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गुना में कोचिंग जा रही नाबालिग छात्रा को अगवा करने की कोशिश, आक्रोशित ग्रामीणों ने हाइवे पर लगाया जाम

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गुना ।    बीनागंज पुलिस चौकी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह कोचिंग जा रही नाबालिग छात्रा को अगवा करने की कोशिश की गई। बच्ची किसी तरह भागकर घर पहुंची और पिता को जानकारी दी। इधर, जब पिता बच्ची को बाइक से छोड़ने आ रहे थे, तो उसने अगवा करने की कोशिश करने वाले दोनों युवक-युवती को पहचान लिया। इस पर स्वजन व ग्रामीणों ने आरोपित युवक-युवती को पकड़कर खंभे से बांध दिया और 100 डायल को सूचना दी। वहीं ग्रामीणों ने हाइवे पर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। करीब आधा घंटे बाद पुलिस के उचित कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोला गया। जानकारी के अनुसार चांचौड़ा थानाक्षेत्र के लहरचा गांव में रहने वाली 11 वर्षीय छात्रा पायल मीना शुक्रवार सुबह रोज की तरह बीनागंज कोचिंग आ रही थी। उसने बताया कि एक युवक और युवती ने उसे पकड़कर जबर्दस्ती ट्रक में बैठाने की कोशिश की। लेकिन वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर घर भाग आई। इधर, बालिका के पिता रामस्वरूप मीना ने बताया कि इसके बाद वह बेटी को खुद बाइक से कोचिंग छोड़ने जाने के लिए निकले। जब उसे लेकर आ रहा था, तो बच्ची ने उन दोनों युवक-युवती को पहचान लिया। इसके बाद अपहरण का प्रयास करने वाले दोनों युवक-युवती को पकड़ा और 100 डायल को सूचना दी। इधर, कार्रवाई की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण हाइवे से हटने को तैयार नहीं थे। इसी बीच एसडीओपी दिव्या राजावत घटनास्थल पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया। वहीं बीनागंज पुलिस चौकी में दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

कोचिंग संचालकों की पुलिस बुलाएगी बैठक

इधर, अपहरण के प्रयास में पकड़ी गई युवती का कहना है कि वह ट्रक से उतरी थी, तभी बच्ची आ गई। जिसे लगा कि मैं उसे पकड़ रही थी, जबकि ऐसा नहीं था। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं पुलिस अब कोचिंग संचालकों की बैठक लेकर सीसीटीवी कैमरे आदि सुरक्षा के कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है।

मां ने 3 मासूम बच्चों को जहर पिलाकर स्वयं किया जहर का सेवन, बच्चों की हालत गंभीर…..

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तीन माह पहले महिला थाना में दर्ज कराई थी शिकायत, पुलिस ने करा दिया था समझौता

जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे तीनों मासूम

रीवा : ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर एक महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों को जहर खिलाने के बाद स्वयं जहर का सेवन कर लिया। समय रहते परिजनों को जानकारी होने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चारों की हालत स्थिर बताई गई है।

मिली जानकारी के अनुसार निर्मला जायसवाल पिता बुद्धसेन जायसवाल 27 वर्ष निवासी सरदा का विवाह तरका (झरिया) ग्राम निवासी लीलामणि पिता हीरालाल जायसवाल के साथ 10 जून 2017 को हुआ था। शादी के बाद ही सास रज्जू जायसवाल तथा ननद पार्वती जायसवाल एवं पति लीलामणि जायसवाल के साथ मिलकर प्रताडि़त किया जा रहा था। कहा जाता था कि 60 हजार रुपये दिलवाओं दहेज में मोटर साइकिल देने को बोले थे लेकिन नही दिये।

मेरे द्वारा पिता से न कहने पर मारपीट करते थे। ससुराल वालों की लगातार प्रताडऩा से तंग आकर महिला द्वारा गत 21 जुलाई को महिला थाना सीधी में शिकायती आवेदन दिया गया था,जहां पुलिस द्वारा दोनो पक्षों को बैठाकर आपसी सुलह कराई गई थी। लेकिन कुछ दिन बाद से पुन: उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। महिला थाना में दिये गए शिकायती आवेदन के अनुसार ससुराल वालों द्वारा उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी। साथ ही दूसरी शादी भी कर लेने की धमकी देते हुये घर से बाहर निकाल दिया गया था।

