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बड़वानी जिले में खोदाई में मिली भगवान कुबेर की प्राचीन मूर्ति

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बड़वानी ।   बड़वानी जिले के मंडवाड़ा के पास ग्राम सुराणा में खोदाई में प्राचीन मूर्ति निकली है। बताया जा रहा है यह मूर्ति भगवान कुबेर की है। मूर्ति निकलने की सूचना पर आसपास गांवों के लोग बड़ी संख्या में यहां पर एकत्रित हो गए। मूर्ति को लेकर चारों ओर चर्चा का माहौल गर्मा गया। लोगों ने मूर्ति के दर्शन किए और फोटो मोबाइल में खींचे। जानकारी के अनुसार ग्राम सुराणा में हाईस्कूल के पीछे कुंडी नदी में जेसीबी से खोदाई के दौरान यह मूर्ति निकली। वहीं पुरातत्व विभाग के स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार यह मूर्ति भगवान धनकुबेर की है। हालांकि मूर्ति को लेकर जांच की जा रही है।मंडवाड़ा के समीप ही ब्राह्मणगांव में पूर्व में नर्मदा नदी से आकर्षक शिवलिंग निकला था। इसकी चर्चाएं इंटरनेट मीडिया पर खासी रही थी। गौरतलब है कि समय-समय पर इस क्षेत्र में खोदाई व नदी के गर्भ से प्राचीन मूर्तियां निकलती रहती है।

800 वर्ष पुरानी है मूर्ति

इतिहासकारों के अनुसार खोदाई में निकली यह मूर्ति करीब 800 वर्ष पुरानी परमारकालीन है। अमूमन उस समय के शिव मंदिरों के बाहर यह प्रतिमा उकेरी जाती थी। इस प्रतिमा का वजन दो टन के लगभग है। हालांकि मूर्ति की कार्बन जांच भी कराई जाएगी।

अमेरिकी उप विदेश मंत्री ने की भारतीय विदेश सचिव से मुलाकात..

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अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शरमन अपनी भारत यात्रा के दौरान आज भारतीय विदेश सचिव अंब विनय मोहन क्वात्रा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों प्रतिनिधियों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शरमन ने ट्वीट भी किया और लिखा कि भारतीय विदेश सचिव अंब विनय मोहन क्वात्रा से शानदार मुलाकात हुई। हम अमेरिका-भारत संबंधों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा पूरे भारत-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया में हमारी सुरक्षा एवं क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।  

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पत्रकारिता की छात्रा से अश्लील हरकत़, दो गुटों में जमकर मारपीट

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भोपाल ।   माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय (एमसीयू) परिसर में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। हंगामे का कारण एक जूनियर छात्र था। उसने एक छात्रा के साथ अश्लील हरकत कर दी। इसको लेकर कालेज परिसर में छात्रों ने बवाल कर दिया। इस बात को लेकर जूनियर और सीनियर दोनों पक्ष एक दूसरे के सामने आ गए। दोनों ही तरफ से मारपीट की गई। पीड़ित छात्रा का कहना है कि छात्र ने अश्लील फब्तियां कसी तो उसका विरोध किया था। उसके बाद दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। शाम को दोनों पक्ष एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर आरोपित छात्र समेत एक अन्य पर छेड़छाड़, मारपीट, गाली-गलौच समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं छात्र की शिकायत पर चार छात्रों के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश भदौरिया के मुताबिक 23 वर्षीय रचना (परिवर्तित नाम) ने पुलिस को बताया कि वह माखनलाल पत्रकारिता विवि में प्रथम वर्ष की छात्रा है। सोमवार दोपहर करीब साढ़े 3 बजे वह कालेज परिसर में थी। तभी छात्र रामकृष्ण गोस्वामी ने उसे देखकर अश्लील फब्तियां कसने लगा। जब छात्रा ने आरोपित छात्र की इस अश्लील हरकत का विरोध किया तो वह बहस करने लगा। गाली-गलौच शुरू कर दी। इस पर कुछ देर बाद छात्रा के सहपाठी छात्र आ गए। थोड़ी देर में ही आरोपित छात्र और छात्रा की तरफ के छात्रों में मारपीट शुरू हो गई। दोनों से जमकर लात मुक्के चल गए। इससे दोनों पक्षों को मामूली चोटें आई हैं। इधर, रामकृष्ण ने पुलिस को बताया कि उसने कोई अश्लील फब्तियां नहीं की थी। मेरे साथ राहुल, आदित्य, दिव्यांश और अनिरुद्ध ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की है। दोनों ने दोनों पक्षों का मेडिकल कराया। इसके बाद मामले में दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया है।

