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धन और खुशियां चाहिए तो अपनी अलमारी में रखें ये 5 चीजें

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सबके घर में अलमारी होती है। सब अपने सुविधा के अनुसार उसमें समान रखते है। लेकिन घर में भी अलमारी रखने की भी सही दिशा होती है। हमेशा घर में अलमारी दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। और जब आप अलमारी खोले तो उसका मुंह उत्तर की ओर खुले। क्योंकि धन के देवता का निवास उत्तर दिशा में होता है। तो ऐसा करने से आपके अलमारी की तिजोरी कभी भी खाली नहीं रहती है। आइए जानते है की वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसे घर में धन की देवी माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें तो और ऐसा क्या अलमारी में रखें की जीवन में खुशियां बरकत बनी रहे।

यंत्र स्थापना
अलमारी की तिजोरी की पूजा तो लगभग सभी करते ही है। लेकिन पूजा करते समय एक बात का ध्यान दे की तिजोरी में ऐश्वर्य या फिर धनदा यंत्र की स्थापना करें। जरूरी नहीं है की आप दोनों ही यंत्र रखें। किसी एक यंत्र को भी रख कर पूजा कर सकते है। ऐसा करने से आपकी अलमारी की तिजोरी कभी भी खाली नहीं रहेगी।

श्रीफल या पूजा की सुपारी
वास्तु शास्त्र के अनुसार अलमारी की तिजोरी में श्रीफल पूजा की सुपारी रखनी चाहिए। ऐसा करने से आप पर धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती हैं। अगर आप श्रीफल रखते है तो एक बात का ध्यान दे की श्रीफल छोटा हो और उसे समय समय पर बदलते रहे। सुपारी श्री गणेश और धन की देवी माता लक्ष्मी का रूप मानकर रखते है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी का निवास स्थाई होता है।

भोजपत्र
वास्तु शास्त्र के अनुसार अलमारी में भोजपत्र रखने का सही तरीका होता है। एक अखंडित भोजपत्र ले और लाल चंदन जो पानी में घुला हुआ होगा उससे मोर पंख की सहायता से श्री लिखें। ऐसा करने से आपको कुछ दिनों में इसका असर दिखाने लगेगा।

हल्दी की गांठ
वास्तु शास्त्र के अनुसार हल्दी को बहुत शुभ माना जाता है। अलमारी की तिजोरी में आप साफ पीले कपड़े में हल्दी की गांठ को बांध कर रखे के इसके साथ कुछ कोडिया, चांदी और तांबे के सिक्के भी रख दे। नहीं तो आप कुछ चावल को लेकर उसे हल्दी से पीला करके , पीले कपड़े में बांध कर भी तिजोरी में रख सकते है।

इत्र की शीशी
वास्तु शास्त्र के अनुसार अलमारी की तिजोरी में इत्र की शीशी या फिर चंदन भी रख सकते हैं। इसके साथ ही पीतल, तांबे के सिक्के , पीला कौड़ी, दक्षिणा शंख , या चांदी का सिक्का भी रख सकते है।

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (11 नवंबर 2022)

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  • मेष राशि :- शुभ कार्य, योग, भय, अपव्यय होगा तथा कार्य अवरोध अवश्य होगा।
  • वृष राशि – यात्रा संतान सुख, शरीर कष्ट, ग्रहों की स्थिति सामान्य रहेगी, ध्यान देंवे।
  • मिथुन राशि – अस्थिर शाति का वातावरण रहेगा, कुटुम्ब विवाद, हर्ष,  लाभ, रोग भय बना रहेगा।
  • कर्क राशि – राजभय, सुख कारोबार तथा धन हानि होवे तथा असफलता होगी।
  • सिंह राशि – संतान कष्ट, विवाद, मुकदमें जीत, उद्योग व्यापार की स्थिति डांवाडोल रहेगी।
  • कन्या राशि – विद्या लाभ, कार्य सिद्ध होवे, दामपत्य सुखों में कमी का अनुभव अवश्य ही रहेगा।
  • तुला राशि :- अभीष्ट सिद्ध, जायदाद वृद्धि, वायु विकार का योग है, यात्रा भ्रमण आदि के योग।
  • वृश्चिक राशि – पदोन्नति, यश, यात्रा, विद्या लाभ, धार्मिक कार्य एवं अन्य शुभ कार्यों में व्यय होगा।
  • धनु राशि – शारीरिक मध्यम, धन हानि, सिद्ध राजकीय कार्यों में प्रतिष्ठा मिल सकती है, ध्यान दें।
  • मकर राशि – रोग भय, यश व्यापार, सम लाभ, शिक्षा की स्थिति, अच्छी सफलता के योग है।
  • कुंभ राशि – चोट भय, कष्ट, पारिवारिक व मित्र आदि का सुख हो सकता है।
  • मीन राशि – कुसंग, हानि, व्यय, विद्यालाभ तथा व्यय होगा, यात्रा अस्थिर,  अशांति बनेगी।
     

