भोपाल । गोवंशी पशुओं में फैली लंपी बीमारी से कोरोना की तरह से ही लडऩा होगा। जिस तरह हमने कोरोना को हराया है, उसी तरह से लंपी को भी पराजित करेंगे। इसके लिए जरूरी है कि पशुओं का टीकाकरण जरूर कराएं। सरकार की तरफ से नि:शुल्क टीका लगाया जा रहा है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन ने गुरुवार को किसानों को दिए संदेश में कही। सीएम शिवराज सिंह चौहान अब खुद इसे काबू करने के प्रयास में जुट गए हैं। बुधवार को पशुपालन विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर सीएम ने प्रभावित जिलों की समीक्षा की थी। गुरुवार को सीएम ने प्रदेश के पशुपालकों के नाम संदेश जारी किया है।
सीएम ने कहा हमारे जानवरों पर लंपी वायरस नाम की बीमारी का बड़ा संकट आया है। ये वायरस तेजी से मप्र में पैर पसार रहा है। हम अपने पशुओं विशेषकर गाय को माता मानकर पूजते हैं। आज गौ माता संकट में हैं, हम उन्हें इस संकट से निकालने में मदद करें। इस संकट में आप अकेले नहीं हैं, सरकार आपके साथ है। हम फ्री में टीका लगा रहे हैं। सबको सावधानी रखनी पड़ेगी। यदि हम चूके तो हमारे पशु संकट में आ सकते हैं। जो चेतना इंसानों में है। वही, जानवरों में दिखती है। चाहे गौवंशीय हो या भैंस वंशीय पशु… इस बीमारी को रोकने के लिए जागरुक हों।
सीएम ने कहा- हमें इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए इसके लक्षण पहचानें। लंपी संक्रमित जानवरों में कई तरह के लक्षण दिखते हैं। इस वायरस से ग्रस्त जानवरों को बुखार आता है। वह सुस्त हो जाते हैं। पैरों में सूजन आ जाती है। मुंह से लगातार लार निकलने लगती है। शरीर में लाल गठानें हो जाती हैं। पूरे शरीर में छेद दिखने लगते हैं। जानवरों का दूध या तो कम हो जाता है या वे दूध देना बंद कर देते हैं। ये बीमारी एक मक्खी, मच्छर से दूसरे जानवर तक फैलती है, लेकिन यह बीमारी इंसानों में नहीं फैलती।
सीएम ने पशु पालकों से अपील की है कि सरकार फ्री में टीका लगा रही। पालक गायों को यह टीका लगवाएं। टीकाकरण इस बीमारी की रोकथाम करेगा। किसी भी जानवर में लक्षण दिखने पर उसे दूसरे जानवरों से अलग कर दें। और पशु चिकित्सकों से संपर्क करें। बीमार जानवर को मच्छर, मक्खी और दूसरे परजीवियों से बचाएं। संक्रमित क्षेत्र में कीटाणु नाशक का छिडकाव करें। मृत पशु को खुले में न छोड़ें, गहरा गढ्ढा करके उसे दफना दें। सरकार आपके साथ खड़ी है लेकिन हमें सबको सहयोग देना पड़ेगा। जैसे कोरोना में हमने इंसानों को बचाने लड़ाई लड़ी थी वैसे ही गौवंश को बचाने के लिए हम कमर कसकर जुट जाएं। मप्र की जनता के सहयोग से जिस प्रकार कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ी वैसे ही हमें सबको मिलकर मूक पशुओं को इस बीमारी से बचाने के अभियान में जुटना चाहिए।
जिस गाय को पूजते हैं, उसे बचाने सब आगे आएं, लंपी को लेकर पशुपालकों से बोले सीएम
बिना टैक्स दिए बेच रहा था पान मसाला, पान मसाला दुकान पर जीएसटी का छापा
भोपाल । जीएसटी टीम ने संतनगर में टैक्स चोरी के संदेह में कृष्णा पान मसाला की दुकान पर छापामार कार्रवाई की है। जीएसटी अफसर व्यापारी की टैक्स चोरी की शिकायत की जांच करने पहुंचे। कृष्णा पान मसाला के स्टोर राजकुमार लालवानी का बताया जा रहा है। जीएसटी के सहायक आयुक्त सुनील बागर ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