दोपहर से शाम तक कालेज में डटे रहे छात्र

कालेज परिसर में दोपहर से हंगामा शुरू हुआ तो वह शाम तक चलता रहा। दोनों ही तरफ के छात्र एक दूसरे पर जमकर आरोप और गाली गलौच करते नजर आ रहे थे। बाकी छात्र मूकदर्शक बने हुए थे। कालेज प्रबंधक ने छात्रों को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन दोनों पक्ष प्रबंधन की बात सुनने को तैयार नहीं थे। बाद में पूरा मामला थाने पहुंच गया।

कुलपति ने गठित की जांच समिति

एमसीयू के न्यू मीडिया टेक्नोलाजी विभाग और पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों के बीच हुई झड़प। इधर मामले पर संज्ञान लेने हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी 11 नवंबर को अपनी जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

समिति में ये हैं शामिल

विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष इलेक्ट्रानिक मीडिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीकांत सिंह, सदस्य के तौर पर जनसंपर्क एवं विज्ञापन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पवित्र श्रीवास्तव, कंप्यूटर विभाग के प्रोफेसर मनीष माहेश्वरी व पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्ष डा. आरती सारंग शामिल हैं। इन्हें चार दिन में रिपोर्ट कुलपति को सौंपनी हैं।

यह था मामला

विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में दोपहर करीब तीन बजे पत्रकारिता विभाग के फाइनल ईयर एक छात्र ने न्यू मीडिया टेक्नोलाजी विभाग की एमएससी की छात्रा को रोकते हुए उससे छेड़छाड़ की। इतना ही नहीं, छात्रा द्वारा इसका विरोध करने पर छात्र ने छात्रा को लात भी मारी। इस बात का पता जब छात्रा के दोस्तों को पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। इस पर छेड़छाड़ करने वाले छात्र और उसके साथियों ने मिलकर दूसरे गुट के छात्रों की बेल्ट से जमकर पिटाई कर दी। हिंसक टकराव के बाद दोनों गुट एमपी नगर थाने पहुंच गए और एफआइआर दर्ज कराई।विद्यार्थियों के दो गुटों के बीच किसी मामले को लेकर विवाद हो गया। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। समिति 11 नवंबर को रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

– प्रो. केजी सुरेश, कुलपति, एमसीयू

कार्तिक पूर्णिमा पर आज वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण, शाम को खुलेंगे मंदिरों के पट

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इंदौर    देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण रहेगा। इसके चलते दिनभर मंदिरों के पट दर्शन-पूजन के लिए बंद रहेंगे। शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया होगी। इसके बाद देव दीपावली का उल्लास छाएगा और दीप सज्जा की जाएगी। इंदौर के लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में 10 हजार दीपों से सज्जा होगी और रंगारंग आतिशबाजी की जाएगी। खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि ग्रहण के चलते मंदिर 8 नवंबर को 13 घंटे बंद रहेगा। इस अवधि में अन्नक्षेत्र और प्रसाद की दुकानें भी बंद रहेंगी। ग्रहण का सूतक काल सुबह 6.39 बजे शुरू होगा और समाप्ति शाम 6.19 बजे होगी। ग्रहण के दौरान भगवान का अभिषेक, पूजन, भोग, आरती और स्पर्श करना निषेध है। इस दौरान मंत्र जाप करना लाभकारी माना गया है। ज्योतिर्विद् कान्हा जोशी के मुताबिक, ग्रहण का स्पर्श दोपहर 2.43 होगा। इंदौर में ग्रहण शाम 5.43 से 6.19 तक रहेगा।

