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MS Dhoni ने आइपीएस अधिकारी के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में दायर की याचिका

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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने आइपीएस जी संपत कुमार के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। धौनी ने आइपीएस अधिकारी संपत कुमार पर वकील के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। ये मामला साल 2013 के आइपीएल में हुए मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने इस सुनवाई को स्वीकार कर लिया है और अब इसकी सुनवाई मंगलवार से होगी।

एस एस धौनी ने तर्क दिया है कि आइपीएल अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट और मद्रास उच्च न्यायालय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की जो न्यायिक प्रणाली में आम आदमी के विश्वास को झकझोरने में सक्षम है और ये एक अपराध है। संपत कुमार ने कथित तौर पर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति मुद्गल समिति (2013 आइपीएल में मैच फिक्सिंग की स्वतंत्र जांच के लिए गठित) की रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को सीलबंद लिफाफे में रखने का फैसला किया और विशेष जांच दल को इसे उपलब्ध नहीं कराया।

एस एस धौनी ने कहा कि संपत ने आरोप लगाया कि सीलबंद कवर प्रदान नहीं करने में सुप्रीम कोर्ट का "एक मकसद" है। यह भी आरोप लगाया गया कि संपत ने मद्रास उच्च न्यायालय का अनादर किया और उसे बदनाम किया साथ ही महाधिवक्ता के कार्यालय और मद्रास उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकीलों के खिलाफ भी आरोप लगाए।अब आपराधिक अवमानना की कार्यवाही हेतु महाधिवक्ता के कार्यालय से आवश्यक सहमति प्राप्त करने के बाद अदालत की अवमानना अधिनियम 1975 की धारा 15 के तहत अधिकारी को दंडित करने और न्याय के हित में ऐसे अन्य आदेशों के तहत वर्तमान आवेदन दायर किया गया है।

आपको बता दें कि आइपीएल 2013 में स्पाट फिक्सिंग और सट्टेबाजी से जुड़ा मामला सामने आया था। इस केस को संपत कुमार लीड कर रहे थे और उन्होंने धौनी पर भी टिप्पणी की थी। जिसके बाद धौनी ने कहा था कि आइपीएस अधिकारी संपत कुमार मेरे ऊपर स्पाट फिक्सिंग को लेकर मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि वह मेरे खिलाफ झूठी खबरें और गलत बयान दे रहे हैं साथ ही उन्होंने हर्जाने के तौर पर कोर्ट से इसके लिए 100 करोड़ रुपए की मांग भी की थी।

उमा भारती ने संन्‍यास दीक्षा के 30 वर्ष पूरे होने पर पारिवारिक बंधन से मुक्‍त होने का लिया संकल्‍प, कहलाएंगी ‘दीदी मां’

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भोपाल ।    मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती आजकल अपनी जुबान से कम और इंटरनेट मीडिया के जरिए ज्‍यादा मुखर हैं। वह अक्‍सर ट्वीट कर अपने आगामी कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में जानकारी देती रहती हैं। अब उन्‍होंने अपने आध्‍यात्मिक जीवन को लेकर अहम बात कही है। उन्‍होंने एक के बाद एक 17 ट्वीट करते हुए कहा कि वह परिवारजनों को सभी बंधनों से मुक्‍त करती हैं और खुद भी पारिवारिक बंधनों से मुक्‍त हो रही हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने घोषणा की कि अब वह 'दीदी मां' कहलाएंगी। मेरे गुरु ने आदेश दिया था कि मैं समस्त निजी संबंधों एवं संबोधनों का परित्याग करके मैं मात्र दीदी मां कहलाऊं और समस्‍त विश्‍व समुदाय मेरा परिवार बने। मैंने भी निश्चय किया था कि अपने सन्यास दीक्षा के 30वें वर्ष के दिन मैं उनकी आज्ञा का पालन करने लग जाऊंगी। उमा भारती ने 17 नवम्बर 1992 को उडुपी, कर्नाटक के कृष्ण भक्ति संप्रदाय के महान संत- श्री विश्वेश तीर्थ महाराज (पेजावर स्वामी) से अमरकंटक में नर्मदा के तट पर संन्यास की दीक्षा ली थी। उमा ने कहा, जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ही अब वही मेरे लिए गुरुवर हैं।

उमा भारती ने अपने ट्वीट्स में यह कहा.

