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ट्रंप की सलाह पर नाटो का पलटवार, बैठक में हुआ तीखा जवाब

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वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दौरान उम्मीद के मुताबिक पूरा साथ न मिलने पर अपने ही नाटो (NATO) सहयोगी देशों के प्रति गहरी नाराजगी जताई है। व्हाइट हाउस में नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ हुई एक अहम बैठक के दौरान ट्रंप ने साफ लफ्जों में कहा कि भले ही अमेरिका को ईरान के खिलाफ किसी की सीधी मदद की जरूरत नहीं थी, लेकिन वह अपने साथियों से कम से कम वफादारी और नैतिक समर्थन की उम्मीद तो कर ही रहा था। ट्रंप ने तल्ख अंदाज में कहा, "हमने ईरान को पहले ही हफ्ते में पूरी तरह तबाह कर दिया था। हमें किसी की मदद नहीं चाहिए थी, लेकिन अगर हमारे सहयोगी देश संकट के समय यह कहते कि 'हम आपके साथ हैं', तो अच्छा लगता।" जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या यूरोपीय देशों ने अमेरिका का साथ दिया, तो उन्होंने सीधा जवाब दिया, "नहीं।"

नाटो प्रमुख ने किया बचाव, विमानों की उड़ानों का दिया हवाला

डोनाल्ड ट्रंप के इन तीखे आरोपों के बाद नाटो महासचिव मार्क रुटे ने यूरोपीय देशों का खुलकर बचाव किया। उन्होंने ट्रंप के सामने ही स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ छह हफ्तों तक चले लंबे सैन्य अभियान के दौरान यूरोप ने अमेरिका का पूरा साथ दिया था। रुटे ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस जंग के दौरान यूरोप के अलग-अलग सैन्य ठिकानों से अमेरिका के करीब 4,000 से 5,000 लड़ाकू विमानों ने लगातार उड़ानें भरी थीं। उन्होंने उदाहरण दिया कि रोमानिया के बुखारेस्ट हवाई अड्डे को तो आम जनता के लिए कुछ समय तक बंद रखना पड़ा था, ताकि अमेरिकी सैन्य विमान वहां से बिना किसी रुकावट के उड़ान भर सकें। रुटे ने कहा कि एकाध घटनाओं को छोड़कर पूरा यूरोप अमेरिका के साथ मुस्तैदी से खड़ा रहा।

यूरोपीय देशों को ट्रंप की दोटूक- 'मुफ्त की सवारी' नहीं चलेगी

इस बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोप के कई बड़े देशों का नाम लेकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा, "स्पेन का रवैया पूरी तरह निराशाजनक रहा। मैं इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से भी बेहद निराश हूं। ज्यादातर देश रक्षा के नाम पर कुछ भी खर्च करना नहीं चाहते। उन्हें लगता है कि अमेरिका हमेशा उनकी रक्षा करता रहेगा और उन्हें मुफ्त की सवारी (फ्री राइड) मिलती रहेगी।" ट्रंप ने याद दिलाया कि अमेरिका के हजारों सैनिक यूरोप की सुरक्षा में तैनात हैं, जिसमें अकेले जर्मनी में ही करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका को सहयोगियों के पैसे की नहीं बल्कि उनकी वफादारी की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, हमें सिर्फ वफादारी चाहिए। हम हमेशा उनके लिए लड़ते हैं, लेकिन बदले में थोड़ा समर्थन भी नहीं मिलता।"

दबाव के बाद यूरोप ने बढ़ाया रक्षा बजट

तनावपूर्ण बहस के बीच नाटो महासचिव मार्क रुटे ने यह भी दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बनाए गए दबाव का ही असर है कि यूरोप और कनाडा ने अपने रक्षा खर्च में करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही यूरोपीय देशों द्वारा अमेरिकी डिफेंस कंपनियों को भी अरबों डॉलर के नए हथियारों के ऑर्डर दिए गए हैं। रुटे के मुताबिक, ये आंकड़े बताते हैं कि सहयोगी देशों ने रक्षा के क्षेत्र में अपना बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बहरहाल, व्हाइट हाउस की इस बैठक ने अमेरिकी विदेश नीति और नाटो देशों के आपसी रिश्तों में चल रही खींचतान को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।

