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MP गज़ब है : मोहन यादव ने बाबा महाकाल की पवित्र नगरी में 335 एकड़ ज़मीन और 245 प्लॉट की झड़ी लगा दी

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भोपाल। इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट  के मुताबिक़, मध्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा 'लैंड स्कैम' सामने आया है! सरकार उज्जैन के विकास का नक्शा बाद में बनाती है, मुख्यमंत्री जी का कुनबा वहां करोड़ों की 253 एकड़ ज़मीन पहले ही दबा लेता है। जनता की गाढ़ी कमाई से बनी सड़कों के किनारे की मलाई अपनों में बांटी जा रही है। अंग्रेजी अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' ने मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के ज़मीन जायदाद के कारोबार पर बड़ा खुलासा किया है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद यादव और उनके परिजनों ने एक सौ अड़सठ एकड़ में फैले दर्जनों प्लॉट खरीदे हैं

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने दिसंबर 2023 के बाद के दो सालों में उज्जैन में 168 एकड़ में फैले कम से कम 137 प्लॉट 45 करोड़ में खरीदे हैं — इनमें से ज़्यादातर ज़मीनें उन इलाकों में हैं जिन्हें उनकी सरकार द्वारा घोषित सड़क परियोजनाओं और ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से फ़ायदा हुआ है।

उज्जैन शहर बड़े पैमाने पर शहरी नवीनीकरण का कारोबार चल रहा है

नई सड़कों और हाईवे से लेकर ज़मीन के इस्तेमाल ने उज्जैन को भारत के सबसे हॉट प्रॉपर्टी मार्केट में से एक बना दिया है। शुरुआती निवेशकों में मुख्यमंत्री मोहन यादव, उनका करीबी परिवार, भाई-बहन और चचेरे भाई-बहन शामिल हैं। ज़मीन के रिकॉर्ड्स की जांच से पता चला है कि 13 दिसंबर, 2023 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद से, मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे हैं। 

ये प्लॉट कुल 168 एकड़ के हैं और इनकी कीमत 45 करोड़ रुपये है

ये प्लॉट उन इलाकों में हैं जिन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के विकास से सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है। रिकॉर्ड्स से यह भी पता चलता है कि इनमें से कम से कम छह प्लॉट बाद में बेच दिए गए। इसमें परिवार द्वारा 2026 में किए गए ज़मीन के लेन-देन (अगर कोई हुए हों) शामिल नहीं हैं, क्योंकि ज़मीन के सरकारी रिकॉर्ड तुरंत अपडेट नहीं होते हैं।खतौनी (मालिकाना हक) रिकॉर्ड्स के अनुसार, ये प्लॉट मोहन यादव की पत्नी सीमा, बेटे वैभव की पत्नी शालिनी यादव, भाइयों नंदलाल और नारायण यादव, नारायण की पत्नी रेखा, उनके बेटे अभय यादव और चचेरे भाइयों गोविंद और नीलेश यादव ने खरीदे थे। ये खरीद या तो सीधे तौर पर की गई या परिवार द्वारा चलाई जा रही चार रियल एस्टेट कंपनियों के ज़रिए की गई। इन खरीद-फरोख्त से दो अहम मुद्दे सामने आते हैं जो नैतिकता और हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट) पर सवाल उठाते हैं।

१) इनमें से ज़्यादातर प्लॉट या तो उज्जैन और उसके आस-पास घोषित नई सड़क परियोजनाओं के पास हैं, या फिर उन इलाकों में हैं जिन्हें 'उज्जैन मास्टर प्लान 2035' के तहत खेती वाली ज़मीन से रिहायशी या कमर्शियल ज़मीन में बदलने के लिए चिह्नित किया गया है। हालांकि 'उज्जैन मास्टर प्लान 2035' मई 2023 में जारी किया गया था (यादव के मुख्यमंत्री बनने से कुछ महीने पहले), लेकिन वे दशकों से इस पवित्र शहर के पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े रहे हैं। वे 2004-2010 के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, 2011-13 के दौरान MP पर्यटन विकास निगम (MPTDC) के प्रमुख और 2013 से उज्जैन (दक्षिण) से विधायक रहे हैं। जनवरी 2024 से, यानी मोहन यादव के मुख्यमंत्री का पद संभालने के कुछ ही समय बाद, राज्य सरकार ने इन्हीं इलाकों में कई नई सड़कों और हाईवे की घोषणा की है। स्थानीय रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि इससे भविष्य में इन ज़मीनों की कीमत बढ़ जाएगी। इसी तरह, कहा जाता है कि ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से खेती वाली ज़मीनें रिहायशी या कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए खुल गईं, जिससे ये प्लॉट शुरुआती निवेश के लिए फायदेमंद हो गए।

