भोपाल । मध्य प्रदेश का मौसम सामान्य है। सुबह-शाम ठंडक का अहसास हो रहा है। दिन में पंखे चल रहे हैं। कई जगह हल्के बादल भी हैं। हवाओं का रुख उत्तरी हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में ठंडक बढ़ेगी। पचमढ़ी में पारा लुढ़ककर 12.6 डिग्री तक पहुंचा है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के जिलों का मौसम शुष्क रहा। अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं रहा। दिन का तापमान 35 डिग्री तक पहुंच रहा है। वहीं रात का पारा 13 डिग्री तक गया है। दो दिन मौसम में विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो रात में ठंडक बढऩे लगी है। पूर्वी मप्र में पारे में मामूली गिरावट भी रही। प्रदेश में सबसे गर्म राजगढ़ रहा, यहां 34.5 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में पारा में 12.6 डिग्री पर पहुंच गया है। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। अधिकतम तापमान की बात करें तो राजगढ़ में 34.5, ग्वालियर में 34.1, नौगांव में 33.5, गुना-दमोह में 33.4, खरगोन-रतलाम-उज्जैन में 33, दतिया में 32.9, मंडला में 32.8, खजुराहो में 32.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान को देखें तो सिवनी-नरसिंहपुर को छोड़ दें तो प्रदेश के सभी जिलों में रात का पारा 20 डिग्री के नीचे पहुंच गया है। पचमढ़ी में 12.6, रायसेन-मंडला में 13.2, बैतूल में 14, छिंदवाड़ा में 14.1, नौगांव में 14.5 डिग्री तापमान रहा।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो हवाओं का रुख उत्तरी बना रहने से तापमान में गिरावट हो रही है। बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब का क्षेत्र बन गया है। इस सिस्टम के रविवार रात को चक्रवाती तूफान सितरंग में बदलने की संभावना है। हालांकि इसका मध्य प्रदेश पर विशेष असर नहीं रहने वाला। दो दिन बाद ठंडक बढऩे की संभावना है।
प्रदेश में बढऩे वाली है ठंड, दो दिन बाद तापमान में गिरावट संभव
दीपावली आज, जानें घर, दुकान और ऑफिस में पूजा के शुभ मुहूर्त
वर्तमान समय में पंचांग एक बहु उपयोगी वस्तु है। इसके माध्यम से हमें न सिर्फ शुभ मुहूर्तों की जानकारी मिलती है, बल्कि और भी कई दैनिक उपयोग की जानकारी पंचाग में उपलब्ध रहती है।
पंचांग के बिना शुभ मुहूर्त व ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी निकालना बहुत ही कठिन कार्य है। आगे पंचांग से जानिए आज कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे, कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा और राहु काल व अभिजीत मुहूर्त का समय.
आज मनाएं दीपावली उत्सव
धर्म ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली पर्व मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 24 अक्टूबर, सोमवार की शाम लगभग 5.30 पर शुरू होगी चूंकि दीपावली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है, इसलिए ये पर्व 24 अक्टूबर, सोमवार को ही मनाया जाएगा। इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ ज्ञान की देवी सरस्वती और बुद्धि के देवता भगवान श्रीगणेश की पूजा का भी विधान है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (घर के लिए) (Diwali 2022 Shubh Muhurat Ghar Ke Liye)
शाम 05.40 से 06.25 तक
शाम 07.15 से रात 0932 तक
रात 11.43 से 12.40 तक
दुकान के लिए पूजा के शुभ मुहूर्त (Diwali 2022 Shubh Muhurat Dukan Ke Liye)
शाम 05.50 से 07.15 तक
रात 08.05 से 09.05 तक
रात 10.34 से 12.11 तक
ऑफिस के लिए पूजा के शुभ मुहूर्त (Diwali 2022 Shubh Muhurat Office Ke Liye)
शाम 06.05 से 07.32 तक
रात 07.50 से 08.40 तक
रात 10.34 से 12.11 तक
फैक्ट्री के लिए पूजा के शुभ मुहूर्त (Diwali 2022 Shubh Muhurat Factory Ke Liye)
शाम 07.15 से रात 09.05 तक
रात 11.43 से 12.40 तक
रात 01.45 से 03.46 तक
24 अक्टूबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 24 October 2022)
24 अक्टूबर 2022, दिन सोमवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 05:27 तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि आरंभ हो जाएगी। इस दिन दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। सोमवार को पहले हस्त नक्षत्र दोपहर 02:42 तक रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। सोमवार को पहले हस्त नक्षत्र होने से वज्र और उसके बाद चित्रा नक्षत्र के होने से मुग्दर नाम के 2 अशुभ योग दिन भर रहेंगे। इसके अलावा इस दिन वैधृति और विषकुंभ योग भी रहेंगे। राहुकाल सुबह 7:56 से 9:21 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
