बाराबंकी। बाबा नीम करोली के दर (कैंची धाम) पर मत्था टेकने की हसरत दिल में संजोए कुछ युवक तड़के सुबह शांत राजमार्ग पर इनोवा कार से आगे बढ़ रहे थे। भोर के सन्नाटे के बीच अचानक एक जोरदार टक्कर हुई और चीख-पुकार मच गई। पलक झपकते ही खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। इस दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
यह रूह कंपा देने वाली हकीकत मंगलवार तड़के उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सामने आई। यह भयानक भिड़ंत उस वक्त हुई जब तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। बताया जा रहा है कि गाड़ी में सवार सभी युवक वाराणसी से उत्तराखंड के कैंची धाम दर्शन करने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन तड़के करीब 3:00 बजे उनकी गाड़ी इस भीषण हादसे का शिकार हो गई।
हादसे में हताहत हुए लोगों का विवरण
यह भीषण दुर्घटना लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के भिखरा गांव के समीप घटित हुई। टक्कर की आवाज सुनकर राहगीर और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और कार में फंसे लहूलुहान युवकों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में:
राहुल सिंह (35 वर्ष) – निवासी गैबीपुर, गाजीपुर
राहुल कुमार (36 वर्ष) – निवासी मुगलसराय, चंदौली
सत्यम (38 वर्ष) – निवासी रामपुर रसड़ा, बलिया
सूरज यादव (30 वर्ष) – ट्रक क्लीनर/खलासी, निवासी गाजीपुर
वहीं, गंभीर रूप से घायल चंदन सिंह (35 वर्ष) और पंकज सिंह (34 वर्ष) निवासी चुनार, मिर्जापुर तथा प्रशांत निवासी बेला, बलिया की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
परिजनों में मचा कोहराम, नींद की झपकी बनी काल
दुर्घटना की मनहूस खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का मंजर इतना खौफनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। रिश्तेदार और ग्रामीण यही दोहरा रहे थे कि जो नौजवान सुबह मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले थे, नियति ने उनके घरों में अंतिम विदाई की स्थिति पैदा कर दी। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अलसुबह चालक को नींद की झपकी आ जाना ही इस भीषण हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