मेरी संन्यास दीक्षा के समय पर मेरे गुरु ने मुझसे एवं मैंने अपने गुरु से 3 प्रश्न किए, उसके बाद ही संन्यास की दीक्षा हुई। मेरे गुरु के 3 प्रश्न थे- (1) 1977 में आनंदमयी मां के द्वारा प्रयाग के कुंभ में ली गई ब्रह्मचर्य दीक्षा का क्या मैंने अनुशरण किया है? (2) क्या प्रत्येक गुरु पूर्णिमा को मैं उनके पास पहुंच सकूंगी? (3) मठ की परंपराओं का आगे अनुशरण कर सकूंगी? तीनों प्रश्न के उत्तर में मेरी स्वीकारोक्ति के बाद मैंने उनसे जो तीन प्रश्न किए- (1) क्या उन्होंने ईश्वर को देखा है? (2) मठ की परंपराओं के अनुशरण में मुझसे भूल हो गई, तो क्या मुझे उनका क्षमादान मिलेगा? (3) क्या मुझे आज से राजनीति त्याग देना चाहिए? उमा ने आगे कहा कि पहले दो प्रश्नों के अनुकूल उत्तर गुरुजी द्वारा मिलने के बाद तीसरे प्रश्न का उनका उत्तर जटिल था। मेरे परिवार से संबंध रह सकते हैं, किंतु करुणा एवं दया। मोह या आसक्ति नहीं। साथ ही, देश के लिए राजनीति करनी पड़ेगी। राजनीति में मैं जिस भी पद पर रहूं, मुझे एवं मेरी जानकारी में सहयोगियों को रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार से दूर रहना होगा। इसके बाद मेरी संन्यास दीक्षा हुई। मेरा मुंडन हुआ, मैंने स्वयं का पिंडदान किया। मेरा नया नामकरण संस्कार हुआ, मैं उमा भारती की जगह उमाश्री भारती हो गई।

पारिवारिक पृष्‍ठभूमि का जिक्र

उमा ने ट्वीट्स के जरिए अपनी जाति और पारिवारिक पृष्‍ठभूमि के बारे में भी खुलकर बात की। उन्‍होंने लिखा- मैं जिस जाति, कुल व परिवार में पैदा हुई, उस पर मुझे गर्व है। मेरे निजी जीवन व राजनीति में वह मेरा आधार व सहयोगी बने रहे। हम चार भाई दो बहन थे, जिसमें से 3 का स्वर्गारोहण हुआ है। पिता गुलाब सिंह लोधी खुशहाल किसान थे। मां बेटी बाई कृष्ण भक्त सात्विक जीवन जीने वाली थीं। मैं घर में सबसे छोटी हूं। यद्यपि पिता के अधिकतर मित्र कम्युनिस्ट थे, किंतु मुझसे ठीक बड़े भाई अमृत सिंह लोधी, हर्बल सिंह जी लोधी, स्वामी प्रसाद जी लोधी और कन्हैयालाल जी लोधी सभी जनसंघ व भाजपा से मेरे राजनीति में आने से पहले ही जुड़ गए थे।

राजनीति के कारण परिजनों ने भी उठाए कष्‍ट, झूठे केस बने

उमा भारती ने लिखा- मेरे अधिकतर भतीजे बाल स्वयं सेवक हैं। मुझे गर्व है कि मेरे परिवार ने ऐसा काम नहीं किया, जिससे मेरा लज्जा से सिर झुके। इसके उल्टे उन्होंने मेरी राजनीति के कारण कष्ट उठाए। उन लोगों पर झूठे केस बने, उन्हें जेल भेजा गया। भतीजे हमेशा सहमे से व चिंतित रहे कि उनके किसी कृत्य से मेरी राजनीति ना प्रभावित हो जाए। वह मेरे लिए सहारा बने रहे। मैं उन पर बोझ बनी रही।

