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महतारी वंदन का पोर्टल फिर खुलेगा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया बड़ा अपडेट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की बेहद लोकप्रिय 'महतारी वंदन योजना' का ऑनलाइन पोर्टल एक बार फिर से खुलने जा रहा है। लंबे समय से इस योजना में अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराने का इंतजार कर रही महिलाओं को अब दोबारा आवेदन करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस संबंध में एक बड़ा आधिकारिक ऐलान किया है कि इस बार पोर्टल की शुरुआत सबसे पहले बस्तर संभाग से की जाएगी, जिसके बाद क्रमवार तरीके से अन्य सभी संभागों के लिए भी इसे खोल दिया जाएगा।

विभागीय मंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि आगामी 1 जुलाई को योजना के तहत लाभार्थियों को इसकी 29वीं किस्त की राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए आवेदनों को स्वीकार करने के लिए पोर्टल खोलने की पूरी तैयारी हो चुकी है और इसके लिए मुख्यमंत्री से भी आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। शुरुआत में बस्तर संभाग के सभी जिलों की पात्र महिलाओं के फॉर्म भरे जाएंगे, जिसके बाद बाकी क्षेत्रों की महिलाओं को भी इसका लाभ उठाने का मौका मिलेगा।

योजना का उद्देश्य और वित्तीय सहायता

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 मार्च 2024 को लागू की गई महतारी वंदन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इस महत्वाकांक्षी स्कीम के अंतर्गत सरकार द्वारा हर महीने की पहली तारीख को पात्र लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ₹1000 की वित्तीय सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है। इस प्रकार महिलाओं को सालाना कुल ₹12,000 की आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। सरकार अब तक इस योजना की 28 किस्तें सफलतापूर्वक जारी कर चुकी है और जुलाई के पहले दिन इसकी अगली किस्त भेजी जाएगी।

योजना के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें

महतारी वंदन योजना का लाभ केवल उन्हीं आवेदकों को मिलेगा जो सरकार द्वारा तय की गई अनिवार्य शर्तों को पूरा करेंगी। इसके तहत महिला का विवाहित होना और छत्तीसगढ़ राज्य का मूल स्थानीय निवासी होना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त, आवेदन करने के लिए महिला की न्यूनतम आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। सरकार ने यह भी साफ किया है कि समाज की जरूरतमंद महिलाओं को संबल देने के लिए योजना के अंतर्गत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त (छोड़ दी गई) महिलाएं भी पूरी तरह से आवेदन करने के लिए पात्र मानी जाएंगी।

पंजीकरण की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

इस कल्याणकारी योजना से जुड़ने के लिए इच्छुक और योग्य महिलाएं आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल  पर जाकर अपना फॉर्म भर सकती हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी किए गए विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से भी घर बैठे बेहद आसानी से आवेदन जमा किया जा सकता है। पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवेदकों के पास पहचान के तौर पर उनका आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इसके साथ ही एक सक्रिय मोबाइल नंबर की भी आवश्यकता होगी, जो आवेदक के बैंक खाते से आवश्यक रूप से लिंक होना चाहिए ताकि योजना की राशि बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आ सके।

मेडिकल कॉलेज के नतीजों पर सवाल, बड़ी संख्या में छात्र असफल

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दरभंगा। उत्तर बिहार के प्रतिष्ठित दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ MBBS 2021 बैच के फाइनल ईयर के परीक्षा परिणाम ने सबको चौंका दिया है। इस मुख्य परीक्षा में शामिल हुए कुल 121 छात्र-छात्राओं में से 48 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए हैं, जबकि 4 अन्य छात्रों का रिजल्ट फिलहाल पेंडिंग (लंबित) रखा गया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भावी डॉक्टरों के फेल होने से कॉलेज प्रशासन सख्ते में है और पूरे कैंपस में यह मामला गरमाया हुआ है। इस परिणाम के बाद केवल 69 छात्र ही सफलतापूर्वक परीक्षा पास कर सके हैं।

निराश न हों छात्र, 17 जुलाई से शुरू होगी सप्लीमेंट्री परीक्षा

परीक्षा में असफल रहे छात्रों को डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और मौका देने का निर्णय लिया है। फेल हुए छात्रों के लिए आगामी 17 जुलाई से 5 अगस्त के बीच सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष परीक्षा में पास होकर छात्र अपनी मेडिकल की डिग्री पूरी कर सकेंगे।

