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Kapoor Watch Company पर आयकर विभाग का छापा..

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55 साल पुरानी कपूर वॉच कंपनी में आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है।  बता दें कि हाल ही में फिल्म स्टार रणवीर कपूर ने कपूर वॉच कंपनी की ओर से आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में भारत के पहले सीमित-संस्करण फ्रेंक मुलर वेरिएंट का अनावरण किया। 

सूत्रों के अनुसार मंगलवार को आयकर विभाग की ओर से कंपनी के करीब 20 परिसरों में छापेमारी शुरू की गई है। कपूर वॉच कंपनी आधिकारिक रोलेक्स खुदरा विक्रेताओं के एक विश्वव्यापी नेटवर्क का हिस्सा है जिसे रोलेक्स घड़ियों को बेचने और बनाए रखने की अनुमति है। कपूर वॉच कंपनी ऑडेमर्स पिगुएट, बीवलगारी, कार्टियर, ओमेगा और टैग ह्यूअर ब्रांड की भारतीय रिटेलर भी है। सूत्रों के मुताबिक इस तलाशी में प्रोमोटर्स के सभी शोरूम और परिसर शामिल हैं।

प्रदेश के स्‍थापना दिवस के मौके पर सीएम शिवराज ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, की यह अपील

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भोपाल ।   मध्‍य प्रदेश आज अपना 67वां स्‍थापना दिवस मना रहा है। इस गौरवशाली क्षण में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि कभी अपना मध्‍य प्रदेश बीमारू था मध्यप्रदेश, लेकिन अब हम तेज गति से आगे बढ़े हैं। इस साल मध्य प्रदेश की आर्थिक विकास दर 19.76% है। बीमार से सुचारू, और अब आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमारा मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर आपसे यही प्रार्थना है कि मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास में आप अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की कृपा करें। हम सबका प्राणों से प्यारा प्रदेश प्रगति एवं उन्नति की नई ऊंचाइयों का स्पर्श करे, हम सब मिलकर इस संकल्प की सिद्धि के लिए कार्य करें, आज के इस शुभ अवसर पर यह प्रण करें। मुख्‍यमंत्री शिवराज ने कहा मध्यप्रदेश स्वच्छता के साथ-साथ विकास एवं जनता की सेवा के क्षेत्र में भी नित नये प्रतिमान गढ़ रहा है। यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि देश के अनेक राज्य मध्यप्रदेश की योजनाओं का अनुसरण कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की बेटियां खेल, व्यापार, कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अप्रतिम सफलता से प्रदेश एवं देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। मेरे बच्चो, आपकी प्रगति एवं उन्नति से ही प्रदेश का गौरव बढ़ेगा। सबको शिक्षा, रोजगार के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, ताकि नागरिकों का जीवन सानंद व्यतीत हो। इस ध्येय की प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध प्रयास कर रहा हूं। नागरिकों की खुशहाली और समृद्धि में ही प्रदेश का सम्पूर्ण विकास निहित है। आज मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर संकल्प लें कि अपने नागरिक कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करते हुए प्रदेश एवं देश की प्रगति में योगदान देंगे। मैं भी आपको वचन देता हूं कि मध्यप्रदेश को देश का श्रेष्ठतम राज्य बनाकर ही विराम लूंगा।

लाल परेड ग्राउंड पर होंगे आकर्षक कार्यक्रम, संगीतकार शंकर, एहसान और लॉय समूह देंगे प्रस्‍तुति

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भोपाल ।   मध्‍य प्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड भोपाल में होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। सुप्रसिद्ध तीन संगीतकार शंकर, एहसान और लॉय समूह द्वारा बैंड प्रस्तुति और जानीमानी कोरियोग्राफर सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी का साथी कलाकारों के साथ नृत्य नाटिका “शिव महात्म्य” का कार्यक्रम देखने का राजधानी के नागरिकों में उत्साह निर्मित हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस समारोह पर सभी कार्यक्रमों को सुचारू रूप से किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल जिला प्रशासन, संस्कृति और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान को बताया गया कि मुख्य समारोह सहित अन्य गतिविधियों के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी हो गई हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर हुई आकर्षक विद्युत सज्जा