जीएसटी अफसरों ने बताया कि संतनगर में संचालित कृष्णा पान मसाला के संचालक द्वारा अलग-अलग कंपनी के गुटखा और पान मसाला का कारोबार किया जाता है। सूचना मिली थी कि गुटखा और पान मसाले की खरीदी बिना टैक्स चुकाए की जा रही थी। बीते दिनों इसकी शिकायत मिली थी। उसी की जांच करने गुरुवार को जीएसटी अफसरों की टीम ने दुकान पर छापामार कार्रवाई की। अफसरों के मुताबिक स्टोर संचालक अलग-अलग कंपनियों से सप्लाई हुए गुटखा और पान मसाले की खरीदी के बिल नहीं दे सके हैं। इसको लेकर जीएसटी अफसर व्यापारी के बैंक अकाउंट की भी जानकारी जुटा रहे हैं।तीन साल पहले ईओडब्ल्यू समेत 9 एजेंसियों ने गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित पान मसाला कंपनी में रेड की थी। एजेंसियों ने दावा किया था कि नौ माह में एक हजार करोड़ रुपए अधिक की टैक्स चोरी की गई है। टैक्स चोरी के इस मामले में ईओडब्ल्यू ने कंपनी के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। लेकिन, बाद में मामला ठंडा पड़ गया। फैक्ट्री में टैक्स चोरी के साथ अमानक स्तर का गुटखा पाया गया था।
पीरमुहानी में अयोध्या के राम-जानकी मंदिर की तरह दिखेगा पंडाल, आशीर्वादी रूप की होती है पूजा
दुर्गोत्सव के दौरान राजधानी पटना का मुख्य केंद्र पीरमुहानी से लेकर आर्य कुमार रोड के आसपास रहता है. पूजा के दौरान यह इलाका तीन दिनों तक सोता नहीं बल्कि जागता रहता है. दिन-रात का अंतर मालूम ही नहीं होता है. इस इलाके में एक से बढ़कर एक मां की प्रतिमाएं जगह-जगह विराजमान होती हैं. जिनके दर्शन के लिए मां के भक्त पटना ही नहीं आसपास के जिले से भी पहुंचते हैं.
30 फीट ऊंचा पंडाल
पीरमुहानी के श्रीश्री नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति का
इस बार राम जन्म भूमि अयोध्या के राम-जानकी मंदिर की तरह दिखेगा. पंडाल का निर्माण कार्य पश्चिम बंगाल के कलाकार कर रहे हैं. यह पंडाल लगभग 50 फीट लंबा और लगभग 30 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है. इस बार यहां मर्यादा पुरुषोत्तम राम के महल में मां दुर्गा विराजमान होंगी.
प्रवेश और निकास के लिए अलग अलग द्वार
पंडाल के अंदर प्रवेश करने के लिए और निकलने के लिए अलग-अलग द्वार होगा. पंडाल के हर स्तंभ पर राम मंदिर का प्रतिरूप दिखेगा. पंडाल के पास पहुंचते श्रद्धालुओं को एहसास होने लगेगा कि वे राम जन्म भूमि अयोध्या में है. पंडाल का निर्माण रणधीर कुमार की टीम कर रही है.
आशीर्वादी रूप की होती है पूजा
श्रीश्री नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अर्जुन यादव ने बताया कि यहां मां की पूजा आशीर्वादी रूप में होती है. यहां भगवान गणेश, मां लक्ष्मी जी, कार्तिकेय, मां सरस्वती की भी प्रतिमा रहेगी. मूर्ति का निर्माण पश्चिम बंगाल के मूर्तिकार जगन्नाथ पाल की टीम कर रही है. इस बार पंडाल के पश्चिम उमा सिनेमा से लेकर राजेन्द्र पथ किया जायेगा.
1938 से हो रहा आयोजन
श्रीश्री नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति की स्थापना 1938 में किया गया था. तब से शारदीय नवरात्र में पूजा का आयोजन किया जा रहा है. पूजा की व्यवस्था समिति सदस्यों और स्थानीय लोगों और दुकानदारों से चंदा एकत्र किया जाता है. यहां विराजमान होने वाली मां की प्रतिमा की पूजा करने पर मन्नत पूरी होती है
खीर और हलवा का प्रसाद
पूजा के दौरान में यहां बड़े पैमाने पर प्रसाद का वितरण किया जाता है. अष्टमी को खीर और नवमी को हलवा और चना का भोग माता को लगाया जाता है. लगभग तीस हजार से अधिक मां के भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं.