रात 9 बजे खुलेंगे पट, होगा दीपदान

लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में रात 9 बजे मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए खुलेंगे। इससे पहले रात 8 बजे से 10 हजार दीपों की सज्जा की शुरुआत होगी। इसके साथ ही रंगारंग आतिशबाजी की जाएगी। नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामीजी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि देव दीपावली के दिन दीपदान का विशेष महत्व है। इस दिन देवता धरती पर दीपावली मनाने आते हैं। इस वर्ष चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद देवस्थान को पानी से धोया जाएगा। साथ ही एकांत में भगवान का महाभिषेक और भगवान के सभी विग्रह को भी स्नान कराया जाएगा। तत्पश्चात प्रभु का श्रृंगार कर भोग लगाकर रात 9 बजे पट खोलकर महाआरती की जाएगी।

अहिल्यामाता गोशाला में विशेष प्रबंध

केशरबाग रोड स्थित अहिल्या माता गोशाला पर चंद्र ग्रहण को देखते हुए शाम 7 बजे से दीपदान, गोपूजन एवं गोसेवा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। गोशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष रवि सेठी ने बताया कि चंद्र ग्रहण के समापन के बाद स्नान आदि से निवृत्त होकर कार्तिक पूर्णिमा का दीपदान होगा। गोमाता के पवित्र गोबर के दीपक, शुद्ध तेल, बाती, एवं पूजन सामग्री सहित विद्वान पंडित यहां आम गोभक्तों के लिए निश्शुल्क उपलब्ध रहेंगे। भजन संध्या भी होगी।

नदी में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली, 4 की मौत, 20 से ज्यादा घायल

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दतिया | रतनगढ़ वाली माता के दर्शन कर लौट रहे भक्तों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई। इसमें चार लोगों की मौत हो गई, वहीं 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों को दतिया और ग्वालियर के अस्पतालों रेफर कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश के दतिया जिले में सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई। इससे चार लोगों की मौत हो गई, वहीं 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों को दतिया और ग्वालियर के अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है। ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार लोग रतनगढ़ माता मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे।

जानकारी के अनुसार हादसा दतिया जिले में हुआ है। बताया गया कि सोमवार सुबह भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र के जाखोली बिंडवा गांव के कुशवाह परिवार और क्षेत्र के अन्य लोग माता के जवारे लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर रतनगढ़ माता मंदिर गए थे। वहां, से शाम करीब 7:30 बजे दबोह लौट रहे थे। रास्ते में सेवढ़ा सनकुआं सिंध नदी का पुराना छोटा पुल पड़ता है। यहीं से गुजरते समय ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित हो गई और नदी में जा गिरी। ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। ट्रॉली में सवार लोग चिल्लाने लगे। जिसके बाद आसपास के लोग बचाव के लिए दौड़े। कुछ समय बाद ही मौके पर पुलिस पहुंच गई।

बताया गया कि ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों समेत करीब 30 लोग सवार थे। प्रशासन ने भी तीन मौत की पुष्टि की है। उनकी पहचान ऊषा कुशवाह, कस्तूरी कुशवाह एवं गब्बर कुशवाह के रूप में हुई है। चारों मृतक दबोह लहार क्षेत्र के निवासी हैं। 21 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन्हें दतिया जिला अस्पताल और ग्वालियर भेजा गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली गिरी, वह नदी के किनारे का स्थान था और वहां पानी नहीं था। अन्यथा कई और लोगों की जान जा सकती थीं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। रात का समय होने से मौके पर बचाव कार्य में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय कुमार व सेवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस व प्रशासन की ओर से बचाव कार्य आरंभ किया गया।

 

T20 World Cup: सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा हुए चोटिल

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टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 10 नवंबर को होने वाले सेमीफाइनल मैच से पहले एडिलेड में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। अभ्यास सत्र के दौरान भारतीय कप्तान रोहित शर्मा चोटिल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उनके दाहिने हाथ में चोट लगी है। हालांकि यह चोट कितनी गंभीर है, इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