आज से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, प्रिंसिपल ने दी अहम जानकारी

इस सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठने के लिए योग्य छात्रों को 25 जून से 8 जुलाई के बीच अपना परीक्षा फॉर्म भरना होगा। DMCH के प्रिंसिपल डॉ. उमेशचंद्र झा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य परीक्षा में असफल रहे छात्रों के लिए इस आगामी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया आज यानी 25 जून से ही शुरू की जा रही है।

शैक्षणिक व्यवस्था पर उठे सवाल, साख बचाने की चुनौती

एक साथ लगभग एक-तिहाई से ज्यादा छात्रों के फेल होने के बाद अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। यह चौंकाने वाला नतीजा छात्रों और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता और बहस का विषय बना हुआ है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन का पूरा ध्यान सप्लीमेंट्री परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और छात्रों को बेहतर तैयारी के साथ दूसरा अवसर देने पर टिका है।

AC Tips: क्या रातभर एसी चलाने से खराब हो सकता है? जानिए सच और दूर करें कन्फ्यूजन

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नई दिल्ली। भीषण और चुभती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों में कूलर और पंखों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन साल-दर-साल जिस तेजी से वैश्विक तापमान बढ़ रहा है, उसे देखते हुए अब बिना एयर कंडीशनर (एसी) के रह पाना बेहद मुश्किल हो गया है। आजकल घरों और दफ्तरों में विंडो से लेकर स्प्लिट एसी तक का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इसी बीच बहुत से लोगों के मन में अक्सर यह असमंजस रहता है कि क्या एसी को पूरी रात लगातार चालू रखना सुरक्षित है या ऐसा करने से मशीन खराब हो सकती है।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, एसी को चलाने के लिए 24 डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे आदर्श माना जाता है। इस तापमान पर न सिर्फ कमरा आरामदायक रहता है, बल्कि बिजली की खपत भी नियंत्रित रहती है, जिससे भारी-भरकम बिल से राहत मिलती है। इसके विपरीत, एसी को बेहद कम तापमान जैसे कि 18 डिग्री पर चलाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

मॉर्डन टेक्नोलॉजी और ऑटोमैटिक कट-ऑफ

रातभर एसी चलाने से उसके खराब होने का डर मुख्य रूप से पुरानी मशीनों में होता था। आजकल बाजार में आने वाले आधुनिक एसी बेहतरीन और उन्नत तकनीक से लैस हैं। इन नए मॉडलों में 'ऑटोमैटिक कट-ऑफ' और 'थर्मोस्टेट' जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए होते हैं। ये फीचर्स कमरे का तापमान मनमुताबिक स्तर पर पहुंचते ही कंप्रेसर को अपने आप बंद कर देते हैं और तापमान बढ़ने पर दोबारा चालू कर देते हैं। इस वजह से लगातार चलने के बाद भी आधुनिक एसी के खराब होने का खतरा नहीं रहता है।

कंप्रेसर की सेहत और मशीन की लंबी उम्र

हालांकि, यह बात भी उतनी ही सच है कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए। यदि एसी को बिना किसी अंतराल के लगातार कई दिनों तक चलाया जाए, तो इसके मुख्य हिस्से यानी कंप्रेसर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपका एसी लंबे समय तक बिना किसी खराबी के बेहतरीन सर्विस दे, तो इसे जरूरत के हिसाब से ही चालू रखने और बीच-बीच में थोड़ा आराम देने की सलाह दी जाती है।

सुरक्षित उपयोग के लिए जरूरी सावधानियां

एसी का आनंद लेते समय कुछ बेहद जरूरी तकनीकी बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके घर की इलेक्ट्रिक वायरिंग मजबूत हो और एसी का लोड संभालने में सक्षम हो। इसके साथ ही, घर में लगे बिजली के मीटर का किलोवाट (KW) कनेक्शन वहां चल रहे एसी की संख्या के अनुरूप होना चाहिए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या न हो। इन सब के अलावा, एसी की परफॉर्मेंस को बरकरार रखने के लिए समय-समय पर उसकी अधिकृत मैकेनिक से सर्विसिंग करवाना बेहद जरूरी है।

Weight Loss Tips: बिना सख्त डाइट और भारी वर्कआउट के ऐसे घटाएं वजन, जल्द दिखेगा फर्क

