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पुरानी पेंशन को लेकर फिर सड़क पर बिजलीकर्मी

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भोपाल । पुरानी पेंशन समेत 18 सूत्रीय मांगों को लेकर बिजलीकर्मी एक बार फिर सड़क पर उतरे। शुक्रवार को राजधानी भोपाल में एक घंटा सांकेतिक प्रदर्शन किया गया और ऊर्जा मंत्री प्रद्धुम्न सिंह को उनका वह वादा याद दिलाया, जो उन्होंने एक साल पहले मांगों को लेकर किया था। अब वे 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इससे बिजली से जुड़ी सेवाएं ठप हो जाएगी।
एमपी नगर स्थित ज्योति टॉकीज के सामने विद्युत सब स्टेशन के सामने सुबह 10 से 11 बजे के बीच यह प्रदर्शन हुआ। यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एंप्लॉय एवं इंजीनियर संगठन के बैनरतले बिजलीकर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारी 'मंत्री जी वादा निभाओ' लिखी तख्तियां हाथों में थामे हुए थे। संगठन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लैटर भी लिखा है। जिसमें ऊर्जा मंत्री सिंह की वादाखिलाफी पर नाराजगी जाहिर की गई।
फोरम के प्रदेश संयोजक वीकेएस परिहार ने बताया, 23 अगस्त 2021 को ऊर्जा मंत्री ने एक महीने में 18 सूत्रीय मांगों का निराकरण करने का वादा किया था, लेकिन एक साल बीत गया। मांगों पर न तो कोई चर्चा हुई और न ही निराकरण किया गया। इसलिए यह सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। ताकि ऊर्जा मंत्री मांगों पर ध्यान दे दें, वरना 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे। इसमें प्रदेश के करीब 70 हजार कर्मचारी शामिल होंगे।
फोरम के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पुरानी पेंशन की बहाली, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, गृह जिला ट्रांसफर नीति, कंपनी कैडर अधिकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगति, आउटसोर्स कर्मचारियों का बिजली कंपनियों में संविलियन, आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन रिवाइज, संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन, सेवानिवृत्ति के उपरांत ग्रेविटी जीपीएफ ईएल इंकेसमेंट, अनुकंपा नियुक्ति चालू करने और पदोन्नति का लाभ देने जैसी प्रमुख मांगें हैं। इनका निराकरण तत्काल किया जाना चाहिए।

