सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा, चावल हेराफेरी मामले में FIR

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित होने वाली शासकीय उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) में खाद्यान्न की अफरा-तफरी और गड़बड़ी के मामले लगातार तूल पकड़ रहे हैं। खाद्य विभाग द्वारा औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के दौरान कई राशन दुकानों के स्टॉक में बड़े पैमाने पर चावल की भारी कमी (शॉर्टेज) उजागर हुई है। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और धांधली को देखते हुए खाद्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में, जोरा स्थित राशन दुकान की जांच के दौरान कुल 389 क्विंटल चावल कम पाए जाने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित समिति अध्यक्ष और विक्रेता के विरुद्ध तेलीबांधा पुलिस थाने में नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करा दी है।

विभागीय जांच का दायरा केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि सेरीखेड़ी, कोसमखुटा, गनौद सहित रायपुर शहर की कई अन्य सहकारी समितियों के स्टॉक में भी 175 क्विंटल से लेकर 450 क्विंटल तक चावल गायब मिला है। खाद्य नियंत्रक अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी डिफाल्टर समितियों को पूर्व में कई बार कारण बताओ नोटिस जारी कर गायब राशन की शत-प्रतिशत भरपाई करने अथवा उसके समतुल्य बाजार राशि सरकारी खजाने में जमा कराने के कड़े निर्देश दिए गए थे। तय समयसीमा के भीतर जवाब न मिलने और राशि की रिकवरी न होने के कारण अब विभाग ने इन सभी के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ चुनिंदा दुकानों के स्टॉक में तो 1250 क्विंटल तक खाद्यान्न की भारी कमी सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिला कर रख दिया है।

जोरा राशन दुकान से 15 लाख का खाद्यान्न गायब

खाद्य विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जोरा में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी संख्या 442001026) के गोदामों की जब बारीकी से गिनती की गई, तो कागजी रिकॉर्ड के मुकाबले जमीन पर 389 क्विंटल चावल कम मिला। बाजार भाव के आकलन के अनुसार गायब किए गए इस सरकारी चावल की कुल कीमत 15 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इस वित्तीय अनियमितता को लेकर दुकान के प्रबंधन और विक्रेता को लगातार रिमाइंडर नोटिस भेजे गए थे, परंतु महीनों बीत जाने के बाद भी उनकी तरफ से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण या राशि जमा नहीं की गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने अब इस मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

सेरीखेड़ी से लेकर गनौद तक फैली गड़बड़ी की जड़ें

जांच दल को जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की राशन दुकानों में व्यापक विसंगतियां देखने को मिली हैं। सेरीखेड़ी स्थित उचित मूल्य दुकान (आईडी 442001044) के भौतिक सत्यापन में लगभग 450 क्विंटल चावल का स्टॉक कम पाया गया, जबकि आरंग विकासखंड के कोसमखुटा (आईडी 442003042) में तकरीबन 220 क्विंटल राशन गायब था। इसके साथ ही रायपुर शहर की दो अन्य दुकानों (आईडी 441001290 और 441001291) के रिकॉर्ड में भी 200 से 250 क्विंटल तक की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार ग्राम गनौद की दुकान में भी 175 क्विंटल चावल की किल्लत पाई गई है, जिन्हें अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया जा चुका है।

हजार क्विंटल से अधिक के शॉर्टेज पर कानूनी हंटर

खाद्य विभाग के विशेष विंग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में खुलासा किया है कि राशन दुकान आईडी 442001040 में सबसे बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जहां रिकॉर्ड से पूरे 1250 क्विंटल चावल नदारद मिले हैं। इसके अलावा, दुकान आईडी 442000149 में 385 क्विंटल और दुकान आईडी 442001059 में 300 क्विंटल खाद्यान्न के स्टॉक की कमी पकड़ी गई है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जिन भी समितियों ने गरीबों के हक के इस राशन की हेराफेरी की है, उन्हें कतई बख्शा नहीं जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में स्टॉक का मिलान या उसकी निर्धारित राशि राजकोष में जमा नहीं कराई जाती है, तो इन सभी प्रभारियों के खिलाफ भी पुलिसिया कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।