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ऊर्जा मंत्री तोमर ने सुबह 4 बजे किया क्षेत्र का भ्रमण

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भोपाल : ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को क्षेत्र के नागरिकों के प्रति अपनी जबावदारी एवं प्रतिबद्वता को दोहराते हुए तडके 4 बजे भोपाल से ग्वालियर पहुँचते ही स्टेशन से सीधे क्षेत्र में लक्ष्मण तलैया पहुँच गए और सडक, पानी, विद्युत की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। आमजनता से भी मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चा की। क्षेत्र के नागरिकों ने सडक एवं पानी को लेकर हो रहे कार्यों पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि अब पानी साफ आ रहा है और सडक निर्माण भी हो गया है।

ऊर्जा मंत्री ने घोसीपुरा एवं रामदास घाटी में भी निरीक्षण किया तथा पानी लीकेज की समस्या का तत्काल निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। फिर गेंडे वाली सडक पर निरीक्षण करते हुए रोड निर्माण का कार्य देखा और क्षेत्र के नागरिकों की कुंडी खडकाकर उन्हें उठाया तथा विद्युत व्यवस्था, सडक निर्माण एवं पानी को लेकर जानकारी ली। वार्ड 36 स्थित जीवाजीगंज में निरीक्षण के दौरान एक नाली में कचरा भरा पाए जाने पर स्वयं फावड़ा लेकर नाली की सफाई की तथा क्षेत्र के अधिकारियों को नियमित सीवर व नाली की सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हनुमान चैराहे में सड़क के गड्डों को भरने के निर्देश दिए। फिर जेएएच अस्पताल की सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सड़क का कार्य जल्द पूरा करें।

आनंद नगर के सी ब्लॉक में निरीक्षण के दौरान जलभराव की समस्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वयं गंदे पानी में खडे होकर अधिकारियों को सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र की जनता से माफी मांगते हुए तत्काल सफाई कराने का आश्वासन दिया। ऊर्जा मंत्री  तोमर पीतांबरा कॉलोनी में भी नागरिकों से चर्चा की।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण स्व. पटवा की जयंती पर नमन किया

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भोपाल : मुख्यमंत्री  चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण स्व.  सुंदरलाल पटवा की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने निवास कार्यालय के सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। उनका जन्म मंदसौर जिले के कुकड़ेश्वर में 11 नवम्बर 1924 को हुआ। जनसंघ की स्थापना से ही वे सक्रिय कार्यकर्ता रहे। स्व.  पटवा 20 जनवरी 1980 से 17 फरवरी 1980 तथा 5 मार्च 1990 से 15 दिसम्बर 1992 की अवधि में प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का दायित्व भी संभाला। स्व.  पटवा को प्रदेश में संगठन को सींचने का श्रेय जाता है। साथ ही उनकी दूरदर्शिता और अद्वितीय प्रशासनिक गुणों ने प्रदेश को नई ऊँचाइयाँ दी। प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में उनका अमूल्य योगदान रहा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की कल्पना उन्हीं की थी। साथ ही ग्राम स्तर पर पंचायत राज संस्थाओं को प्रभावी बनाने में स्व.  पटवा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
 

200 Student बीमार : टीचर ने बच्चों को पीट-पीटकर खिलाया छिपकली वाला खाना

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200 Student बीमार : बिहार के जनपद भागलपुर में मिड डे मील का भोजन करने के बाद 200 बच्चे बीमार हो गए । बच्चों ने भोजन में छिपकली होने की शिकायत की तो टीचर ने उन्हें डांट कर कहा कि छिपकली नहीं बैगन है बच्चों ने छिपकली वाला भोजन खाने से मना कर दिया तो टीचर ने उन्हें पीट-पीटकर भोजन खिलाया। मामला भागलपुर के नवगछिया प्रखंड में मदत्तपुर गांव के मध्य विद्यालय का है, क्लॉस 6 की छात्रा शिवानी कुमारी ने बताया कि मिड डे मील का भोजन परोसा गया, आयुष नाम के एक लड़के की थाली में छिपकली मिली, वह बहुत जोर से चिल्लाया, कि सारे बच्चे खड़े हो गए, मामले की जानकारी टीचर चितरंजन के पास पहुंची, टीचर वहां पहुंचे और बोले छिपकली नहीं बैगन है, बच्चे फिर भी मना किए तो उन्हें पीट-पीटकर भोजन कराया गया।