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नई दिल्ली। आधुनिक जीवनशैली की तेज रफ्तार और असंतुलित खानपान के कारण बढ़ता वजन आज के समय में एक बड़ी चुनौती बन चुका है। मोटापा केवल शारीरिक बनावट को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारियों जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। वजन नियंत्रित करने की चाह में लोग अक्सर जल्दबाजी में गलत डाइट प्लान या अत्यधिक कठिन व्यायाम का सहारा ले लेते हैं, जिससे शरीर को फायदा होने के बजाय नुकसान पहुंचने लगता है।

वजन कम करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप खुद को भूखा रखें या अत्यधिक मानसिक तनाव लें। अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ सकारात्मक और छोटे बदलाव करके भी सुरक्षित तरीके से फिटनेस हासिल की जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान और प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर बढ़ते वजन पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

संतुलित आहार और प्रोटीन का महत्व

वजन को नियंत्रित रखने में हमारे भोजन की सबसे बड़ी भूमिका होती है। सुबह के समय खाली पेट हल्का गुनगुना पानी पीने से शरीर की चयापचय क्रिया (मेटाबॉलिज्म) तेज होती है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं दूर रहती हैं। इसके अलावा अपनी डाइट में दालें, अंडे, पनीर और अंकुरित अनाज जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करना चाहिए। प्रोटीन का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे असमय कुछ भी खाने की आदत (ओवरईटिंग) पर रोक लगती है। साथ ही, भोजन की मात्रा (पोर्शन कंट्रोल) पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है; हमेशा अपनी थाली में छोटे हिस्सों में संतुलित भोजन लें।

शारीरिक सक्रियता और जीवनशैली में बदलाव

बिना किसी कठिन वर्कआउट के भी खुद को फिट रखने के लिए नियमित रूप से कम से कम आधा घंटा तेज कदमों से चलना (ब्रिस्क वॉक) एक बेहतरीन विकल्प है। यह आदत कैलोरी बर्न करने के साथ-साथ दिल की सेहत को भी दुरुस्त रखती है। वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण मीठे पेय पदार्थ, चीनी और डिब्बाबंद जंक फूड का अत्यधिक सेवन है, जो शरीर में चर्बी को तेजी से बढ़ाते हैं। इनकी जगह ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद और सूखे मेवों को तरजीह दी जानी चाहिए।

भरपूर नींद और पर्याप्त जल सेवन की जरूरत

शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ शरीर को पूरा आराम देना भी बेहद आवश्यक है। नींद की कमी से शरीर में भूख बढ़ाने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे बार-बार कुछ मीठा या ऑयली खाने की इच्छा होती है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। इसके साथ ही, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि कई बार हमारा मस्तिष्क प्यास को भी भूख समझ लेता है और हम अतिरिक्त कैलोरी का सेवन कर बैठते हैं। नियमित अंतराल पर पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और वजन प्राकृतिक रूप से घटने लगता है।

शोकॉज नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी, स्वास्थ्य विभाग ने लिया एक्शन

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जबलपुर: विक्टोरिया जिला अस्पताल में बड़ी कार्रवाई, ड्यूटी से गायब रहने वाले 7 नोडल डॉक्टरों का कटेगा वेतन

औचक निरीक्षण में खुली थी पोल, डॉक्टरों की मनमानी पर प्रशासन सख्त

जबलपुर। संस्कारधानी के जिला अस्पताल विक्टोरिया की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल की ओपीडी (OPD) में लगातार डॉक्टरों के नदारद रहने और अव्यवस्थाओं की शिकायतें आला अधिकारियों तक पहुँच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शाम की ओपीडी से कई जिम्मेदार डॉक्टर गायब मिले। इस बड़ी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन ने ड्यूटी से गायब रहने वाले 7 नोडल चिकित्सा अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर जवाब मांगा था।

नोटिस को हल्के में लेना पड़ा भारी, समय सीमा खत्म होने पर भी नहीं दिया जवाब

अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, शोकॉज नोटिस जारी होने के बाद भी इन नोडल अधिकारियों के रुख में कोई सुधार नहीं दिखा। तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने अपनी अनुपस्थिति को लेकर कोई स्पष्टीकरण या जवाब दाखिल नहीं किया। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों को इस तरह नजरअंदाज किए जाने को प्रशासन ने अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना है। नोडल अफसरों के इस अड़ियल और लापरवाह रवैये से नाराज होकर सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी ने अब सभी दोषी डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने का कड़ा फैसला लिया है।