तारातला त्रासदी में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, पुलिस ने गोदाम मालिक सहित पांच को दबोचा

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के तारातला क्षेत्र में एक निर्माणाधीन गोदाम के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोदाम के मालिक शंभूनाथ बेहरा समेत पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में खुद संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। गोदाम मालिक बेहरा को बुधवार देर रात तारातला के ही एक आवासीय परिसर से पकड़ा गया। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में स्ट्रक्चरल इंजीनियर कमल सामंत, सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार, लेबर सप्लायर मोहम्मद अताउल और सुभाष सरकार शामिल हैं। इससे पहले पुलिस ने सुपरवाइजर समेत करीब नौ लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की थी।

मलबे से निकाले गए 28 लोग, अस्पताल में इलाज जारी

यह भयानक हादसा दोपहर के समय हुआ, जब निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त वहां काम कर रहे करीब 40 मजदूर लोहे के भारी ढांचों और कंक्रीट के मलबे के नीचे दब गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक मलबे से 28 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में घायल हुए 20 अन्य मजदूरों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जान गंवाने वाले मजदूरों में से चार नदिया जिले के और एक उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा का रहने वाला था, जबकि बाकी मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

सेना और एनडीआरएफ का संयुक्त बचाव अभियान

घटनास्थल पर अभी भी युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है क्योंकि मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है। शुरुआत में स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने मोर्चा संभाला, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार के अनुरोध पर सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए हैं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद ली जा रही है। साथ ही गैस कटर से भारी लोहे की बीम और धातुओं के ढांचों को काटकर रास्ता बनाया जा रहा है।

जांच के लिए एसआईटी का गठन और जमीन का विवाद

इस पूरे हादसे की गहराई से जांच करने के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम में कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त, मर्डर ब्रांच के प्रभारी अधिकारी, जासूसी विभाग के चार अधिकारी और तारातला थाने के दो सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं, जो जासूसी विभाग के उपायुक्त की निगरानी में काम करेंगे। कोलकाता नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस जमीन पर यह गोदाम बन रहा था, वह पोर्ट अथॉरिटी की है। इस जमीन को अगस्त 2024 में 30 साल के लिए 'बेहरा ब्रदर्स' नाम की कंपनी को लीज पर दिया गया था, जो चाय के स्टोरेज और पैकेजिंग का काम करती है। इसी कंपनी के मालिक शंभूनाथ बेहरा के जिम्मे इस कंस्ट्रक्शन के काम की देखरेख थी, जिसके गिरने से यह बड़ा हादसा हुआ।

AC में विस्फोट बना जानलेवा, रायगढ़ में आग की चपेट में आया घर, एक की मौत

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर के अंतर्गत आने वाली आईटीआई कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रिहायशी मकान में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में भीषण विस्फोट होने से आग लग गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक अधेड़ व्यक्ति की झुलसने और दम घुटने के कारण जान चली गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग सहम गए और तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। मकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख स्थानीय नागरिकों ने फौरन आपातकालीन सेवा डायल-112 और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी।

घटना की सूचना मिलते ही चक्रधर नगर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस और स्थानीय निवासियों ने मिलकर उसे कड़े प्रयास के बाद तोड़ा। इसके बाद मुस्तैदी दिखाते हुए घर के भीतर फंसे दो लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया और तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया।

हादसे में पिता की मौत और पुत्र की हालत नाजुक

इस भीषण अग्निकांड के वक्त घर के भीतर पुरुषोत्तम पटेल और उनका बेटा आर्यन पटेल मौजूद थे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद पुरुषोत्तम पटेल को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनके बेटे आर्यन की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में इलाज किया जा रहा है। एसी में हुए इस जोरदार धमाके के बाद फैली आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे मकान के भीतर रखा गृहस्थी का सारा कीमती सामान और आंगन में खड़ी मोटरसाइकिल जलकर पूरी तरह राख हो गई।

विंडो एसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से हुआ हादसा

दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद चक्रधर नगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने दुर्घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती तकनीकी जांच से यह संकेत मिले हैं कि कमरे में लगे विंडो एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में अत्यधिक दबाव या तकनीकी खराबी के कारण ब्लास्ट हुआ था। चूंकि वह कमरा आकार में काफी छोटा था और पूरी तरह बंद था, इसलिए विस्फोट के बाद निकलने वाला जहरीला धुआं तेजी से पूरे कमरे में फैल गया और पीड़ितों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

