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अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रबंधन में वित्त सेवा का योगदान महत्वपूर्ण – वित्त मंत्री देवड़ा

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भोपाल : वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि वित्त सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों ने कोरोना काल के विषम समय में अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वित्त मंत्री यहाँ मध्यप्रदेश वित्त सेवा अधिकारियों के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन एवं मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि वित्त सेवा का काम निरंतर चलने वाला काम है। इसमें समय और ऊर्जा दोनों खर्च होते हैं। उन्होंने वित्त सेवा अधिकारी संघ की प्रतिष्ठित त्रैमासिक पत्रिका "वित्त व्यवस्था" के दीपावली विशेषांक का विमोचन किया।

अधिकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय मोहन चौधरी ने वित्त सेवा की प्रासंगिकता एवं संघ के लक्ष्यों को रेखांकित किया। संचालक पेंशन जे.के. शर्मा ने बताया कि पूरे देश में मध्यप्रदेश डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में अग्रणी है। इसमें वित्त सेवा के अधिकारियों का विशेष योगदान है। वित्त मंत्री ने संघ की नई कार्यकारिणी के निर्वाचन एवं गठन के लिए शुभकामनाएँ दी। प्रांतीय अधिवेशन में अधिकारियों के परिजन ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने कवि तथा ओजस्वी वक्ता सुमित ओरछा के साथ किया पौध-रोपण

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री तथा ओजस्वी वक्ता सुमित ओरछा के साथ नीम, करंज और सारिका इंडिका के पौधे लगाए। सुमित ओरछा केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड, मुंबई के सदस्य भी हैं। मुख्यमंत्री चौहान के साथ परम्परा फाउण्डेशन के मीत और कुमारी मैत्री शर्मा ने अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए। नीलेश शर्मा और पूजा अश्वनी शर्मा भी पौध-रोपण में शामिल हुई।

पौधे का महत्व

आज लगाए गए पौधों में सारिका इंडिका भारत, नेपाल और में पाया जाता है। इसका आयुर्वेद में काफी महत्व है। एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम सर्वोच्च औषधि है। करंज का पौधा आयुर्वेदिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण माना गया है। करंज के पौधे का उपयोग धार्मिक कार्यों में भी किया जाता है।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. कलाम की जयंती पर ‍किया नमन

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें नमन कर स्मरण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। डॉ. कलाम को मिसाइल मेन के नाम से भी जाना जाता है। धनुषकोड़ी रामेश्वरम, तमिलनाडु में 15 अक्टूबर 1931 को जन्में डॉ. कलाम भारतीय गणतंत्र के 11वें निर्वाचित राष्ट्रपति थे। उन्होंने 4 दशक तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को अपनी सेवाएँ दी। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने परमाणु परीक्षण में निर्णायक, संगठनात्मक और तकनीकी भूमिका निभाई। डॉ. कलाम का अवसान 27 जुलाई 2015 को हुआ। उनको सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मनित किया गया।
 

हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई के आरंभ से शुरू हो रहा है नया युग : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हिन्दी माध्यम की शिक्षा कई विद्यार्थियों के जीवन में नया प्रकाश लेकर आयेगी। हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई के साथ एक नया युग शुरू हो रहा है। यह एक सामाजिक क्रांति है। गरीब परिवार का बेटा भी मेडिकल की पढ़ाई के बारे में सोच सकेगा। प्रदेश में मातृ-भाषा हिन्दी में अध्ययन और अध्यापन को प्रोत्साहित करने और हिन्दी के लिए गर्व की अनुभूति उत्पन्न कराने के उद्देश्य से पिछले कई वर्षों से गतिविधियाँ जारी हैं। हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना, प्रदेश के विभिन्न अंचलों के निवासियों को भावनात्मक रूप से बाँधने के लिए मध्यप्रदेश गीत को कार्यक्रम और उत्सव का भाग बनाने की पहल, पाणिनी संस्कृत विद्यालय की स्थापना और भोपाल में विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया। मुख्यमंत्री चौहान आज भारत भवन के अंतरंग सभागार में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित "हिन्दी की व्यापकता एक विमर्श" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संकल्प व्यक्त किया गया है कि शिक्षा का माध्यम मातृ-भाषा हो, नई शिक्षा नीति में भी इस भावना का प्रकटीकरण हुआ है। मध्यप्रदेश ने देश में पहली बार मेडिकल की पढा़ई हिन्दी में कराने का संकल्प लिया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के नेतृत्व में हिन्दी में मेडिकल की पाठ्य-पुस्तकें विकसित हुईं। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 16 अक्टूबर को भोपाल में मेडिकल की हिन्दी पुस्तकों का लोकार्पण करेंगे। अपनी मातृ-भाषा हिन्दी में शिक्षा को नया आयाम देना हमारे लिए स्वाभिमान और गौरव का क्षण होगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मालती राय, हिन्दी सेवी पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, कैलाश चंद्र पंत, वरिष्ठ पत्रकार महेश , राजेन्द्र शर्मा,विजयदत्त , रमेश शर्मा, रवीन्द्रनाथ टेगौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, पूर्व महापौर आलोक शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता सुमित पचौरी विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अंग्रेजी के सरल और चलन में आ चुके शब्दों के देवनागरी लिपि में अधिक से अधिक उपयोग से मेडिकल और तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई विद्यार्थियों के लिए सरल होगी। हिन्दी को लेकर मानसिकता बदलने की आवश्यकता है। अंग्रेजी भाषा से ही हम समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त करते हैं, इस सोच को बदलना होगा। भाषा से व्यक्ति कुंठित हो, उसमें हीन-भावना उत्पन्न हो, इस स्थिति से मुक्ति आवश्यक है। हमें अंग्रेजी के भय को समाप्त करना है। हिन्दी भाषा में पढ़ाई से कस्बों और ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के प्रकटीकरण का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश की यह पहल सामाजिक क्रांति सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जब माता-पिता अपनी मातृ-भाषा हिन्दी पर गौरव और सम्मान का प्रकटीकरण करेंगे तभी बच्चे भी हिन्दी को आत्म-सात कर उसे जीवन में अपनाने के लिए अग्रसर होंगे। हिन्दी का संपूर्ण विश्व में सम्मान है। मैंने सभी विदेश यात्राओं में अपनी मातृ-भाषा हिन्दी में ही संबोधन दिए हैं, सभी जगह हिन्दी को सम्मान से सुना जाता है। राज्य सरकार द्वारा मातृ-भाषा हिन्दी में पढ़ाई का विस्तार इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, नर्सिंग और पैरामेडिकल में भी किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री चौहान द्वारा सौंपे गए दायित्व के निर्वहन में शासकीय मेडिकल कॉलेज के 97 चिकित्सक की टीम ने 4 माह के परिश्रम से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पुस्तकें विकसित की।

हिन्दी सेवी कैलाश चंद्र पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में हिन्दी में शिक्षा आरंभ हुई। यह पहल अंग्रेजी भाषा की मानसिक गुलामी से मुक्ति की दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम सिद्ध होगी। प्रदेश के कस्बों और गाँवों में भी जन-जन को हिन्दी में शिक्षा सुविधा के संबंध में जागरूक कर उन्हें हीन-भावना से मुक्त कराने के लिए गतिविधियाँ संचालित की जाएँ।

वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा ने कहा कि इस पहल से यह भ्रम दूर होगा कि तकनीकी विषयों की शिक्षा हिन्दी में नहीं हो सकती। उन्होंने हिन्दी भाषी विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास के लिए देश की संस्कृति, स्वाभिमान, मानवीय मूल्यों पर प्रति शनिवार स्कूल और कॉलेजों में संगोष्ठियाँ करने का सुझाव दिया।

वरिष्ठ पत्रकार महेश ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के युवाओं को अंग्रेजी के भय से मुक्त किया है। कस्बाई और ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों में भाषायी अस्मिता और मातृ-भाषा के गौरव के लिए स्वदेशी आंदोलन के समान हिन्दी के आंदोलन का घर-घर में विस्तार किया जाना चाहिए।