महिलाओं को गलती से भी नहीं करना चाहिए ये 6 काम, लेकिन आज-कल ये आम बात है
धर्म ग्रंथों में लाइफ मैनेजमेंट के अनेक सूत्र बताए गए हैं। साथ ही ये भी बताया गया है कि महिलाओं को कौन-कौन से काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए, नहीं तो इसका बुरा असर उनकी मैरिड लाइफ पर भी पड़ सकता है।
मनुस्मृति (Manu Smriti) में भी स्त्रियों से संबंधित अनेक नियम बताए गए हैं। हालांकि मनु स्मृति में जिन 6 कामों के बारे में बताया गया है, जो महिलाओं को नहीं करना चाहिए। वे आज-कल आम बात हो गई है। आगे जानिए वो कौन-से काम हैं और क्यों नहीं करना चाहिए.
श्लोक
पानं दुर्जनसंसर्गः पत्या च विरहोटनम्।
स्वप्नोन्यगेहेवासश्च नारीणां दूषणानि षट्।।
अर्थ: सुरापान (शराब पीना), दुष्ट पुरुष की संगत, पति से अलग रहना, बेकार में इधर-उधर घूमना, असमय एवं देर तक सोते रहना और दूसरे के घर में रहना। ये 6 काम महिलाओं को नहीं करना चाहिए।
1. सुरापान यानी शराब पीना
मनुस्मृति के अनुसार, महिलाओं को शराब नहीं पीना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने पर उन्हें अच्छे-बुरे का भान नहीं रहता और कभी-कभी इसके भयानक परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। जिन महिलाओं को शराब की लत लग जाती है वे इसे पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाती हैं।
2. गलत काम करने वाले पुरुष से बातचीत न करें
ऐसे लोग जो गलत काम करते हैं और हमेशा दूसरों की मजबूरियों का फायदा उठाने के बारे में सोचते रहते हैं। ऐसे लोगों से महिलाओं के सदैव दूर रहना चाहिए। ऐसे लोग महिलाओं का का उपयोग अपने निजी हित के लिए भी कर सकते हैं। दुष्ट पुरुष की संगत में रहने से स्त्री का स्वभाव भी वैसा हो सकता है, इसलिए ऐसे लोगों से जितना दूर रहें, उतना अच्छा।
3. पति से अलग नहीं रहना चाहिए
आज-कल छोटी-छोटी बातों पर पत्नी अपने पति से रूठ कर अपनी पिता या दोस्त के घर रहने चलीं जाती हैं। महानगरों में ये एक आम बात है। हालांकि मनु स्मृति में इस बात को लेकर स्पष्ट लिखा है कि विवाह के बाद पत्नी को अपने पति से अलग नहीं रहना चाहिए। क्योंकि ऐसा होने पर महिलाओं में कई तरह के दोष आने का संभावना बनी रहती है। इसलिए पत्नी को पति से अलग नहीं रहना चाहिए।
4. बेकार में इधर-उधर घूमना
कुछ महिलाओं की आदत होती हैं कि वे जहां रहती हैं, वहां के लोगों के साथ बेकार ही इधर-उधर घूमती रहती हैं। कई बार मना करने पर भी वे नहीं मानती। अगर विवाहित महिला ऐसे करें तो इससे उसके मान-सम्मान में कमी आ सकती है और वैवाहिक जीवन में भी परेशानी खड़ी हो सकती है।
5. असमय एवं देर तक सोते रहना
पहले के समय में महिलाएं सुबह जल्दी उठकर घर के काम-काज में जुट जाती थीं, लेकिन वर्तमान समय में महिलाएं अक्सर देर तक और असमय सोती हैं। इस वजह से परिवार में विवाद की स्थिति बनती है। कई बाद ये विवाद बड़ा रूप भी ले सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए महिलाओं को समय पर सोना और उठना चाहिए।
6. दूसरे के घर में रहना
विवाह के बाद पत्नी को सिर्फ अपने पति के घर पर ही रहना चाहिए। यहां तक कि अधिक समय तक अपने पिता के घर में भी रहने से बचना चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में कटुता आती है और ससुराल में भी उचित मान-सम्मान नहीं मिल पाता।
मौत के वक्त इन चीजों का साथ दिलाता है स्वर्ग में वास
मृतक की आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण करना बहुत अहम होता है। इससे पूर्वजों को स्वर्ग मिलता है. लेकिन कुछ चीजें इतनी शुभ मानी गई हैं कि मरते समय ये पास हों तो भी स्वर्ग मिलता है।
