काबुल निकासी के चेहरे रहे डोनाह्यू ने छोड़ा पद, अमेरिका में चर्चा तेज

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वाशिंगटन: अफगानिस्तान में दो दशक लंबे चले युद्ध के बाद जब अमेरिकी सेना वहां से वापस लौट रही थी, तब काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले आखिरी अमेरिकी फौजी के रूप में जनरल क्रिस डोनाह्यू का चेहरा पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था। उनकी नाइट विजन कैमरे से ली गई वह आखिरी तस्वीर वैश्विक मीडिया में अमेरिकी सैन्य अभियान के अंत का प्रतीक बनी थी। अब उन्हीं जनरल क्रिस डोनाह्यू से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है कि उन्होंने अपनी मौजूदा जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला कर लिया है। हालांकि, उनके पद छोड़ने की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ चल रहे मतभेदों को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। डोनाह्यू के हटने के बाद अब उनके डिप्टी (उपाध्यक्ष) इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगे।

चार-स्टार कमांड को घटाने की तैयारी में थे रक्षा मंत्री

रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ जनरल डोनाह्यू की ताकत और उनके अधिकारों को कम करने की तैयारी कर रहे थे। हेगसेथ की योजना डोनाह्यू के चार-स्टार कमांड (फोर-स्टार) दर्जे को घटाकर तीन-स्टार (थ्री-स्टार) करने की थी। अगर ऐसा होता, तो जनरल डोनाह्यू के अधिकार और सैन्य जिम्मेदारियां काफी सीमित हो जातीं, जिसका उनके शानदार सैन्य करियर पर बहुत बुरा असर पड़ता। इस फैसले से आहत होकर ही उन्होंने पद छोड़ने का मन बनाया।

सेना प्रमुख पद के माने जा रहे थे मजबूत दावेदार

साल 1992 में अमेरिकी सेना में बतौर अधिकारी शामिल होने वाले जनरल क्रिस डोनाह्यू को अपनी बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के लिए जाना जाता है। अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से सेना की अंतिम विदाई के समय उनके द्वारा निभाए गए नेतृत्व के बाद से उन्हें भविष्य में अमेरिकी सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) या जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जैसे देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सैन्य पदों के लिए एक बेहद मजबूत दावेदार माना जा रहा था।

पेंटागन में बड़े स्तर पर फेरबदल का दौर जारी

जनरल डोनाह्यू का अपना पद छोड़ने का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय 'पेंटागन' के भीतर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल चल रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने के बाद से ही रक्षा क्षेत्र की नीतियों और नेतृत्व में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब तक कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को या तो उनके पदों से हटाया जा चुका है या फिर वे स्वयं अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।