चोट लगते ही छोड़ी प्रैक्टिस,आइस पैक लगाकर बैठे

रोहित को नेट पर थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट एस रघु अभ्यास करवा रहे थे। इसी दौरान एक गेंद उनके दाहिने हाथ पर लगी। चोट लगते ही रोहित शर्मा ने तुरंत बल्लेबाजी प्रैक्टिस रोक दी। चोट लगने के बाद रोहित आइस पैक लगाकर बैठे हुए नजर आए। रोहित शर्मा के हाव-भाव से साफ पता चल रहा है कि वे काफी दर्द में थे।

चोट गंभीर हुई तो टीम इंडिया के लिए खड़ी हो सकती हैं मुश्किलें

अगर कप्तान रोहित शर्मा की चोट गंभीर हुई तो इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल से पहले ये टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। हालांकि, रोहित ने कुछ देर बाद नेट पर वापसी की और कुछ गेंदों का सामना किया। इससे ऐसा लग रहा है कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है। प्रैक्टिस सेशन के बाद रोहित का टेस्ट हो सकता है। उसके बाद ही चोट के बारे में विस्तार से पता लग पाएगा।

सेमीफाइनल में इंग्लैंड से है मुकाबला

भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगी। यह मुकाबला 10 नवंबर को एडिलेड में खेला जाएगा। भारतीय टीम सुपर-12 में ग्रुप-2 में शीर्ष पर थी। उसने पाकिस्तान, नीदरलैंड, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत हासिल की थी। उसके पांच मैचों में आठ अंक थे। टीम इंडिया को टूर्नामेंट में एकमात्र हार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली थी।

त्रिपुरारी पूर्णिमा क्यों कहते हैं कार्तिकी पूनम को?

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Kartik Purnima 2022: कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिकी पूनम भी कहते हैं। इस दिन देव दिवाली रहती है। इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। 8 नवंबर 2022 को कार्तिक पूर्णिमा यानी देव दिवाली के दिन चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इस दिन श्री हरि विष्णुजी की पूजा के साथ ही शिवजी और हनुमानजी की पूजा भी की जाती है। आओ जानते हैं कि क्यों कहते हैं इसे त्रिपुरी पूर्णिमा।
कार्तिक पूर्णिमा का 4 घटनाओं से खास संबंध है। पहला इस दिन मत्स्य अवतार हुआ था, दूसरा तुलसी का प्राकट्य दिवस है, तीसरा श्रीकृष्ण जी को इस दिन आत्मबोध हुआ था और चौथा भगवान शिवजी ने त्रिपुरासुर का वध किया था।

देवता क्यों मनाते हैं यह दिवाली : भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध करके देवताओं को भय से मुक्ति कर पुन: स्वर्ग का राज्य सौंप दिया था। इसी की खुशी में देवता लोग गंगा और यमुना के तट पर एकत्रित होकर स्नान करते हैं और खुशी में दिवाली मनाते हैं। इसलिए इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं।

पौराणिक कथा : पौराणिक कथा के मुताबिक तारकासुर नाम का एक राक्षस था। उसके तीन पुत्र थे – तारकक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली…भगवान शिव के बड़े पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया।

 
अपने पिता की हत्या की खबर सुन तीनों पुत्र बहुत दुखी हुए। तीनों ने मिलकर ब्रह्माजी से वरदान मांगने के लिए घोर तपस्या की। ब्रह्माजी तीनों की तपस्या से प्रसन्न हुए और बोले कि मांगों क्या वरदान मांगना चाहते हो। तीनों ने ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान मांगा, लेकिन ब्रह्माजी ने उन्हें इसके अलावा कोई दूसरा वरदान मांगने को कहा।