मरीजों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, आगे भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण

सिविल सर्जन डॉ. कोठारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि शासकीय कार्यों में इस तरह की लापरवाही और मनमानी किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। अस्पताल आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य और उनके हितों से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा नोटिस का जवाब न देना प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन है, जिसके चलते उनके खिलाफ एक दिन की वेतन कटौती की फाइल तैयार कर ली गई है। प्रशासन का साफ कहना है कि इस दंडात्मक कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य के लिए सभी कर्मचारियों को सचेत करना है। ओपीडी सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी और आने वाले दिनों में भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

शांति व्यवस्था के मद्देनजर राजा भैया और पिता उदय प्रताप हाउस अरेस्ट, प्रशासन अलर्ट

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प्रतापगढ़। मोहर्रम के त्योहार के दौरान क्षेत्र में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। प्रशासन ने कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह और उनके 13 प्रमुख समर्थकों को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है। इस फैसले के बाद भदरी कोठी के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुंडा के शेखपुर इलाके में साल 2012 में एक बंदर की मृत्यु के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क के किनारे एक हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। तभी से राजा उदय प्रताप सिंह हर साल मोहर्रम के ही दिन इस मंदिर में विशेष हनुमान पाठ और भंडारे का कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। साल 2013-14 में जब मोहर्रम का जुलूस और यह भंडारा एक ही समय पर हुए थे, तब इलाके का माहौल काफी बिगड़ गया था। इसी पुराने विवाद और दोबारा तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले ही नजरबंदी की सख्त कार्रवाई की है।

राजा भैया के आवास पर नोटिस चस्पा

प्रशासन के आदेश पर पुलिस ने राजा भैया और उनके पिता के निवास स्थान के बाहर हाउस अरेस्ट की आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दी है। इसके साथ ही उनके समर्थकों को भी उनके घरों में ही नजरबंद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन समर्थकों में निर्भय सिंह बेंती, जुगनू विश्वकर्मा हथिगवां, हनुमान पांडेय कुंडा, जीतेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्रा, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, केशरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, गया प्रयास प्रजापति और मोहन हथिगवां शामिल हैं।

चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए क्षेत्र के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों ने खुद कमान संभाल ली है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, जिन भी लोगों को नजरबंद किया गया है, उनके घरों पर नोटिस तामील करा दी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए शुक्रवार की रात नौ बजे तक यह हाउस अरेस्ट की कार्रवाई पूरी तरह प्रभावी रहेगी।

शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

त्योहार के मद्देनजर पूरे कुंडा क्षेत्र में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र में शांति व भाईचारा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

फसल बंटवारे के विवाद में खूनी खेल: पिता ने बेटे-बहू को मारी गोली, बेटे की मौत

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फ़तेहपुर। पारिवारिक कलह और संपत्ति विवाद के चलते एक बुजुर्ग पिता ने अपनी ही दुनाली बंदूक से बेटे और बहू पर जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में अत्यधिक खून बह जाने के कारण गंभीर रूप से घायल बेटे की कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बहू जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बहू के पेट से गोली बाहर निकाल ली है। दिल दहला देने वाली इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता मौके पर ही बंदूक छोड़कर साइकिल से फरार हो गया।

कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीतापुर गांव के रहने वाले 75 वर्षीय रामखेलावन पटेल के दो बेटे हैं। छोटा बेटा राजू कानपुर में कार्यरत है, जबकि बड़ा बेटा अवनीश (35) एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था और अपनी पत्नी मनीषा (28) के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहता था। कुछ समय पहले रामखेलावन की पत्नी मिथलेश का पैर टूट गया था, जिसके बाद से उनके इलाज के खर्च और तीमारदारी को लेकर पूरे परिवार में लगातार मानसिक तनाव चल रहा था।

इलाज के खर्च और हिस्सेदारी पर बढ़ा विवाद

बुधवार सुबह लगभग 10 बजे रामखेलावन और उनके बड़े बेटे अवनीश के बीच मां के इलाज के खर्च को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अवनीश की पत्नी मनीषा भी वहां पहुंच गई। मनीषा ने पारिवारिक कलह के बीच फसल और संपत्ति में अपने हिस्से की मांग रख दी और कहा कि बंटवारा होने के बाद ही वे लोग मां की देखभाल करेंगे। यह सुनते ही रामखेलावन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने बहू पर हाथ उठाने का प्रयास किया, जिसके बचाव में बेटे अवनीश ने पिता को पीछे धकेल दिया।