मामले की विस्तृत फॉरेंसिक जांच जारी

पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, फॉरेंसिक टीम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही ब्लास्ट के सटीक और वास्तविक कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस टीम आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर रही है और हादसे के शिकार हुए परिवार को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

Women’s T20 World Cup: सेमीफाइनल के लिए जबरदस्त मुकाबला, जानिए क्यों मुश्किल में है भारत

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दुबई। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 जैसे-जैसे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, अंतिम चार यानी सेमीफाइनल में जगह बनाने की जंग बेहद रोमांचक हो गई है। टूर्नामेंट के शुरुआती 22 मैचों के बाद अब तक केवल इंग्लैंड ही एकमात्र ऐसी टीम बनी है जिसने आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल का टिकट कटाया है। ग्रुप-बी से इंग्लैंड के क्वालिफाई करने के बाद वहां सिर्फ एक स्थान बचा है, जिसके लिए वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। दूसरी ओर, ग्रुप-ए का समीकरण पूरी तरह उलझा हुआ है और वहां ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के रूप में चार टीमें सेमीफाइनल की रेस में मजबूती से डटी हुई हैं।

मैनचेस्टर में खेले गए एक बेहद अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों भारत को मिली छह विकेट की शिकस्त ने ग्रुप-ए के पूरे समीकरण को बदल कर रख दिया है। इस मैच में भारतीय टीम ने 158/7 का स्कोर खड़ा किया था, जिसे दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सफलतापूर्वक हासिल कर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। इस हार के बाद भारतीय टीम की राह कठिन हो गई है और अब प्रत्येक मुकाबला नॉकआउट की तरह हो गया है। इस ग्रुप से पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और आयरलैंड जैसी टीमें पहले ही खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी हैं।

ग्रुप-ए का अंक तालिका हाल और भारत के लिए क्वालीफिकेशन की राह

ग्रुप-ए में फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 4 मैचों में 4 जीत और +4.724 के नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर काबिज है। भारत 3 मैचों में 2 जीत और +2.511 के बेहतरीन रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश भी क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय टीम को अपना अगला मैच बांग्लादेश और अंतिम ग्रुप मैच ताकतवर ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने के तीन प्रमुख रास्ते हैं:

  • समीकरण 1: यदि भारत अपने दोनों आगामी मैचों में बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया को पराजित कर देता है, तो उसके 8 अंक हो जाएंगे। इस स्थिति में उसे दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में से किसी एक की हार की दुआ करनी होगी, जो भारत के लिए सबसे मुफीद स्थिति होगी।

  • समीकरण 2: यदि भारतीय टीम बांग्लादेश को हरा देती है लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार जाती है, तो उसके 6 अंक रहेंगे। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका को अपने बचे दो मैचों में से एक मैच हारना अनिवार्य होगा और फिर फैसला नेट रन रेट पर होगा।

  • समीकरण 3: यदि भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका तीनों ही अपने-अपने मैच जीतकर 8-8 अंकों पर आ जाते हैं, तो सेमीफाइनल की दो टीमों का फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। भारत का मौजूदा रन रेट दक्षिण अफ्रीका से काफी बेहतर है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के आगामी मैच अपेक्षाकृत कमजोर टीमों से हैं, जो भारत की राह मुश्किल बनाता है।

ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के समीकरण

ऑस्ट्रेलिया के लिए स्थिति सबसे अनुकूल है, उसे केवल भारत को हराना है जिससे उसके 10 अंक हो जाएंगे और वह टेबल टॉपर के रूप में सीधे क्वालिफाई कर जाएगी। दक्षिण अफ्रीका के लिए रास्ता तब आसान होगा जब वह नीदरलैंड्स और बांग्लादेश के खिलाफ अपने दोनों मैच जीत जाए और ऑस्ट्रेलिया भारत को हरा दे; ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका 8 अंकों के साथ सीधे आगे बढ़ जाएगा। वहीं, बांग्लादेश की टीम भी अभी रेस में बनी हुई है। यदि बांग्लादेश अपने दोनों मैचों में भारत और दक्षिण अफ्रीका को हरा देता है, तो वह बिना किसी अन्य समीकरण के सेमीफाइनल में पहुंच सकता है। यदि वह भारत को हराता है और दक्षिण अफ्रीका से हार जाता है, तो भी वह अन्य मैचों के नतीजों और नेट रन रेट के भरोसे तकनीकी रूप से रेस में बना रहेगा।