उसके ननदोय रामकृपाल जायसवाल निवासी बहरी भी इन लोगो के साथ मिलकर गाली गलौंज करते हुए मारपीट किये एवं दूसरी शादी करा देने की धमकी दिये थे। ससुराल वालों की प्रताडऩा से तंग आकर निर्मला ने मंगलवार को तीन मासूम बच्चों शुभम (1 वर्ष), समन (2 वर्ष) तथा सत्यम (4 वर्ष) के साथ स्वयं जहर का सेवन कर लिया।

लेकिन इसकी भनक घर वालों को लग गई और सबको लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है, इधर घटना की जानकारी मिलने पर डीएसपी नारायण कुमरे सहित थाना प्रभारी बहरी अस्पताल पहुंचे और पीडि़ता सहित बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

ससुराल वालों पर दर्ज हुआ दहेज प्रताडऩा का मामला प्रताड़ना से तंग हुई महिला के जहर सेवन घटना के बाद परिजनों ने महिला सहित तीनो बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया,बहरी थाना प्रभारी पवन सिंह के द्वारा जिला अस्पताल पहुंचकर सभी के स्वास्थ्य की जानकारी ली गई है, सभी मरीजों को डॉक्टर द्वारा खतरे से बाहर बताया गया है। अभी तात्कालिक रूप से पीडि़ता ने जिसके-जिसके नाम बताये थे उनके ऊपर दहेज प्रताडऩा का मामला पुलिस द्वारा पंजीबद्ध कर लिया गया है।

एक हफ्ते के अंदर ‘बिग बॉस’ से बाहर होंगे साजिद खान? 

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Big Boss 16 टीवी का सबसे कन्ट्रोवर्शियल शो है। इस बार बिग बॉस में हैशटैग मीटू के आरोपी साजिद खान भी कंटेस्टेंट बनकर पहुंचे हैं। शो में जब से साजिद खान की एंट्री हुई है, तब से कई बॉलीवुड सितारों का पारा सातवें आसमान पर है। साजिद को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग साजिद खान के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं और उनको शो से बाहर करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कई अभिनेत्रियों ने भी साजिद को शो से बाहर करने की मांग की है।

शर्लिन चोपड़ा से लेकर सोना मोहपात्रा, उर्फी जावेद, कनिष्का सोनी, देवोलीना भट्टचार्जी, गौहर खान, सलोनी चोपड़ा और मंदाना करीमी समेत कई अभिनेत्रियों ने साजिद खान को शो से बेदखल करने की मांग की है। ये सभी एक बार फिर से साजिद खान पर मोलेस्टेशन और शोषण जैसे गंभीर आरोपों की याद दिला रहे हैं। ऐसे में बिग बॉस के मेकर्स पर भी साजिद को शो से बाहर करने का दबाव बढ़ने लगा है। ऐसे में संभव है कि साजिद खान को शो से बाहर कर दिया जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि साजिद खान एक हफ्ते के अंदर शो से बाहर हो सकते हैं। खास बात ये हैं कि शो के होस्ट सलमान खान ने भी इस बात को मान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान खान के लिए ये काफी नाजुक फैसला हो सकता है क्योंकि वह साजिद खान की बहन फराह खान के काफी करीबी माने जाते हैं। बता दें कि पिछले कुछ सीजन में फराह खान भी सलमान की अनुपस्थिति में शो को होस्ट कर चुकी हैं।

बता दें कि पिछले दिनों महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने साजिद खान के खिलाफ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को चिट्ठी लिखकर साजिद के खिलाफ विरोध जताया था। उन्होंने मांग की थी कि बिग बॉस जैसे शो में साजिद का होना ठीक नहीं है और उनको शो से बाहर किया जाना चाहिए। 