रवीन्द्रनाथ टेगौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कृषि के अध्ययन के लिए हिन्दी में पुस्तकें विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि माता-पिता की प्राय: यह सोच होती है कि अंग्रेजी में पढ़ाई से ही बच्चों का भविष्य सँवरेगा। इस मानस को बदलना आवश्यक है। विश्व के 112 विश्वविद्यालय में हिन्दी पढा़ई जा रही है। तकनीकी में आए बदलाव से भी हिन्दी का बहुत विस्तार हुआ है।

पत्रकार राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना कर इस दिशा में कदम उठाए गए थे। हिन्दी के प्रोत्साहन के साथ हिन्दी की शुद्धता और सुरक्षा के लिए भी कदम उठाना आवश्यक है। मानस भवन के कार्यकारी अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा कि हिन्दी के सरल शब्दों के उपयोग से भाषा की लोकप्रियता बढ़ेगी। डॉक्टरों को अपने मरीजों से हिन्दी में बात करने और दवा के पर्चे देवनागरी में लिखने की पहल करना चाहिए। विजयदत्त ने स्वाधीनता के अमृत महोत्सव में हुई इस पहल के लिए मुख्यमंत्री चौहान को शुभकामनाएँ दी।
 

इंदौर में बोलीं हुमा कुरैशी- सपने साकार करने के लिए रूप नहीं, गुण पर दें ध्यान

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इंदौर ।  वजन ज्यादा होना या बहुत कम होना हर दूसरे व्यक्ति की कहानी है। इसके लिए हर किसी को बहुत कुछ सुनना पड़ता है। कई लोग इस बात का मजाक बनाते हैं, ताने देते हैं। हर व्यक्ति की अपनी कद-काठी, रंग-रूप है। क्यों बच्चों के मन में भी बार्बीडाल, सिंड्रेला आदि की छवि ‘जीरो साइज’ की बनाई जाती है। क्यों उन्हें मोटा नहीं बनाया जाता। भारत तो क्या बल्कि दुनिया में कहीं भी वयस्क व्यक्ति ‘जीरो साइज’ की बात पर खरा नहीं उतरता, बच्चों की बात अलग है। पुरानी फिल्मों की नायिकाएं तो ऐसी नहीं होती थीं, फिर भी वे पूरी दुनिया पर छाई रही तो आज दुबली लड़की की बात क्यों की जाती है। जरूरत है तो अपने गुणों से अपनी पहचान बनाने की, सपनों को साकार करने की। यह बात माडल व अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने शनिवार को इंदौर में मीडिया से हुई चर्चा में कही। हुमा ने अपनी आगामी फिल्म ‘डबल एक्सएल’ के बारे में भी चर्चा करते हुए कहा कि फिल्म के जरिए बेशक बहुत बदलाव न हो, लेकिन लोग इस विषय पर सोचेंगे तो सही। मेरा मानना है कि बाडी शेपिंग की बात ही गलत है। जो जैसा है उसे वैसा ही रहने दें, उसके गुणों को देखें।

पर्दे के आगे और पीछे अब महिलाएं भी –

हुमा ने कहा कि अब फिल्मों के विषय भी बदल रहे हैं। एक वक्त था जब पुरुष प्रधान मुद्दों पर फिल्में बनती थी क्योंकि पर्दे के आगे और पर्दे के पीछे पुरुष ही ज्यादा होते थे, इसलिए उनसे जुड़े मुद्दे ही सामने आ पाते थे। अब महिलाएं पर्दे के आगे और पीछे महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही हैं। इसके ही परिणाम हैं कि जो उन्होंने अनुभव किया उसे वे फिल्मों के जरिए सामने ला रही हैं। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को अपने मन की आवाज सुनना चाहिए। लोग क्या सोचेंगे, कहेंगे इस बारे में हम कब तक विचार करते रहें।

छोला में होगी सार्वजनिक गोवर्धन पूजा, कोलकाता के कलाकार बनाएंगे 15 फीट की प्रतिमा