मीजल्स रूबेला निर्मूलन अभियान में पूरी निष्ठा से काम करें: स्वास्थ्य मंत्री डॉ.चौधरी

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भोपाल : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा है कि मीजल्स रूबेला निर्मूलन अभियान में अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा से काम करें। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी गुरुवार को अभियान के संदर्भ में एक दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला के शुभारम्भ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि भारत शासन द्वारा दिसंबर 2023 तक मीजल्स एवं रूबेला के निर्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिस तरह सभी की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में विभिन्न टीकाकरण अभियान सफलता से चलाये गए हैं, उसी तरह मीजल्स रूबेला निर्मूलन अभियान भी संचालित किया जाये। जिला टीकाकरण अधिकारी अपने जिलों में मुख्यालय से ग्राम स्तर तक एक सशक्त कार्य-योजना बना कर मीजल्स रूबेला टीकों का ज्यादा से ज्यादा कवरेज कर प्रदेश को मीजल्स एवं रूबेला से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कार्यशाला में "मीजल्स रूबेला के सम्बन्ध में बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्नों का संकलन", कोल्ड चेन के सुपरविजन के लिए संचालित कार्यक्रम "आनंद दिवस" के पोस्टर एवं मीजल्स रूबेला निर्मूलन 2023 अभियान के पोस्टर भी जारी किये।

कार्यशाला को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक श्रीमती प्रियंका दास एवं संचालक एनएचएम टीकाकरण डॉ. संतोष शुक्ला, राज्य कोल्ड चेन अधिकारी श्री विपिन श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अभियान की जानकारी दी। जिलों के टीकाकरण अधिकारी, संभागीय उप संचालक टीकाकरण एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, यू.एन.डी.पी., जपाइगो, चाई एवं जे.एस.आई. इत्यादि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
 

श्रवण बाधित और मूकबधिर परीक्षार्थियों को मिलेंगे विशेष शिक्षक

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भोपाल : राज्य शासन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में ऐसे सभी परीक्षा केन्द्रों पर साइन लैंग्वेज जानने वाले शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाने के निर्देश दिए हैं, जहाँ श्रवणबाधित एवं मूकबधिर परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। नि:शक्तजन आयुक्त संदीप रजक ने लोक शिक्षण आयुक्त को पत्र लिखकर श्रवणबाधित और मूकबधिर परीक्षार्थियों के परीक्षा कक्ष में सांकेतिक भाषा जानने वाले विशेष शिक्षक की नियुक्ति करने का आग्रह किया था।

लोक शिक्षण आयुक्त अभय वर्मा ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान श्रवणबाधित एवं मूकबधिर परीक्षार्थियों के परीक्षा केन्द्रों पर विशेष शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाने और उन्हें केन्द्र पर परीक्षा अवधि में उपस्थित रहने की अनुमति प्रदान की है।

आयुक्त रजक ने बताया कि आमतौर पर हाई-स्कूल और हायर सेकेन्ड्री परीक्षा में मूकबधिर और श्रवणबाधित परीक्षार्थियों को सामान्य परीक्षार्थियों के साथ ही बैठने की व्यवस्था की जाती है और सामान्य शिक्षकों को ही पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाता है। इन विद्यार्थियों को प्रश्न-पत्र समझने में जब कठिनाई होती है तो सामान्य शिक्षक अक्सर समझ या समझा नहीं पाते। ऐसे में साइन लैंग्वेज प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक इन विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।
 