आचार्य विद्यासागर महाराज को बताया गुरु

उमा ने लिखा- संयोग से जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज भी कर्नाटक के हैं। अब वही मेरे लिए गुरुवर हैं। उन्होंने मुझे आज्ञा दी है कि समस्त निजी संबंधों व संबोधनों का परित्याग करके मैं मात्र 'दीदी मां' कहलाऊं व अपने भारती नाम को सार्थक करने के लिए भारत के सभी नागरिकों को अंगीकार करूं। संपूर्ण विश्व समुदाय ही मेरा परिवार बने। मैंने भी निश्चय किया था कि संन्यास दीक्षा के 30वें वर्ष के दिन मैं उनकी आज्ञा का पालन करने लग जाऊंगी। यह आज्ञा उन्होंने 17 मार्च, 2022 को रहली, जिला सागर में सार्वजनिक तौर पर माइक से घोषणा करके मुनिजनों के सामने दी थी। मैं परिवारजनों को सभी बंधनों से मुक्त करती हूं। मैं स्वयं भी 17 नवंबर को मुक्त हो जाऊंगी। मेरा संसार व परिवार व्यापक हो चुका है। अब मैं सारे विश्व समुदाय की 'दीदी मां' हूं। मेरा निजी परिवार नहीं है। अपने माता-पिता के दिए हुए उच्चतम संस्कार, गुरु की नसीहत, जाति व कुल की मर्यादा, पार्टी की विचारधारा और देश के लिए मेरी जिम्मेदारी इससे मैं खुद को कभी मुक्त नहीं करूंगी।

अफसरों के दिशा-को नहीं मानती पुलिस

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भोपाल । मध्य प्रदेश पुलिस कितनी ताकतवर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आइजी और पुलिस कमिश्नर से बार-बार कहने के बाद भी चार साल में मानदेय घोटाले के आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। इस मामले में शाहजहांनाबाद, ऐशबाग और लटेरी (विदिशा) पुलिस ने अपर मुख्य सचिव (एसीएस) महिला एवं बाल विकास विभाग अशोक शाह के पत्र तक को भी कचरे की पेटी में डाल दिया है। मामले को देख रहे विभाग के अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि दोनों स्थानों की पुलिस आरोपितों पर कार्रवाई करने की बजाय घोटाले की जांच करने वाले अधिकारियों से नए-नए दस्तावेज मांग रही है। इस पर विभाग के संचालक ने पुलिस आयुक्त और एसीएस ने गृह विभाग के एसीएस डा. राजेश राजौरा को पत्र लिखा है। 22 जिलों में सामने आ चुके 26 करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले में 19 में से सिर्फ नौ प्रकरण अब तक न्यायालय पहुंचे हैं। जबकि राजधानी का ही चूना भट्टी, बैरसिया एवं रायसेन जिले का उदयपुरा थाना चालान न्यायालय में प्रस्तुत कर चुका है।
वर्ष 2017 में भोपाल के आठ बाल विकास परियोजनाओं में छह करोड़ रुपये का मानदेय घोटाला सामने आया था। जांच आगे बढ़ी, तो 14 जिलों में गड़बड़ी पाई गई और घोटाले की राशि 26 करोड़ तक पहुंच गई। मामले में सभी अधिकारी और कर्मचारी निलंबित किए गए। भोपाल के पांच लिपिक बर्खास्त कर दिए गए और आठ में से तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों को बर्खास्त करने की अनुमति मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग दे चुका है पर उच्च न्यायालय से स्थगन होने के कारण शासन सेवाएं समाप्त नहीं कर पा रहा है। स्थगन के दौरान ही एक अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो गया है। राजधानी की बात करें तो घोटाले की सबसे बड़ी राशि शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालयों से ही निकाली गई है पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के आठ अन्य जिलों में भी गड़बड़ी हुई है। विधानसभा की लोकलेखा समिति के निर्देश पर विभाग ने जांच शुरू की है।
महिला एवं बाल विकास संचालनालय, जिले के अधिकारी मिलकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का माह में दो बार मानदेय निकालते थे। एक बार की राशि उनके बैंक खाते में जमा कराते थे और दूसरी बार की राशि कंप्यूटर आपरेटर एवं अपने परिचितों के बैंक खातों में जमा करा देते थे, जिसे बाद में आपस में बांट लेते थे। वर्ष 2014 से यह गड़बड़ी चल रही थी। शिकायत पर चार जांच भी कराई गईं पर गड़बड़ी नहीं पकड़ाई। पांचवीं जांच कोषालय और विभाग की वित्त शाखा के अधिकारियों ने की, तब घोटाला सामने आया।