लाइसेंसी दुनाली से ताबड़तोड़ फायरिंग

बहस के दौरान खुद को अपमानित महसूस करने पर रामखेलावन तुरंत अपने कमरे के अंदर गए और वहां रखी अपनी लाइसेंसी दुनाली बंदूक निकालकर बाहर ले आए। उन्होंने दरवाजे पर खड़े अपने बेटे अवनीश पर सीधे फायर झोंक दिया, जिससे गोली उसके दाहिने हाथ और पंजे को चीरती हुई निकल गई। इसके तुरंत बाद आरोपी ने दूसरी गोली अपनी बहू मनीषा पर चला दी, जो सीधे उसके पेट में जा लगी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे गांव में दहशत फैल गई और डर के मारे शुरुआत में कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। दोनों घायल करीब 40 मिनट तक तड़पते रहे।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश जारी

काफी देर बाद ग्रामीणों और ग्राम प्रधान की सूझबूझ से दोनों घायलों को निजी वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। पुलिस जब दोनों को लेकर रीजेंसी अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने अवनीश को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सहित भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को जब्त कर लिया है और फरार आरोपी पिता की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। साथ ही हथियार के लाइसेंस को निरस्त करने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

महरौली में दर्दनाक हादसा, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके से एक बड़े हादसे की खबर आ रही है। यहाँ वार्ड नंबर तीन में स्थित एक तीन मंजिला इमारत अचानक जमींदोज हो गई। इस जोरदार हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

इमारत तोड़ने के दौरान हुआ बड़ा हादसा

यह पूरी घटना महरौली के वार्ड नंबर 3 की है, जहाँ लगभग 300 वर्ग गज के दायरे में बनी एक पुरानी तीन मंजिला इमारत को गिराने (तोड़ने) का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि तोड़ने की इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक इमारत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर ढह गया। इमारत गिरने की सूचना सुबह करीब 9:30 बजे स्थानीय प्रशासन को मिली, जिसके बाद दमकल की तीन गाड़ियां और रेस्क्यू टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।

इलाके की घेराबंदी और ठेकेदार से पूछताछ शुरू

हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल ने एहतियात के तौर पर पूरे प्रभावित इलाके की घेराबंदी (सील) कर दी है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ही मलबे को तेजी से हटाने का काम जारी है। पुलिस ने इमारत गिराने का काम देख रहे ठेकेदार को मौके पर तलब किया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब यह ढांचा गिरा, उस वक्त वहां कोई मजदूर या अन्य व्यक्ति अंदर मौजूद था या नहीं। स्थानीय प्रशासन भी बचाव कार्यों में पूरी मदद कर रहा है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से 42% टूटा क्रूड, क्या अब 60-65 डॉलर तक फिसलेगा भाव?

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नई दिल्ली। कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के बाजार से बड़ी राहत की खबर आ रही है। किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि इसकी कीमतें इतनी तेजी से गिरकर 72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ जाएंगी। विश्लेषकों (एनालिस्ट्स) का मानना था कि अमेरिका-ईरान तनाव खत्म होने के बाद भी कीमतों को पुराने स्तर पर लौटने में कई महीने लगेंगे। हालांकि, 25 जून को सितंबर ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स गिरकर 72.89 डॉलर और डब्लूटीआई (WTI) अगस्त क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 69.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट क्रूड को ठीक उसी स्तर पर ले आई है, जहां वह इस विवाद की शुरुआत से पहले था।

उच्चतम स्तर से 42% लुढ़का कच्चा तेल

अमेरिका और ईरान के बीच इस साल 28 फरवरी को टकराव शुरू हुआ था, जिसके बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल आया और 30 अप्रैल को यह 126 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। मौजूदा कीमतों की तुलना करें तो यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 42 फीसदी नीचे आ चुका है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह बड़ी गिरावट भारत के लिए बहुत ही राहत भरी खबर है, क्योंकि कीमतें बढ़ने के बाद घरेलू ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम कई बार बढ़ाए थे।

होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने और सप्लाई बढ़ने का असर

इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील है। इस समझौते के बाद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) का अहम समुद्री रास्ता दोबारा खुल गया है, जिससे ऑयल टैंकर्स की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई और बढ़ेगी, जबकि दूसरी तरफ मांग में थोड़ी नरमी के संकेत हैं। यदि सप्लाई इसी तरह बढ़ती रही और डिमांड कमजोर रही, तो क्रूड का भाव 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक भी गिर सकता है।

ईरान की तेल बाजार में वापसी और भारत-चीन पर प्रभाव

अमेरिका ने कई दशकों के बाद अब ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेचने की अनुमति दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के बाद ईरान को अपने पुनर्निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर फंड की जरूरत है, जिसे वह ज्यादा से ज्यादा तेल बेचकर पूरा करने की कोशिश करेगा। चूंकि ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है और भौगोलिक रूप से भारत व चीन के काफी करीब है (जो कच्चे तेल के दुनिया के सबसे बड़े खरीदार हैं), इसलिए उसकी इस वापसी का सीधा असर वैश्विक कीमतों में नरमी के रूप में दिख रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपए को मिलेगी मजबूती

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेज गिरावट से भारत सरकार ने बड़ी राहत की सांस ली है। लंबे समय तक क्रूड के 100 डॉलर से ऊपर रहने के कारण देश का आयात बिल (इंपोर्ट बिल) काफी बढ़ गया था, जिससे डॉलर की मांग बढ़ने के कारण भारतीय रुपया भारी दबाव में आ गया था। अब तेल सस्ता होने से रुपए में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि भारत अपनी कुल जरूरत का 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए क्रूड में यह नरमी सरकारी खजाने पर दबाव कम करेगी और देश की अर्थव्यवस्था को सहारा देगी।

19 चौके, 6 छक्के और रनों का अंबार! आशीर्वाद सूर्यवंशी ने खेली यादगार पारी

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समस्तीपुर। महज 15 साल की उम्र में विश्व क्रिकेट के पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक और उभरता हुआ सितारा सामने आया है। उनके 10 वर्षीय छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने एक स्थानीय मुकाबले में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सनसनी मचा दी है। आशीर्वाद ने मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करते हुए सिर्फ 119 गेंदों में 168 रनों की तूफानी पारी खेली। भाई के इस अद्भुत और बेमिसाल प्रदर्शन को देखकर भारतीय टीम के उभरते खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी भी खुद को रोक नहीं पाए और सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी जाहिर की।

भारतीय अंडर-19 टीम के स्टार बन चुके वैभव जहां अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं अब उनके नक्शेकदम पर चलते हुए उनके छोटे भाई ने भी क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। आशीर्वाद की उम्र अभी सिर्फ 10 साल है, लेकिन खेल को लेकर उनकी समझ और आक्रामकता किसी मंझे हुए खिलाड़ी जैसी नजर आती है।

ऋषभ-11 के लिए खेली ऐतिहासिक पारी

यह मुकाबला ऋषभ-11 और रोशन-11 की टीमों के बीच आयोजित किया गया था। मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऋषभ-11 की टीम ने आशीर्वाद सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी के दम पर निर्धारित 40 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 311 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। मैदान पर उतरते ही इस नन्हे खिलाड़ी ने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और मैदान के हर कोने में शॉट लगाए।

141 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से जड़े चौके-छक्के

अपनी 168 रनों की इस धमाकेदार शतकीय पारी के दौरान आशीर्वाद सूर्यवंशी ने विपक्षी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में 19 शानदार चौके और 6 गगनचुंबी छक्के लगाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 141.18 का रहा, जो यह साफ दर्शाता है कि इस नन्हे बल्लेबाज में बड़े शॉट खेलने की कितनी गजब की काबिलियत है।

बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी ने जताया गर्व

छोटे भाई के इस शानदार प्रदर्शन और विस्फोटक शतक के बाद वैभव सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने आशीर्वाद की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए लिखा कि मुझे तुम पर बेहद गर्व है, मेरे छोटे भाई। तुम इसी तरह मैदान पर चमकते रहो और हमें हर दिन इसी तरह गौरवान्वित होने का मौका देते रहो। आशीर्वाद की इस पारी के बाद खेल प्रेमियों के बीच अब सूर्यवंशी बंधुओं की चर्चा तेजी से होने लगी है।

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