सोमवार की रात को चंद्रमा कन्या से निकलकर तुला में प्रवेश करेगा। इस दिन सूर्य और शुक्र तुला राशि में, बुध कन्या राशि में, मंगल मिथुन राशि में, राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि मजबूरी में यात्रा करनी पड़े तो शीशे में अपना चेहरा देखकर या कोई भी पुष्प खा कर घर से निकलना चाहिए।
24 अक्टूबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- कार्तिक
पक्ष- कृष्ण
दिन- सोमवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- हस्त और चित्रा
करण- शकुनि और चतुष्पद
सूर्योदय – 6:31 AM
सूर्यास्त – 5:50 PM
चन्द्रोदय – Oct 24 5:10 AM
चन्द्रास्त – Oct 24 5:19 PM
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 तक
24 अक्टूबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड – 10:46 AM – 12:10 PM
कुलिक – 1:35 PM – 3:00 PM
दुर्मुहूर्त – 12:33 PM – 01:18 PM, 02:49 PM – 03:34 PM
वर्ज्यम् – 10:33 PM – 12:08 AM
धन, संपत्ति, उन्नति, सफलता, पुत्र के लिए करें लक्ष्मी स्तुति पाठ
माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक दिन या फिर हर शुक्रवार के दिन लक्ष्मी स्तुति का पाठ करें. लक्ष्मी स्तुति का पाठ करने से धन, संपत्ति, उन्नति, सफलता, पुत्र आदि सबकुछ प्राप्त हो सकता है.
पंडित वशिष्ठ उपाध्याय कहते हैं कि लक्ष्मी स्तुति की रचना महर्षि अगस्त्य ने किया था, इसे लक्ष्मी स्तुति या महालक्ष्मी स्तुति कहते हैं. इसका पाठ करने से नि:संतान लोगों को पुत्र प्राप्त होता है, दरिद्र पर लक्ष्मी कृपा होती है, धन धान्य, सुख, सफलता में वृद्धि होती है. लक्ष्मी स्तुति का पाठ करने से पूर्व विधिपूर्वक माता लक्ष्मी की पूजा कर लेनी चाहिए.
लक्ष्मी स्तुतिया महालक्ष्मी स्तुति
आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि।
यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।
सन्तान लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पुत्र-पौत्र प्रदायिनि।
पुत्रां देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।
विद्या लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु ब्रह्म विद्या स्वरूपिणि।
विद्यां देहि कलां देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
धन लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व दारिद्र्य नाशिनि।
धनं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
धान्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वाभरण भूषिते।
धान्यं देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
मेधा लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु कलि कल्मष नाशिनि।
प्रज्ञां देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
गज लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वदेव स्वरूपिणि।
अश्वांश गोकुलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
धीर लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पराशक्ति स्वरूपिणि।
वीर्यं देहि बलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
जय लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व कार्य जयप्रदे।
जयं देहि शुभं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
भाग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सौमाङ्गल्य विवर्धिनि।
भाग्यं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
कीर्ति लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु विष्णुवक्ष स्थल स्थिते।
कीर्तिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
आरोग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व रोग निवारणि।
आयुर्देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
सिद्ध लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व सिद्धि प्रदायिनि।
सिद्धिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
सौन्दर्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वालङ्कार शोभिते।
रूपं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
साम्राज्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि।
मोक्षं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