कृषि मंत्री पटेल ने किया भूमि-पूजन

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भोपाल : किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने हरदा में लगभग 2 करोड रुपए की लागत से बनने वाली ग्रामीण सड़क का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सड़क की लंबाई लगभग 4 किलोमीटर है।

मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई हरदा मध्यप्रदेश ग्रामीण सम्पर्कता कार्यक्रम से निर्मित ग्रेवल मार्ग का डामरीकरण ग्राम नांदरा से गोयत अनुबंधित लागत 175.45 लाख रुपए मार्ग की लम्बाई 3.96 किलोमीटर का भूमि-पूजन किया गया हैं। जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण होगा और जनता को आवागमन में सुविधा होगी।

टमाटर की फसल का किया अवलोकन

मंत्री पटेल हरदा के ग्राम आलनपुर में टमाटर के खेत में गए। उन्होंने किसान महेश पटेल के खेत में टमाटर की फसल का जायजा लिया। उन्होंने टमाटरो को तोड़ा और स्वाद चखा। मंत्री पटेल ने किसान महेश पटेल को टमाटर का स्वाद चखने के बाद बधाई दी।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने दत्तोपंत जी ठेंगड़ी की जयंती पर नमन किया

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दत्तोपंत जी ठेंगड़ी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। दत्तोपन्त जी ठेंगड़ी राष्ट्रवादी विचारधारा के ट्रेड यूनियन नेता, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच और भारतीय किसान संघ के संस्थापक थे। राष्ट्र ऋषि श्रद्धेय ठेंगड़ी का जन्म 10 नवम्बर 1920 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के आर्वी ग्राम में हुआ। उन्होंने लगभग 200 से अधिक पुस्तकें लिखी और सैकड़ों प्रतिवेदन प्रकाशित किये। आपके आलेख पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे। ठेंगड़ी जी ने अनेक अवसरों पर मध्यप्रदेश और विशेष रूप से भोपाल का प्रवास किया। भोपाल में डिपो चौराहे के निकट ठेंगड़ी भवन उनकी स्मृति का प्रतीक है। पुणे में दत्तोपंत जी ठेंगड़ी का 14 अक्टूबर 2004 को महानिर्वाण हुआ। उनके विचार, वर्षों तक देश भक्तों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
 

Horoscope : 11 नवंबर को शुक्र का वृश्चिक राशि में प्रवेश, किस राशि पर क्‍या होगा प्रभाव

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Horoscope : महान ग्रह शुक्र 11 नवंबर की रात्रि 8 बजकर 08 मिनट पर तुला राशि की यात्रा समाप्त करके वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 5 दिसंबर की शाम 5 बजकर 56 मिनट तक गोचर करेंगे,उसके बाद धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इनके बृश्चिक राशि गोचर करने से अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा,इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि-
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। मान-सम्मान की वृद्धि तो होगी किंतु दांपत्य जीवन में कुछ कड़वाहट आ सकती है। शादी-विवाह से संबंधित वार्ता में थोड़ा और विलंब होगा। पैतृक संपत्ति प्राप्ति का योग बनेगा। परिवार में अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। कार्यक्षेत्र में आपके षड्यंत्र कारी आपके खिलाफ सक्रिय रहेंगे। सावधान रहें। विवादों से दूरी बनाए रखें।

वृषभ राशि-
राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी। कार्य व्यापार में भी उन्नति होगी। इस अवधि के मध्य कोई नया व्यापार आरंभ करना चाहें तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा। कोर्ट कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा वह धन समय पर नहीं मिलेगा।

मिथुन राशि-
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव ला सकता है। कार्य-व्यापार में अधिक सफल न होने के परिणामस्वरूप आप निराश भी हो सकते हैं किंतु यह कम समय के लिए ही रहेगा। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। झगड़े विवाद से बचें और कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति अधिक ध्यान दें।