फर्जीवाड़ा करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

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भोपाल । प्रदेश में सरकारी राशन वितरण में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने राशन दुकानों की जांच करने का निर्देश दिया है। सरकार के निर्देश पर भोपाल में राशन दुकानों की जांच के बाद 15 खाद्य अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। अब इसी तर्ज पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी कार्रवाई होगी। इसके लिए खाद्य विभाग ने कलेक्टरों से 2500 राशन दुकानों की जांच का प्रतिवेदन मांगा है।
जानकारी के अनुसार राजधानी भोपाल के खाद्य अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर सहित कई और जिलों के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। खाद्य विभाग ने ढाई हजार राशन दुकानों की जांच प्रतिवेदन कलेक्टरों से मांगी है। विभाग की कार्रवाई के बाद से जिलों में हड़कंप है। राशन दुकानों की जांच कार्रवाई भोपाल से शुरू हुई है। यहां की कई दुकानों पर व्यापक तौर पर गड़बड़ी होने की शिकायतें विभाग के आला अफसरों को की जा रही थीं। इस आधार पर प्रमुख सचिव खाद्य के निर्देश पर लगभग सभी राशन दुकानों की जांच कराई गई। इसमें 39 दुकानों पर फर्जीवाड़ा मिला। इसके बाद भोपाल की जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ज्योति शाह नरवरिया सहित विभाग ने उन अधिकारियों को भी सस्पेंड किया है जिन्होंने जांच कार्य में गड़बड़ी की।
खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार जिन बिंदओं पर राशन दुकानों की जांच की गई है उनमें प्रमुख है उचित मूल्य दुकान खुलने की स्थिति, स्टॉक का भौतिक सत्य, सामग्री का वितरण, सूचनाओं का प्रदर्शन, सतर्कता समितियों की बैठक और उपभोक्ताओं के फीडबैक की जानकारी और उचित मूल्य दुकान के नाम सहित विक्रेता एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को फोटो अपलोड किया जाएगा। इन बिंदुओं पर राशन दुकानों पर जांच के लिए संचालनालय, राजगढ़ 15 सहायक और कनिष्ठ और विदिशा के अधिकारी तैनात अधिकारियों को निलंबित किया गया किए गए थे। प्रमुख सचिव खाद्य विभाग फैज अहमद किदवई का कहना है कि भोपाल की तरह अन्य जिलों में राशन सामग्री वितरण तथा स्टॉक को लेकर गड़बड़ी मिलेगी तो वहां के खाद्य अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इनमें बड़े शहर भी शामिल हैं। भोपाल की राशन दुकानों पर वितरण व्यवस्था अच्छी नहीं होने के शिकायतें मिल रही थीं।
जानकारी के अनुसार ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर सहित कई और जिलों के राशन दुकानों की जांच कराई जा रही है। यह जांच एक- दूसरे जिलों के खाद्य अधिकारी कर रहे हैं। निर्देश दिए गए हैं कि उचित मूल्य का निरीक्षण में पाई गई स्थिति को मौके पर ही एम राशन मित्र पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। अगर गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो अलग से पंचनामा तैयार किया जाएगा और हितग्राही तथा विक्रेता के कथन लिए जाएंगे। राशन कम अधिक पाए जाने पर जब्ती कार्रवाई अलग से होगी। जिलों में चल रही इस कार्रवाई से खाद्य अधिकारियों में हड़कंप हैं। सूत्रों मे अनुसार प्रयास किए जा रहे हैं कि उनके क्षेत्र की दुकानों की जांच में सहानुभूति दिखाई जाए। जांच के दौरान 89 आदिवासी विकासखंडों की उचित मूल्य दुकानों की जांच पर विशेष फोकस किया गया है। खासतौर पर मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना के तहत वितरण व्यवस्था देखी जाएगी। जांच टीमों से इन राशन दुकानों की रिपोर्ट अलग से मांगी गई है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि सरकार राशन घोटाले की न्यायिक जांच कराए। राजधानी में ही राशन दुकानों में हेरा फेरी और अमानत में खयानत के मामले सामने आने से यह सिद्ध हो गया हैं कि प्रदेश में 50त्न राशन दुकानों में गरीबों के खाद्यान्न की सार्वजनिक लूट चल रही है। गांव देहातों में तो 90 फीसदी दुकानों पर गरीबों के हिस्से का अनाज चोरी किया जा रहा होगा। समितियों के पदाधिकारियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं और पदाधिकारी किन दलों के सदस्य हैं, यह भी खुलासा हो।