तीनों ने मिलकर फिर सोचा और इस बार ब्रह्माजी से तीन अलग नगरों का निर्माण करवाने के लिए कहा, जिसमें सभी बैठकर सारी पृथ्वी और आकाश में घूमा जा सके। एक हज़ार साल बाद जब हम मिलें और हम तीनों के नगर मिलकर एक हो जाएं, और जो देवता तीनों नगरों को एक ही बाण से नष्ट करने की क्षमता रखता हो, वही हमारी मृत्यु का कारण हो। ब्रह्माजी ने उन्हें ये वरदान दे दिया।

तीनों वरदान पाकर बहुत खुश हुए। ब्रह्माजी के कहने पर मयदानव ने उनके लिए तीन नगरों का निर्माण किया। तारकक्ष के लिए सोने का, कमला के लिए चांदी का और विद्युन्माली के लिए लोहे का नगर बनाया गया। तीनों ने मिलकर तीनों लोकों पर अपना अधिकार जमा लिया। इंद्र देवता इन तीनों राक्षसों से भयभीत हुए और भगवान शंकर की शरण में गए। इंद्र की बात सुन भगवान शिव ने इन दानवों का नाश करने के लिए एक दिव्य रथ का निर्माण किया।

इस दिव्य रथ की हर एक चीज़ देवताओं से बनी। चंद्रमा और सूर्य से पहिए बने। इंद्र, वरुण, यम और कुबेर रथ के चाल घोड़े बने। हिमालय धनुष बने और शेषनाग प्रत्यंचा बने। भगवान शिव खुद बाण बने और बाण की नोक बने अग्निदेव। इस दिव्य रथ पर सवार हुए खुद भगवान शिव। भगवानों से बनें इस रथ और तीनों भाइयों के बीच भयंकर युद्ध हुआ। जैसे ही ये तीनों रथ एक सीध में आए, भगवान शिव ने बाण छोड़ तीनों का नाश कर दिया। इसी वध के बाद भगवान शिव को त्रिपुरारी कहा जाने लगा। यह वध कार्तिक मास की पूर्णिमा को हुआ, इसीलिए इस दिन को त्रिपुरी पूर्णिमा नाम से भी जाना जाने लगा।
 

कार्तिक पूर्णिमा, गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त, नियम और इस दिन का महत्व जानें

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Kartik Purnima 2022: कार्तिक पूर्णिमा 8 नवंबर, 2022, मंगलवार (Kartik Purnima 2022 Date) को है. हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदी में स्नान का विशेष महत्व माना गया है.

मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर देवता पृथ्वी पर आकर गंगा में स्नान करते हैं इसलिए इस दिन गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए. गंगा स्नान संभव न हो तो पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए. साथ ही इस दिन दान भी अवश्य करना चाहिए. जानिए कार्तिक पूर्णिमा 2022 स्नान, दान का शुभ मुहूर्त (Kartik Purnima 2022 Snan, Daan Shubh Muhurat) क्या है? इस दिन का महत्व, नियम और मान्यताएं जान लें.

कार्तिक पूर्णिमा तिथि, स्नान, दान का शुभ मुहूर्त (Kartik Purnima 2022 Snan, Daan Shubh Muhurat)

कार्तिक पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: पूर्णिमा तिथि 07 नवंबर 2022 को शाम 04 बजकर 15 मिनट पर शुरू हो रही है.

कार्तिक पूर्णिमा तिथि समाप्त: 08 नवंबर को शाम 04 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी.

कार्तिक पूर्णिमा तिथि स्नान का शुभ मुहूर्त- शाम 04 बजकर 31 मिनट तक है.

कार्तिक पूर्णिमा 2022 दान करने का शुभ समय 8 नवंबर को सूर्यास्त से पहले तक है.

कार्तिक पूर्णिमा दीप दान का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में किसी नदी या तालाब में दीपदान करने का विशेष महत्व है. इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किसी नदी या तालाब में दीपक प्रज्वलित करें. मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीप दान करने से घर में खुशहाली व सुख-समृद्धि आती है.

कार्तिक पूर्णिमा के दिन करें इन चीजों का दान

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदी में स्नान का विशेष महत्व माना गया है.

मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर देवता पृथ्वी पर आकर गंगा में स्नान करते हैं इसलिए इस दिन गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए.

गंगा स्नान संभव न हो तो पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए.

