो उसमें आप अच्छा लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे,लेकिन आपके कुछ निजी मामले कानून में चल रहे हैं,तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।

मीन : आज का दिन आपके लिए मेहनत भरा रहेगा। आपको कार्यक्षेत्र में किसी दूसरे के बीच बोलने से बचना होगा,नहीं तो उन्हे अधिकारियों से डाटं खानी पड़ सकती है। आप आज यदि अपने बजट पर ही चलेंगे,तो आप कुछ सेविंग करने में भी कामयाब रहेंगे। आपको अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाना होगा,नहीं तो समस्या आ सकती है। नौकरी में कार्यरत लोग अपनी मेहनत व लगन से आगे बढ़ेंगे। आपको अपनी वाणी से कुछ भी तर्कशील बातें करने से बचना होगा। घर परिवार में आप लोगों का भरोसा जीत जीत सकते हैं,लेकिन आप किसी के साथ भ्रम और बहकावे में ना आए,नहीं तो वह आपका फायदा उठा सकता है।

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