एक्ट्रेस Janhvi Kapoor ने खरीदा करोड़ों का घर…

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Janhvi Kapoor : बॉलीवुड एक्ट्रेस और मशहूर फिल्म निर्देशक बोनी कपूर की बेटी जाह्नवी कपूर अपने फिल्मी करियर में एक के बाद एक सफलता हासिल करती जा रही हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ने मुंबई के रिहायशी इलाके में अपने लिए एक आलीशान डुप्लेक्स खरीदा। जाह्नवी का यह नया घर बांद्रा के पाली हिल इलाके में स्थित है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जाह्नवी ने यह डुप्लेक्स 12 अक्तूबर को खरीदा था। यह नया ड्यूप्लेक्स अपार्टमेंट फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर मौजूद है, जो कि 8,669 स्क्वायर फीट बड़ा  है और इसकी कुल कीमत 65 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जाह्नवी ने इसके लिए 3.90 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस दी है। इस घर के साथ उन्हें पांच कार पार्किंग एरिया, एक स्विमिंग पूल और खुला गार्डन भी है।

हालांकि जाह्नवी के पिता बोनी कपूर और खुद जाह्नवी कपूर ने इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। घर के बारे में एक सेलिब्रिटी फोटोग्राफर विरल भियानी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये जानकारी साझा की है। 

जाह्नवी कपूर के पास इस समय कई फिल्में हैं, जिन पर वह काम कर रही हैं। जाह्नवी कपूर की फिल्म 'मिली' 4 नवंबर को थिएटर में रिलीज हुई है। फिल्म की कहानी काफी दिलचस्प बताई जा रही है। इसके अलावा जाह्नवी कपूर के पास 'मिस्टर एंड मिसेस माही' और 'बवाल' है। 'बवाल' फिल्म में जाह्नवी कपूर, वरुण धवन संग स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी।

डीजल महंगा होने से ट्रक से माल ढुलाई 91% तक बढ़ी

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कोरोना के बाद अर्थव्यवस्था के खुलने व डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से ट्रक माल ढुलाई महंगी हो गई है। कुछ रूट पर इसके किराये में 91 फीसदी तक की बढ़त हुई है। इससे सामानों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 टन सामान वाले ट्रक का दिल्ली से किराया इस समय 22,000 रुपये है जो 2016-17 में 11,517 रुपये था। यानी यह 91 फीसदी बढ़ गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली से बंगलूरू का किराया 35.1% बढ़कर 82,936 रुपये, जबकि हैदराबाद का किराया 10.2% बढ़कर 64,300 रुपये हो गया है। चेन्नई का 10.5 फीसदी बढ़कर 86,116 रुपये जबकि त्रिवेंद्रम का किराया 11.7% बढ़कर 89,779 रुपये हो गया है। गुवाहाटी का किराया 10.7% बढ़त के साथ 90,015 रुपये है। हालांकि, पटना के किराये में 24.2 फीसदी की कमी आई है और यह 46,201 से घटकर 35,000 रुपये रह गया है।

हालांकि, हाल में डीजल की कीमतों में नरमी के बाद सरकार द्वारा 6 रुपये प्रति लीटर की उत्पाद शुल्क में कटौती ने भी इसी अवधि में माल ढुलाई दरों में कमी में योगदान दिया है। बैंक की हालिया जारी इस विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब डीजल की कीमतें घटी हैं, तब-तब ट्रकों की माल ढुलाई के किराये भी घटे हैं। लेकिन देश में लंबे समय से डीजल की कीमतें ऊपर बनी हुई हैं।

16 रूट वाले इंडेक्स में 14 फीसदी की बढ़त
रिपोर्ट के अनुसार, 16 रूट वाले इंडेक्स पर 2016-17 की तुलना में किराया औसत 14 फीसदी बढ़ा है जबकि इसी दौरान डीजल की कीमतें 56.9 रुपये लीटर से 67 फीसदी बढ़ कर 95.1 रुपये लीटर हो गई हैं। वित्त वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना के लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था में धीमेपन के कारण शीर्ष 3 महानगरों में ट्रकों के किराये में कमी आई थी।