5 करोड़ की मशीन खरीदी, चलाना नहीं आता

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भोपाल। नगर निगम भोपाल ने 52 मीटर ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफार्म 5 करोड रुपए में खरीद लिया। लेकिन इससे आग कैसे बुझेगी। इस प्लेटफार्म का संचालन किस तरीके से होगा। इसका प्रशिक्षण कर्मचारियों को नहीं दिलाया। कंपनी 5 करोड़ रूपये लेकर चली गई।अब इस हाइड्रोलिक वाहन से आग कैसे बुझेगी।
सरकार के अधिकारियों को मशीनरी और निर्माण कार्यों में राशि खर्च करने की बहुत जल्दी होती है। लेकिन इसके साथ ही वह समय पर काम आए और उसका उपयोग हो। इसके ऊपर किसी का ध्यान नहीं होता है।
कुछ इसी तरीके की स्थिति भोपाल नगर निगम की है। सैकड़ों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं,कि मशीनें खरीदी गई, उनका उपयोग नहीं हुआ। उनकी गारंटी वारंटी पीरियड भी समाप्त हो गई। उपकरणों की खरीद के साथ ही कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उसके उपयोग की जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को निर्णय लेना होगा।

उज्जैन में रेलवे स्टेशन से महाकाल तक रोप-वे से लगेंगे 5 मिनट

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उज्जैन/भोपाल| मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन को महाकाल लोक के बाद एक और सौगात मिली है। यहां रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक दो किलो मीटर लंबा रोप-वे बनेगा। इसकी मंजूरी दे दी गई है। बताया गया है कि उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक दो किलोमीटर लम्बाई के रोप-वे टेंडर को 209 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इसके निर्माण से रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक की दूरी पांच मिनट में तय होगी।

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक जुलाई-2023 से रोप-वे का निर्माण कार्य शुरू होगा। रोप-वे स्टेशन में लोगों के लिये फूड जोन, प्रतीक्षालय, शौचालय के साथ बस और कार पाकिर्ंग की सुविधा भी मिलेगी।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि उज्जैन स्थित श्री महाकाल लोक, सुबह छह बजे से श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग की शयन आरती तक अर्थात 11 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। श्री महाकाल लोक में प्रवेश रात में 10 बजे तक दिया जाएगा।

Recruitment : MP में प्राथमिक VARG-3 भर्ती-Counseling के लिए गाइड लाइन जारी, जानें पात्रता और नियम

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भोपाल। MP में प्राथमिक शिक्षक VARG-3 भर्ती- Counseling के लिए गाइडलाइन को जारी कर दिया गया है। दरअसल प्रदेश में 18000 पदों पर प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा काउंसलिंग (counseling) के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPPEB MPTET) का आयोजन मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा कराया गया था। अब भर्ती के लिए एक बार फिर से काउंसलिंग की प्रक्रिया को शुरू किया गया है।

MP DPI द्वारा जारी प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास आवेदकों की काउंसलिंग के लिए निर्देशिका में लिखा है कि मध्य प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018 के तहत प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2020 में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों से स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की गई है।

Counseling के लिए निर्देशिका में शैक्षणिक एवं व्यवसायिक अर्हताएं, आयु सीमा, आरक्षण का प्रावधान, परिवीक्षा अवधि एवं वेतन, चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया, अभ्यर्थियों के लिए प्रक्रिया का शुल्क, भर्ती प्रक्रिया के चरण एवं प्राथमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु आवश्यक दस्तावेजों की लिस्ट जारी की गई है।

उम्मीदवार एमपी ऑनलाइन पर विजिट करके प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास आवेदकों की काउंसलिंग के लिए निर्देशिका पढ़ सकते हैं। यहां क्लिक करके डायरेक्ट लिंक के माध्यम से trc.mponline.gov.in पर उपलब्ध निर्देशिका पढ़ सकते हैं एवं PDF FILE DOWNLOAD कर सकते हैं।