मङ्गले मङ्गलाधारे माङ्गल्ये मङ्गल प्रदे।
मङ्गलार्थं मङ्गलेशि माङ्गल्यं देहि मे सदा।
सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्रयम्बके देवि नारायणि नमोऽस्तुते।
शुभं भवतु कल्याणी आयुरारोग्य सम्पदाम्।
मंगल और शनि की कृपा दृष्टि के लिए घर में करें ये काम
यूं तो हमारा देश विविधताओं से भरा है, जहां दुनियाभर की संस्कृतियों का बसेरा है। यहां हर ऋतु में उत्साह और त्यौहार की धूम रहती है। दीपावली का त्यौहार भी अपना धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। प्रकाश का यह पर्व हमें सीख देता है कि केवल बाहरी चकाचौंध ही नहीं, अपने मन के भीतर भी प्रकाश उत्पन्न करना जरूरी है। मिट्टी का छोटा-सा दीया गहरे अंधकार में भी लौ जलाकर रखता है, उसी प्रकार जैसे हमारे त्यौहार रिश्तों की डोर को बांधकर रखते हैं।
What do u do for good luck on Diwali: दिवाली के अवसर पर घरों की चौखट और मुंडेर पर दीपक जलाने की परम्परा सदियों पुरानी है। कई धर्मग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है। वनवास के बाद जब भगवान रामचंद्र अयोध्या लौटे थे, तब भी नगरवासियों ने घरों के बाहर दीपक जलाए थे। दरअसल, मिट्टी का दीपक पंचतत्वों का प्रतीक है। ये हैं जल, वायु, अग्नि, आकाश व भूमि। उसमें ये पांचों तत्व मौजूद होते हैं। मिट्टी को मंगल स्वरूप माना जाता है और तेल को शनि का प्रतीक। शनि न्याय और भाग्य के देवता हैं। इसलिए मिट्टी का दीपक जलाने से मंगल और शनि की कृपा दृष्टि मिलती है।
Deepawali 2022: आधुनिकता की चकाचौंध में भले हम अपनी मिट्टी से दूर हो रहे हैं, लेकिन हमारे व्रत-त्यौहार हमें अपनी जड़ों से जुड़ने की सीख देते हैं। हिन्दू धर्म में यह मान्यता है कि मिट्टी का दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। इसलिए कि मिट्टी को मंगल का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा तेल शनि का प्रतीक है। शनि न्याय और भाग्य के देवता हैं। मिट्टी का दीपक जलाने से मंगल और शनि की कृपा प्राप्त होती है। दीपावली पर मिट्टी के दीपक जला कर अंधकार को मिटाया जाता है।
Diwali Vastu Tips 2022: धन, वैभव, ऐश्वर्य और सौभाग्य की इच्छा रखने वाले घी या तेल के दीपक जलाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा और सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार होगा। लक्ष्मी पूजा के दीपक को उत्तर दिशा में रखें, ऐसा करने से आपका घर धन-धान्य से संपन्न रहेगा।
आम, बिल्व पत्र, अशोक के ताजे हरे पत्ते अथवा रंग-बिरंगे खूशबूदार फूलों का बंधनवार बांधना शुभ होता है।
उत्तर-पूर्व दिशा में जल से भरा मिट्टी का कटोरा रखकर उसमें फूलों की पंखुड़ियां डालें।
मुख्यद्वार पर रंग-बिरंगे रंगों से सजी रंगोली बनाएं।
आज दिवाली पर मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न, करेंगी धनवर्षा
आज पूरे देश में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। दीपोत्सव का पर्व पांच दिनों तक चलता है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली की तैयारियों बहुत दिनों पहले से होने लगती है। दिवाली के मौके पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई और विशेष सजावट करते हैं। दिवाली पर मां लक्ष्मी भगवान गणेश और धन के देवता भगवान कुबेर की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। 24 अक्तूबर को दिवाली पर लक्ष्मी पूजा फिर इसके बाद 25 अक्तूबर को आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा जिसके चलते 26 को गोवर्धन पूजा और 27 अक्तूबर को भाईदूज का पर्व मनाया जाएगा। दिवाली पर रोशनी करने और रात को लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार दिवाली पर अगर व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा करता है तो उसके घर में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और ऐशोआराम की कोई कमी नहीं रहती है।
राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (24 अक्टूबर 2022)
- मेष राशि :- गृह निर्माण होवे, शान शौकत में खर्च होवे, स्त्री व पुत्र से सहयोग मिलेगा।
- वृष राशि – गुप्त कार्य में हर्ष होवे, रुके कार्य बनेंगे, शत्रु भय शांत होगा, ध्यान रखे।
- मिथुन राशि – धन रुकेगा, लाभ अधिक होते हुए कष्ट, व्यापार में नुकसान होगा।
- कर्क राशि – पुत्र रोग के कारण व्यापार में मन नहीं लगेगा, यात्रा से कष्ट होगा, चिंता रहेगी।
- सिंह राशि – शुभ कार्य में समय लेगा, चिंता से हानि चिंता में चंचलता रहेगी, ध्यान रखें।