विकास कार्य और जन-कल्याणकारी योजनाओं में गुणवत्ता और जनता के संतुष्टि स्तर का रखा जाए विशेष ध्यान – मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सागर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। यहाँ का विकास आदर्श स्वरूप में हो, यह सुनिश्चित करने के लिए जन-प्रतिनिधि और शासकीय अमला प्रभावी रूप से गतिविधियाँ संचालित करें। विकास गतिविधियों और जन-कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन समय-सीमा पर सुनिश्चित किया जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। शासकीय कार्यों से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण हो। यह सुनिश्चित करें कि प्रतिमाह जिले में जन-प्रतिनिधियों विकास एवं जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी अधिकारियों की बैठक अवश्य हो, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के निराकरण और समय-सीमा में उनकी पूर्णता के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। यह सुनिश्चित करें कि "मुख्यमंत्री जन सेवा" अभियान में कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रहे। लंपी वायरस के प्रकरणों पर निगरानी रखें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को सुबह 7 बजे निवास कार्यालय में सागर जिले की समीक्षा बैठक को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। सागर जिले के प्रभारी एवं सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री श्री अरविंद भदौरिया, लोक निर्माण एवं कुटीर और ग्रामोद्योग मंत्री श्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, सहित सभी विधायक तथा अधिकारी-कर्मचारी वर्चुअली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी दिनों में प्रदेश में चार महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश के जिन 4 लाख हितग्राही के आवास पूर्ण हो गए हैं, उन्हें 28 सितम्बर को गृह प्रवेश कराया जाएगा। इसी प्रकार जिन विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए हैं, उन्हें 30 सितम्बर को लेपटॉप के लिए 25-25 हजार रूपए की राशि वितरित की जाएगी। जो लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ महाविद्यालय में प्रवेश कर रही हैं, उनके लिए 8 अक्टूबर को कार्यक्रम होगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को उज्जैन पधार रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी उज्जैन में श्री महाकाल परिसर में शिव-सृष्टि का लोकार्पण करेंगे। इस दिन प्रदेश के सभी मंदिरों में कार्यक्रम होंगे। इन सभी राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य जिलों को राज्य स्तर से जोड़ना है। इन कार्यक्रमों का जन-जन को शिक्षित करने और सूचनाओं के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। सागर जिला भी इन कार्यक्रमों में पूर्ण उत्साह और सक्रियता से भाग ले।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर जिले में जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास शहरी एवं ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना, अमृत सरोवर, राजीव आवास योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, स्वास्थ्य व्यवस्था, जन शिकायत निवारण, सड़कों की स्थिति, विद्युत व्यवस्था, मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान, यातायात व्यवस्था सहित कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान को जानकारी दी गई कि जल जीवन मिशन में सागर जिले में 32.61 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है, समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के लिए चरणबद्ध गतिविधियाँ जारी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निर्माण कार्य तथा सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। मिशन में बसाहटों में जल आपूर्ति का स्थाई समाधान सुनिश्चित करना है। यह आवश्यक है कि कार्य जनता के संतोष के अनुरूप हो और उन्हें लंबे समय तक घर में जल की सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिले में जल स्तर बढ़ाने के लिए तालाब, स्टॉपडेम आदि बनाने उपयुक्त स्थान और गाँवों का चयन कर कार्य किये जायें। बरसात का पानी रोकने के लिए उपुयक्त स्थानों पर संरचनाएँ बनाने के लिए व्यवहारिक योजना बना कर कार्य किया जाए। बताया गया कि सागर जिले में अमृत सरोवर के लिए 110 स्थल का चयन कर लिया गया है। इनमें से 108 स्थान पर कार्य आरंभ हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अमृत सरोवर प्रधानमंत्री श्री मोदी की कल्पना के अनुसार ही आकार लें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 5 हजार 504 और ग्रामीण क्षेत्र में 96 हजार 571 आवास पूर्ण हुए हैं। प्रतिमाह 800 आवास पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। आवास प्लस के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री श्री चौहान की ओर से बधाई पत्र भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पीएम आवास के हितग्राहियों के खाते में किश्त डालने के लिए पैसा माँगने संबंधी 489 शिकायतें सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त हुई हैं। दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। बताया गया कि 6 रोजगार सहायक की सेवा समाप्त की गई और 7 सचिव को निलंबित किया गया है। एक रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों के आधार नंबर बदल कर अपने रिश्तेदारों के खातों में राशि डालने के प्रकरण में उसके विरूद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोजगार सहायक द्वारा जिन व्यक्तियों के खातों में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों के हक का पैसा डाला गया है, उन व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में जहाँ हितग्राही आवासीय पट्टा माँग रहे हैं, वहीं उन्हें भूमि उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएँ। बताया गया कि जिले में 98.2 प्रतिशत प्रसव संस्थागत रूप से हो रहे हैं। कुल 37 वाहन, एंबुलेंस 108 की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में 822 शिविर लगना है,‍जिनमें से 320 शिविर लग गए हैं। कानून-व्यवस्था में माफिया से 168 करोड़ रूपये लागत की 625 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस भूमि पर गरीबों के लिए सुराज कॉलोनी विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक योजना बनाने के निर्देश दिए। बताया गया कि सागर नगर में ट्रेफिक की स्थिति में सुधार के लिए दो बस स्टेण्ड, ट्रांसपोर्ट नगर, डेयरी एवं आरा मशीन जैसी गतिविधियों के लिए शहर के बाहर व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सागर नगर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए जन-प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर कार्य-योजना को मूर्तरूप दिया जाए।
 