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री निवास में विशेष विद्युत सज्जा की गई। मुख्यमंत्री निवास के मुख्य भवन सहित अन्य कार्यालय कक्षों को भी सजाया गया। उद्यानों और बाहरी द्वार एवं भवन के भीतरी मार्गों पर भी आकर्षक विद्युत सज्जा की गई।

शिबाशीष सरकार ने रिलायंस एंटरटेनमेंट स्टूडियोज और Risee एंटरटेनमेंट को 11.58 अरब रुपये में खरीदा

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भारतीय मीडिया मुगल शिबाशीष सरकार द्वारा पिछले साल लॉन्च की गई विशेष प्रयोजन अधिग्रहण कंपनी (SPAC) इंटरनेशनल मीडिया एक्विजिशन कॉर्प ने रिसी एंटरटेनमेंट और रिलायंस एंटरटेनमेंट स्टूडियोज को खरीद लिया है।दोनों कंपनियों के लिए 140 मिलियन डॉलर का सौदा हुआ है। सौदे के तहत कुल 102 मिलियन डॉलर नकद और 38 मिलियन डॉलर निवेश के रूप में दिया जाएगा। इस सौदे के साथ ही रिलायंस एंटरटेनमेंट के पूर्व सीईओ शिबाशीष को अपने कई पूर्व सहयोगियों के साथ फिर से जुड़ने का मौका मिलेगा,जो SPAC की स्थापना के बाद उनसे अलग हो गए थे। SPAC को इंटरनेशनल मीडिया एक्विजिशन कॉर्प ने पिछले साल कई हाई-प्रोफाइल भारतीय मनोरंजन हस्तियों और मीडिया कंपनियों के सहयोग से नैस्डैक पर लॉन्च किया था। नैस्डैक न्यूयॉर्क शहर में स्थित एक अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज है।

इस महीने की शुरुआत में की गई एक SEC फाइलिंग के मुताबिक, आईएमएक्यू ने संयुक्त रूप से रिसी और रिलायंस स्टूडियोज कंपनी का 100 फीसदी अधिग्रहण करने के लिए एक समझौता किया है। समझौते के तहत नकद भुगतान के लिए तय की गई कुल 102 मिलियन डॉलर की राशि चार चरणों में पूरा होगी जबकि 38 मिलियन डॉलर की राशि इक्विटी पूंजी निवेश से आएगा।

इसी के साथ शिबाशीष सरकार पांच निदेशकों के बोर्ड के साथ इस सौदे से उभरने वाली कंपनी की सीईओ बन जाएंगे। इनमें से तीन निदेशक आईएमएक्यू द्वारा और दो संयुक्त रूप से रिसी और/या रिलायंस स्टूडियोज से नामित किए जाएंगे।SPAC प्रभावी रूप से एक ऐसी कंपनी है जो केवल मौजूदा कंपनियों को खरीदने के लिए पूंजी जुटाती है और उन्हें पारंपरिक आईपीओ के विकल्प के रूप में देखा जाता है।

MP में महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल में मापी गई 4.5 तीव्रता, जानमाल का नहीं हुआ कोई नुकसान