२) दिसंबर 2023 के बाद यादव के परिवार की ज़मीन की खरीद ने उनके ज़मीन बैंक को और बढ़ा दिया, जो यादव के CM बनने से पहले ही मौजूद था। यादव परिवार—जिसमें मोहन यादव के बेटे वैभव और बहन कलावती भी शामिल हैं— उज्जैन और उसके आसपास 179 एकड़ में फैले कम से कम 108 प्लॉट थे। इनमें से कम से कम 85 एकड़ ज़मीन 2021-2023 के दौरान खरीदी गई

बारिश बनेगी कहानी का हिस्सा, ‘तुम्बाड 2’ की टीम पहुंची खास लोकेशनों पर

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साल 2018 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'तुम्बाड' ने अपनी अनोखी कहानी, डरावने विजुअल्स और रहस्यमयी बैकग्राउंड से दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया था। बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म ने शानदार सफलता के झंडे गाड़े थे। इस फिल्म की सबसे बड़ी यूनीक बात इसका लगातार होने वाली बारिश, कीचड़ और सीलन भरा डरावना माहौल था। अब इस सुपरहिट फिल्म के मेकर्स इसके दूसरे भाग 'तुम्बाड 2' में भी वही जादू और असलियत दोबारा पर्दे पर उतारने की कड़क तैयारियों में जुट गए हैं। फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने पहले पार्ट की तर्ज पर ही इस बार भी प्राकृतिक माहौल को बनाए रखने के लिए अपनी कमर कस ली है।

नकली पानी की बौछारों को नकारा, असली मानसून का पीछा कर रही टीम

इंडस्ट्री के गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, 'तुम्बाड' के पहले भाग को उसकी खास डार्क और बरसाती थीम देने के लिए निर्माताओं ने चार अलग-अलग साल के मानसून का इंतजार किया था और कई वर्षों में शूटिंग पूरी की थी। 'तुम्बाड 2' के लिए मेकर्स ने किसी भी तरह के आर्टिफिशियल रेन सेटअप (नकली बारिश) का इस्तेमाल करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।

इसके पीछे दो मुख्य वजहें हैं; पहली यह कि मेकर्स फिल्म की वास्तविकता और मौलिकता से कोई समझौता नहीं करना चाहते। दूसरी वजह बेहद सराहनीय है— टीम ने उन इलाकों में पानी के संकट और किल्लत को देखते हुए पानी की बर्बादी रोकने के लिए एक जिम्मेदार रवैया अपनाया है। यही कारण है कि प्रोडक्शन टीम अब रियल टाइम में मौसम विभाग के इनपुट्स पर नजर रख रही है और देश के उन हिस्सों का रुख कर रही है जहां इस वक्त सबसे भारी प्राकृतिक बारिश हो रही है।

चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार कर सुदूर इलाकों में पहुंचे कलाकार और क्रू

फिल्म से जुड़े सूत्रों ने खुलासा किया है कि 'तुम्बाड' की रहस्यमयी दुनिया को दोबारा जीवंत करने के लिए फिल्म की खोजबीन (रेकी) टीम महाराष्ट्र के बेहद दूर-दराज और घने जंगलों वाले सुदूर इलाकों में डेरा डाले हुए है। इन लोकेशनों तक पहुंचना अपने आप में किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। भारी बारिश के बीच फिल्म के कलाकारों और क्रू मेंबर्स को मुख्य सड़क से सेट तक पहुंचने के लिए घने जंगलों, कीचड़ और कटीले रास्तों से होकर रोजाना करीब दो से तीन घंटे तक पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।

फिल्म में सिर्फ बैकग्राउंड नहीं, बल्कि एक अहम किरदार है 'बारिश'

प्रकृति और बारिश को हूबहू कैमरे में कैद करने की यह जिद दर्शाती है कि फिल्म निर्माता 'तुम्बाड 2' में मानसून को सिर्फ एक विजुअल इफेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि कहानी के एक जीवंत हिस्से के तौर पर पेश करना चाहते हैं। फिल्म से जुड़े एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, "जहां 'तुम्बाड' चार अलग-अलग मानसून में कई साल लगाकर शूट होने के लिए जानी गई थी, वहीं 'तुम्बाड 2' के लिए हमारी पूरी टीम खुद मानसून की रफ्तार का पीछा कर रही है। इस फिल्म की दुनिया में बारिश सिर्फ मौसम नहीं है, बल्कि वह खुद एक मुख्य किरदार की तरह चलती है, और मेकर्स इसे पूरी सच्चाई के साथ दर्शकों के सामने लाना चाहते हैं।"

