नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (PM-VBRY) के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करने की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "आज शाम 5 बजे मैं एक कार्यक्रम में भाग लूंगा, जहां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी।" उन्होंने इसे देश के आर्थिक विकास में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) को वित्तीय मदद
इस योजना का डिज़ाइन इस तरह किया गया है जिससे कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था (Formal Economy) से जुड़ने का प्रोत्साहन मिले:
कर्मचारियों के लिए: पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिलती है।
नियोक्ताओं के लिए: नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष छूट: आर्थिक विकास में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के महत्व को देखते हुए इस सेक्टर की कंपनियों को 4 साल तक यह लाभ मिलेगा, जबकि अन्य सेक्टर्स को यह लाभ 2 साल के लिए दिया जाएगा।
अब तक 15 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुईं
प्रोत्साहन राशि का यह वितरण पीएम-वीबीआरवाई के सफल क्रियान्वयन में एक बड़ी उपलब्धि है। अब तक इस योजना के माध्यम से देश भर में 15 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा किए जा चुके हैं, जो इसकी प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
साढ़े 3 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा लक्ष्य
यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू की गई है। सरकार ने इसके लिए कुल 99,446 करोड़ रुपये का बजट (परिव्यय) तय किया है। इस भारी-भरकम बजट के साथ सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देश के 3.5 करोड़ से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उम्मीद जताई गई है कि इनमें से लगभग 1.92 करोड़ ऐसे युवा होंगे, जो पहली बार देश के कार्यबल (वर्कफोर्स) का हिस्सा बनेंगे।