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भोपाल ।   तेजस जनकल्याण समिति का राजधानी भोपाल का प्रथम सार्वजनिक गोवर्धन पूजा एवम परिक्रमा प्रतिष्ठित आयोजन इस वर्ष कार्तिक शुक्‍ल प्रतिपदा 26 अक्टूबर को होगा। इसकी तैयारियों को लेकर समिति के सदस्‍यों ने बैठक की। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर चर्चा हुई। समिति के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता और सचिव वरूण गुप्ता ने बताया कि राजधानी के सबसे प्रचीन छोला दशहरा मैदान में होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस साल गोवर्धन जी की 15 फीट की प्रतिमा गोबर से बनाई जाएगी। सचिव वरुण गुप्ता ने बताया कि प्रतिमा का निर्माण भोपाल के प्रख्यात मूर्तिकार राजू कुशवाह के नेतृत्व में कोलकाता के कलाकार करेंगे। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम मां भगवती आराधना मंच के बैनर तले पंडित हरिओम शर्मा के नेतृत्व में होगी। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सामाजिक कार्य करने वाले सात लोगों को समिति के संस्थापक संरक्षक और वरिष्ट समाजसेवी स्व, रामनारायण कुदरिया की स्मृति में स्थापित तेजस सम्‍मान से सम्मानित किया जायेगा। साथ ही समिति की आधिकारिक वेबसाइट कर लोकार्पण भी होगा।

10वीं पास युवाओं के लिए निकली बंपर भर्ती, 69000 रुपए तक मिलेगी सैलरी, जल्द करें आवेदन…

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भारतीय सीमा की सुरक्षा का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने कांस्टेबल के 399 पदों पर भर्ती निकली है। जिसके लिए 10वींपास उमीदवार सशस्त्र सीमा बल की ऑफिशियल वेबसाइट ssbrectt.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते है। उम्मीदवारों का सिलेक्शन फिजिकल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा।

सैलरी
भर्ती प्रक्रिया में सिलेक्ट होने पर उम्मीदवार को लेवल-3 पे-मैट्रिक्स के तहत 21700 रुपए से लेकर 69100 रुपए तक सैलरी दी जाएगी।

योग्यता
399 पदों के लिए निकली भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं या इसके समकक्ष की योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास स्पोर्ट्स कोटे का सर्टिफिकेट भी होना चाहिए।

फीस
सशस्त्र सीमा बल द्वारा निकली गई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को भारतीय पोस्टल ऑर्डर और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से फीस के रूप में 100 रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उम्मीदवारों से फेस नहीं वसूली जाएगी।

आयु-सीमा
भर्ती प्रक्रिया में शम्मिल होने के लिए उम्मीदवारों की आयु-सीमा (उम्र) न्यूनतम 18 साल से अधिकतम 23 साल तक होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु-सीमा में 3 साल की छूट दी गई है।

Recruitment 2022 : कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में अप्रेंटिसशिप के 356 पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई….

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Cochin Shipyard Limited (कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड) में अप्रेंटिसशिप की भर्ती निकली है। इसके तहत उम्मीदवारों से आईटीआई और टेक्निशियन ट्रेड पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इन पदों के लिए ऑफिशियल वेबसाइट cochinshipyard.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर 2022 है। कुल 356 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इनमें आईटीआई ट्रेड अप्रेंटिस के 348 और टेक्निशियन अप्रेंटिस के 8 पद शामिल हैं। इसके माध्यम से विभिन्न ट्रेड के पद भरे जाएंगे।

योग्यता
आईटीआई ट्रेड अप्रेंटिस पदों के लिए 10वीं पास के साथ संबंधित ट्रेड में ITI डिग्री होल्डर्स उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। वहीं टेक्नीशियन अप्रेंटिस के लिए संबंधित डिसिप्लिन में वोकेशनल हायर सेकेंडरी एजुकेशन पास का सर्टिफिकेट होना जरूरी है।

सैलरी
आईटीआई के विभिन्न ट्रेड्स में अप्रेंटिस के पदों पर सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को 8,000 रुपये सैलरी मिलेगी। वहीं टेक्नीशियन ट्रेड्स में अप्रेंटिस के पदों पर सिलेक्टेड उम्मीदवारों को 9,000 रुपये सैलरी मिलेगी।

कैसे करें आवेदन

  1. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट cochinshipyard.in पर क्लिक करें।
  2. अब करियर सेक्शन पर जाकर सीएसएल के लिंक पर क्लिक करें।
  3. ई रिक्रूटमेंट के लिंक पर जाकर ट्रेनी अप्रेंटिस भर्ती पर क्लिक करें और आवेदन पत्र भरें।

