सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा इलाके में मेडिकल स्टोर की आड़ में हेरोइन की अवैध बिक्री और प्रतिबंधित ऐप 'जंगी' के माध्यम से ड्रग डील व कोडीन सिरप का काला कारोबार करने के मामले में पुलिस की एफआईआर दर्ज होने के बाद अब औषधि (ड्रग) प्रशासन विभाग ने भी कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मिर्जापुर मंडल के सहायक आयुक्त (ड्रग) मुकेश पालीवाल ने संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर से इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके साथ ही, इस अवैध गतिविधियों में संलिप्त मेडिकल स्टोर का लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त करने की कानूनी कार्रवाई भी तेजी से शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने दिए विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश
इस पूरे सनसनीखेज मामले में जिला मजिस्ट्रेट (DM) चर्चित गौड़ ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के सभी मेडिकल स्टोरों की गहनता से जांच करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस तरह के अवैध धंधों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
सहायक आयुक्त ड्रग मुकेश पालीवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में इस तरह का यह पहला अनोखा और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मेडिकल स्टोर की आड़ में इस तरह का सिंडिकेट चलाया जा रहा था। इसे देखते हुए संबंधित मेडिकल स्टोर के लाइसेंस कैंसिलेशन (निरस्तीकरण) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ कर दी गई है।
मुल्तानी मिट्टी मिलाकर बेची जा रही थी हेरोइन
गत 9 अगस्त को यह बड़ा खुलासा हुआ था कि ओबरा क्षेत्र के एक मेडिकल स्टोर की आड़ में धड़ल्ले से हेरोइन बेची जा रही थी, और हैरानी की बात यह है कि उस हेरोइन में मुल्तानी मिट्टी की मिलावट भी की जा रही थी। जब इस मामले की गहराई से छानबीन की गई, तो यह बात सामने आई कि यह केवल पारंपरिक तरीके से मेडिकल स्टोर की आड़ में ड्रग्स बेचने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके लिए एक कदम आगे बढ़कर ड्रग डील के वास्ते 'जंगी' नामक एक प्रतिबंधित ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस अवैध नेटवर्क का सोनभद्र से लेकर सीधे प्रयागराज तक गहरा कनेक्शन होने का सुराग मिलने के बाद ओबरा थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली थी। पुलिस और प्रशासन अब इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगालने में जुटा हुआ है।