सोहम शाह और पेन स्टूडियोज की साझेदारी, जानिए कब होगी रिलीज

'तुम्बाड 2' का निर्माण एक बार फिर मुख्य अभिनेता और निर्माता सोहम शाह अपनी घरेलू प्रोडक्शन कंपनी 'सोहम शाह फिल्म्स' के बैनर तले कर रहे हैं। इस बार फिल्म की भव्यता को और बड़े स्तर पर ले जाने के लिए इंडस्ट्री के दिग्गज निर्माता डॉ. जयंतीलाल गडा के नेतृत्व वाला प्रतिष्ठित 'पेन स्टूडियोज' भी मुख्य साझेदार के रूप में इस प्रोजेक्ट से जुड़ गया है। सिनेमाप्रेमियों के लिए रिलीज डेट का एलान करते हुए मेकर्स ने बताया है कि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 23 दिसंबर 2027 को बड़े पर्दे पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

24 और 25 जून को थमेगी भोपाल मेट्रो की रफ्तार, प्रशासन ने बताई वजह

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भोपाल। राजधानी भोपाल में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। आगामी 24 और 25 जून को भोपाल मेट्रो की यात्री सेवाएं अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद रहेंगी। मेट्रो प्रबंधन ने यह बड़ा फैसला सुरक्षा मानकों की जांच और आवश्यक तकनीकी परीक्षण (ट्रायल) के चलते लिया है।

कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) करेगी जांच

दरअसल, भोपाल मेट्रो परियोजना के सुचारू संचालन के लिए इसके 'सिग्नलिंग सिस्टम' की बारीकी से जांच की जानी है। इसके लिए कमिशनर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की उच्च स्तरीय टीम 24 और 25 जून को दो दिवसीय विस्तृत निरीक्षण पर भोपाल आ रही है। इस जांच प्रक्रिया के दौरान मेट्रो ट्रैक, सिग्नलिंग और सभी जरूरी तकनीकी पहलुओं के साथ ही सुरक्षा मानकों को कड़ाई से परखा जाएगा, ताकि भविष्य में यात्रियों का सफर पूरी तरह सुरक्षित और बाधारहित रहे।

सुभाष नगर से एम्स स्टेशन के बीच बंद रहेंगी सेवाएं

इस दो दिवसीय विशेष निरीक्षण और टेस्टिंग के कारण 'ऑरेंज लाइन' पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान सुभाष नगर स्टेशन से लेकर एम्स (AIIMS) स्टेशन के बीच चलने वाली सभी मेट्रो ट्रेनें दोनों दिन आम जनता के लिए बंद रहेंगी। इस रूट पर किसी भी बाहरी यात्री को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

26 जून से पुराने शेड्यूल पर शुरू होगा संचालन

मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारियों के मुताबिक, दो दिनों का यह निरीक्षण और सेफ्टी टेस्टिंग का काम पूरा होते ही 26 जून से मेट्रो सेवाएं अपने पुराने समय (शेड्यूल) के हिसाब से दोबारा ट्रैक पर दौड़ने लगेंगी। मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस सुरक्षा जांच के दौरान सहयोग करें, क्योंकि यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय सफर की सुविधा देने के लिए यह रूटीन सेफ्टी चेकिंग बेहद अनिवार्य प्रक्रिया है।

पटना पहुंचे पंकज त्रिपाठी, घायल भाई से मुलाकात के बाद साझा की स्वास्थ्य जानकारी

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बॉलीवुड के दिग्गज और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता पंकज त्रिपाठी के परिवार से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। बिहार के गोपालगंज जिले में पुश्तैनी जमीन के आपसी विवाद को लेकर अभिनेता के बड़े भाई विजेंद्रनाथ तिवारी पर उनके पड़ोसी ने कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपने बड़े भाई पर हुए इस हमले की खबर मिलते ही पंकज त्रिपाठी मुंबई से सीधे बिहार की राजधानी पटना पहुंच गए हैं, जहां वे अस्पताल में अपने भाई और परिवार के साथ मौजूद हैं।

कैसी है विजेंद्रनाथ तिवारी की तबीयत? एम्स पटना में चल रहा है इलाज

घटना के बाद विजेंद्रनाथ तिवारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया था। पंकज त्रिपाठी के पारिवारिक सूत्रों और करीबियों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अभिनेता अपने भाई की देखभाल के लिए अस्पताल में ही रुके हुए हैं।

परिजनों ने बताया कि इस अप्रत्याशित और हिंसक घटना के बाद पंकज त्रिपाठी काफी सदमे में हैं और मौजूदा हालातों को देखते हुए अभी मीडिया या किसी बाहरी व्यक्ति से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। डॉक्टरों के अनुसार, विजेंद्रनाथ तिवारी के शरीर पर कुल्हाड़ी के वार से कई गहरे घाव और चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल उनकी हालत पूरी तरह स्थिर बनी हुई है और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है।