चार साल से चल रहा एयर टैक्सी सेवा पुन: शुरू होने का इंतजार

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भोपाल । राजधानी के यात्री बीते चार सालों से एयरटैक्सी सेवा के पुन: प्रारंभ होने का इंतजार कर रहे हैं। भोपाल में सबसे पहले यह सेवा वर्ष 2014 में शुरु हुई थी। भोपाल में वेंचुरा एयर कनेक्ट नामक कंपनी ने एयर टैक्सी सेवा शुरू की थी। कंपनी ने इंदौर, सतना एवं रीवा तक एयर टैक्सी सेवा शुरू की थी। पहली बार भोपाल का कनेक्शन आसपास के शहरों से जुड़ने से यात्री उत्साहित थे। कंपनी को अच्छी बुकिंग मिल रही थी। कभी कम यात्री होते थे तो पर्यटन विकास निगम के अनुबंध के अनुसार कंपनी को न्यूनतम सीटों का किराया मिल जाता था। इस कारण कंपनी ने करीब दो साल तक अपनी सेवाएं दीं। अनुबंध के अनुसार पर्यटन विकास निगम कंपनी को नौ सीटों की बुकिंग देता था। यदि पांच सीटें बुक होंगी तो बाकी चार सीटों का किराया निगम वहन करता था। कंपनी ने 2016 में टैक्सी सेवा बंद कर दी। पर्यटन विकास निगम से पुन: अनुबंध नहीं होने के कारण कंपनी ने फिर से उड़ानें प्रारंभ नहीं कीं। वेंचुरा एयर कनेक्ट की उड़ान बंद होने के बाद जीएसईएस एविएशन ने भोपाल से इंदौर एवं अहमदाबाद उड़ान शुरू की थी। कंपनी इंदौर से शिर्डी तक उड़ान का संचालन भी कर रही थी। शिर्डी उड़ान को कुछ समय तक भोपाल से भी जोड़ा गया लेकिन यह कंपनी भी अधिक समय तक सेवाएं नहीं दे सकी। कंपनी ने नौ सीटों वाले ग्रांड कैरेवन विमान का संचालन कुछ समय तक किया। इस विमान से सफर करना यात्रियों के लिए अच्छा अनुभव था, क्योंकि इसकी सभी सीटें बिजनेस क्लास की थीं। आरामदायक सीटें होने के कारण कंपनी को अच्छी बुकिंग मिल रही थी पर कंपनी की सेवाएं लंबे समय तक जारी नहीं रख सकी। 2018 में इस कंपनी ने भी बेस स्टेशन बंद कर दिया। इसके बाद भोपाल से किसी भी कंपनी ने एयर टैक्सी शुरू नहीं की है। फुल सर्विस रूट पर भोपाल से लखनऊ, गोवा, कोलकाता एवं अमृतसर जैसे शहरों तक सीधी उड़ान की मांग लंबे समय से हो रही है। एयर टैक्सी सेवा के लिहाज से शिर्डी एवं सूरत तक सीधी सेवा की जरूरत महसूस की जा रही है। भोपाल से बड़ी संख्या में साईं बाबा के भक्त शिर्डी जाते हैं। कपड़ा व्यापारियों का सूरत से सीधा संपर्क है। एक समय स्पाइस जेट ने भी इन दोनों शहरों तक विमान सेवा शुरू की थी। कंपनी ने 78 सीटों वाले बांबार्डियर क्यू-400 विमान चलाना शुरू किया था। बाद में इस कंपनी ने भी अपना बेस स्टेशन बंद कर दिया। इस बारे में एयरपोर्ट डायरेक्‍टर  रामजी अवस्‍थी का कहना है कि एयर टैक्सी सेवाएं देने वाली किसी भी कंपनी ने फिलहाल हमसे संपर्क नहीं किया है। यदि कंपनियां उड़ानें शुरू करती हैं तो हम उन्हें सभी सुविधाएं देंगे। उड़ानें शुरू करने के लिए पर्यटन विकास निगम को पहल करनी चाहिए। हम भी प्रयास करेंगे।