- कन्या राशि यात्रा से लाभ होगा, व्यापार मध्यम रहेगा, स्त्री से सम्मान मिलेगा।
- तुला राशि – प्रियजनों के विश्वासघात से बचें, परिवार के खर्च का भार बढेगा, लाभ होगा।
- वृश्चिक राशि – वाहन व भूमि पर व्यय होगा, नवीन योजना में समय लगेगा, विशेष लाभ मिलेगा।
- धनु राशि – रुके कार्य पूर्ण होंगे, खर्च अधिक होने से परिवार में कष्ट होने का योग बन रहा है।
- मकर राशि – मित्रों का असहयोग बढ़गा, व्यापार से लाभ मिलेगा, शरीर कष्ट होगा, ध्यान दें।
- कुंभ राशि – कार्य में सफलता मिलेग, भूमि क्रय-विक्रय में धन की हानि होने की संभावना है।
- मीन राशि – व्यापार में मन मुटाव, विवाद होगा, यथावत स्थिति बनी रहेगी, स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
मप्र सरकार ने हिंदी में एमबीबीएस की पुस्तकें लिखने के लिए 97 डॉक्टरों को किया अनुबंधित
भोपाल| एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए तीन हिंदी पाठ्य पुस्तकें जारी करने के बाद मध्य प्रदेश सरकार भोपाल में राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हिंदी में चिकित्सा पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए तैयार है।
नए शैक्षणिक सत्र में मध्य प्रदेश हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने वाला पहला राज्य होगा।
हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने और इस संबंध में विभिन्न वर्गों के अलग-अलग दृष्टिकोणों के बीच उन डॉक्टरों से जवाब जानने की कोशिश की, जो भोपाल में राज्य सरकार द्वारा संचालित गांधी मेडिकल कॉलेज में लागू होने वाले पायलट परियोजना का हिस्सा हैं।
तीन लेखकों द्वारा अंग्रेजी से हिंदी में अनुवादित तीन पाठ्यपुस्तकों बायोकैमिस्ट्री, एनाटॉमी और मेडिकल फिजियोलॉजी का 16 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में विमोचन किया गया।
छह महीने पहले 97 डॉक्टरों की टीम ने यह प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने गांधी मेडिकल कॉलेज में 'हिंदी प्रकोष्ठ' (विभाग) की स्थापना की।
इसका नाम मंधार रखा गया था, जो भगवान शिव द्वारा अमृत मंथन की हिंदू पौराणिक कहानी से उधार लिया गया था। विचार यह था कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित चिकित्सा शिक्षा में चयनित डॉक्टरों और अन्य विशेषज्ञों की टीम अपने अनुभव के साथ एक संपूर्ण खाका तैयार करने के लिए मंथन (अनुसंधान) करेगी।
मंथन नाम देने का विचार चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के दिमाग की उपज था, जो भोपाल संभाग के नरेला से विधानसभा के सदस्य हैं और प्रोजेक्ट की निगरानी भी कर रहे हैं।
विश्वास ने कहा कि मंधार टीम ने इसे पूरा करने के लिए छह महीने से अधिक का समय लिया। एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में हिंदी की शुरुआत पर सवाल उठाने वालों को पता होना चाहिए कि यह क्रांतिकारी कदम है।
आईएएनएस से बात करते हुए सारंग ने कहा कि यह रातोंरात नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों के अनुवाद की तैयारी की समीक्षा के लिए मैं हर दिन दौरा करता था और फिर मैं कह सकता था कि यह प्रयास एक दिन फल देगा।
97 डॉक्टरों के पैनल के एक सदस्य के अनुसार पहला मंथन यह तय करना था कि विषयों के लिए एक अलग सामग्री (पाठ्यक्रम) तैयार करना है या कई स्रोतों से कॉपी करना है। बहुत सारे प्रयोगों के बाद यह निर्णय लिया गया कि पुस्तकों की सामग्री को पाठ्यपुस्तकों से कॉपी किया जाएगा।
यह भी निर्णय लिया गया कि सामग्री को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा निर्धारित पाठ्य पुस्तकों से कॉपी किया जाएगा। पूरी सामग्री अंग्रेजी की पुरानी और नई पाठ्य पुस्तकों से तैयार की गई है, लेकिन मुख्य चुनौती हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए इसे आसान बनाना था।
टीम ने पहले पूरी सामग्री तैयार करने के लिए गूगल ट्रांसलेटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली। इसके बाद यह सामग्री उन लोगों को दी गई, जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हिंदी माध्यम में की है।