क्यों हुआ यह जानलेवा हमला? पुरानी रंजिश और मिट्टी भराई का विवाद

गोपालगंज पुलिस के मुताबिक, यह पूरी वारदात माधोपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलसंड गांव की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से पुश्तैनी जमीन के एक हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले संबंधित विवादित जमीन पर मिट्टी भराई के काम को लेकर दोनों पक्षों में भारी कहासुनी और मारपीट हुई थी, जिसके बाद पंकज त्रिपाठी के परिवार की शिकायत पर मुख्य आरोपी के पिता को जेल जाना पड़ा था। पुलिस का मानना है कि पिता के जेल जाने की वजह से आरोपी के मन में बदले की भावना सुलग रही थी और इसी रंजिश के चलते उसने विजेंद्रनाथ तिवारी को अकेला पाकर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

गोपालगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मुख्य आरोपी दबोचा गया, हथियार बरामद

मामले की संवेदनशीलता और हाई-प्रोफाइल होने के कारण गोपालगंज जिला पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजेश कुमार और माधोपुर थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ फौरन बेलसंड गांव पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और फोरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी राजेश शाह को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिसिया पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी को भी वारदात वाली जगह के पास से बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य संभावित संदिग्धों की भी तलाश कर रही है।

मध्य प्रदेश में मानसून की चाल तेज, बालाघाट से होगी पहली बारिश

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जबलपुर। मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों में दस्तक दे चुका है और अगले दो दिनों (48 घंटों) के भीतर इसके मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की पूरी उम्मीद है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल मानसून बंगाल की खाड़ी के रास्ते आगे बढ़ रहा है। इसी कारण, पिछले वर्ष की तरह इंदौर से शुरुआत करने के बजाय, इस बार मानसून राज्य के पूर्वी-दक्षिणी हिस्सों जैसे बालाघाट, अनूपपुर और उमरिया के रास्ते मध्य प्रदेश में दाखिल होगा।

बीते 24 घंटों में कहाँ कितनी हुई बारिश?

सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के तहत पानी गिरा। धार जिला बारिश के मामले में सबसे आगे रहा, जहाँ 44 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य शहरों का हाल कुछ ऐसा रहा:

  • भोपाल: 20 मिमी

  • उज्जैन: 9 मिमी

  • खंडवा और राजगढ़: 4-4 मिमी

  • इंदौर और जबलपुर: 3-3 मिमी

  • रायसेन और सागर: 1-1 मिमी

राहत की बौछारों के बीच प्रदेश में गर्मी का तेवर भी बरकरार है। पश्चिमी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 32.9 से 40.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री तक अधिक है। वहीं, पूर्वी हिस्सों में पारा 34.2 से 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान अधिक होने के कारण हवा में भारी उमस बनी हुई है, जिससे लोग परेशान हैं।

आज के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, मंगलवार को भी राज्य के दक्षिणी इलाकों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश तो कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ने की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य प्रदेश के 4 बड़े महानगरों का तापमान

प्रदेश के मुख्य शहरों में दिन और रात का तापमान कुछ इस तरह रिकॉर्ड किया गया:

शहरअधिकतम तापमान (°C)न्यूनतम तापमान (°C)
ग्वालियर40.228.2
जबलपुर36.025.8
भोपाल35.225.7
इंदौर34.727.5

पहली फिल्म से पहले फराह खान की सलाह ने बदली दीपिका पादुकोण की राह

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बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से हिंदी सिनेमा में एक धमाकेदार शुरुआत की थी। फराह खान के निर्देशन में बनी इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में शाहरुख और दीपिका दोनों ही दोहरे किरदारों (डबल रोल) में नजर आए थे। हाल ही में रिलीज हुए अपने एक नए कुकिंग व्लॉग में फराह खान ने उन पुराने दिनों को याद किया और बताया कि उन्होंने अपनी खोज यानी दीपिका पादुकोण को उनकी पहली फिल्म के लिए किस तरह ग्रूम और ट्रेन किया था।

फराह ने दीपिका को सिखाए थे एक्टिंग और डांस के गुर

फिल्ममेकर फराह खान इन दिनों अपने यूट्यूब चैनल पर कुकिंग व्लॉग्स बना रही हैं। इसी सिलसिले में वे अपने कुक दिलीप के साथ मशहूर अभिनेत्री दीया मिर्जा के घर पहुंची थीं। बातचीत के दौरान दीया मिर्जा ने अपने शुरुआती दिनों का दर्द बयां करते हुए बताया कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था, तब उन्हें किसी भी तरह की कोई एक्टिंग वर्कशॉप या डांस क्लास की सुविधा नहीं मिली थी, बल्कि उनसे शुरुआत में ही लगातार 27-28 घंटे काम कराया गया था।