ग्रुप-बी का गणित और वेस्टइंडीज की मजबूत दावेदारी

ग्रुप-बी की बात करें तो इंग्लैंड 8 अंकों के साथ पहले ही सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर चुका है। स्कॉटलैंड और आयरलैंड की टीमें बाहर हो चुकी हैं। अब दूसरे स्थान के लिए वेस्टइंडीज (6 अंक), न्यूजीलैंड (4 अंक) और श्रीलंका (4 अंक) के बीच सीधी टक्कर है। वेस्टइंडीज का समीकरण सबसे सीधा है; यदि वह अपने आखिरी मैच में आयरलैंड को हरा देती है, तो वह 8 अंकों के साथ सीधे अंतिम चार में पहुंच जाएगी और न्यूजीलैंड व श्रीलंका की उम्मीदें तत्काल समाप्त हो जाएंगी। यदि वेस्टइंडीज हारती है, तभी न्यूजीलैंड और श्रीलंका के लिए दरवाजे खुलेंगे। हालांकि, श्रीलंका का नेट रन रेट (-0.973) सबसे खराब है, जिसके कारण उसे स्कॉटलैंड पर एक बहुत बड़ी जीत की दरकार होगी और साथ ही वेस्टइंडीज की बड़ी हार की दुआ करनी होगी। डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को भी इंग्लैंड को हर हाल में हराना होगा और वेस्टइंडीज की हार पर निर्भर रहना होगा।

‘अल्लाह बुरी नजर से बचाए…’ शिवम दुबे के जन्मदिन पर पत्नी अंजुम का भावुक संदेश

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डबलिन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर शिवम दुबे आज अपना 33वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस समय वे भारतीय टीम के साथ आयरलैंड के दौरे पर हैं। इस खास अवसर पर उनकी पत्नी अंजुम खान ने सोशल मीडिया पर उनके साथ बिताए खूबसूरत पलों की कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। अंजुम ने एक बेहद भावुक और प्यारे संदेश के जरिए अपने पति को जन्मदिन की बधाई दी और उनके शानदार करियर व बेहतर भविष्य के लिए प्रार्थना की। उन्होंने इस पोस्ट में अपनी जिंदगी के कुछ सबसे यादगार और खुशनुमा लम्हों का एक वीडियो संकलन भी शेयर किया है, जिसे प्रशंसकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।

अंजुम खान ने इंटरनेट पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि वे अपने जीवनसाथी की बड़ी कामयाबी और बुलंदियों की कामना करती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि शिवम का क्रिकेट करियर नई ऊंचाइयों को छुए, उन्हें जीवन की हर खुशी नसीब हो और वे हमेशा हर बुरी नजर से सुरक्षित रहें।

पत्नी की भावुक पोस्ट और जिंदगी के लिए दुआएं

अंजुम ने अपनी पोस्ट को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि ईश्वर शिवम की जिंदगी को हमेशा असीम सुकून और खुशियों से सराबोर रखे। उनके सारे अधूरे सपने सच हों और उनका जीवन सदा आपसी प्यार, हंसी और खूबसूरत पलों से महकता रहे। उन्होंने दुआ की कि क्रिकेटर का आने वाला समय बेहद खुशहाल और बरकतों से भरा हुआ साबित हो। सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया यह पारिवारिक संदेश तेजी से प्रशंसकों के बीच वायरल हो रहा है और लोग इस जोड़ी पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं।

शिवम दुबे ने जताया अपनी जीवनसंगिनी का आभार

अपनी पत्नी के इस बेहद दिल छू लेने वाले और स्नेहपूर्ण संदेश पर प्रतिक्रिया देने में शिवम दुबे ने भी देर नहीं लगाई। उन्होंने इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में जाकर अपनी पत्नी का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, "थैंक यू सो मच माय लव अंजुम खान।" भारतीय ऑलराउंडर के इस छोटे लेकिन प्यारे जवाब ने प्रशंसकों का दिल जीत लिया है और दोनों की केमिस्ट्री की सोशल मीडिया पर काफी सराहना की जा रही है।