खाना खाते ही बच्चों को उल्टियां होने लगी और 200 बच्चे बीमार हो गए

टीचर ने बच्चों को जबरदस्ती भोजन कराया जिसकी वजह से बच्चों को उल्टियां होने लगी और 200 के करीब बच्चे बीमार हो गए जानकारी मिलते ही परिजन धीरे-धीरे स्कूल पहुंचने लगे सभी बच्चों को नवगछिया अनुमंडल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल बच्चे खतरे से बाहर हैं

प्रिंसिपल ने कहा कि छिपकली नहीं बैगन का डंठल था

स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि खाने में छिपकली नहीं थी, मेन्यू में चावल और आलू बैगन की सब्जी थी, भोजन में बच्चों को जो मिला है, वह छिपकली नहीं बल्कि बैगन का डंठल था, घटना की जानकारी मिलते ही सारे अधिकारियों में हड़कंप मच गया, और वह फौरन नवगछिया अस्पताल पहुंच गए। प्रखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार झा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद उचित कार्रवाई होगी

प्रिंसिपल सस्पेंड, रसोईया बर्खास्त, और शिक्षकों के हुए तबादले

इस घटना के बाद परिजनों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण तुरंत कार्रवाई की मांग करने लगे, और धरने पर बैठ गए। प्रखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार झा ने रसोईया को बर्खास्त कर दिया, और प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया, और सभी टीचरों के तबादले दूसरे स्कूलों में किया जा रहा है।

क्षत्रिय राजपूत करणी सेना ने भरी हुंकार, 25 दिसंबर को पहुंचेंगे भोपाल

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सीहोर ।   जिले के आष्टा नगर में राजपूत करणी सेना के आष्टा तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि क्षत्रिय राजपूत राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों द्वारा जनसैलाब के साथ रैली निकालकर जनसभा का आयोजन किया, जिसमें वर्तमान समय में स्वर्ण समाज पर हो रहे अत्याचार और दोहरी नागरिकता का आरोप करणी सेना मूल के पदाधिकारियों द्वारा लगाया गया। आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट जैसे काले कानूनों के विरोध में भोपाल में 25 दिसंबर को विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसी के उद्देश्य को लेकर आष्टा नगर में रैली निकालकर सिंध राजपूत छात्रावास में बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर कहा गया कि स्वर्ण समाज को वर्तमान समय में किस तरह प्रताड़ित किया जा है। एससी-एसटी एक्ट के झूठे प्रकरण जिसमें कि पूरा घर बर्बाद हो जाता है। जिसमें सामने वाले व्यक्ति को झूठे प्रकरण पर भी शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। शासन को प्राप्त टैक्स की राशि से उसे प्रोत्साहित किया जाता है और करोड़ों रुपए इसमें खर्च जाते हैं। इसी प्रकार स्वर्ण समाज का बच्चों का परीक्षा परिणाम में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर भी प्रतियोगिता में सफल न होने पर सुसाइड कर लेता है और आरक्षित वर्ग का 50 प्रतिशत वाला बालक शासकीय नौकरी में सफलता पाता है। राजनीतिक क्षेत्र में भी क्षत्रिय और स्वर्णो के साथ दुर्व्यवहार एवं दोहरी नागरिकता का बर्ताव किया जाता है। आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट जैसे काले कानूनों के विरोध में भोपाल में 25 दिसंबर को विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसी के उद्देश्य को लेकर आष्टा नगर में रैली निकालकर सिंध राजपूत छात्रावास में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सभी क्षेत्र के राजपूत क्षत्रिय बंधु एकत्रित हुए और 25 दिसंबर को भोपाल में होने वाले आयोजन को सफल बनाने का पूरा आश्वासन दिया और अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंचने की अपील की गई, ताकि समाज का विदेशों में पलायन होना एवं भारत में दोहरे दर्जे की नागरिकता का व्यवहार किया जाना समाप्त किया जाए और आरक्षण पूरी तरह से भारत में बंद हो। उक्त रैली में समस्त सवर्ण समाज ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहे। इस अभियान में अन्य वर्ग के लोग भी जो इस कानून का विरोध करना चाहते हैं वह सहर्ष शामिल हो ऐसा आग्रह भी किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए देंगे पीले चावल