दीया ने फराह से कहा, "जब मैं उन कलाकारों से आपकी कहानियां सुनती हूं जिन्हें आपने लॉन्च किया है, तो वे हमेशा आपके प्यार, परवाह और खास ध्यान देने की तारीफ करते हैं।" इसके बाद फराह खान ने खुलासा किया कि उन्होंने दीपिका पादुकोण को ‘ओम शांति ओम’ के सेट पर उतारने से पहले कितनी कड़ी तैयारी करवाई थी।

लुक टेस्ट से लेकर क्लास तक: ऐसे तैयार हुई थीं 'शांतिप्रिया'

फराह खान ने बताया कि उन्होंने दीपिका को सीधे कैमरे के सामने खड़ा नहीं किया था। फराह ने कहा, "मैंने दीपिका को लॉन्च करने से पहले उसका बहुत ख्याल रखा। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले मैंने उसे करीब 3-4 महीनों के लिए अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा, ताकि वह अभिनय की बारीकियां सीख सके। इसके बाद उसकी बॉडी लैंग्वेज को बेहतर करने के लिए मैंने उसे कथक डांस की क्लास जॉइन करवाई। हमने फिल्म के किरदारों के लिए उसके कई अलग-अलग लुक टेस्ट भी किए थे।"

फराह ने आगे एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया, "जब फिल्म की मुख्य शूटिंग शुरू हुई, तो मैंने पहले 10 दिनों तक दीपिका का कोई भी सीन शूट नहीं किया। मैंने उससे साफ कह दिया था कि तुम पहले 10 दिन बस सेट पर आओगी और वहां चुपचाप बैठकर देखोगी कि शाहरुख खान कैसे काम करते हैं और श्रेयस तलपड़े किस तरह दृश्यों को जीवंत बनाते हैं। उसे हर दिन सेट पर सिर्फ माहौल को समझने और सीनियर एक्टर्स को ऑब्जर्व करने के लिए बिठाया जाता था।"

बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाली ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी फिल्म

दो अलग-अलग कालखंडों (एराज) और पुनर्जन्म की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘ओम शांति ओम’ मुख्य रूप से 'ओम' नाम के एक जूनियर आर्टिस्ट की कहानी है। फिल्म में दिखाया गया है कि अपनी मौत के दशकों बाद वह एक बड़े स्टार के रूप में दोबारा जन्म लेता है और अपनी पूर्व जन्म की प्रेमिका व मशहूर एक्ट्रेस 'शांतिप्रिया' की हत्या का बदला लेने व उसे न्याय दिलाने के लिए निकल पड़ता है।

यह फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए कल्ट क्लासिक साबित हुई थी। दर्शकों ने शाहरुख और दीपिका की ऑन-स्क्रीन रोमांटिक केमिस्ट्री को सिर-आंखों पर बिठाया था। दीपिका पादुकोण के लिए 'ओम शांति ओम' उनके करियर का सबसे बेहतरीन और लाइफ-चेंजिंग लॉन्चपैड साबित हुई, जिसने उन्हें रातों-रात एक बड़ी स्टार बना दिया।

‘रूह’ से बड़े पर्दे पर डर का नया अध्याय, इमरान हाशमी का धमाकेदार कमबैक

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बॉलीवुड में 'हॉरर फिल्मों के बादशाह' कहे जाने वाले मशहूर अभिनेता इमरान हाशमी के प्रशंसकों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। करीब 5 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इमरान एक बार फिर दर्शकों को डराने और अपनी बेहतरीन अदाकारी का जादू बिखेरने के लिए हॉरर जॉनर (डरावनी शैली) में कदम रखने जा रहे हैं। उनकी आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रूह' (Rooh) की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। फिल्म के निर्माताओं (मेकर्स) ने सोशल मीडिया पर इसका बेहद सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर पहला लुक (फर्स्ट लुक वीडियो) भी जारी किया है, जिसमें फिल्म की रिलीज टाइमिंग को लेकर भी अहम जानकारी साझा की गई है।

टीजर वीडियो में दिखा रूह कंपा देने वाला खौफनाक मंजर

फिल्म के मेकर्स ने एक बेहद सस्पेंसिव टीजर वीडियो जारी कर फिल्म 'रूह' का एलान किया है। महज 52 सेकंड के इस छोटे से वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बेहद घना, डरावना और रहस्यमयी जंगल नजर आ रहा है, जिसके बीचों-बीच एक अजनबी लड़की खड़ी है। इसके बाद स्क्रीन पर एक धुंधला और पुराना शीशा दिखाई देता है, जिसे अचानक एक रहस्यमयी अदृश्य हाथ साफ करने लगता है।