अनिल कपूर के घर करवा चौथ सेलिब्रेशन

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करवा चौथ का त्योहार शादीशुदा महिलाओं के लिए खास दिन होता है। अनिल कपूर की पत्नी सुनीता कपूर ने हर साल की तरह इस साल भी करवा चौथ पर भव्य आयोजन किया। बॉलीवुड की शादीशुदा हीरोइनें उनके घर पहुंचीं। शाम से ही अनिल कपूर के घर सितारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी सहित अन्य लोग ट्रेडिशनल आउटफिट में इस सेलिब्रेशन में शामिल हुए। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने अपने सोशल मीडिया पेज पर इस आयोजन की तस्वीरें शेयर की हैं।

शिल्पा शेट्टी ने इंस्टा स्टोरी पर सभी के साथ एक ग्रुप फोटो शेयर की। सभी कैमरे की ओर देखते हुए पोज दे रहे हैं।शिल्पा ने इसके साथ कैप्शन दिया, ‘द करवाचौथ, गर्ल गैंग।‘ एक अन्य फोटो में वो सुनीता कपूर के साथ बैठी हुई हैं।शिल्पा ने सुनीता को बेस्ट होस्ट बताया।इस मौके पर शिल्पा ने लाल रंग की साड़ी का लुक देता हुआ लहंगा पहना हुआ है जिसके साथ उन्होंने स्लीवलेस ब्लाउज कैरी किया।

सुनीता कपूर के घर करवा चौथ पर शिल्पा शेट्टी, रवीना टंडन, वरुण धवन की पत्नी नताशा दलाल, महीप कपूर, फराह खान, नीलम और पद्मिनी कोल्हापुरे सहित अन्य सेलेब्स पहुंचे।

रवीना टंडन ने भी ग्रुप फोटोज शेयर की हैं। रवीना ने कैप्शन में लिखा, ‘ज्यादातर समय हम सभी कड़ी मेहनत करते हैं और जीवन खत्म हो जाता है, समय उड़ जाता है, लेकिन त्योहारों का मौसम होता है जब आप एंजॉय करते हैं… जियो और जीने दो, प्यार करो, हंसो, हर रोज जश्न मनाओ… यही हम सब के बारे में हैं… धन्यवाद मेरे बच्चों हमेशा कमाल के होस्ट होने के लिए।‘

 

50 लोग एक घायल को लेकर घुस रहे थे, रोका था डाक्टर से भिड़े, विधायक लिखी गाड़ी मिली, एफआइआर दर्ज

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रीवा ।    रीवा शहर के संजय गांधी अस्पताल में डाक्टर के साथ अभद्रता व झूमा झटकी का मामला सामने आया है। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात्रि एक बजे से तीन बजे के बीच सतना जिले के मैहर से 50 लोग एक घायल को लेकर पहुंचे थे, जिन्होंने इमरजेंसी वार्ड के अंदर जाने की जिद की। जबकि डॉक्टर ने एक मरीज के साथ सिर्फ एक अटेंडर को अंदर आने की इजाजत दी। इसी बात को लेकर घायल के साथ आए लोगों ने डाक्टर से बहसबाजी शुरू कर दी है। तभी अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने घटना की जानकारी डायल 100 को दे दी। बवाल की सूचना के बाद अमहिया व सिविल लाइन थाने का पुलिस बल पहुंच गया। जहां पुलिस अधिकारियों ने विवाद जानने की कोशिश की है। वहीं ड्यूटी डॉक्टर से अज्ञात लोगों के बारे में जानकारी मांगी है। फिलहाल सिविल लाइन थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 332 का अपराध कायम कर लिया है। इधर संजय गांधी अस्पताल की घटना को लेकर दो जिलों में राजनीति शुरू हो गई है।

विधायक लिखी गाड़ी मिली

बताया गया है कि घायल को इलाज के लिए भर्ती कराने एक विधायक की गाड़ी आई हुई थी। अस्पताल में मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी के पुत्र विकास त्रिपाठी भी देखने को मिले हैं। डॉक्टर पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। चर्चा है कि विधायक के पुत्र दुर्घटना में घायल को भर्ती कराने के लिए रीवा आए हुए थे।