25 दिसंबर को भोपाल में होने वाले आयोजन को सफल बनाने लिए मूल राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता घर-घर जाकर पीले चावल देकर आमंत्रित करेगें। उक्त कार्यक्रम राजपूत करणी सेना मूल प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह चौहान, प्रदेश महिला इकाई अध्यक्ष कीर्ति राज सिंह मिटवाल, कार्यकारी अध्यक्ष शेर सिंह, सोमेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, नागेंद्र सिंह, प्रदेश सचिव कुंवर चंद्रपाल सिंह टांक दरबार, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोलंकी, प्रदेश संगठन मंत्री रश्मि तोमर, संभाग प्रभारी मंत्री, प्रमिला ठाकुर, जिला अध्यक्ष प्रति बेस, आष्टा तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया, जावर तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर अरविंद सिंह राजपूत, जावर तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान सहित राजपूत क्षत्रिय महासभा के सभी पदाधिकारी युवाओं ने उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की स्मृति में पौधे लगाए

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भोपाल : मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण स्व.  सुंदरलाल पटवा की जयंती पर उनकी स्मृति में विधायक  सुरेंद्र पटवा के साथ अशोक, केसिया और टिकोमा के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री  चौहान को विधायक  सुरेंद्र पटवा ने "पद्म विभूषण सुंदरलाल पटवा स्मृति ग्रंथ" की प्रति भेंट की।

मुख्यमंत्री  चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व.  पटवा के प्रदेश के विकास में योगदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री  चौहान जयंती, पुण्य-तिथि, शुभ अवसरों और परिवारजन की स्मृति में पौधे लगाने की गतिविधि को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री  चौहान द्वारा प्रतिदिन पौधे लगाने के क्रम में विभिन्न संगठन तथा परिवार सम्मिलित होते हैं।
 

जी-20 समिट में हिस्सा लेने 14 को तीन दिवसीय दौरे पर इंडोनेशिया जाएंगे पीएम मोदी 

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 14 नवंबर को इंडोनेशिया के बाली जाएंगे। वह 16 नवंबर को भारत के लिए रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो के आमंत्रण पर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री अन्य देशों के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि जी20 बैठक में तीन कार्यकारी सत्र आयोजित किए जाएगे जिनमें खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल लेनदेन शामिल हैं। बागची ने कहा कि बैठक के समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे । भारत एक दिसंबर से इस समूह की अध्यक्षता करेगा। 
कुछ दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत जी-20 की अध्यक्षता करने जा रहा है और यह आयोजन हमारे लिए 130 करोड़ भारतीयों की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतिनिधित्‍व है। उन्होंने कहा था कि भारत में जी20 शिखर सम्मेलन सिर्फ एक कूटनीतिक बैठक नहीं होगी बल्कि देश इसे एक नई जिम्मेदारी के तौर पर देखता है। उन्होंने कहा था भारत इसे अपने प्रति दुनिया के विश्वास के रूप में देखता है। आज विश्व में भारत को जानने की, भारत को समझने की एक अभूतपूर्व जिज्ञासा है। आज भारत का नए आलोक में अध्ययन किया जा रहा है। 
प्रधानमंत्री ने जी20 के लोगो, विषयवस्तु और वेबसाइट का लोकार्पण भी किया था। जी-20 का लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों से प्रेरित है- केसरिया,सफेद, हरा, और नीला। इसमें कमल का फूल भी शामिल है। भारत की जी-20 की अध्यक्षता की विषयवस्तु-वसुधैव कुटुम्बकम या एक धरती, एक परिवार है। यह विषय जीवन के सभी मूल्यों- मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव- और धरती पर और व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंधोँ की ओर इशारा करती है।