जैसे ही शीशा साफ होता है, उसमें अभिनेता इमरान हाशमी का गंभीर चेहरा उभरता है। देखते ही देखते वीडियो में इमरान हाशमी की आंखें पूरी तरह से काली और खौफनाक हो जाती हैं, जिसे देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े होना तय है। वीडियो के अंत में बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ फिल्म का टाइटल 'रूह' बड़े अक्षरों में लिखा आता है।

तीन भाषाओं में साल 2027 में रिलीज होगी फिल्म 'रूह'

निर्माताओं ने इस टीजर वीडियो के जरिए ही साफ कर दिया है कि यह फिल्म साल 2027 में सिनेमाघरों में बड़े पैमाने पर रिलीज की जाएगी। दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए इसे केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय भाषाओं— तमिल और तेलुगु में भी एक साथ रिलीज किया जाएगा। इस हॉरर-थ्रिलर फिल्म के निर्देशन की कमान 'ब्रीथ' फेम निर्देशक मयंक शर्मा संभाल रहे हैं। वहीं, फिल्म की दमदार कहानी को खुद मयंक शर्मा और विशाल कपूर ने मिलकर लिखा है। इस फिल्म का निर्माण संयुक्त रूप से विक्रम खंखर और सनी खन्ना के बैनर तले किया जा रहा है।

नई फिल्म 'रूह' को लेकर क्या बोले इमरान हाशमी?

अपनी इस नई पारी और हॉरर जॉनर में वापसी को लेकर खुद इमरान हाशमी भी खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। एक इंटरव्यू में फिल्म के बारे में बात करते हुए इमरान हाशमी ने कहा, "'रूह' एक ऐसी अनोखी पटकथा है जिसने मुझे पढ़ते ही तुरंत अपनी ओर आकर्षित कर लिया। इस फिल्म में आज के नए जमाने के हॉरर (न्यू-एज हॉरर), गहरे मानवीय इमोशन्स और रूहानी संगीत का एक बहुत ही शानदार और जबरदस्त कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। भारतीय सिनेमा के दर्शक हमेशा से ही मुझे इस तरह की रहस्यमयी और डरावनी फिल्मों में देखना पसंद करते आए हैं। निर्देशक मयंक शर्मा पर्दे पर जिस काल्पनिक और डरावनी दुनिया को रच रहे हैं, वह बेहद दमदार, भावनात्मक और बेहतरीन सिनेमैटिक अनुभव देने वाली है। 'रूह' की इसी यूनीक बात ने मुझे सबसे ज्यादा प्रेरित किया और मैं वाकई चाहता हूं कि दर्शक इस रोमांच को बड़े पर्दे (थिएटर) पर महसूस करें।"

‘मैं वापस आऊंगा’ की सराहना पर भावुक हुए इम्तियाज अली, बोले- यह मेरे लिए खास है

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मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली इन दिनों अपनी हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई लव-स्टोरी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की शानदार सफलता को लेकर चौतरफा चर्चाओं में बने हुए हैं। इस फिल्म को समीक्षकों (क्रिटिक्स) और सिनेमाप्रेमियों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यही वजह है कि बॉक्स ऑफिस पर बेहद सुस्त और धीमी शुरुआत करने के बावजूद इस फिल्म ने अपने दूसरे सप्ताह में बेहद मजबूत पकड़ बना ली है। आम दर्शकों के साथ-साथ बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की दिग्गज हस्तियां भी इस फिल्म की जमकर सराहना कर रही हैं। फिल्म बिरादरी से मिल रहे इस अप्रत्याशित समर्थन और प्यार पर अब खुद इम्तियाज अली ने अपनी खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि फिल्म जगत के इस अपनेपन और सहयोग ने उनके दिल को गहराई से छू लिया है।

सिनेमाघरों में अपनी खुद की दास्तां तलाश रहे हैं लोग: इम्तियाज अली

युवाओं के बेहद लोकप्रिय पॉडकास्ट 'बी अ मैन यार' में खास बातचीत के दौरान निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा कि एक फिल्मकार के रूप में उनके लिए यह देखना बेहद सुखद और संतोषजनक है कि दर्शक सिनेमाघरों में जाकर इस फिल्म के किरदारों में अपनी खुद की जिंदगी और कहानियां ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा, "कई लोग सोशल मीडिया पर दूसरों को यह फिल्म देखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जो लोग बिना किसी स्वार्थ के अपनी मर्जी से मेरी फिल्म का मुफ्त में प्रचार कर रहे हैं, मैं उन सभी का दिल से आभारी हूं।"

बॉलीवुड से मिल रहे रिएक्शन पर बात करते हुए इम्तियाज ने कुछ दिलचस्प किस्से साझा किए:

  • शेखर कपूर का फोन: इम्तियाज ने बताया कि महान निर्देशक शेखर कपूर जैसे दिग्गज, जिनके साथ उन्होंने कभी काम भी नहीं किया है, वे भी रोज फोन करके मुझसे पूछते हैं कि— 'आज का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन क्या रहा?'