गरुड़ पुराण में इन चीजों को बहुत शुभ माना गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार यदि मृत्यु के समय ये चीजें पास में हों तो श्राद्ध कर्म की भी जरूरत नहीं होती है। ये चीजें मृतक के लिए स्वर्ग का रास्ता खोलती हैं आइए जानते हैं वो कौनसी चीजें हैं, जिनका मरते समय पास में होना बहुत शुभ माना गया है।
तुलसी- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि मरते समय व्यक्ति के आसपास तुलसी का पौधा हो तो या उसके मुंह माथे पर तुलसी के पत्ते-मंजरियां रख दी जाएं तो मृतक कभी यमलोक नहीं जाता है। उसके लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं।
गंगाजल- हिंदू धर्म में गंगाजल को बहुत पवित्र माना गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार जब व्यक्ति की मृत्यु करीब हो तो उसके मुंह में गंगाजल जरूर डाल देना चाहिए. ऐसा करने से उसके पाप नष्ट होते हैं वह सीधे स्वर्ग जाता है। मान्यता है कि गंगा में अस्थियां विसर्जित करने से भी मृतक को स्वर्ग मिलता है। जब तक अस्थियां गंगा में रहती हैं व्यक्ति स्वर्ग के सुख भोगता है।
कुश- कुश को हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना गया है. पूजा-पाठ में कुश का उपयोग प्रमुखता से होता है। मान्यता है कि कुश की उत्पत्ति भगवान विष्णु के रोम से हुई है। मरणासन्न व्यक्ति को कुश के आसन पर लिटाने से उसे बिना श्राद्ध के भी स्वर्ग में स्थान मिल जाता है।
तिल- तिल का श्राद्ध पक्ष में विशेष महत्व होता है। पितरों को काली तिल मिले जल से तर्पण किया जाता है। इसलिए मरणासन्न व्यक्ति से काली तिल का दान करवा दिया जाए तो उस व्यक्ति से असुर, दैत्य, दानव हमेशा दूर रहते हैं। साथ ही मरने वाले व्यक्ति के सिरहाने काली तिल रख देना चाहिए।
ध्वनि का प्राणी शरीर पर प्रभाव
यह जानकर खुश होगें की ध्वनि का प्रभाव प्रत्येक जीव के शरीर पर पड़ता है। वर्तमान औधोगिकी करण और तकनीकि से ध्वनि प्रदूषण अधिक मात्रा में बढ़ रहा है। इस ध्वनि प्रदूषण के परिणाम देखते हुये नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. राबर्ट कॉक ने सन् 1925-26 में एक बात कही थी एक दिन ऐसा आयेगा, जब पूरे विश्व में स्वस्थ्य का सबसे बड़ा शत्रु ध्वनि प्रदूषण होगा। यह ध्वनि प्रदुषण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। मानव का मन, मस्तिष्क और शरीर बहुत संवेदन शील हैं। यह ध्वनि तरगों के प्रति भी बेहद संवेदन शील है। जैसे जब कोई संगीत सहित, गीत गाता है,या वाद्य बजाता है तो मन अपने आप उस पर केन्द्रित हो जाता है उसे सुनते ही अंग-अंग थिरकने लगता है, मन प्रसन्रता से भर जाता है, शरीर में आनंद की लहर छा जाती है। इसके विपरीत कानो को अप्रिय लगने वाली तेज ध्वनि सुनाई देती है तब मानव को शारीरिक और मानसिक दोनो तरह की परेशानी होती है। जिससे व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है एवं स्वस्थ्य खराब हो जाता है। वह बहरा और पागल भी हो सकता है।