राजधानी में मगरमच्छ व घड़ियाल पर मंडरा रहा खतरा

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भोपाल । भोपाल के आसपास कलियासोत, केरवा और बड़े तालाब के बैकवाटर में मगरमच्छ, घड़ियाल की अच्छी खासी संख्या हो गई है, लेकिन इनमें से कोई भी क्षेत्र बाउंड्रीवाल युक्त नहीं है। यही वजह है कि ये आए दिन पानी से निकलकर बाहर आबादी वाले इलाकों व सड़कों तक पहुंच रहे है। ये इस तरह आबादी की ओर व सड़कों पर निकले तो इनकी जान को खतरा तय है। इन तमाम आशंकाओं को देखते हुए भोपाल सामान्य वन मंडल ने गर्मी में मगरमच्छ, घड़ियाल सर्वे करवाया था। जिसमें 15 दिन तक वन अमले ने मेहनत की थी। बाहर से बुलाए कई विशेषज्ञ ने सर्वे में हिस्सा लिया था। सर्वे के लिए संसाधन जुटाने पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे। इस तरह सर्वे रिपोर्ट आई तो पता चला कि भोपाल के आसपास 22 मगरमच्छ व दो घड़ियाल है और इनकी सुरक्षा की सख्त जरूरत है इसको लेकर भोपाल सामान्य वन मंडल ने बाकायदा प्लान तैयार किया और वन्य प्राणी विभाग को भेजा था लेकिन इस पर आज पर्यंत तक सहमति नहीं बनी है। जिसके कारण इन पर खतरा बना हुआ है। मालूम हो कि भोपाल के आसपास पाए जाने वाले मगरमच्छ व घड़ियाल की संख्या और उनकी स्थिति पता करने के लिए सर्वे के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इन प्राणियों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। इन्हें खतरा बढ़ता जा रहा है। इनकी मौजूदगी वाले क्षेत्रों को चिन्हित करके वहां तार फेंसिंग, बाउंड्रीवाल जैसे काम करने हैं। वरिष्ठ स्तर से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण ये काम नहीं किए जा रहे हैं। इसमें उदासीनता बरती गई तो इनकी बढ़ती संख्या को नुकसान पहुंचना तय है। नुकसान पहुंचने की कई वजह हो सकती है। सर्वे बीती गर्मी में कराया था। तब 22 मगरमच्छ व दो घड़ियाल मिले थे।इस बारे में  भोपाल सामान्य वन मंडल के डीएफओ आलोक पाठक का कहना है कि मगरमच्छ व घड़ियालों की सुरक्षा की चिंता नहीं होती तो सर्वे ही नहीं कराते है। सर्वे से कुछ न कुछ तो फायदा हुआ ही है। आगे जैसे ही सहमति बनेगी, उस अनुरूप काम करेंगे। उधर भदभदा क्षेत्र में तीन बार मगरमच्छ बड़े तालाब के बेक वाटर से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुके हैं, जहां वाहनों की चपेट में आने से नुकसान हो सकता है। गर्मी के दिनों में पानी कम हो जाता है, लोग बड़ी संख्या में मच्छलियां मारते हैं। जिसकी वजह से इन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता है। ये पानी से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में भी प्रवेश करते हैं, जहां रहवासी बचाव में इन पर हमला कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने गुलमोहर, कचनार और बरगद के पौधे लगाए

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया के साथ गुलमोहर, कचनार और बरगद के पौधे लगाए। वरिष्ठ पत्रकार श्री सतीश एलिया भी पौध-रोपण में सम्मिलित हुए। अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की श्रीमती माही भजनी, डॉ. अजोय भट्टाचार्य, श्री अनुराग द्विवेदी, डॉ. नीलम चौधरी, सुश्री खुशी शर्मा, सुश्री देवी महिला सिंह, सुश्री ज्योति राजपूत और डॉ. अभिलाषा भार्गव ने भी पौध-रोपण में भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ सुश्री माधुरी सबले ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। श्री लक्ष्मी नारायण पटेल भी पौध-रोपण में साथ थे।

अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी गत 11 वर्ष से बच्चों की शिक्षा के लिए कार्यरत है। पन्नी बीनने और भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की कठिनाइयों को दूर करते हुए उन्हें स्कूल से जोड़ने के लिए संस्था कार्य कर रही है। संस्था द्वारा शाजापुर जिले के सुनेरा गाँव के शासकीय विद्यालयों में “पढ़ो मालवा” अभियान चलाया है। संस्था द्वारा स्कूली बच्चियों को आत्म-रक्षा प्रशिक्षण देने के साथ पौध-रोपण और पर्यावरण- संरक्षण गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाता है। संस्था टीचर्स ट्रेनिंग और कम्प्यूटर प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय है।