आगामी दौरे और भारतीय टीम का पूरा शेड्यूल

मौजूदा समय में शिवम दुबे आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय दल का मुख्य हिस्सा हैं। इस छोटी सीरीज के समाप्त होने के तुरंत बाद वे भारतीय टीम के साथ ही इंग्लैंड के दौरे पर रवाना हो जाएंगे, जहां भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की एक बेहद रोमांचक टी20 सीरीज खेली जानी तय हुई है। इस विदेशी दौरे के टी20 चरण की समाप्ति के बाद शिवम वापस स्वदेश लौट आएंगे, क्योंकि उन्हें इसके बाद होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है।

‘ये तो होना ही था…’ कुलदीप पर DC मालिक की पोस्ट देख वॉर्नर ने किया ऐसा रिएक्ट, फैंस हैरान

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नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 20वें सीजन (IPL 2027) के शुरू होने से पहले ऋषभ पंत और कुलदीप यादव के बीच हुई खिलाड़ियों की अदला-बदली (ट्रेड डील) इस समय क्रिकेट गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस चौंकाने वाले सौदे के तहत पंत अपनी सालाना फीस में 12 करोड़ रुपये का भारी नुकसान सहकर दोबारा दिल्ली कैपिटल्स की टीम में वापस आ गए हैं, जबकि उनके बदले स्टार स्पिनर कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम में भेज दिया गया है। इस बड़े बदलाव के बाद दिल्ली टीम के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश लिखा, जिस पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर की टिप्पणी अब इंटरनेट पर जमकर सुर्खियां बटोर रही है।

पार्थ जिंदल ने अपनी पोस्ट में कुलदीप यादव का आभार जताते हुए लिखा कि पिछले पांच वर्षों में फ्रेंचाइजी के लिए दिए गए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और वे एक चैंपियन खिलाड़ी की तरह अपने गृह मैदान पर भी कमाल करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ऋषभ पंत का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और उम्मीद जताई कि पंत अपने पुराने घर दिल्ली में वापस लौटकर अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने में कामयाब होंगे।

डेविड वार्नर की तीखी और रहस्यमयी टिप्पणी

दिल्ली कैपिटल्स टीम का नेतृत्व कर चुके ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान डेविड वार्नर ने पार्थ जिंदल के इस आधिकारिक पोस्ट पर पहले हंसने वाली इमोजी बनाई और फिर एक ऐसा बयान जारी किया जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। वार्नर ने लिखा कि यह तो होना ही था; कई बार नीलामी (ऑक्शन) के दौरान परिस्थितियां आपके वश में नहीं होतीं, विशेषकर तब जब आप खराब फॉर्म से जूझ रहे हों और फ्रेंचाइजी आपसे दूरी बनाना चाह रही हो। उन्होंने आगे लिखा कि जब कोई दूसरा टीम मालिक आपको अपनी टीम में शामिल करने की इच्छा रखता है, लेकिन ऑक्शन की बोली में पीछे रह जाता है, तो वह ट्रेड के लिए बिल्कुल सही समय का इंतजार करता है।

खुद वार्नर भी झेल चुके हैं ऐसा ही दौर

क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि डेविड वार्नर का यह दर्द उनके खुद के अनुभवों से जुड़ा हुआ है, क्योंकि वे खुद अपने आईपीएल करियर में इसी तरह के उतार-चढ़ाव भरे दौर से गुजर चुके हैं। वार्नर साल 2009 से 2013 तक शुरुआत में दिल्ली की टीम का हिस्सा थे, जिसके बाद वे सनराइजर्स हैदराबाद चले गए थे। हालांकि, बाद में हालात कुछ ऐसे बदले कि उन्हें एक बार फिर 2022 से 2024 तक दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलना पड़ा। साल 2024 के सीजन में उनके बेहद खराब प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली प्रबंधन ने उन्हें टीम से बाहर (रिलीज) कर दिया था।