  • पीयूष मिश्रा के वीडियोज: प्रख्यात अभिनेता और लेखक पीयूष मिश्रा खुद अलग-अलग सिनेमाघरों से वीडियो बनाकर इम्तियाज को भेज रहे हैं और कह रहे हैं— 'फलां थिएटर में शो हाउसफुल चल रहा है, भाई बहुत-बहुत मुबारक हो।'

  • सुभाष घई का ढांढस: दिग्गज निर्माता सुभाष घई ने इम्तियाज का हौसला बढ़ाते हुए कहा, 'तुम्हें मेरी फिल्म 'हीरो' इतनी पसंद है, पर क्या तुम्हें पता है कि वह रिलीज के शुरुआती दो हफ्तों में ही थिएटर्स से लगभग हट गई थी? इसलिए शुरुआती आंकड़ों से घबराओ मत, लोग इस फिल्म को दिल से पसंद कर रहे हैं, यह लंबी रेस का घोड़ा साबित होगी।'

"अनुराग कश्यप अपनी फिल्म से ज्यादा मेरी फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं"

इम्तियाज अली ने फिल्म के बेहद भावुक गाने 'तेरे पास में' को अपनी सुरीली आवाज में गाने के लिए अभिनेता आयुष्मान खुराना का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "आयुष्मान ने जिस शिद्दत और दर्द के साथ इस गाने को गाया है, उसने मुझे अंदर तक रुला दिया। उन्होंने गाने के जरिए जैसे अपनी पूरी जीवन यात्रा बयां कर दी है।"

फिल्म इंडस्ट्री के आपसी भाईचारे पर बात करते हुए इम्तियाज ने हंसते हुए कहा, "लोग मजाक में मुझसे कह रहे हैं कि इन दिनों अनुराग कश्यप अपनी खुद की फिल्मों से कहीं ज्यादा मेरी फिल्म का प्रचार करने में व्यस्त हैं। अनुराग ने तो मुझसे यहां तक कह दिया कि— 'अगर तुमने इसके बाद अपनी तीसरी फिल्म भी इतनी ही शानदार बना दी, तो मैं अपने घर में तुम्हारा मंदिर बनवा लूंगा।'" इम्तियाज ने आगे कहा, "आमतौर पर लोग कहते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग बड़े मतलबी और बदमाश होते हैं, लेकिन अगर ऐसा है तो आलिया भट्ट या आयुष्मान खुराना जैसे बड़े सितारे मेरी फिल्म को इतना प्रमोट क्यों कर रहे हैं? इतने सारे लोगों से मिल रहे इस निस्वार्थ प्यार के लिए मेरे पास शुक्रिया कहने के शब्द कम पड़ गए हैं।"

दूसरे हफ्ते में आया कमाई का जबरदस्त भूचाल, 'कॉकटेल 2' को दी मात

इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी 'मैं वापस आऊंगा' भारत-पाकिस्तान विभाजन (पार्टीशन) की पृष्ठभूमि पर बुनी गई एक बेहद संजीदा और रूहानी प्रेम कहानी है। इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में युवा सितारे वेदांग रैना और शरवरी नजर आए हैं, जिनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की खूब तारीफ हो रही है। इनके अलावा फिल्म में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने भी बेहद सशक्त और अहम किरदार निभाए हैं।

बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों की बात करें तो बेहतरीन रिव्यूज मिलने के बावजूद फिल्म की ओपनिंग बेहद ठंडी रही थी। लेकिन दूसरे हफ्ते में सिनेमाघरों में रिलीज हुई बड़ी फिल्म 'कॉकटेल 2' से सीधी टक्कर होने के बावजूद, 'मैं वापस आऊंगा' के कलेक्शन में पूरे 130 प्रतिशत का ऐतिहासिक उछाल देखा गया। फिल्म ने अपने दूसरे शुक्रवार को करीब 1.90 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया, जो कि इसके रिलीज के पहले दिन (ओपनिंग डे) की कमाई से भी काफी ज्यादा है। इसके बाद शनिवार और रविवार (वीकेंड) को फिल्म की कमाई में और भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। नई फिल्मों के सिनेमाघरों में आने के बावजूद इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का सफर लगातार जारी है।