क्या बोली पुलिस

सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक हितेन्द्र नाथ शर्मा ने बताया कि 12 अक्टूबर की देर रात घायक शंकर रजक निवासी सरलानगर थाना मैहर जिला सतना को लेकर कई लोग आए थे। इमरजेंसी वार्ड में तैनात ड्यूटी डॉक्टर आशय द्विवेदी से झूमाझटकी व कहासुनी हुई थी। इस मामले में एसजीएमएच प्रबंधन की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण कायम हो गया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपित चिहिन्त किए जा रहे हैं।

डाक्टर की जुबानी, घटना की कहानी

डॉ. आशय द्विवेदी ने कहा कि मेरी रात में ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाई गई थी। देर रात एक घायल को लेकर कुछ लोग लेकर आए थे। जो डाक्टर की अनुमति के बगैर इमरजेंसी कक्ष में प्रवेश कर गए। हमने दो लोगों की अनुमति दी है। इसी बात पर बहस शुरू हो गई थी। वे लोग कौन है, हम नहीं जानते है। साथियों का कहना है कि कई लोग शराब पीने के कारण उत्पात मचाया। हमने पुलिस को शिकायत की है।

Allu Arjun और Neeraj Chopra ने एक दूसरे के सिग्नेच स्टेप को किया कॉपी

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स्टाइलिश स्टार अल्लू अर्जुन के फैन्स इन दिनों काफी खुश हैं। एक ओर जहां हाल ही में अल्लू को एंटरटेनमेंट जगत के लिए 'इंडियन ऑफ द ईयर'से सम्मानित किया गया, तो दूसरी ओर अब उनका ओलंपिक चैंपियन गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा संग एक वीडियो वायरल हो रहा है। अल्लू और नीरज के इस वीडियो में दोनों का स्वैग देखने को मिल रहा है, जिसे सोशल मीडिया यूजर्स पसंद कर रहे हैं।दरअसल हाल ही में एक इवेंट में अल्लू को 'इंडियन ऑफ द ईयर'से सम्मानित किया गया। इस इवेंट में अल्लू की मुलाकात नीरज चोपड़ा से भी हुई। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जहां एक ओर अल्लू, नीरज का जैवलिन पोज दे रहे हैं तो वहीं नीरज ने अल्लू की फिल्म पुष्पा का सिग्नेचर पोज दिया। वहीं इसके बाद दोनों साथ में पुष्पा पोज देते दिखते हैं। वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स खूब पसंद कर रहे हैं।

तुमको हमारी उमर लगि जाय..!

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Jayram Shukla
” पुराणों में ऐसी बहुत सी कथाएं हैं जिनमें महिलाओं को उपदेश दिया गया है कि पति भले कितना भी लंपट हो लेकिन उसे परमेश्वर मानना चाहिए, उसके लिए निर्जला व्रत रखना चाहिए, लेकिन ऐसी एक भी व्रतकथा नहीं जो पति पत्नी के कुशलक्षेम के लिए करे..कभी इसपर विचार किया है?”