कर्क राशि-
राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वालों के लिए तो यह गोचर और भी शुभ परिणाम दायक रहेगा। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम विवाह का निर्णय भी लेना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। संतान संबंधी चिंता दूर होगी। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से भी सहयोग के योग। अपनी ऊर्जाशक्ति का सही उपयोग करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे।

सिंह राशि-
राशि से चतुर्थ सुखभाव में गोचर करते हुए शुक्र हर तरह से लाभदायक ही रहेंगे। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। सरकारी विभागों में भी किसी भी तरह के टेंडर आदि का आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से समय अनुकूल है। मित्रों तथा संबंधियों से सुखद समाचार प्राप्ति के योग। दूसरे देश की नागरिकता के लिए प्रयास कर रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह गोचर अति शुभ रहेगा। वाहन का क्रय भी कर सकते हैं। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति अधिक चिंतनशील रहें।

कन्या राशि-
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए शुक्र का शुभ प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। अपनी कुशल योजनाओं एवं कुशल रणनीतियों के चलते विषम हालात पर नियंत्रण पा लेंगे। परिवार के सदस्यों विशेष करके छोटे भाइयों से मतभेद न पैदा होने दें। धर्म और अध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। नौकरी में भी पदोन्नति नए अनुबंध की प्राप्ति के भी योग बनेंगे।

तुला राशि-
राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव काफी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। पैतृक संपत्ति प्राप्ति के योग। मकान अथवा वाहन का भी क्रय करना चाह रहे हों तो समय विशेष अनुकूल रहेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। जो लोग नीचा दिखाने की कोशिश में लगे थे वही मदद के लिए आगे आएंगे फिर भी कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं कोर्ट कचहरी के मामले बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी।

वृश्चिक राशि-
आपकी राशि में गोचर करते हुए शुक्र बेहतरीन सफलता दिलाएंगे। जो भी कार्य आरंभ करेंगे उसी में सफलता हासिल करेंगे। शिक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर अधिक खर्च होगा। शासन सत्ता का भी पूर्ण सहयोग मिलेगा। कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना हो अथवा किसी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी समय अनुकूल रहेगा। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।

धनु राशि-
राशि से बारहवें व्यय भाव में गोचर करते हुए शुक्र कई तरह के अप्रत्याशित परिणाम दिलाएंगे। अत्यधिक यात्रा के कारण थकान और खर्च बढ़ेगा जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि के मध्य विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर भी अधिक व्यय होगा। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस एवं नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। स्वास्थ्य विशेष करके पेट संबंधी विकार तथा बाईं आंख से संबंधित समस्या से सावधान रहें।

मकर राशि-
राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए शुक्र अच्छी सफलता दिलाएंगे। शिक्षा में सफलता तथा संतान के दायित्व की पूर्ति होगी उच्चाधिकारियों से भी सहयोग के योग। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए प्रयास करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रहफल अति अनुकूल रहेगा। इस समय जैसी सफलता चाहेंगे हासिल करेंगे। किसी भी तरह की सरकारी सर्विस के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उसके लिए भी समय अनुकूल रहेगा। नवदंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग हैं।

कुंभ राशि-
राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए शुक्र कार्यक्षेत्र में प्रभाव वृद्धि करेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। मकान अथवा वाहन का भी क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। विद्यार्थी वर्ग विदेश में पढ़ाई करने के लिए प्रयास कर रहे हो तो भी ग्रह-गोचर सफलता देंगे। मित्रों तथा संबंधियों से सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। अपनी योजनाएं को गोपनीय रखें और आगे बढ़ें।

मीन राशि-
राशि से नवम भाग्यभाव में गोचर करते हुए शुक्र बेहतरीन सफलता दिलाएंगे। काफी दिनों से प्रतीक्षित पड़े कार्य संपन्न होंगे। कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना हो अथवा किसी अन्य अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी ग्रहफल अनुकूल रहेगा। विवाह संबंधी वार्ता भी सफल रहेगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। धर्म और अध्यात्म में रूचि बढ़ेगी। धार्मिक संस्थाओं तथा अनाथालय आदि में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य करेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय कदम्ब का पौधा रोपा