पौधों का महत्व

आज लगाए गए गुलमोहर की सुव्यवस्थित पत्तियों के बीच बड़े-बड़े गुच्छों में खिले फूल इस वृक्ष को अलग ही आकर्षण प्रदान करते हैं। यह वृक्ष औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। कचनार सुंदर फूलों वाला वृक्ष है। प्रकृति ने कई पेड़-पौधों को औषधीय गुणों से भरपूर रखा है, इन्हीं में से कचनार एक है। बरगद का धार्मिक, औषधीय और पर्यावरणीय महत्व है।
 

मुख्यमंत्री चौहान को पत्रकार सतीश एलिया ने भेंट की अपनी पुस्तकें

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को वरिष्ठ पत्रकार श्री सतीश एलिया ने अपनी पुस्तक “चुनाव एवं जनमत सर्वेक्षण” भेंट की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक में जनमत और प्रोपेगेंडा, सर्वेक्षण क्या है, चुनावी सर्वेक्षण का इतिहास, जनमत सर्वेक्षण, पूर्वानुमान और विश्वसनीयता, भारत में चुनाव सर्वेक्षण की भविष्यवाणी और हकीकत तथा विशेषज्ञों के नजरिए पर विशेष अध्याय सम्मिलित हैं। वरिष्ठ पत्रकार श्री सतीश एलिया लगभग डेढ़ दशक से माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से अतिथि शिक्षक के रूप में जुड़े हैं। श्री एलिया आकाशवाणी, दूरदर्शन सहित विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय न्यूज चैनलों में सक्रिय हैं। श्री एलिया ने दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, नवभारत, दैनिक नई दुनिया, हरिभूमि और देशबंधु समाचार-पत्रों में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान को श्री सतीश एलिया ने अपने व्यंग्य संग्रह “अन्नं ब्रह्म” की प्रति भी भेंट की। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्री सतीश एलिया की पुस्तक अन्नं ब्रह्म का चयन मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन वर्ष 2021 ‘वागीश्वरी सम्मान’ के लिए हुआ है।
 

भोपाल जिले में लंपी का एक भी प्रकरण नहीं

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भोपाल। उप संचालक, पशु चिकित्सा डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि भोपाल जिले में गौवंश में लंपी स्किन डिसीज का अभी तक कोई केस नहीं आया है फिर भी प्रिकॉशन के तौर पर रेपिड एक्शन (RRT)  टीम का गठन किया गया है। टीम राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम 0755-2767583 एवं ट्रोल नम्बर – 1962 से प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्यवाही कर पशु की बीमारी परीक्षण एवं उपचार कराएगा। टीम के द्वारा पशुपालक एवं ग्रामवासियों को मार्गदर्शन एवं बीमारी से बचने के उपाये के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लंपी डिसीज जानवरों से इंसानों में नहीं फैलती है इसलिए गाय के दुध के उपयोग के बारे में नागरिकों से भ्रम नहीं फैलाने की अपील की है।
डॉक्टर रामटेके ने लंपी स्किन डिसीज बीमारी के प्रकोप को देखते हुए पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे पशुओं में बीमारी के शुरूआती लक्षण जैसे कि हल्का बुखार, पूरे शरीर में चमड़ी पर उभरी हुई गठाने दिखाई देने पर निकट्स्थ पशु चिकित्सा संस्था एवं पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें। अभी तक भोपाल जिले में 6 हजार से अधिक इस वर्ष गौवंश का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुपालन विभाग द्वारा समय-समय पर गौवंश का अन्य बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लंपी स्किन डिसीज पशुओं की एक विषाणुजनित बीमारी है जो कि मच्छर, मक्खी एवं टिक्स (चिंचोडी/चीचड़े) आदि के काटने से एक पशु से दूसरे पशु में फैलती है। बीमारी में अधिकतर संकमित पशु 2 से 3 सप्ताह में ठीक हो जाते है एवं मृत्युदर 1 से 5 प्रतिशत है। बीमारी से सुरक्षा एवं बचाव के उपाय के लिए पशु-पालक संक्रमित पशु को अन्य स्वस्थ पशु से तत्काल अलग करें। पशुशाला, घर आदि जगह पर साफ-सफाई, जीवाणु-विषाणु नाशक रसायन जैसे फिनाईल, फोर्मेलिन एवं सोडियम हायपोक्लोराईड आदि से करें। पशुपालकों को शाम के समय पशु शेड में नीम के पत्तों से धुआं करना चाहिये जिससे मक्खी-मच्छर से पशुओं का बचाव हो। साथ ही पशुपालक अपने शरीर की साफ सफाई का भी ध्यान रखें।