इसी दिन क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र का दान करना शुभ होता है.

पूर्णिमा तिथि पर चावल का दान करना बहुत ही शुभ माना गया है.

ज्योतिष के अनुसार पूर्णिमा तिथि पर दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. घर में सुख और लक्ष्मी का वास होता है.

 

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा वर्षभर की पवित्र पूर्णमासियों में से एक है. इस दिन किये जाने वाले दान-पुण्य के कार्य विशेष फलदायी होते हैं. यदि इस दिन कृतिका नक्षत्र पर चंद्रमा और विशाखा नक्षत्र पर सूर्य हो तो पद्मक योग का निर्माण होता है, जो कि बेहद दुर्लभ है. वहीं अगर इस दिन कृतिका नक्षत्र पर चंद्रमा और बृहस्पति हो तो, यह महापूर्णिमा कहलाती है. इस दिन संध्याकाल में त्रिपुरोत्सव करके दीपदान करने से पुनर्जन्म का कष्ट नहीं होता है.
 

चाणक्य के अनुसार देश के युवाओं में होना चाहिए 10 खूबियां

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युवाओं की शक्ति से ही देश बनता और बिगड़ता है। जिस देश का युवा गुमराह कर दिया गया है वह देश को बर्बाद करने में ज्यादा समय नहीं लगाएगा।
विदेशी विचारधारा और फैशन के चलते आज का युवा भटक गया है। चाणक्य कहते हैं कि देश को संवारने, संभालने और सुंदर बनाने के लिए युवाओं की शक्ति की जरूरत होती है। ऐसे में युवाओं में 10 खूबियां रहना चाहिए।
1. वासना : युवाओं को काम की भावना से दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह प्रगति में बाधक ही नहीं जीवन बर्बाद करने की क्षमता भी रखती है। यह जीवन पर नकारात्मक असर डालती हैं और इससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य भी खराब हो जाता है। युवाओं का जीवन एक तपस्वी की भांति होना चाहिए।

2. गुस्सा : क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है। यह व्यक्ति को बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है। सोचने समझने की शक्ति नष्ट हो जाती है। ऐसे में निर्णय क्षमता भी खतम हो जाती है। युवाओं को क्रोध को खुद पर हावी नहीं होने देने चाहिए। उसका उपयोग करते याद होना चाहिए।

3. सुस्ती : चाणक्य के अनुसार आलस्य या सुस्ती व्यक्ति की उन्नति में बाधक है। किसी भी कार्य के प्रति आलस्य दिखाने से समय तो बर्बाद होगा ही आपकी सफलता में रुकावट भी आ जाएगी। युवाओं को आलस्य का त्याग करके हर काम सक्रिय रहते हुए अनुशासन के सात करना चाहिए, ताकि आलस्य जैसा शत्रु उनकी उन्नति में बाधा न बने।

4. शराब, सिगरेट और तंबाकू : चाणक्य कहते हैं कि नशा चाहे किसी भी चीज का हो यह युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बर्बाद कर सकता है। नशे की लत युवाओं को गलत काम करने को मजबूर कर देती है। और वे अपने साथ अपने संबंधियों को भी मुश्किल में डाल देते हैं। चाणक्य कहते हैं कि इनसे दूर रहें।

5. बुरे लोगों की संगत : जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे त्याग देने में ही भलाई है। चाणक्य कहते हैं कि वह मित्र उस बर्तन के समान है, जिसके ऊपर के हिस्से में दूध लगा है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है। चाणक्य कहते हैं कि संगत आदमी के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जहां अच्छे लोगों का साथ आपको सफलता के मार्ग पर ले जा सकता है, वहीं बुरे लोगों के बीच में बैठना आपके जीवन को कष्टों से भर सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी संगत सोच-समझकर चुननी चाहिए।

6. लापरवाही : जोश में होश खो देने के कारण कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। किसी भी कार्य को करने में लापरवाही नहीं बरतना चाहिए। कई बार लापरवाही जीवन में बहुत भारी पड़ जाती। जिसका खामियाजा उन्हें बाद में उठाना पड़ता है। चाणक्य के अनुसार, कोई भी काम करने से पहले किसी अनुभवी इंसान से सलाह जरूर ले लेना चाहिए और उस कार्य को सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