अजब MP-गजब MP : हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई – 90% सीटें खाली; अब हिंदी में MBBS का क्या होगा?

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अजब MP-गजब MP : हिंदी में इंजीनियरिंग (engineering in hindi) की पढ़ाई के एमपी सरकार के अभियान को बल नहीं मिल रहा है। इस वर्ष प्रस्तावित 150 हिंदी तकनीकी सीटों में से पांच फीसदी से भी कम सीटें भरी गई हैं। सरकार ने जितनी सीटें रिजर्व रखी थीं, उसकी 90% सीटें खाली रह गई हैं। यहां तक कि टीचर तक टेक्निकल सब्जेक्ट को लोकल तरीके से पढ़ाने को लेकर तनाव में हैं। मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की मंजूरी के बाद पिछले साल (2021-22) में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में शुरू हुई थी। उस साल 10 से कम छात्रों ने हिंदी में पढ़ाई का ऑप्शन चुना था। 16 अक्टूबर से राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई भी हिंदी में शुरू हो गई है। ऐसे में यह देखा जाना है कि हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई में कितने छात्र दिलचस्पी दिखाते हैं। इंजीनियरिंग क्षेत्र में सरकारी कोशिशों की हार हुई है।

शिक्षकों और शिक्षा प्रशासकों में यह भावना है कि इंजीनियरिंग विषयों को हिंदी में पढ़ाने का प्रयास जल्दबाजी में किया गया है। पुस्तकों को अनुवाद किया गया है लेकिन अधिकांश शिक्षक परेशान हैं क्योंकि उन्होंने अंग्रेजी माध्यम में अपनी डिग्री प्राप्त की है। कक्षा में हिंदी की चुनौती को स्वीकार करने में सहज नहीं हैं। कुल मिलाकर फर्स्ट ईयर के लिए 20 इंजीनियरिंग किताबों का हिंदी में अनुवाद किया गया है, जिसमें यूजी कक्षाओं के लिए नौ और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए 11 शामिल हैं।

राज्य सरकार ने 6 जून 2022 को प्रदेश के 6 इंजीनियरिंग कॉलेजों की अलग-अलग ब्रांच में हिंदी में पढ़ाने का आदेश भी जारी किया था। इनमें एडमिशन के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग के ऑनलाइन काउंसिलिंग के दौरान सिर्फ 3 इंस्टीट्यूट की ब्रांच में ही हिंदी (इंडियन/रीजनल लैंग्वेज) में पढ़ाई कराने का ऑप्शन दिया गया है। तीनों इंस्टीट्यूट इंदौर के हैं, जिसमें SGSITS भी शामिल है। इसमें से 2 इंस्टीट्यूट में 20 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है, जबकि एक में कोई एडमिशन नहीं हुआ है। इन 20 में से 19 छात्रों ने कम्प्यूटर साइंस व एक छात्र ने बायो मेडिकल इंजीनियरिंग सब्जेक्ट में हिंदी में पढ़ाई के लिए चुना है। बायो मेडिकल वाले छात्र ने भी हिंदी से हाथ जोड़ लिए और उसने अंग्रेजी माध्यम से लिए आवेदन कर दिया है। छात्र का कहना है कि उसके समझ में कुछ नहीं आ रहा है। अंग्रेजी के सामान्य शब्दों को बेहद कठिन हिंदी में दिया गया है। इसे लेकर मुझे अपने भविष्य की चिंता सता रही है कि आगे मुझे इस डिग्री के साथ जॉब मिलेगा या नहीं।