आईपीएल करियर का दुखद अंत

वार्नर के शानदार आईपीएल इतिहास का अंत बेहद अप्रत्याशित रहा। साल 2025 की मेगा नीलामी के दौरान खराब फॉर्म और बढ़ती उम्र के चलते किसी भी फ्रेंचाइजी ने इस आक्रामक बल्लेबाज को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और वे अनसोल्ड (बिना बिके) रह गए। नीलामी में खरीदार न मिलने की वजह से आखिरकार उनके चमकदार आईपीएल सफर पर हमेशा के लिए पूर्णविराम लग गया, यही वजह है कि वे मौजूदा समय में खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी मालिकों के बीच चलने वाले इस अंदरूनी समीकरण को बेहतर ढंग से समझते हैं।

51 वर्ष बाद भी आपातकाल की याद, बीजेपी ने मनाया संविधान हत्या दिवस

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नई दिल्ली: देश में लगाए गए आपातकाल की बरसी पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गुरुवार को 'संविधान हत्या दिवस' मना रही है। इस मौके पर पार्टी की ओर से बिहार, हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बीजेपी का कहना है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों की आजादी को बहुत गहरा नुकसान पहुंचाया था। इस दिन को मनाने का असल मकसद लोगों को आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं और उसके असर से रूबरू कराना है।

बिहार में बड़े पैमाने पर आयोजन और सम्मान समारोह

बिहार में इस दिन को बेहद बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है, जहाँ राज्य के करीब 90,000 बूथों पर अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं। राजधानी पटना में आयोजित एक मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी शामिल हुए, जहाँ उन्होंने आपातकाल विरोधी आंदोलन का हिस्सा रहे करीब 450 जेपी सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे और सिर्फ राजनीतिक सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया गया था। इस अभियान के तहत 30 जून से 6 जुलाई तक बिहार के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन और छात्र सम्मेलन भी कराए जाएंगे।

हरियाणा में आपातकाल को बताया लोकतंत्र का 'अंधकारमय दौर'

हरियाणा में भी बीजेपी नेताओं ने आपातकाल की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दौर बताया। उन्होंने कहा कि उस समय न सिर्फ लोगों के अधिकार कुचले गए, बल्कि मीडिया पर भी कड़ी पाबंदी (सेंसिरशिप) लगा दी गई थी। इस दौरान हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना किसी गलती के जेलों में डाल दिया गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और तत्कालीन भारतीय जनसंघ ने उस समय इस तानाशाही का कड़ा विरोध किया था और लोकतंत्र को वापस लाने के लिए देशव्यापी आंदोलन चलाया था।

नई पीढ़ी को जागरूक करने की कोशिश

बीजेपी नेताओं का कहना है कि 'संविधान हत्या दिवस' मनाने का मुख्य उद्देश्य उन संघर्ष करने वाले वीर लोगों को सम्मान देना है जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए लाठियां और जेलें झेलीं। इसके साथ ही आज की नई पीढ़ी को भी आपातकाल के इतिहास और उसके गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करना है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए। इसी सिलसिले में गुरुवार शाम को पंचकुला स्थित अटल सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

राम मंदिर चढ़ावा केस में राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से किया इनकार

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नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के पैसों में कथित गड़बड़ी और गबन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले की तुरंत जांच कराने की मांग को लेकर अदालत में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिस पर जल्द सुनवाई के लिए गुहार लगाई गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे सोमवार को एक बार फिर अवकाशकालीन पीठ (वैकेशन बेंच) के सामने अपनी इस मांग को रखें। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि मामला बेहद गंभीर है, इसलिए इस पर तुरंत कोई आदेश जारी किया जाना बेहद जरूरी है, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सोमवार तक का इंतजार करने को कहा।

सीबीआई और एसआईटी जांच की मांग

दो वकीलों की तरफ से दायर की गई इस जनहित याचिका में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पैसों में हेरफेर के आरोपों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। याचिका में मांग की गई है कि सबसे पहले इस मामले के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की जाए। इसके बाद पूरे मामले की निष्पक्ष और समय पर जांच कराने के लिए सीबीआई के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एक मजबूत जांच से ही यह साफ हो पाएगा कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के पैसों में कोई भ्रष्टाचार, गड़बड़ी या गबन हुआ है या नहीं।