एफटीए के तहत ब्रिटिश बाजार में औषधि उत्पादों के लिए व्यापक बाजार पहुंच हासिल करने की कोशिश में लगा भारत 

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नई दिल्ली । ब्रिटेन के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत भारत अपने औषधि उत्पादों के लिए व्यापक बाजार पहुंच हासिल करने की कोशिश में लगा हुआ है। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुछ ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध एफटीए के एक अध्याय के बारे में दी गई सूचना संपादित होने के साथ छेड़छाड़ से भरपूर है, असल में यह भारत-ब्रिटेन एफटीए का एक तोड़-मरोड़कर पेश किया हुआ रूप है।
अधिकारी ने कहा, प्रस्तावित समझौते की सबसे अच्छी बात यह है कि दोनों ही पक्षों ने अपनी संवेदनाओं एवं आपत्तिजनक बिंदुओं से अवगत करा दिया है। जीवनरक्षक दवाओं के सस्ते संस्करण (जेनेरिक) का विनिर्माण ऐसा बिंदु है जिस पर कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता है। भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ लागू एफटीए में अपनी दवा कंपनियों के लिए सुगम बाजार पहुंच हासिल की है। इस समझौते के तहत भारतीय औषधि उत्पादों एवं चिकित्सकीय उत्पादों को 90 दिन के भीतर नियामकीय अनुमति मिलेगी। अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित बाजारों में बिक्री के लिए मंजूरी हासिल कर चुके औषधि उत्पादों को यूएई में भी आसान पहुंच मिलने का प्रावधान है।
इस तरह ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के व्यापार सौदे में भी त्वरित अनुमति और विनिर्माण संयंत्रों की गुणवत्ता परीक्षण के आकलन का प्रावधान होगा। भारत, ब्रिटेन के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते में भी अपनी दवा कंपनियों के लिए सुगम पहुंच हासिल करने के प्रयास में है। अधिकारी ने कहा, हम भारत-ब्रिटेन समझौते से फार्मा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक नतीजे पर नजरें टिकाए हुए हैं। ब्रिटेन की औषधि एवं स्वास्थ्य उत्पादन नियामक एजेंसी के साथ नियामकीय सहयोग को लेकर चर्चा जारी है।’’
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत इस साल जनवरी में शुरू हुई थी। इसके दिवाली तक पूरी हो जाने की समयसीमा तय की गई थी लेकिन ब्रिटेन में पैदा हुई राजनीतिक अनिश्चितता ने इस कुछ समय के लिए टाल दिया है। इसमें उत्पाद, सेवा, निवेश एवं बौद्धिक संपदा सहित 26 अध्याय हैं। अधिकारी ने कहा कि दोनों ही देश अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

‘The Kapil Sharma Show’ के सेट पर बोनी कपूर ने खोले बेटी जाह्नवी के राज…

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द कपिल शर्मा शो : बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मिली' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। बता दें कि फिल्म 'मिली' सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और इस फिल्म को सुपरहिट बनाने के लिए अभिनेत्री अपने पिता और प्रोड्यूसर बोनी कपूर के साथ 'द कपिल शर्मा शो' के सेट पर पहुंचीं। इस दौरान अभिनेत्री ने अपने बारे में कई खुलासे किए।  इतना ही नहीं बोनी कपूर ने भी जान्हवी से जुड़े कई राज बताएं, जिसे सुनने के बाद जान्हवी चिल्ला पड़ीं।

दरअसल, हाल ही में मेकर्स ने 'द कपिल शर्मा शो' का प्रोमो जारी किया है। प्रोमो में बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर अपने अंधविश्वास के बारे में बात करते हुए नजर आईं। अभिनेत्री ने कहा, "मैं काफी अंधविश्वासी हूं। अब भी मंच में प्रवेश करते समय मैं पहले अपने दाहिना पैर रखती हूं। इसके अलावा, मां और पिताजी के जन्मदिन, नए साल और अन्य विशेष अवसरों पर, तिरुपति की यात्रा करती हूं, और गुरुवार को सिर्फ शाकाहारी खाना ही खाती हूं।"

इतना ही नहीं, बोनी कपूर ने भी जान्हवी कपूर से जुड़े कई राज खोले। निर्माता ने कहा, "मैं सुबह जब भी इसके कमरे में जाता हूं, मुझे हमेशा कपड़े इधर-उधर फीके हुए मिलते हैं, टूथपेस्ट का ढक्कन खुला मिलता है। हर रोज मैं जाकर बंद करता हूं।" यह सब सुनकर जान्हवी चिल्ला पड़ी, ''पापा!'' और कपिल हंसने लगे।

Video: Rubina Dilaik ने लोहे की 500 कीलों पर किया ” घूमर “, देखकर जज हुए हैरान..