यशवीर ने कहा सामग्री तैयार करना काफी चुनौतीपूर्ण था। हिंदी संस्करण की प्रत्येक पाठ्यपुस्तक में समान सामग्री की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों की तुलना में कम से कम 40-45 प्रतिशत अधिक पृष्ठ होते हैं क्योंकि यह ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है कि उन्हें पूरा करने के बाद हिंदी में एमबीबीएस, छात्र अंग्रेजी माध्यम के मेडिकल पाठ्यक्रमों के साथ भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने ग्वालियर में सुबह 6 बजे नंगे पैर निर्माणाधीन सड़कों का किया निरीक्षण
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर आज सुबह 6 बजे भोपाल से ग्वालियर पहुँचे और अपने निवास पर न जाकर सीधे गेंडे वाली सड़क, लक्ष्मण तलैय्या वाली रोड, हॉस्पिटल रोड और सेवा नगर वाली निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण करने पहुँचे।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने इन 4 सड़क का नंगे पैर पैदल चल कर निरीक्षण किया और स्थानीय जनता का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़कों का निर्माण हो जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएँ दी।
राज्य का प्रथम सेवक हूँ, बच्चों की खुशियों में शामिल रहना चाहता हूँ
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्मार्ट उद्यान में कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के साथ खिरनी, वट और टिकोमा के पौधे लगाये।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं राज्य का प्रथम सेवक हूँ। इस नाते मेरा कर्त्तव्य है कि ऐसे सब बच्चों के साथ खुशियों के त्यौहार में शामिल रहूँ। मेरा यह प्रयास इन बच्चों को जीवन के उदास क्षणों को भुलाकर प्रसन्नता से त्यौहार मनाने के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री चौहान के साथ अनिल चंद्रशेखर सप्रे और नीलम सक्सेना ने अपनी जन्म-वर्षगाँठ पर पौधे लगाए। अर्पणा सप्रे, अनीश, अलका देशमुख, अरविंद और नीरव प्रधान भी पौध-रोपण में शामिल हुए। इसके अलावा आशीष रत्नपारखी, मनीष सक्सेना, चीकू और कनक सक्सेना राजगढ़ भी पौधरोपण में शामिल हुए।
“मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद” योजना से बच्चों को मिलेगी उच्च शिक्षा में मदद – मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड या अन्य वजहों से माता-पिता को खोने वाले बच्चों की जिंदगी में खुशियों के रंग भरेंगे। राज्य सरकार ने जहाँ 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चों को प्रति माह आर्थिक सहायता देने के लिए "मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना" क्रियान्वित की, वहीं इस योजना का लाभ मिलने के बाद भी अनेक बच्चे पात्रता में नहीं आ पा रहे थे। ऐसे बच्चों की देख-रेख और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य के प्रथम सेवक के नाते मेरा कर्त्तव्य भी है कि ऐसे बच्चों के साथ त्यौहारों में शामिल रहूँ, जिससे बच्चे इन त्यौहारों को प्रसन्नता से मना कर जीवन के उदास क्षणों को भुला सकें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं चाहता हूँ कि बच्चों की मुस्कराहट बनी रहे और उनका भविष्य उज्ज्वल हो। राज्य सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने आज दीपोत्सव-2022 कार्यक्रम में कोविड काल में माता-पिता को खो चुके बच्चों के साथ मुख्यमंत्री निवास में दीपावली मनाई।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऐसे बेटा-बेटियों के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना बनाई गई है, जो इन बच्चों की उच्च शिक्षा और केरियर के लिए उपयोगी रहेगी। योजना बच्चों का आत्म-विश्वास बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बच्चों के लिए खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिता भी होगी। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। जो पढ़ाई-लिखाई में अच्छा प्रदर्शन करेगा उसे भी पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक शाह को इस संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के क्रियान्वयन के संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इन बच्चों का यदि मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश होता है तो उनकी फीस भरवाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की पूर्ण देख-रेख करेगा। जिला स्तर तक इस बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि आप लोग अकेले नहीं हैं, हम आपके साथ हैं। कोविड में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बच्चों से खूब मेहनत और अच्छे से पढ़ाई करने को कहा। आपका एडमिशन किसी कॉलेज में भी होता है तो फीस की चिंता मत करना, फीस सरकार भरेगी। ठहर कर जिंदगी नहीं चल सकती। जो गुजर गया उसे भूल जाओ और आगे बढ़ने की प्रेरणा लो। हमें घबराना नहीं चाहिए। जीवन कभी ठहरता नहीं है। पार वही होता है जो सफर में चलता है। मध्यप्रदेश सरकार ऐसे बच्चों के साथ है। किसी भी पल अकेला नहीं रहने देंगे।