फंड की निगरानी और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अपील

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से यह भी गुहार लगाई गई है कि वह उत्तर प्रदेश सरकार और रामजन्मभूमि ट्रस्ट को एक मजबूत ऑडिट व्यवस्था बनाने का निर्देश दे। इससे भविष्य में ट्रस्ट के फंड और संपत्तियों की बेहतर निगरानी हो सकेगी और ऐसी शिकायतों पर रोक लगेगी। इसके अलावा, कोर्ट से यह आदेश देने की भी मांग की गई है कि जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बैंक खाते, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और कंप्यूटर डेटा जैसे सभी जरूरी रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएं और किसी को भी इनके साथ छेड़छाड़ करने की अनुमति न दी जाए।

रवि किशन की सरप्राइज एंट्री के साथ रिलीज हुआ ‘मिर्जापुर- द मूवी’ का धमाकेदार टीजर

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ओटीटी प्लेटफॉर्म पर तहलका मचाने वाली बेहद लोकप्रिय वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ अब बड़े पर्दे पर सिनेमा प्रेमियों का मनोरंजन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म निर्माताओं ने प्रशंसकों के उत्साह को बढ़ाते हुए 'मिर्जापुर- द मूवी' का धमाकेदार टीजर जारी कर दिया है। इस शुरुआती झलक में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु अपने पुराने और बेहद खतरनाक अंदाज में वापस लौटे हैं, जिससे साफ है कि मिर्जापुर के सिंहासन के लिए छिड़ी यह खूनी जंग इस बार थिएटर में और अधिक खौफनाक रूप लेने वाली है। टीजर में अली फजल और दिव्येंदु जबरदस्त एक्शन और मारधाड़ करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इस बार सिनेमाई स्क्रीन पर दर्शकों को कुछ नए चेहरे भी देखने को मिलेंगे। फिल्म के टीजर में 'पंचायत' सीरीज के मशहूर अभिनेता जितेंद्र कुमार और दिग्गज कलाकार रवि किशन की अनोखी एंट्री दिखाई गई है। टीजर के दृश्यों को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस कहानी में इन दोनों किरदारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। फिल्मी गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि चूंकि टीजर में विक्रांत मैसी नजर नहीं आ रहे हैं, इसलिए संभवतः जितेंद्र कुमार को बबलू पंडित के रूप में पेश किया जा सकता है।

टीजर के धांसू और रोंगटे खड़े करने वाले डायलॉग

फिल्म के इस टीजर में बेहतरीन एक्शन सीन्स के साथ-साथ कई दमदार संवाद भी सुनने को मिले हैं, जो दर्शकों को काफी प्रभावित कर रहे हैं। कालीन भैया के रूप में पंकज त्रिपाठी कहते हैं, 'काबिल औलाद बहुत मुश्किल से मिलती है और कभी-कभी नहीं भी मिलती है।' वहीं नए शामिल हुए जितेंद्र कुमार का डायलॉग है, 'हमें एम्पायर चलाना नहीं है गुड्डू भैया, बनाना है।' इसके अलावा रवि किशन का एक खौफनाक दृश्य सामने आया है जहां वे अपने साथी से कहते हैं, 'हम कब बोले कि नमक खाने में डालना है' और एक लहूलुहान व्यक्ति पर नमक छिड़क देते हैं। टीजर के अंत में कालीन भैया का एक और संवाद है, 'सारी प्रजा को मार देंगे, तो राज किसपर करेंगे' और शीबा चड्ढा बड़े रौब से कहती नजर आती हैं, 'जानते हो ना किसकी मम्मी हैं हम।'

वापसी करने वाले आइकॉनिक किरदार और बड़ी स्टारकास्ट

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके चहेते पात्रों का बड़े पर्दे पर दोबारा एकजुट होना है। दर्शकों के सबसे पसंदीदा और चर्चित किरदार 'मुन्ना भैया' यानी दिव्येंदु की कहानी में सरप्राइज वापसी हो रही है। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की स्टारकास्ट काफी बड़ी और प्रभावी है, जिसमें जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौड़, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंगशा बिस्वास जैसे मंझे हुए कलाकार अपनी कला का जौहर दिखाते नजर आएंगे।