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय कदम्ब का पौधा रोपा। प्रतिदिन पौध-रोपण के क्रम में मुख्यमंत्री चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में आँवला और पिथोरिया के पौधे भी लगाए। मुख्यमंत्री प्रतिदिन जन-सामान्य के साथ आत्मीय भाव से पौधे लगा रहे हैं। पौध-रोपण के लिए आए 6 वर्षीय पर्व जैन ने ‘आई लव यू मामा’ बोल कर मुख्यमंत्री चौहान का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने भी ‘आई लव यू टू बेटा’ बोल कर अभिवादन स्वीकार किया। डीएनएन न्यूज चैनल के वरिष्ठ एंकर दीपेश जैन ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। उल्लेखनीय है कि जैन हाल ही में सुप्रसिद्ध टी.वी. शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में सम्मिलित हुए। उनकी पत्नी रूबी जैन, पुत्र पर्व जैन तथा डीएनएन के एक्जीक्यूटिव एडीटर महेन्द्र विश्वकर्मा भी साथ थे।

मुख्यमंत्री चौहान द्वारा जन-भागीदारी से प्रदेश में पौध-रोपण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में की जा रही पहल में मित्तल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट भोपाल के सुरेन्द्र मित्तल, शेफाली मित्तल सहित पीतेश्वर राने, रघुवीर, रणवीर और स्नेहा ने भी पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ कर्नल एफ.बी. बलावली और मल्लिका पॉल पौध-रोपण में सम्मिलित हुईं।
 

प्रदेश की आत्म-निर्भरता के लिए निवेश अहम : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुम्बई में "इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज़ इन मध्यप्रदेश" कार्यक्रम में निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं मध्यप्रदेश की 8.5 करोड़ जनता की ओर से निवेश के लिए आमंत्रित करने आया हूँ। मध्यप्रदेश में सभी उद्योगों में अपार संभावनाएँ हैं। टेक्सटाईल, खाद्य प्र-संस्करण, फार्मास्युटिकल सेक्टर सहित सभी क्षेत्रों में निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश आकर्षण का केन्द्र है। जनवरी 2023 में इन्दौर म.प्र. में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश प्रोत्साहन और उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के लिए मुम्बई में होटन ताज प्रेसीडेन्ट में यह कार्यक्रम किया गया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि म.प्र. में सिंगल विन्डो सिस्टम से उद्योग स्थापना संबंधी प्रक्रियाओं को सुगम और समय-सीमा में पूर्ण करना संभव हो रहा है। पर्यटन की दृष्टि से भी मध्यप्रदेश, देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। भारत को वर्ष 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था बनाने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन के लिये प्रतिबद्ध है। प्रदेश में एक लाख 22 हजार एकड़ का लैंड बैंक, पर्याप्त पानी, बिजली, रोड नेटवर्क, दक्ष मानव संसाधन और शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध है। यहाँ 11 से 12 क्लाईमेटिक जोन हैं। यहाँ कोई भी बिजनेस किया जा सकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने इंदौर की इन्फोबीन्स आईटी कंपनी को घंटी बजा कर बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) में सूचीबद्ध कराया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इंदौर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के दो दिन प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। समिट में निवेश का नया इतिहास लिखा जायेगा। प्रवासी भारतीय दिवस एवं खेलो इंडिया कार्यक्रम में भी आप सभी का हार्दिक स्वागत है। 