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जबलपुर    मध्य प्रदेश में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए है।प्रदेश के जबलपुर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए है। सुबह 8.44 पर भूकंप मेहसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर करीब 4.5 तीव्रता मापी गई। जबलपुर से 35 किलोमीटर दूर भूकंप का सेंटर बताया जा रहा है। हालांकि भूकंप से किसी तरह को कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। इसी तरह प्रदेश के डिंडोरी में 4.3 तीव्रता का मध्यम भूकंप दर्ज हुआ है। जिसका हाइपोसेंटर 10 किमी गहराई पर था। भूकंप से प्रभावित जिलों में  डिंडोरी, जबलपुर, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट, उमरिया शामिल बताए जा रहें हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई। जानकारी मिली कि जबलपुर के डिंडोरी में 8.43 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होते ही डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, बालाघाट, अनूपपुर, उमरिया में SDRF को अलर्ट कर दिया गया है। भूकंप का केंद्र डिंडौरी से 24 किलोमीटर दक्षिण में बताया जा रहा है। दरअसल जबलपुर भूकंप को लेकर संवेदनशील जोन में आता है। यहां लगातार भूकंप के झटके लगते हैं। इससे पहले 21 जून 2022 को भी लगभग 3.4 की तीव्रता से अर्थक्वेक रिकॉर्ड किया गया था। इससे पहले यहां 1997 में 6.2 रिक्टर स्केल की तीव्रता से भूकंप आया था जिसमें काफी जानमाल का नुकसान हुआ था। 

Sensex : एक हफ्ते से शेयर बाजार में तेजी बरकरार

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सेंसेक्स 290 अंकों की मजबूती के साथ 61,037 अंकों पर तो निफ्टी 92.35 अंकों की बढ़त के साथ 18104 अंकों पर कारोबार कर रहा है।बाजार में बीते एक हफ्ते से जारी तेजी मंगलवार के दिन भी बैंक निफ्टी के सपोर्ट के कारण बरकरार है।घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को भी हरे निशान पर खुले हैं।फिलहाल सेंसेक्स 290 अंकों की मजबूत के साथ 61,037 अंकों पर तो निफ्टी 92.35 अंकों की बढ़त के साथ 18104 अंकों पर कारोबार कर रहा है।बाजार में बीते एक हफ्ते से जारी तेजी मंगलवार के दिन भी बैंक निफ्टी के सपोर्ट के कारण बरकरार है।

कहां हुई शेयर बाजार में ओपनिंग?

मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई इंडेक्स 318.99 अंकों की बढ़त के साथ 61,065.58 अंकों पर खुला है।जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स 118.50 अंकों की बढ़त के साथ 18130.70 अंकों पर खुला।शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 0.53 फीसदी जबकि निफ्टी में 0.66 फीसदी की बढ़त दिखी है।बता दें कि बैंक निफ्टी की मजबूती के कारण बाजार को सहारा मिला है।

 

मध्‍य प्रदेश के मंत्री भी संभालेंगे गुजरात चुनाव में प्रचार और प्रबंधन का मोर्चा

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भोपाल ।  गुजरात विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश के कई मंत्री चुनाव प्रचार और प्रबंधन का मोर्चा संभालेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी पार्टी चुनाव प्रचार के लिए उतारेगी। इसके अलावा गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग सहित मालवांचल के सभी मंत्रियों को गुजरात में कुछ विधानसभा क्षेत्र या जिलों की जिम्मेदारी दी जा रही है। इससे पहले भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती के नेतृत्व में संगठन ने 90 नेताओं की तैनाती गुजरात के सीमावर्ती इलाके में की है। इनमें पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित कुछ पूर्व संगठन मंत्री हैं। इसी तरह कांग्रेस के केंद्रीय संगठन की ओर से भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी से कुछ विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारियों को मध्य प्रदेश से लगे हुए क्षेत्रों में चुनाव प्रबंधन के लिए भेजने का आग्रह किया है। पिछले चुनाव में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, उमंग सिंघार,कुणाल चौधरी सहित झाबुआ, आलीराजपुर सहत अन्य क्षेत्रों से नेताओं को गुजरात भेजा गया था। गौरतलब है कि गुजरात के छह जिलों की 37 विधानसभा सीटें मध्य प्रदेश से लगी हुई हैं।