ये तो कमाल की बात हुई, पुलिस वालों ने करवाँ चौथ का पानी उतार दिया। चौराहों पर यातायात के बैनर में लिखवाकर –
हेलमेट पहनिए,
सीटबेल्ट बाँधिए..
करवाँ चौथ के भरोसे मत रहिए।
एक भाई ने लिखा कि साल में एक दिन यही तो है जब उम्र को रिचार्ज कराने का मौका मिलता है। पुलिस ने भाई की जीजिविषा को धूलधूसरित कर दिया, करवाँ चौथ के मुकाबले हेलमेट, सीटबेल्ट की बात करके।
मैंने रिपोर्टर से पूछा- अपनी पुलिस क्या वाकई इतनी प्रोग्रेसिव हो गई है..? रिपोर्टर ने बताया नहीं जी, बात ये नहीं है.. बैनर लिखने और लिखवाने वाले दोनों की बीबियाँ करवाँ चौथ से थीं..! प्राब्लम ये थी कि इस साल के करवाँ चौथ का पैकेज उनकी हैसियत से बाहर का था। दोनों ही अपनी बीबियों से यही तर्क देकर कि तुम्हारे उपासने से अपनी उमर बढ़ने वाली नहीं, झगड़ के आए थे। और चौराहों पर बैनर लगाकर अपना फ्रस्टेशन निकाल लिया।
सही बात है- बॉस जिस दिन बीबी से लड़कर आता है उसदिन मताहतों की दिनभर ऐसी-कम-तैसी करता है। स्कूल में मास्साब की आँखें जिस दिन लाल और हाथ में सड़ाका होता था हम बच्चे भी समझने देर नहीं लगाते थे कि आज गुरुआइन दाई ने इनकी अच्छे से लू उतारी होगी।
करवाँ चौथ की पूजा कराकर लौट रहे पंड्डिज्जी से मैंने पूछा- क्या तीज और करवाँ चौथ से वाकई पतियों की उमर बढ़ती है..। अचकचाए पंड्डिज्जी ने जवाब दिया कि पुराणों में तो फुल गारंटी के साथ यही लिखा है बाकी यमराज जानें।
हमारी संस्कृति के सभी कर्मकांड, व्रत और उपवास पुराणों में वर्णित हैं। एक दो को छोड़ प्रायः सभी पुराण दूसरी से दशवीं शताब्दी के बीच लिखे गए हैं। पुराणों के सबसे ज्यादा उपदेश महिलाओं के हिस्से आए हैं।
मार्कडेय पुराण में कथा है कि..एक पतिव्रता अपने कोढ़ी पति को तीर्थयात्रा कराने भ्रमण पर निकलती है। वह बाजार से निकल रही होती है कि उसके कोढ़ी पति का दिल एक वैश्या पर आ जाता है..। वह अपनी फरमाइश पत्नी के समक्ष रखता है। पत्नी पतिव्रता जो ठहरी सो वैश्या से पति को यौनतुष्ट करने की गुजारिश करती है….। यह तो पराकाष्ठा हुई न।
ऐसी बहुत सी कथाएं हैं जिनमें महिलाओं को उपदेश दिया गया है कि पति भले कितना भी लंपट हो लेकिन उसे परमेश्वर मानना चाहिए। इंद्र तो लंपटता का चरम था, लेकिन उसकी पत्नी शची से कभी झगड़ा हुआ हो ऐसा कहीं वर्णित नहीं है।
जाहिर सी बात यह है कि पुरुषों को मौजमस्ती के रास्ते खोले रखने के लिए महिलाओं पर अनुशासन थोपे गए, उन्हें उपदेशों के जरिए सरग-नरक की भूलभुलैया में उलझाए रखा गया।
आप स्त्रियों के आभूषण तो देखिए, सभी के सभी गुलामी के प्रतीक हैं। ऊँट की तरह नाक छेदा, गैय्या की तरह कान, गले में मंगलसूत्र की जंजीर, तो कलाइयों में हथकड़ीनुमा कड़े, पाँव में बेड़ी की भाँति पायल(पहले छड़ा गोडहरा)। एक-एक वस्तु गुलामी के प्रतीक पर उसे आभूषण का नाम देकर ऐसा महिमामंडित किया कि बस इसी गुलामी में उलझी रह गई नारी शक्ति।
मैत्रेयी, गार्गी, भारती, अरुंधती आदि वैदिक काल की महिलाएं इस तरह की गुलामी से मुक्त थीं। वे अपने समकालीन पुरुषों से हर मामले में मुकाबला करने को समर्थ थीं..चाहे शास्त्र से हो या शस्त्र से। पुराण की कथाओं को पुरोहितों और कथावाचकों ने समय-समय पर अपने हिसाब से ट्विस्ट किया।