मुख्यमंत्री चौहान कहा कि ई-व्हीकल भविष्य की आवश्यकता है। प्रदेश में ई-व्हीकल कंपनियों के लिए पार्क बनाने का निर्णय लिया गया है। हमने मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है। प्रदेश में दो एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। चंबल के बीहड़ को जोड़ते हुए अटल एक्सप्रेस-वे और अमरकंटक से सीधे गुजरात की सीमा तक नर्मदा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है, जिसके दोनों तरफ इंडस्ट्रियल पार्क बनाये जायेंगे। इंदौर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में सिंचित क्षेत्र 7.5 लाख हेक्टेयर था, जिसे बढ़ा कर हमने 45 लाख हेक्टेयर कर दिया है। आने वाले 3 वर्षों में सिंचित क्षेत्र 65 लाख हेक्टेयर होगा। यहाँ पिछले 15 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय 30 हजार से बढ़ कर एक लाख 37 हजार रूपये हुई है। यहाँ बेरोजगारी की दर देश की सबसे कम 0.8 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस स्टेट है। यहाँ थर्मल, हाईड्रो, विंड, सोलर एवं रिन्युएबल एनर्जी का उत्पादन किया जा रहा है। हम पानी से भी बिजली बनाते हैं और पानी के ऊपर भी बिजली बनाते हैं। ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट से 600 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लगातार दस सालों तक हमने 18 प्रतिशत से अधिक एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट दर्ज की है, जो चमत्कार है। अधो-संरचना, स्वास्थ्य-शिक्षा, सुशासन तथा अर्थ-व्यवस्था और रोजगार राज्य सरकार के लिए प्राथमिकता के क्षेत्र हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोविड काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा को अवसर में बदलने की बात कहते हुए "आत्म-निर्भर भारत" का मंत्र दिया। हमने आत्म-निर्भर भारत के लिए आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोडमेप बनाया है, जिस पर अमल जारी है। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की ओर निरंतर अग्रसर है। पर्यटन की दृष्टि से भी प्रदेश, देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित "महाकाल लोक" विश्व का ध्यान आकर्षित कर रहा है। तीर्थ-यात्रियों को रेलवे स्टेशन से मंदिर तक पहुँचने के लिए रोप-वे बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जहाँ लेबर रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब प्रदेश में महिलाएँ भी 3 शिफ्ट में कार्य कर सकती हैं। प्रदेश में इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी है। म.प्र. आईटी के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। छोटे शहरों के बच्चे भी कमाल कर रहे हैं। प्रदेश में 2 हजार स्टार्टअप्स हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि "आप सभी को प्रवासी भारतीय दिवस तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करता हूँ। आप समिट का इंतजार न करें, आज और अभी से निवेश की प्रकिया प्रारंभ कर दें।" मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा भी की।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राज वर्धन सिंह दत्तीगांव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऑटो कम्पोनेंट, सर्विस सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, हॉस्पिटेलिटी, टेक्सटाईल आदि सेक्टर में प्रगति कर रहा है। इंदौर देश का एक मात्र ऐसा शहर है, जहाँ आईआईटी और आईआईएम दोनों है। मध्यप्रदेश का गेहूँ, चावल, लहसुन, प्याज, मक्का, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद सहित कई कृषि उत्पादों का मिडिल ईस्ट एवं यूएई में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री देश के सर्वाधिक अनुभवी मुख्यमंत्री हैं, जो प्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सतत् प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कोविड के दौरान ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए 24 घंटे काम किया। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए मेडिकल डिवाइस पार्क को मंजूरी दी। मध्यप्रदेश सेस्मिक फ्री जोन है, यहाँ निवेश हर तरह से लाभकारी है।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन संजय शुक्ला ने प्रदेश में निवेश के लिये उपलब्ध सुविधाओं एवं नीतियों संबंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का कमिटमेंट, शासन-प्रशासन तक आसान पहुँच, स्किल्ड एवं सेमी स्किल्ड मेनपॉवर की उपलब्धता आदि के कारण मध्यप्रदेश में निवेश लाभकारी है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव मनीष सिंह एवं एमपीआईडीसी के एमडी मनीष सिंह भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में निवेश के सुअवसरों एवं मध्यप्रदेश की समृद्ध, सामाजिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, औद्योगिक, पर्यटन विरासत एवं आधारभूत संरचना को दर्शाती हुई लघु फिल्म भी दिखायी गई।