डा.मिश्रा को नौ सीटों की जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा और विश्वास सारंग एक बार गुजरात का दौरा करके आ चुके हैं। डा. मिश्रा को बनासकाठा की नौ विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, अब मंत्री भूपेन्द्र सिंह, मोहन यादव, इंदर सिंह परमार, अरविंद भदौरिया, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, जगदीश देवड़ा सहित अन्य नेताओं को भेजा जा रहा है।

गुजरात को चार जोन में बांटा

गुजरात राज्य को भाजपा ने चुनावी तैयारी के हिसाब से चार अलग-अलग जोन में बांटा है। इनमें दक्षिण गुजरात, उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। सौराष्ट्र में मप्र से दो प्रभारी बनाए गए हैं। इसमें एक जीतू जिराती हैं, जिन्हें चुनाव लड़ने से लेकर प्रबंधन का बेहतर अनुभव है। वहीं, पूर्व संगठन मंत्री श्याम महाजन को संगठन का काम सौंपा है। इनके साथ सात जिलों में दो-दो प्रभारी बनाए गए हैं और हर विधानसभा क्षेत्र के लिए भी दो-दो कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। गुजरात के संगठन महामंत्री रत्नाकर के साथ कार्यकर्ताओं ने चुनावी मोर्चा संभाल लिया है।

मप्र के नेताओं को मिला सौराष्ट्र जोन का प्रभार

मप्र के झाबुआ और आलीराजपुर से गुजरात के सात जिले दाहौद खेड़ा, महिसागर, पंचमहल, बढ़ौदा ग्रामीण, बढ़ौदा नगर और आणंद जिले लगे हुए हैं। इन क्षेत्रों में मध्य प्रदेश से ऐसे कार्यकर्ता भेजे हैं, जिनका वहां प्रभाव या अच्छा संपर्क है। फिलहाल यह कार्यकर्ता वहां संगठनात्मक कार्यों में सहायता के साथ चुनावी जमावट को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं। अब गुजरात के लिए मंत्रियों की तैनाती की गई है।

इनका कहना है

मप्र से आए भाजपा कार्यकर्ता अपने-अपने प्रभार के विधानसभा क्षेत्र में के शक्ति केंद्र तक पहुंच गए हैं। यहां पांच बूथों पर एक शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। प्रवासी कार्यकर्ता यहां स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ सहयोगी की भूमिका अदा कर रहे हैं। मप्र के मंत्रियों को केंद्रीय नेतृत्व ने अलग से जिम्मेदारी सौंपी है।

जीतू जिराती, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा मप्र

स्थापना दिवस पर इन बातों पर दें ध्यान, तो विकास पथ पर दौड़ता मध्य प्रदेश छुएगा आसमान

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भोपाल    एक राज्य के रूप में मध्य प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। किंतु अब इसकी दृष्टि आसमान छूने की ओर है। आज यह सोचने का समय है कि मध्य प्रदेश को अगले दस वर्षों में कहां पहुंचना है, कैसे आत्मनिर्भर भारत से कदम मिलाते हुए स्वयं को आत्मनिर्भर बनाना है और कैसे शिक्षा, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सहित हर दिशा में आगे बढ़ना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर : थोड़ा है, थोड़े की जरूरत

अभी यह स्थिति : बीते करीब डेढ़ दश्ाक में मध्य प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर अर्थात सड़क, बिजली, पानी में सुधार हुआ है। किंतु अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले यह कम है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान अभी मप्र से बेहतर हैं।

यह करना होगा : सड़कों को और बेहतर करना होगा। बिजली महंगी है, इसे सस्ती करना होगा। उद्योगों को सुविधाएं देनी होंगी ताकि वे पनपे और रोजगार सृजित हो।