हिंदी में कैसे पढ़ाएंगे
वहीं, एक नवंबर से शुरू हुए सत्र से पहले शिक्षक इस बात को लेकर चिंतित थे कि वे अपने विषय को हिंदी में कैसे पढ़ाएंगे। आखिरकार, यह छात्रों का करियर दांव पर है और किसी ऐसे व्यक्ति के लिए एक बड़ा बोझ है, जिसे हिंदी में अपनी डिग्री नहीं मिली है। एक वरिष्ठ संकाय सदस्य ने कहा कि अंग्रेजी इंजीनियरिंग की किताबों का हिंदी में अनुवाद करते समय अधिकारियों ने सबसे बड़ी गलती की है कि उन्होंने तकनीकी शब्दों का भी अनुवाद किया है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी पैदा करेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बल और गुरुत्वाकर्षण बल जैसे तकनीकी शब्दों का अनुवाद करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इन शब्दों को हर कोई समझता है। दुर्भाग्य से इन पुस्तकों में तकनीकी शब्दों का शास्त्रीय हिंदी में अनुवाद किया गया है और यह कक्षा शिक्षण को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाने के लिए पहले हिंदी तकनीकी शब्दों को सीखना होगा।

प्रोफेसर भी उठा रहे सवाल
यहां तक कि किताबों के शीर्षकों का भी अनुवाद किया गया है। एक अन्य प्रोफेसर ने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘इंजीनियरिंग वर्कशॉप प्रैक्टिस’ की किताब का हिंदी में अनुवाद ‘अभियांत्रिकी कर्मशाला अभ्यास’ के रूप में किया गया है। अब मुझे बताओ कि नाम बदलकर क्या हासिल किया गया है। उन्हें तकनीकी शब्दों को अंग्रेजी में रखना चाहिए था, जिस तरह से यह चिकित्सा पुस्तकों के साथ किया गया है।

मानवता शर्मसार : पांच साल की मूक-बधिर के साथ 50 साल के पड़ोसी ने किया दुष्कर्म

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मानवता शर्मसार : भोपाल । राजधानी के कोलार इलाके में मानवता को शर्मसार किये जाने की घटना सामने आई है। यहॉ हैवान बने 50 साल के पड़ोसी ने पांच साल की मूक बधिर बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना डाला। थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कजली खेड़ा में परिवार के साथ रहने वाली पांच साल की मे परिजन मेहनत मजदूरी करत है। बीते दिन दोपहर के समय घर के बाहर खेल रही थी। उसी दोरान घर के सामने रहने वाला आरोपी लगभग 50 वर्षीय हरिनारायण उर्फ हरिओम मासूम को लालच देकर बहलाते हुए अपने घर के अंदर ले गया। आरोपी भी मजदूरी करता है। घर ले जाकर हैवान बना हरिनारायण उसके साथ गलत काम करने लगा। मूक बधिर होने के कारण मासूम अपनी मदद के लिये जोर से चीख पुकार भी नहीं कर सकी। लेकिन उसके धीरे से चीखने की आवाज पड़ोस में रहने वाली महिला ने सून ली। उस महिला ने तत्काल ही मासूम की मां को घटना के बारे में बताया। बच्ची की मां जब हरिओम के घर पहुंची तो उसने आरोपी को बेटी के साथ गलत काम करते देखा। मौका पाकर आरोपी वहॉ से भाग गया। बाद मे मॉ के साथ थाने पहुचीं बच्ची की पुलिस ने काउंसलिंग कराई। तब बच्ची इशारों में आरोपी हरिओम की सारी करतूत बातई। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने पुलिस ने आरोपी हरिओम के खिलाफ मामला कामय कर उसे गिरफ्तार कर लिया, वही प्रशासन ने आरोपी के घर पर हथौड़ा चला कर उसे जमीदोंज कर दिया।