7. लोभ : कहते हैं कि लालच बुरी बला। चाणक्य कहते हैं कि युवाओं को लालची या लोभी बनने से बचना चाहिए। यह आदत आपके लक्ष्य में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

8. सज धज : श्रृंगार युवाओं को भटकाता है। साफ सुधरे बने रहना अच्छी बात है लेकिन हर समय साज-सज्जा, श्रृंगार करने वाले युवाओं का मन अध्ययन से विलग होकर अन्य कहीं भटकता रहता है। अत: युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए।

9. आमोद प्रमोद, मनोविनोद : मनोरंजन हमारे मन को हल्का करता है, लेकिन अनावश्यक और अति मनोरंजन नुकसानदायक है। मनोरंजन उतना ही करें जितना जरूरी हो। अधिक मनोरंजन से युवा शक्ति का ह्रास होता है। दिनभर वॉट्सप, फेसबुक, इंटरनेट, फिल्म, टिवी आदि में ही रमे रहने से जरूरी कार्य और अवसर हाथ से निकल जाते हैं।

10. टाइम : चाणक्य नीति के अनुसार युवाओं को वक्त की कीमत जाननी चाहिए। जीवन में उन्हीं लोगों को लक्ष्य प्राप्त करने में सफलता प्राप्त होती है जो समय के महत्व को समझते हैं। जो समय का लाभ उठाने के लिए तैयार रहते हैं, वे ही अपने लक्ष्यों को पूरा कर पाने में सक्षम होते हैं। इसीलिए हर कार्य समय पर करें दीर्घसूत्री न बनें।
 

अज्ञान का आवरण

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गुरू के पास डंडा था। उस डंडे में विशेषता थी कि उसे जिधर घुमाओ, उधर उस व्यक्ति की सारी खामियां दिखने लग जाएं। गुरू ने शिष्य को डंडा दे दिया। कोई भी आता, शिष्य डंडा उधर कर देता। सब कुरूप-ही-कुरूप सामने दीखते। अब भीतर में कौन कुरूप नहीं है? हर आदमी कुरूप लगता। किसी में प्रोध ज्यादा, किसी में अहंकार ज्यादा, किसी में घृणा का भाव, किसी में ईष्र्या का भाव, किसी में द्वेष का भाव, किसी में वासना, उत्तेजना। हर आदमी कुरूप लगता। बड़ी मुसीबत, कोई भी अच्छा आदमी नहीं दिख रहा है।  
उसने सोचा, गुरूजी को देखूं, कैसे हैं? गुरू को देखा तो वहां भी कुरूपता नजर आई। गुरू के पास गया और बोला कि महाराज! आप में भी यह कमी है। गुरू ने सोचा कि मेरे अस्त्रों का मेरे पर ही प्रयोग! गुरू आखिर गुरू था। उसने कहा कि डंडे को इधर-उधर घुमाते हो, कभी अपनी ओर भी जरा घुमाओ। घुमाकर देखा तो पता चला कि गुरू में तो केवल छेद ही थे, यहां तो बड़े-बड़े गड्ढे हैं। वह बड़े असमंजस में पड़ गया।  
कहने का अर्थ यह कि हमारी इन्द्रियों की शक्ति सीमित है। दूर की बात नहीं सुन पाते। भीतर की बात नहीं देख पाते। बहुत अच्छा है, अगर कान की शक्ति बढ़ जाए तो आज की दुनिया में इतना कोलाहल है कि नींद लेने की बात ही समाप्त हो जाएगी। देखने की शक्ति बहुत पारदर्शी बन जाए तो इतने बीभत्स दृश्य हमारे सामने आएंगे कि फिर आदमी का जीना ही मुश्किल हो जाएगा। कुरूपता तो चेतना के भीतर होती है। प्रकृति की विशेषता है कि हमारा अज्ञान का आवरण टूट नहीं पा रहा है।

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