DUET PG 2022 Admit Card जारी, 17 से 21 अक्टूबर तक होगी परीक्षा… 

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दिल्ली यूनिवर्सिटी पीजी एंट्रेंस टेस्ट एडमिट कार्ड रिलीज हो चुका है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पीजी और डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी, पीएचडी प्रोगाम के लिए हॉल टिकट https://nta.ac.in/ पर जारी किया है। इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन करके एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी PG, PhD प्रवेश परीक्षा का आयोजन 17, 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। DUET पीजी परीक्षा तीन शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट 8 से 10, दूसरी 12:30 से 2:30 बजे तक होगी। इसके बाद 5 बजे से शाम 7 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा सीबीटी मोड में होगी। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र करीब तीन दिन पहले रिलीज किए जाते हैं। इसी कड़ी में एडमिट कार्ड रिलीज कर दिए गए हैं। वहीं हॉल टिकट के पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सिटी इंटिमेशन स्लिप भी रिलीज कर दी थी ताकि कैंडिडेट्स को परीक्षा शहर की जानकारी मिल सके।

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स

1. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ntaexam2022.cbtexam.in पर क्लिक करें।
2. अपनी आवेदन संख्या, डेट ऑफ बर्थ सबमिट करें।
3. अब DUET PG प्रवेश पत्र स्क्रीन पर दिखाई देगा।
4. इसे डाउनलोड करें। आगे की जरूरत के लिए एक प्रिंट निकालकर अपने पास रखें।

करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं Urfi Javed, जानें कितनी हैं महीने की कमाई…..

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‘बिग बॉस’ ओटीटी (Bigg Boss OTT) से सुर्खियों में आईं उर्फी जावेद सिनेमा जगत में अपने अतरंगी फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। उर्फी अक्सर अपने आउटफिट्स और बोल्डनेस की वजह से लोगों का दिमाग खराब कर देती हैं और इसी वजह से वह हर दूसरे दिन सोशल मीडिया पर ट्रोल भी होती हैं। लेकिन यह भी सच है कि अभिनेत्री को लोगों द्वारा मिल रही आलोचनाओं से कुछ खास फर्क नहीं पड़ता और वह अपनी लाइफ को बिंदास जी रही हैं। इस बीच कई बार उर्फी की कमाई पर सवाल उठे हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि ऊर्फी जावेद कौन है.. और क्या है उनकी नेटवर्थ… किन लग्जरी गाड़ियों में घूमती है।

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ऐसे शुरू की Urfi Javed ने अपनी जर्नी
उर्फी जावेद को आज के समय में हर कोई बोल्डनेस की वजह से जानता है लेकिन अभिनेत्री ने दर्जन भर से ज्यादा सीरियल्स में काम किया है। वह ‘दुर्गा’, ‘सात फेरों की हेराफेरी’, ‘बेपनाह’, ‘जीजी मां’, ‘डायन’, ‘रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘कसौटी जिंदगी’ जैसे सीरियल्स में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा, वह कई म्यूजिक वीडियो में भी नजर आई हैं। लेकिन लोगों के बीच उन्हें पहचान ‘बिग बॉस’ से ही मिली है।

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कितने करोड़ की मालकिन है Urfi Javed
उर्फी जावेद की कमाई को लेकर हर बार सवाल उठता है लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी की उर्फी करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं और वह हर महीने लाखों में कमाती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उर्फी सीरियल के एक एपिसोड के लिए 25 से 30 हजार रुपये चार्ज करती हैं और वह हर महीने लगभग 30 लाख रुपये की कमाई करती हैं। उनकी कुल नेटवर्थ 172 करोड़ के आसपास है।

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घर और कार कलेक्शन
उर्फी का जन्म लखनऊ में हुआ है लेकिन अब वह मुंबई में एक आलीशान फ्लैट में रहती हैं। उनके पास Jeep Compass SUV है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। उर्फी अक्सर अपनी इस कार के साथ स्पॉट होती रहती हैं।

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