ऊर्जा : बदलनी होंगी प्राथमिकताएं

अभी यह स्थिति : वर्तमान में उुर्जा के मामले में मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर नहीं है। पेट्रोल-डीजल दूसरे देशों से आता है, कोयला अन्य राज्यों से लेना पड़ता है। सौर ऊर्जा की प्लेटें बाहर से मंगवानी पड़ती है।

यह करना होगा : पनबिजली व सौर ऊर्जा संबंधी परियोजनाओं पर अच्छा काम हुआ है, लेकिन अब इसमें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ना होगा। ऊर्जा में सरप्लस बनना होगा।

उद्योग : कुछ हुआ, अब कुछ और करें

अभी यह स्थिति : प्रदेश में उद्योगों की स्थिति यूं तो बेहतर है, किंतु राज्य की क्षमता के अनुसार हमारे यहां उद्योग अब भी नहीं हैं। गुजरात मध्य प्रदेश से छोटा है, लेकिन उद्योगों में हमसे कहीं आगे है। मध्य प्रदेश को इस बारे में सोचना होगा।

यह करना होगा : विभिन्न् क्षेत्रों की उत्पादन क्षमता के अनुसार नीतियां बनानी होंगी, ताकि जिस क्षेत्र की जो विशेषता है, वैसा ही उद्योग वहां स्थापित हो। छोटे उद्योगों को सुविधाएं देनी होंगी, बड़े उद्योग आमंत्रित करने होंगे।

निवेश : क्षमता का करना होगा पूर्ण दोहन

अभी यह स्थिति : शिवराज सरकार आने के बाद से प्रदेश में इंवेस्टर्स समिट हो रही हैं और निवेशकों ने रुचि दिखाई है। किंतु जो हुआ है, उससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। आज भी निवेशकों की प्राथमिकता में मध्य प्रदेश अन्य राज्यों के मुकाबले पीछे है।

यह करना होगा : एमओयू को ठोस निवेश में बदलें। निवेशकों के लिए आसान नीति बनाएं। सिंगल विंडो सिस्टम लागू हो और सभी अनुमतियां एक जगह से मिलें।

पर्यटन : संभावना भरपूर, पर्यटक दूर

अभी यह स्थिति : मध्य प्रदेश में वन्य पर्यटन और धर्म पर्यटन की जितनी संभावनाएं हैं, उतनी देश के कम ही प्रदेशों में है। बाघों की गौरवभूमि और मंदिरों की धरती होने के बावजूद पर्यटक अभी कम आ रहे हैं।

यह करना होगा : मध्य प्रदेश को अपनी पर्यटन नीति का सरलीकरण करते हुए इसे लोकप्रिय बनाना होगा। बाघ, चीता, हाथी की भूमि का होने के गौरव का देश में आक्रामक ढंग से प्रचार-प्रसार करना होगा।

आत्मनिर्भर : बनना होगा निर्माण फैक्ट्री

अभी यह स्थिति : मध्य प्रदेश अभी ऐसी बहुत कम चीजों का उत्पादन करता है, जो बाहर निर्यात होती हों। हम अब भी कृषि आधारित चीजों पर अधिक निर्भर हैं। हमें बाजार की जरूरतों के दृष्टिकोण से सोचना होगा।

यह करना होगा : मप्र में देश की निर्माण फैक्ट्री बनने की पूरी संभावनाएं हैं। प्रचुर भूमि, सस्ता श्रम, ब्रिलियंट सोच वाले युवा आदि का इस तरह उपयोग हो कि यहां ड्रोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण आदि पर काम हो।

ईपीएफओ बोर्ड ने पेंशन योजना में किया बदलाव

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ईपीएफओ ने छह महीने से भी कम समय में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत जमा राशि निकालने की अनुमति प्रदान कर दी है। फिलहाल कर्मचारी भविष्य निधि कोष सब्सक्राइबरों को छह महीने से कम सेवा बाकी रहने पर कर्मचारी भविष्य निधि खाते से जमा राशि निकालने की ही अनुमति देता है।

