नाना पाटेकर के निधन पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले- उनकी अदाकारी पीढ़ियों तक रहेगी याद

0
7

नई दिल्ली. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक हुए निधन से जहां एक ओर पूरा फिल्म जगत और उनके चाहने वाले गहरे सदमे में हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। पचहत्तर वर्षीय इस महान अभिनेता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख जताया है। नेताओं ने उनके शानदार और बेजोड़ अभिनय, दमदार संवाद अदायगी और समाज के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण को याद करते हुए इसे भारतीय कला जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया गहरा शोक

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि नाना पाटेकर जैसी गहराई, अनोखापन और परदे पर दमदार मौजूदगी बहुत कम कलाकारों में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में गजब की विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया तथा ऐसे अमर और यादगार पात्र दिए जिन्हें आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नाना अपने बेबाक, स्पष्ट और खरी-खरी बातें कहने के अंदाज के लिए जाने जाते थे और वे कभी भी अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटते थे।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दी भावुक श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका असमय जाना भारतीय सिनेमा के लिए बहुत बड़ा आघात है। वे एक ऐसे बहुमुखी कलाकार थे जिनकी सशक्त अदाकारी, जबरदस्त संवाद शैली और शानदार कॉमिक टाइमिंग के सभी मुरीद थे। अंकुश, प्रहार और क्रांतिवीर जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। राजनाथ सिंह ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक महान अभिनेता नहीं बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनका सिनेमा में योगदान हमेशा नई पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

दिलदार दोस्त और समाज के सच्चे सेवक थे नाना – देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भावुक होते हुए कहा कि नाना पाटेकर का यूं अचानक चले जाना बेहद चौंकाने वाला और असहनीय है। वे जितने बड़े कलाकार थे, दिल से उतने ही महान इंसान भी थे। क्रांतिवीर से लेकर नटसम्राट तक उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में स्वर्णिम इतिहास रचा। फिल्मों के अलावा वे जमीनी स्तर पर बेहद संवेदनशील इंसान थे। महाराष्ट्र में जल संकट के दौरान उन्होंने मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर नाम Foundation की नींव रखी और खुद खेतों में जाकर किसानों और सूखा पीड़ितों की निस्वार्थ सेवा की। आज जब राज्य फिर से संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में उनका साथ छूट जाना बहुत बड़ी क्षति है।

परदे पर ही नहीं, दिल में भी बनाई जगह – शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि परिंदा, क्रांतिवीर और अब तक छप्पन जैसी फिल्मों में अपनी बेजोड़ अदाकारी से उन्होंने हर चरित्र में जान फूंक दी थी। रुपहले परदे से अलग उनकी सादगी और ग्रामीण भारत के उत्थान के प्रति उनका निस्वार्थ समर्पण उनकी महानता को बयां करता है। उन्होंने कहा कि नाना जी ने केवल अभिनय नहीं किया बल्कि परदे पर सच्चाई को जिया है, और उनकी बुलंद आवाज तथा विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

भारतीय सिनेमा में हमेशा खास जगह रखेंगे नाना पाटेकर – नवीन पटनायक

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने भी दिग्गज अभिनेता के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की दमदार संवाद अदायगी और हर कठिन से कठिन किरदार को पूरी जीवंतता के साथ पर्दे पर उतारने का उनका अनूठा अंदाज उन्हें हमेशा भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट स्थान दिलाता रहेगा। पटनायक ने उनके परिवार, करीबियों और देश भर के असंख्यों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।