श्रुति और स्मृति परंपरा से आई पुराण कथाओं में समयकाल के हिसाब से क्षेपक जुड़ते गए।
डाक्टर राममनोहर लोहिया नारीमुक्ति के प्रबल पक्षधर थे, इसलिए वे पंच कन्याओं में स्त्री का व्यवहारिक आदर्श देखते थे। द्रौपदी उनकी नजर में सबसे महान व सशक्त महिला थी जिसने दिलेरी के साथ पुरुष वर्चस्व की वर्जनाएं तोड़ीं और ठप्पे से पाँच पतियों के साथ निर्वाह किया।
लोहिया कुंती, मंदोदरी, तारा, अहिल्या को भी स्त्री विमर्श के केंद्र पर रखते थे। इसके उलट पुरुषवादी समाज ने ऐसा कथानक रचा कि पत्नी को सती सावित्री या सीता से एक इंच भी कम नहीं होना चाहिए भले ही पति कितना बड़ा पापी या दुष्कर्मी क्यों न हो।
भगवान राम एक पत्नीव्रत की शपथ लेते हैं। तत्कालीन समाज में जब स्त्री को धन समझा जाता था और राजाओं के अंतःपुर में अनगिनत स्त्रियां रहती थीं, ऐसे में एक पत्नीव्रत की शपथ साधारण बात नहीं थी।
राम के आराध्य भगवान शंकर थे जिन्होंने पति और पत्नी के आदर्श को जगत के सामने रखा। शंकर से महान पत्नीव्रता शायद ही सृष्टि में किसी भी धार्मिक मान्यता में कोई हो।
सती माता की लाश को कंधे पर टाँगे एक विक्षिप्त पति समूचे ब्रह्मांड की परिक्रमा करता है। वह भी देवों का देव महादेव, ईश्वरों का ईश्वर परमेश्वर। नौदुर्गा की सभी देवियां माता सती-पार्वती की अंश हैं।
कौन है जो अपनी पत्नी को अपने से भी परमशक्ति के पदपर प्रतिष्ठित करे और स्वयं वीतरागी बना रहे। भवानी-शंकर इसीलिए लोक के सबसे करीब और सर्वव्यापी हैं।
समाजवादी चिंतक जगदीश जोशी पति की उम्र और सलामती के लिए पत्नियों के कठिन व्रत के खिलाफ रहते थे। वे हर तीजा- करवाँ चौथ के अवसर पर विमर्श करते और लेख लिखते थे।
जोशी जी का शाश्वत प्रश्न यही रहता था कि क्या पति भी कभी पत्नी की लंबी उमर के लिए कोई धार्मिक यत्न करता है। यदि पति बेइमान, लंपट और चरित्रहीन है तो उसे समय से पहले ही मर जाना चाहिए, उसकी सलामती के लिए व्रत क्यों..?
और यदि पति सदाचारी है तो उसे पत्नी के व्रत-उपवास में भी बराबर का भागीदार रहना चाहिए, उसे भी पत्नी की लंबी उम्र की कामना वैसे ही करनी चाहिए। जोशी जी लोहिया की लाइन पर सोचते थे..। विचार आचार-व्यवहार में कभी सहजता से नहीं चढ़ते।
अपने सभी त्योहार विचार नहीं बाजार से संचालित हैं। बाजार तय करता है कि नौदुर्गा..दशहरा और गरबा कैसे मने। करवाँ चौथ, छठ और तीजा के मेन्यू भी यही बाजार तय करता है। करोड़ों अरबों का व्यापार इन त्योहारों के मार्फत होता है। टीवी फिल्मों में बालीवुड की गणिकाएं अब सती सावित्री और सीता की भूमिका में रोलमॉडल बनकर प्रस्तुत होती हैं।
आर्थिक मंदी और भविष्य को लेकर हताशा के इस दौर में करवाँ चौथ जैसे पर्व एक साधारण नौकरीपेशा व्यक्ति को थरथरा देते हैं। जिस किसी पुलिसिये ने यह लिखा कि लंबी उमर की गारंटी हेलमेट और सीटबेल्ट हैं न कि करवाँ चौथ, शायद ठीक ही लिखा…भगवान उस पुलिसिए को धरमधुरंधरों के कोप से बचाए रखे, मेरी यही प्रार्थना है।

संपर्कः 8225812813
jayramshuklarewa@gmail.com
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