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना : एक नजर में
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ऐसे बच्चों, जो 18 वर्ष के हो गए हैं और बाल देख-रेख संस्थाओं से निर्मुक्त हुए हैं, को इस योजना से लाभान्वित किए जाएगा। योजना में 18 वर्ष की आयु से अधिक आयु के बालक-बालिकाओं को आर्थिक एवं शैक्षणिक सहयोग देने का प्रावधान है। आफ्टर केयर के अंतर्गत बाल देख-रेख संस्था में निर्मुक्ति दिनांक के वर्ष को शामिल करते हुए निरंतर पाँच वर्ष तक निवासरत बच्चे पात्र होंगे। स्पान्सरशिप अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र के अनाथ बच्चे, जो रिश्तेदार अथवा संरक्षक की देखरेख में रह रहे हों और मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत पात्रता में नहीं आते, पात्र होंगे। स्पॉन्सरशिप में प्रतिमाह 4 हजार रूपए की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। आफ्टर केयर में दी जाने वाली सहायता में इंटर्नशिप का लाभ देकर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। इंटर्नशिप की अवधि में 5 हजार रूपए की मासिक सहायता अधिकतम एक वर्ष के लिए दी जाएगी। योजना में व्यावसायिक प्रशिक्षण का भी प्रावधान है। पॉलीटेक्निक डिप्लोमा, आईटीआई, पैरामेडिकल पाठ्यक्रम, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम में शासकीय संस्थाओं में नि:शुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में अधिकतम दो वर्ष के लिए हर महीने 5 हजार रूपए दिए जाएंगे। नीट, जेईई या क्लेट में प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए निश्चित सीमा तक देय शुल्क शासन द्वारा वहन करने और आजीविका व्यय के लिए 5 हजार रूपए प्रतिमाह देने का प्रावधान किया गया है। पाठ्यक्रम अवधि तक फीस नियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस राज्य शासन वहन करेगा। शासकीय और अशासकीय संस्थाओं में प्रवेश करने वाले केयर लीवर्स को श्रेणीवार सहायता का मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति द्वारा निर्धारण किया जाएगा। चिकित्सा सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड भी बना कर देगा। योजना का लाभ लेने के लिए महिला-बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करना होगा।
गीतों पर बच्चों के साथ झूमे मुख्यमंत्री, साथ मनाईं रोशनी पर्व की खुशियाँ
मुख्यमंत्री निवास में दीपोत्सव-2022 पर गायक कलाकारों ने अनेक गीत प्रस्तुत किए, जिन पर बच्चों के साथ मुख्यमंत्री चौहान भी झूम उठे। मुख्यमंत्री चौहान ने बच्चों के साथ नृत्य भी किया। इन गीतों में लोकप्रिय गीत बम बम भोले… और सुनो-सुनो ऐ दुनिया वालो बुरी नजर न हम पर डालो.. जय हो …, ये देश है वीर जवानों का… और बालिका पावना अहिरवार द्वारा स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की कविता-आओ फिर से दिया जलाएँ … शामिल हैं। एक अन्य गीत “बच्चे मन के सच्चे,ये वो नन्हे फूल हैं जो भगवान को लगते प्यारे…” भी सभी ने मिल कर गाया। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रेरक गीत “नदिया चले, चले रे धारा…” और "छोड़ो कल की बातें.." गीत गाया। मुख्यमंत्री चौहान ने बच्चों के साथ दीपक और फुलझड़ियाँ भी जलाईं। इसके पहले उन्होंने रहमान और रिया को अपनी गाड़ी में बैठा कर स्मार्ट उद्यान की सैर करवाई।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान ने भी बच्चों के साथ खुशियाँ मनाई। प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान ने बच्चों के साथ दीप जलाये। अंत में बच्चों को उपहार दिए गए और सह भोज भी हुआ जिसमें मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन कराया। कुछ बच्चों को योजना में सहायता राशि के चेक भी दिए गए।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में जिन बच्चों ने भागीदारी की उनमें तन्वी, प्रीति, पूनम, मिष्ठी, तनु, संजना, पावना अहिरवार, एग्नेट यादव के साथ रिया और रहमान पौध-रोपण में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री चौहान ने कुछ बच्चों को आयुष किट भी प्रदान की।