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी ने विश्व-कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के परमहंसी गंगा आश्रम झौंतेश्वर पहुँचे। उन्होंने ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पादुका पूजन किया। साथ ही द्वारका- शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती एवं बद्रिकाश्रम ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माला पहना कर वस्त्र पट्टिका ओढ़ाई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ राजराजेश्वरी माँ त्रिपुरसुंदरी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख- समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने मंदिर में परिक्रमा भी लगाई।

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी ज्ञान, भक्ति एवं कर्म त्रिवेणी के संगम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी ज्ञान, भक्ति एवं कर्म की त्रिवेणी के संगम थे। उन्हें अल्पायु में ही वेद-वेदांगों, उपनिषदों एवं सनातन धर्म के सार का ज्ञान था। वे ज्ञान मार्गी भक्त और क्रांतिकारी कर्मयोगी थे। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भी भाग लिया। उन्हें क्रांतिकारी संत के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जेल की यातनाऍ सहीं। स्वामी जी विश्व कल्याण के साथ ही गरीब, दलित, शोषित एवं पीड़ितों के कल्याण के लिए सदैव काम करते रहे। स्वामी जी में दीन-दुखियों के प्रति करूणा का भाव सदैव रहा। उन्होंने आत्मा के मोक्ष और जगत कल्याण के लिए कार्य किया। उनकी तपस्या एवं साधना ने इस क्षेत्र को ऊर्जा स्थल बनाया है। वे निरंतर जन-जन के कल्याण में लगे रहे और सेवा के अनेक प्रकल्प प्रारंभ किये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी ने समान नागरिक संहिता, अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण और गौ-रक्षा जैसे विषयों पर हमेशा देश को जगाने का काम किया। उनके चेहरे का तेज और उनकी वाणी का ओज उनके ब्रह्मलीन होने के बाद भी सदैव दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने उनके चरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने धर्म की जय, अधर्म के नाश, प्राणियों में सद्भावना और विश्व के कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया। स्वामी जी ने झारखंड में विश्व कल्याण आश्रम हो या अलग-अलग राज्यों में जनजातियों के कल्याण के लिए भी काम किया। चिकित्सालय, विद्यालय, संस्कृत पाठशाला सहित अनेक सेवा कार्यों में भी वे सदैव सक्रिय रहे।

केंद्रीय जल शक्ति, खाद्य प्र-संस्करण एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश के गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि विधायी कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने स्वामी स्वरूपानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पादुका पूजन किया। राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री जालम सिंह पटेल, श्री अभिलाष मिश्रा ने भी स्वामी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
 

डायबिटीज़ के मरीज़ ये फल ज़रूर खाए

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डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है, जिसमें खाने को लेकर कई तरह के परहेज़ करने पड़ते हैं। खाने की हर चीज़ को सोच समझकर खाना होता है, वरना आपका ब्लड शुगर का स्तर आसमान छू सकता है।फल विटामिन्स, खनीज और फाइबर से भरपूर होते हैं। अगर इन्हें सही तरीके से खाया जाए, तो इससे ब्लड शुगर का स्तर सही रह सकता है।