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Rubina Dilaik : बॉस लेडी कही जाने वालीं Rubina Dilaik अब ‘झलक दिखला जा 10’ में डांस से छाई हुई हैं। ‘Bigg Boss 13’ की विजेता Rubina Dilaik शो की मजबूत कंटेस्टेंट में से हैं। वो एक बेहतरीन डांसर हैं ये तो उनके फैन्स अच्छी तरह से जानते हैं। रुबीना ने अपनी हर एक परफॉर्मेंस से सभी को हैरान किया है। रिहर्सल के दौरान उन्हें चोटें भी आईं लेकिन वह फिर से वापस लौटीं और डांस से धूम मचा दिया। अब रुबीना शो में ‘घूमर’ गाने पर थिरकती दिखेंगी लेकिन उनके स्टेप्स इतने भी आसान नहीं हैं।

प्रोमो वीडियो रिलीज

शो का एक प्रोमो वीडियो आया है जिसमें वह हैवी लहंगा पहने हुए हैं। सिर पर उनके एक मटका है जिस पर आग जल रही है। रुबीना ने इससे पहले अपनी दो तस्वीरें शेयर कर बताया था कि लोहे की 500 कीलों के बेड पर डांस करने से लेकर सिर पर आग को बैलेंस करने तक, इस हफ्ते स्टेज पर आग लगा दी।

जज करते हैं तारीफ

रुबीना जब डांस करती हैं तो माधुरी दीक्षित, नोरा फतेही से लेकर करण जौहर तक उन्हें चीयर करते दिखते हैं। बैकग्राउंड में उनकी आवाज को सुना जा सकता है। जज रुबीना से कहते हैं, ‘क्या कमाल की एनर्जी है, कोरियोग्राफी, एक्सप्रेशंस सब कमाल के हैं।‘
 
वीडियो को कलर्स टीवी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से शेयर किया गया है जिसके कैप्शन में लिखा है, ‘रुबीना है अपनी परफॉर्मेंस से सबको प्रभावित करने के लिए लिए रेडी।

ननंद के प्री वेडिंग फंक्शन्स में दीपिका कक्कड़ ने लगाए चार चांद

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टीवी अभिनेता शोएब इब्राहिम और उनकी पत्नी व एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं। शोएब और दीपिका के फोटोज अक्सर वायरल होते हैं। इन दिनों शोएब इब्राहिम की बहन सबा इब्राहिम के प्री वेडिंग फंक्शन्स चल रहे हैं, जिनके फोटोज सोशल मीडिया पर सामने आए हैं और तेजी से वायरल हो रहे हैं।

सबा के हल्दी फंक्शन्स
शोएब की बहन सबा के शादी के फंक्शन्स जारी हैं और ऐसे में हाल ही में हल्दी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस फंक्शन के फोटोज और वीडियोज शोएब और दीपिका ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। जानकारी के मुताबिक सबा इब्राहिम की शादी की सभी रस्में उनके गांव मौदहा में हो रही हैं।

फोटोज-वीडियोज में एक ओर दिख रहा है कि शोएब खूब एन्जॉय कर रहे हैं तो दूसरी ओर दिख रहा है कि दीपिका भी ननद के फंक्शन्स में चार चांद लगा रही हैं।

 

सिर्फ दीपिका ने ही नहीं बल्कि बहन के फंक्शन्स में शोएब ने भी महफिल लूटने वाला काम किया है। सबा इब्राहिम की संगीत सेरेमनी का फंक्शन ज्यादा ग्रैंड नहीं था, लेकिन काफी शानदार था। शोएब और दीपिका ने संगीत फंक्शन में जमकर डांस किया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे फैन्स काफी पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शोएब पत्नी दीपिका, बहन सबा और मां के साथ डांस करते दिख रहे हैं।

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