निर्माण टीम और बड़े पर्दे पर रिलीज की तारीख

इस भव्य क्राइम-ड्रामा फिल्म का कुशल निर्देशन गुरमीत सिंह द्वारा किया गया है, जबकि इसकी मुख्य पटकथा को पुनीत कृष्णा ने अपनी लेखनी से सजाया है। 'मिर्जापुर द मूवी' को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले मशहूर निर्माता रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने मिलकर प्रोड्यूस किया है, वहीं इस बड़े प्रोजेक्ट के को-प्रोड्यूसर कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी हैं। सभी जरूरी तकनीकी काम पूरे होने के बाद इस बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म को आगामी 4 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में भव्य स्तर पर रिलीज किया जाएगा।

नेपोटिज्म पर कृति सेनन का बड़ा बयान, बोलीं- बिना टैलेंट के भी स्टारकिड्स को मिल जाते हैं मौके

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बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों अपनी हाल ही में सिनेमाघरों में आई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की सफलता को लेकर काफी चर्चा बटोर रही हैं। इस फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है और कृति के अभिनय व उनके किरदार की चौतरफा सराहना हो रही है। आज के समय में कृति फिल्म इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार की जाती हैं, लेकिन फिल्मी दुनिया से बाहर (आउटसाइडर) होने के कारण उनके लिए इस मुकाम तक पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं था।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने अपने फिल्मी सफर के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें यह मुकाम रातों-रात नहीं मिला है, बल्कि उन्होंने धीरे-धीरे कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ी हैं। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों के उन पलों को भी याद किया जब वे अपने पहले फोटोशूट और पहले रैंप वॉक के बाद काफी निराश होकर रो पड़ी थीं। हालांकि, इन तमाम शुरुआती मुश्किलों के बाद भी उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार आगे बढ़ती रहीं।

शुरुआती असफलताएं और खुद पर संदेह का दौर

कृति सेनन ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि फिल्मी दुनिया का यह रास्ता बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। करियर के शुरुआती दौर में कई बार ऐसा समय भी आया जब उन्हें अपनी काबिलियत पर शक होने लगा था और मनमुताबिक काम न मिलने पर वे गहरी निराशा से घिर जाती थीं। उन्होंने बताया कि उनका पहला प्रोफेशनल फोटोशूट और पहला रैंप शो बेहद खराब रहा था, जिसके बाद वे रोते हुए अपने घर लौटी थीं। इसके बावजूद उन्होंने हार मानने के बजाय दूसरे शो, नए फोटोशूट और अगले ऑडिशन के लिए खुद को तैयार किया और लगातार सीखने की इसी ललक ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।

भाई-भतीजावाद और स्टार किड्स को मिलने वाले अवसर

इस बातचीत के दौरान कृति ने फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के मुद्दे पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उनका मानना है कि फिल्मी परिवारों से आने वाले कलाकारों को अक्सर बाहरी लोगों की तुलना में बहुत आसानी से और जल्दी बड़े प्रोजेक्ट्स मिल जाते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्मी बैकग्राउंड के कई कलाकार बेहद प्रतिभाशाली भी होते हैं; उदाहरण के तौर पर रणबीर कपूर और आलिया भट्ट जैसे कलाकारों ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर खुद को साबित किया है। कृति ने कहा कि स्टार किड्स को शुरुआत में अवसर भले ही आसानी से मिल जाएं, लेकिन उन्हें टिकने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

फिल्मी दुनिया की असमानता और 'कॉकटेल 2' की धूम

अभिनेत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें तब बुरा लगता है जब कोई स्टार किड खुद को एक बेहतरीन अभिनेता साबित किए बिना भी आठ-नौ सालों तक लगातार फिल्में पाता रहता है। फिल्मी बैकग्राउंड से न होने वाले कलाकारों के साथ दिक्कत यह है कि यदि वे शुरुआती दो-तीन वर्षों में खुद को साबित नहीं कर पाते, तो उन्हें तुरंत नजरअंदाज करके इंडस्ट्री से बाहर कर दिया जाता है। बता दें कि अपने 12 साल लंबे करियर में कृति ने 'मिमी' फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतकर और 'बरेली की बर्फी', 'दिलवाले' व 'क्रू' जैसी हिट फिल्में देकर खुद को साबित किया है और वर्तमान में वे होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी 'कॉकटेल 2' के लिए खूब वाहवाही लूट रही हैं।

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