1. सेब : सेब को सबसे फायदेमंद फल माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पॉलीफेनॉल नाम का कम्पाउंड होता है, जो बीमारियों से लड़ने का काम करता है। इस फल का छिलका एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी एजेंट की तरह काम करती है। सेब दिल, आंत और त्वचा की सेहत का खास ख्याल रखने का काम करते हैं। यह फल कैंसर से भी लड़ता है। सबसे अच्छा है अगर आप इस फल को सुबह नाश्ते के समय खाएं।

2. संतरा : शायद ही कोई ऐसा हो जिसे संतरे न पसंद हों? खट्टे, रस से भरे और पोषक तत्वों से पैक्ड संतरा, डायबिटिक के मरीज़ों के लिए भी फायदेमंद होता है। संतरे में मौजूद हेस्परिडिन आपके हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल के स्तर का ख्याल रखता है। यह फल फ्री रेडिकल्स से लड़ता है और आयरन के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। इसमें पाया जाने वाला एक अन्य यौगिक फोलेट, गुर्दे की पथरी को बनने से रोकता है। संतरा एसिडिक होता है, इसलिए इसे खाली पेट या हेल्दी खाने के बाद न खाएं। इसकी जगह आप इसे मील्स के बीच में स्नैक के तौर पर खा सकते हैं।

3. अनार : क्या डायबिटीज़ में अनार खाया जा सकता है? यह एक ऐसा सवाल है, तो काफी पूछा जाता है और इससे जुड़े मिथक भी आपको मिल जाएंगे। इसका जवाब है, हां। आप अगर डायबिटिक हैं, तो भी आप अनार खा सकते हैं। अनार एक ऐसा फल है, जो ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट्स से भरा होता है, यानी इसमें ग्रीन-टी से ज़्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आधे घंटे में शरीर पर असर दिखाना शुरू कर देते हैं।
अनार के बीज आपके शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं और आपके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यह फल एनीमिया को रोकता है, आपके पेट के लिए उपयुक्त है, और आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाता है। आप इसे खाने के साथ या बाद में खा सकते हैं।

4. कीवी : कीवी एक ऐसा फल है, जो आपके शरीर के हर अंग को फायदा पहुंचाता है। अच्छी बात यह है कि यह खाने में भी स्वादिष्ट होती है। कीवी में विटामिन-बी6, सी, मैग्नीशियम, कैल्शियम, और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। यह फाइबर से भरपूर होती है। कीवी ब्लड प्रेशर को कम करती है, और इसमें मौजूद विटामिन-के घाव को जल्दी भरता है, जो डायबिटीज़ में मददगार साबित होता है। यह फल मल त्याग, वज़न मैनेज और किडनी की पत्थरी से भी बचाने का काम करता है। साथ ही यह ब्ल़ शुगर के स्तर को भी कंट्रोल में रखता है। आप इसे सोने से पहले या फिर स्नैक की तरह खा सकते हैं।

BPSC लेक्चर भर्ती परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी

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बिहार लोक सेवा आयोग/BPSC ने लेक्चरर के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र को जारी कर दिया है। प्रवेश पत्र को 22 सितंबर, 2022 को ऑनलाइन मोड में जारी किया गया है। जो भी उम्मीदवार लेक्चरर भर्ती परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे अपने प्रवेश पत्र को बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट onlinebpsc.bihar.gov.in पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

कब होगी परीक्षा?
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा लेक्चरर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन 27 सितंबर, 2022 को किया जाएगा। परीक्षा राज्यभर में निर्धारित विभिन्न केद्रों पर एक पाली में दोपहर 12 बजे से लेकर 02 बजे तक आयोजित की जाएगी।

कैसै डाउनलोड करें प्रवेश पत्र?

  1. सबसे पहले उम्मीदवार BPSC की आधिकारिक वेबसाइट onlinebpsc.bihar.gov.in पर जाएं।
  2. अब होम पेज पर दिखाई दे रहे लेक्चरर भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
  3. अब आप एक नए पेज पर आ जाएंगे।
  4. यहां मांगी जा रही जानकारी को दर्ज कर के सबमिट करें।
  5. अब आपका प्रवेश पत्र सामने की स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
  6. इसे डाउनलोड कर लें और आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंट भी निकलवा लें।
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