डेसी बल ध्वनि की तीब्रता नापने की इकाई है। इसका अविष्कार ‘ग्राहमबेल’ बैज्ञानिक ने किया था। आधुनिक वैज्ञानिकों का कहना है कि 150 डेसीबल की ध्वनि बहरा भी बना सकती है। 160 डेसीबल की ध्वनि त्वचा जला देती है। 180 डेसीबल की ध्वनि मौत की नींद सुला सकती है। 120 डेसीबल की ध्वनि ह्रदयगति बढ़ना प्रारंभ हो जाती है। जिससे ह्रदय रोग एवं उच्च रक्त चाप की बीमारी जन्म लेती है। हर मानव को 60 डेसीबल तक की ध्वनि वाले वातावरण में रहना चाहिए प्रदूषण की श्रेणी में 75 डेसीबल से अधिक की ध्वनि शोर आता है। ध्वनि प्रदुषण से आंखों की पुतली का मध्य छिद्र फैल जाता है, आमाशय और ऑतों पर घातक प्रभाव से पाचन क्रिया बिगड़ जाती है। इससे शरीर की प्रति रोधी क्षमता घट जाती है, ग्रनथियों से हार्मोन्स का श्राव अनियमित हो जाता है, स्नायु खिच जाते है, शरीर में थकान, मानसि तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती अत: हमें तेज ध्वनि से बचना चाहिए।
राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (23 सितम्बर 2022)
- मेष राशि :- व्यवसायिक क्षमता में वृद्धि, किसी शुभ समाचार के मिलने का योग बन जाएगा।
- वृष राशि – आकस्मिक बेचैनी, स्वभागव में खिन्नता, थकावट, असमंजस की स्थिति बन जाएगी।
- मिथुन राशि – बेचैनी से स्वभाव में खिन्नता मन भ्रमित, मान प्रतिष्ठा में अपमान, कमी होवे।
- कर्क राशि – दैनिक कार्य वृद्धि में सुधार एवं योजनाएं फलीभूत होगी, कार्य बने, ध्यान रखे।
- सिंह राशि – विसंगति से हानि, आशानुकूल सफलता से हर्ष, बिगड़े काम बन ही जाएगे।
- कन्या राशि – स्त्री वर्ग से हर्ष, उल्लास, सामाजिक कार्यों में मान-प्रतिष्ठा, नवीन हावेगी ध्यान दें।
- तुला राशि – मान प्रतिष्ठा पर आंच आने का डर, विवादग्रस्त होने से बचिए, ध्यान रखें।
- वृश्चिक राशि – सामाजिक कार्यों में प्रभुत्व वृद्धि, संवृद्धि संवर्धन के योग बनेंगे, कार्य करें।
- धनु राशि – शुभ समाचार से संतोष, दैनिक कार्य गति अनुकूल, मनोकामना पूर्ण होगी, ध्यान दें।
- मकर राशि – विघटनकारी तत्व परेशान करें, अचानक यात्रा के प्रसंग अवश्य ही बनेंगे।
- कुंभ राशि – स्वभाव में खिन्नता, मानसिक बेचैनी परिश्रम से व्यवस्था अनुकूल बनेगी।
- मीन राशि – समृद्धि के साधन जुटाए, अधिकारियें का समर्थन फलप्रद होवे, कार्य बनेंगे।
आस्ट्रेलिया के दल ने किया इंदौर बिजली कंपनी का दौरा
भोपाल : न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया का दल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मुख्यालय पहुँचा। न्यू साउथ वेल्स एंडएवर एनर्जी संस्था के दो सदस्यी दल में श्री कैनेथ लैम और श्री हाइडेन वेन हेमंड शामिल थे। दल ने पोलोग्राउंड इंदौर स्थित स्काडा कंट्रोल रूम में देखा कि किस तरह इंदौर शहर की 33 केवी लाइनों से बिजली की आपूर्ति को स्क्रीन पर देखा जा सकता है। दल ने जीआईएस के बिजली क्षेत्र में हो रहे प्रयोग और डाटा सेंटर पहुँच कर भी जानकारी ली। सिटी कंट्रोल रूम में जाकर ग्रिड व स्कॉडा संबंधी लाइव देखा। आस्ट्रेलिया का दल स्मार्ट मीटर कंट्रोल रूम पहुंचा और स्मार्ट मीटर लगाने, राजस्व संग्रहण व उपभोक्ता सुविधा विस्तार आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
लाड़ली लक्ष्मी योजना से लिंगानुपात और लोगों की सोच में आया बदलाव : गृह मंत्री डॉ. मिश्रा
भोपाल : गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में आयोजित लाड़ली लक्ष्मी सम्मेलन में 47 बेटियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय संस्कृति को प्रतिपादित करते मंत्र "यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमन्ते तत्र देवता'' को लाड़ली लक्ष्मी योजना गढ़ कर साकार कर दिखाया है। योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं कि आज बालिकाओं के प्रति न केवल लोगों की सोच में बदलाव आया है, बल्कि लिंगानुपात में भी उत्तरोत्तर सुधार हुआ है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन में इंदौर प्रदेश में अव्वल नम्बर पर है। इंदौर में एक लाख 81 हजार बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल रहा है।
गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने लाड़ली लक्ष्मी सम्मेलन में कहा कि विभिन्न योजनाओं के लाभों से वंचित रह गये हितग्राहियों को पात्रता अनुसार लाभ प्रदान किया जायेगा। इन्हें केन्द्र और राज्य सरकार की 33 जन-कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिन 17 सितम्बर से 31 अक्टूबर (45 दिन) तक मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में चलाई जा रही योजनाओं से आम व्यक्ति की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान से प्रत्येक जरूरतमंद पात्र व्यक्ति को योजनाओं से लाभान्वित करने का संकल्प लिया गया है। अभियान में संकल्प पूर्ति के लिये घर-घर पहुँच कर लोगों से जानकारी लेकर लाभान्वित करने का महती कार्य किया जा रहा है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना का अनुसरण कर रहा है पूरा देश
जल-संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि आज पूरा देश मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना का अनुसरण कर रहा है। वर्ष 2007 से प्रारंभ हुई योजना से 43 लाख बालिकाएँ लाभान्वित हो रही हैं। गर्व की बात है कि अन्य क्षेत्रों की तरह लाड़ली लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन में भी लगभग पौने दो लाख बालिकाओं को योजना से लाभान्वित कर इंदौर नम्बर वन पर है। उन्होंने कहा कि हम सभी संकल्पित होकर मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचायेंगे।
लाड़ली लक्ष्मी सम्मेलन में 11 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी प्रमाण-पत्र, 25 परिवारों को एकल बेटी परिवार सम्मान, 13 बालिकाओं को जिमनास्टिक में राज्य स्तरीय गोल्ड मैडल, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताईक्वांडो में मैडल, गोला फेंक में गोल्ड मैडल, एयरोबिक्स नेशनल प्लेयर गोल्ड मैडल, नेशनल कराते चैम्पियनशिप, ऑल इण्डिया कराते में गोल्ड मैडल, योगा में गोल्ड मैडल इत्यादि उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिये सम्मान, 3 बालिकाओं को मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना का लाभ और 5 युवतियों को पिंक लायसेंस प्रदान किये गये। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ योगा का भी प्रदर्शन किया गया। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने योगा में अद्भुत प्रदर्शन के लिये 11 हजार रूपये का नगद पुरस्कार दिया।
विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया एवं श्री रमेश मेंदोला, इंदौर विकास प्राधिकरण के चेयरमेन श्री जयपाल सिंह चावड़ा, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री मधु वर्मा सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री चौहान को पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” भेंट की गई
भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को लेखक और पत्रकार श्री कौशल किशोर चतुर्वेदी ने आज निवास पर “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” पुस्तक भेंट की।
इस पुस्तक में मुख्यमंत्री श्री चौहान के व्यक्तित्व और कृतित्व पर श्री कौशल किशोर चतुर्वेदी द्वारा लिखे गए आलेख संकलित कर प्रकाशित किए गए हैं। लेखक श्री कौशल की धर्मपत्नी श्रीमती संध्या कौशल चतुर्वेदी, बेटी सुश्री प्रांजलि चतुर्वेदी, प्रकाशक श्री मनीष गुप्ता और श्रीमती दीपाली गुप्ता भी उपस्थित थीं।