एक मिनट में ताला तोड़कर घुसे चोर, सायरन बजते ही हुए फरार

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बूंदी। शहर के गायत्री नगर इलाके में चोरों की एक बड़ी साजिश उस वक्त नाकाम हो गई जब एक मकान में लगे आधुनिक सुरक्षा तंत्र ने बदमाशों के पसीने छुड़ा दिए। तीन नकाबपोश बदमाश एक सूने घर को निशाना बनाने पहुंचे थे। उन्होंने महज एक मिनट के भीतर मुख्य दरवाजे का ताला भी चटका दिया, लेकिन जैसे ही पैर अंदर रखा, सुरक्षा सायरन गूंज उठा। अलार्म की तेज आवाज से घबराकर तीनों खाली हाथ भाग खड़े हुए। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

मकान मालिक गए थे बाहर, बदमाशों ने की थी रेकी

मिली जानकारी के मुताबिक, गायत्री नगर के इस मकान के मालिक फिलहाल पंजाब गए हुए हैं। घर को खाली देखकर बदमाशों ने पहले इस पूरे इलाके की रेकी की थी। सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ है कि तड़के करीब 4:00 बजे तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर आए। उन्होंने कुछ देर रुककर आसपास के माहौल का जायजा लिया और फिर वहां से चले गए।

सरिए से तोड़ा ताला, पर भारी पड़ा 'सायरन'

कुछ ही देर बाद तीनों आरोपी दोबारा वापस आए और चोरी की नीयत से घर में घुसने लगे। फुटेज में एक बदमाश लोहे के सरिए की मदद से मुख्य गेट का ताला तोड़ता हुआ साफ नजर आ रहा है। आरोपियों ने एक मिनट से भी कम समय में ताला तोड़ दिया और भीतर दाखिल हो गए। लेकिन उनकी किस्मत खराब थी; जैसे ही उन्होंने कदम आगे बढ़ाए, घर के सिक्योरिटी सिस्टम का सायरन तेज आवाज में बजने लगा। अचानक हुए इस शोर से बदमाश बुरी तरह डर गए और बिना कुछ चुराए तुरंत मौके से नौ दो ग्यारह हो गए।

मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस, सीसीटीवी फुटेज कब्जे में

सायरन की आवाज सुनकर पड़ोसियों की नींद खुल गई, जिसके बाद तुरंत पुलिस को इस बात की इत्तला दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और बारीकी से जांच-पड़ताल की। पुलिस ने घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

स्थानीय निवासियों में डर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से गायत्री नगर और आसपास के रिहायशी इलाकों के लोगों में खौफ का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदमाशों ने पूरी प्लानिंग के साथ पहले रेकी की और फिर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। इस घटना के बाद से शहर की कानून व्यवस्था और कॉलोनियों की सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ गई है।

राम मंदिर में चढ़ावे पर सवाल, पांच वर्षों का ऑडिट खोल सकता है कई राज

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अयोध्या/लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित हेरफेर और चोरी के मामले में आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस संवेदनशील मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में राम मंदिर में पिछले पांच सालों के दौरान आए पूरे चढ़ावे का गहन फॉरेंसिक ऑडिट (Scrutiny of Accounts) कराने की बेहद महत्वपूर्ण सिफारिश की है। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए कई कड़े सुझाव भी दिए गए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लेंगे।

कई वर्षों से चल रहा था हेरफेर का खेल

एसआईटी ने अपनी शुरुआती तफ्तीश में कई चौंकाने वाले और अहम तथ्य शामिल किए हैं। जांच टीम को कुछ ऐसे पुख्ता साक्ष्य (सबूत) मिले हैं, जिनसे यह गंभीर आशंका पैदा हो गई है कि चढ़ावे में हेरफेर और गड़बड़ी का यह पूरा खेल कोई नया नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से लगातार पर्दे के पीछे चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की रिपोर्ट में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आंतरिक प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव करने, चढ़ावे की गिनती और जमा करने की व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता (Transparency) लाने के कड़े निर्देश शामिल हैं। इस रिपोर्ट के आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचने के बाद ही शासन स्तर से कोई बड़ा आधिकारिक बयान या आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की उठी मांग

दूसरी तरफ, इस मामले के सामने आने के बाद संतों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले को लेकर मचे घमासान के बीच 'धर्मसेना' के अध्यक्ष संतोष दुबे ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मांग की है कि वर्तमान ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग (Dismiss) कर दिया जाए। उन्होंने पत्र में लिखा है कि देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों की आस्था और उनकी गाढ़ी कमाई के दान के साथ ऐसा खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार को तुरंत दखल देकर एक पारदर्शी और नई व्यवस्था कायम करनी चाहिए।

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