ईपीएफओ के शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी मंडल की सोमवार को संपन्न 232वीं बैठक में सरकार से अनुशंसा की गई कि ईपीएस-95 योजना में कुछ संशोधन कर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके अंशदाताओं को पेंशन कोष में जमा राशि निकालने की अनुमति दी जाए।

क्या हुआ बदलाव

श्रम मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सीबीटी ने सरकार से सिफारिश की है कि छह महीने से भी कम सेवा अवधि वाले सदस्यों को अपने ईपीएस खाते से निकासी की सुविधा दी जाए।इसके अलावा न्यासी मंडल ने 34 वर्षों से अधिक समय से इस योजना का हिस्सा रहे सदस्यों को आनुपातिक पेंशन लाभ देने की भी अनुशंसा की है।

इस सुविधा से पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति लाभ के निर्धारण के वक्त ज्यादा पेंशन पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफओ के कामकाज पर तैयार 69वीं वार्षिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई जिसे संसद में पेश किया जाएगा।

EPFO सब्सक्राइबर्स को राहत

कामकाजी लोगों को राहत देने के उद्देश्य से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 31 अक्टूबर को उन ग्राहकों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना 1995 में जमा राशि की निकासी की अनुमति देने का निर्णय लिया, जिनकी केवल छह महीने से कम की सेवा शेष है।

श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में सेवानिवृत्ति कोष निकाय के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने अपनी 232वीं बैठक में सरकार को ईपीएस-95 योजना में कुछ संशोधन करने की सिफारिश की। इससे पेंशनभोगियों को सेवानिवृत्ति लाभ के निर्धारण के समय पेंशन के रूप में अच्छी रकम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश

बोर्ड ने छूट देने या ईपीएस-95 से छूट को रद करने के मामलों में इक्विटेबल वैल्यू ट्रांसफर कैलकुलेशन की भी सिफारिश की है। इसके अलावा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड इकाइयों में इसके निवेश के लिए नीति को भी मंजूरी दी गई है।बोर्ड ने 2022-23 के लिए ब्याज दर की गणना के लिए आय में शामिल किए जाने वाले पूंजीगत लाभ के लिए कैलेंडर वर्ष 2018 की अवधि के दौरान खरीदी गई ईटीएफ इकाइयों को शामिल करने को भी मंजूरी दी।

कमर्शियल गैस सिलेंडर 115 रुपये सस्ता, जानें दिल्ली के अलावा बाकी शहरों में नए दाम

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देशभर में आज एक नवंबर को एलपीजी सिलेंडर के दामों में कटौती की गई है। आज से दिल्ली में इंडेन का 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 115.5 रुपये सस्ता मिलेगा।वहीं, कोलकाता में 113 रुपये, मुंबई में 115.5 रुपये और चेन्नई में 116.5 रुपये की कटौती की गई है।

दिवाली के बाद महंगाई से राहत मिलने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी कटौती की गई है।हालांकि, यह कटौती देशभर में एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में की गई है। फिलहाल, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इन सिलेंडरों के दाम में आखिरी बार परिवर्तन छह जुलाई को हुआ था।

एक नवंबर से दिल्ली में इंडेन के 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115.5 रुपये कम हो गई है। वहीं, कोलकाता में 113 रुपये, मुंबई में 115.5 रुपये और चेन्नई में 116.5 रुपये की कटौती की गई है। इससे पहले एक अक्टूबर को भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम 25 रुपये घटाए गए थे। हालांकि, 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर पुराने दाम पर ही मिलेगा।
   
हर महीने एक तारीख को तय होती है कीमत
बता दें कि देश की गैस कंपनियां हर महीने की एक तारीख को गैस सिलेंडरों के दाम तय करती हैं। कमर्शियल एलपीजी गैस का इस्तेमाल अधिकतर होटलों, खाने-पीने की दुकानों में होता है। गौर करने वाली बात यह है कि लगातार छह महीने से कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की जा रही है।

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