मध्यप्रदेश में पूर्व में निवेश कर चुके उद्योगपतियों ने निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण एवं सरल औद्योगिक नीति आदि से संबंधित अपने अनुभव साझा कर उपस्थित समूह को निवेश के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में साउथ कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैण्ड, नीदरलैण्ड एवं बांग्लादेश के कॉन्सुलेट जरनल एवं जापान, कनाडा और ताइवान के प्रतिनिधि एवं महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा के एम.डी. तथा सीईओ डॉ. अनीश शाह, हिन्दुस्तान यूनिलिवर के सीईओ संजीव मेहता तथा रिलायंस इण्डस्ट्रीज के डायरेक्टर अनंत अंबानी, यू.एस. फार्मा के सीएमडी तपन संघवी, केमेरिक्स लाईफ साइंसेज के डायरेक्टर ए.के. मिश्रा, एनक्यूब ऐथिकल फार्मा के एम.डी. मेहुल शाह, ग्यूफिक बायोसाइंसेज के सीएमडी प्रणव चौकसी और पीरामल ग्रुप के वाईस चेयरपर्सन डॉ. स्वाति पीरामल सहित अन्य विख्यात उद्योगपतियों ने सहभागिता की।
 

MP के आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व के स्थानों से प्रारंभ करेंगे 5जी टेलीकॉम सेवाएँ – मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल, MP : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संचार क्षेत्र में नित नए आयाम जुड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं को इनका लाभ दिलवाने के लिए ठोस पहल की जा रही है। उज्जैन में महाकाल लोक से इसी माह 5जी टेलीकॉम सेवाएँ शुरू हो रही हैं। इन्दौर और भोपाल के अलावा अन्य धार्मिक, आध्यात्मिक महत्व के स्थानों पर भी ये सेवाएँ प्रारंभ करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री चौहान ने आज मुम्बई पहुँच कर आगामी जनवरी माह में इन्दौर में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेशकों को निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री चौहान ने मुम्बई में रिलायंस जियो के पदाधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद बताया कि छतरपुर जिले के विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और जबलपुर के निकट पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में भी 5 जी सर्विस के फ्री वाय-फाय जोन स्थापित किए जाएंगे। मध्यप्रदेश में रिलायंस जियो संचार क्षेत्र में सेवाएँ देते हुए 50 प्रतिशत से अधिक मार्केट शेयर और रिलायंस रिटेल के स्टोर्स संचालित कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज टेली कम्युनिकेशन के अलावा वस्त्र व्यवसाय, केमिकल्स, हाईड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और वित्तीय सेवाओं में संलग्न है। मध्यप्रदेश में कंपनी के व्यापार का काफी विस्तार हुआ है।

निवेशकों से हुई चर्चा

मुख्यमंत्री चौहान ने मुंबई में निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा में उन्हें जनवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित किया और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इनमें प्रमुख रूप से महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, बी.पी.सी.एल, केमेरिक्स बायोटेक, सिमबायोटेक फार्मा लेब, गुफिक बायोसाईंसेस और पीरामल ग्रुप शामिल हैं। मुख्यमंत्री चौहान बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज में इन्फोबीन्स लिमिटेड के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने फार्मा और मेडिकल डिवाइसेस मैन्युफैक्चर्स के साथ भी चर्चा की।

मध्यप्रदेश में औद्योगिक के अनुकूल है वातावरण

मुख्यमंत्री चौहान ने निवेशकों को बताया कि आगामी 11-12 जनवरी को इन्दौर में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट उद्योग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने निवेशकों को इस समिट में पधारने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश में करीब सवा लाख एकड़ क्षेत्र का लैंड बैंक, 24 घंटे बिजली, तीस दिन में अपना व्यवसाय शुरू करने की उदार नीति, कुशल मानव संसाधन, औद्योगिक शांति, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, उपलब्ध है। आत्म-निर्भर भारत के लिए आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश में आत्म-निर्भरता के प्रमुख स्तंभों अधो-संरचना, सुशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थ-व्यवस्था और रोजगार पर फोकस करते हुए निरंतर कार्य हो रहा है। जहाँ तक टेक्सटाइल्स पॉलिसी की बात है, में भी रेडीमेड उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण है और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी अनेक कंपनियाँ कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश में अधो-संरचनात्मक विकास हुआ है। इसका लाभ औद्योगिक इकाइयों को भी मिल रहा है। प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने का कार्य आसान हुआ है। प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान ने ताज प्रेसीडेन्ट में “इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम का दीप जला कर शुभारंभ किया। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न उद्योगपति और निवेशक उपस्थित थे।

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