काउंसलिंग में बच्ची ने बताई पीड़ा

पुलिस ने बच्ची की काउंसलिंग कराई। बच्ची रोते हुए इशारों में अपनी पड़ी बताई। बच्ची इशारों में हरिओम के हैवानियत के बारे में काउंसिलिंग करने वाली टीम को बताया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया। जिसमें रेप की पुष्टि हुई। टीआई चंद्रकांत पटेल ने बताया कि बच्ची की हालत ठीक है। उसका इलाज कराया गया है।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए बदल सकता है टीम इंडिया का कोच…

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टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों शर्मनाक हार मिली। इस टी20 विश्व कप के बाद कई सीनियर खिलाड़ियों पर गाज गिरने की संभावना है। भारतीय टीम इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। यहां टीम को तीन टी-20 और तीन वनडे मैच खेलने हैं।इस दौरे को लेकर कई सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया दिया है। टी20 सीरीज के लिए हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया गया है। जबकि वनडे के लिए शिखर धवन को। रिपोर्ट्स की मानें तो इस सीरीज के लिए कोच राहुल द्रविड़ को भी आराम दिया जा सकता है। राहुल द्रविड़ की जगह वीवीएस लक्ष्मण कोच का पद संभालते हुए दिख सकते हैं।

हल्की ठंड में स्टाइल से समझौता किए बिना फॉलो करे ये टिप्स

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ठंड की शुरुआत होते ही कई लोग कपड़ों को लेकर बहुत कंफ्यूज होने लग जाते हैं। उन्हें लगता है कि आखिर स्वेटर पहनने से लुक खराब हो जाएगा इसलिए वे लापरवाही करने लग जाते हैं जबकि सुबह और शाम की हल्की ठंड हेल्थ के लिए ठीक नहीं होती है। हवा लगने से न सिर्फ आपको खांसी-जुकाम और गला खराब होने की दिक्कत हो सकती है बल्कि इससे आपका सिर्फ भी दर्द हो सकता है। ऐसे में आपको ठंड से बचाव तो करना ही चाहिए। आज हम आपको ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप न सिर्फ ठंड से बचे रहेंगे बल्कि आपको स्टाइल से भी समझौता नहीं करना पड़ेगा।

श्रग पहनें  

आप अगर अभी भी टीशर्ट पहन रहे हैं, तो इसके ऊपर श्रग जरूर पहनें। इससे आप ठंड से भी बचे रहेंगे और आप काफी स्टाइलिश भी नजर आएंगे। आपको अगर दोपहर के वक्त ज्यादा गर्मी लगे, तो आप श्रग उतारकर रख भी सकते हैं।
 
डेनिम जैकेट

डेनिम जैकेट कभी भी आउट ऑफ फैशन नहीं होती है। ऐसे में आपको डेनिम जैकेट जरूर पहननी चाहिए। डेनिम जैकेट किसी भी कपड़ों के साथ फिट बैठ जाती है। आप इसे कुर्ती के ऊपर भी पहन सकते हैं।

स्टॉल

आपको अगर कानों में ज्यादा ठंड लगती है, तो आप स्टॉल भी कैरी कर सकते हैं। आप किसी भी टॉप या ड्रेस के ऊपर स्टॉल ले सकते हैं। आपको फ्लोरल प्रिंट के स्टॉल कैरी करने चाहिए। यह काफी अच्छे लगते हैं।

पोंचू टॉप

सर्दियों के लिए पोंचू टॉप भी काफी अच्छे लगते हैं। इस स्टाइल में आपका लुक भी बहुत अच्छा लगता है और डबल लेयर होने के चलते आपको ज्यादा ठंड भी नहीं लगती। 

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