भोपाल । मप्र में कांग्रेस गुटों में बंटी हुई है। गुटों में बंटी कांग्रेस को एक करने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश के बंटे सेनापतियों को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आपस में जोड़ेगी। इनदिनों जिस तरह कांग्रेस के सभी नेता एक साथ मिलकर यात्रा को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं, उससे पार्टी की रणनीति सफल होती दिख रही है।
गौरतलब है की राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मालवा-निमाड़ क्षेत्र से होकर गुजरेगी। राहुल अपनी इस यात्रा से क्षेत्र की 26 विधानसभा सीटों को साधेंगे। मालवा-निमाड़ अंचल में कांग्रेस के पास 14 विधानसभा सीटें थीं। जबकि भाजपा 11 सीटों को ही हासिल कर सकी थी। दो जिले तो ऐसे थे, जहां भाजपा का खाता ही नहीं खुला था। बाद में कांग्रेस के तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए। आश्चर्य की बात यह है कि इन 25 सीटों में से दो सीटों पर निर्दलीय विधायक हैं और वे कांग्रेस को समर्थन देकर अब तक अपनी वफादारी निभा रहे हैं। मालवा-निमाड़ में कांग्रेस गुटों में बंटी है और नेताओं की आपस में पटरी नहीं बैठती। कांग्रेस को नुकसान की एक वजह यह भी है। अब देखना यह है कि भारत जोडऩे निकले राहुल गांधी मालवा-निमाड़ में अलग-अलग गुटों में बंटे सेनापतियों को कैसे जोड़ सकेंगे?
इंदौर जिले में नौ विधानसभा सीटें हैं। तीन पर कांग्रेस, जबकि छह सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। कांग्रेस विधायकों की बात करें तो जीतू पटवारी और विशाल पटेल को दिग्विजय सिंह खेमे का माना जाता है। संजय शुक्ला पहले सुरेश पचौरी से जुड़े थे, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका कमलनाथ से जुड़ाव मजबूत हुआ है। साल 2018 में तुलसी सिलावट जीते थे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए और आज ताकतवर मंत्रियों में से एक हैं।
खरगोन की छह विधानसभा सीटों में से पांच कांग्रेस के और एक निर्दलीय विधायक हैं। हालांकि, बाद में बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने भाजपा का दामन थाम लिया। यह बात अलग है कि अब तक कांग्रेस उनकी सदस्यता खत्म नहीं करा सकी है। बिरला को खंडवा के पूर्व सांसद अरुण यादव का कट्टर समर्थक माना जाता था। उनके जाने को यादव की कांग्रेस लीडर्स की नाराजगी से जोड़ा जाता है। खरगोन विधायक रवि जोशी की पटरी यादव परिवार से नहीं बैठती। विजयलक्ष्मी साधौ सबको साधकर चलने की कोशिश करती है।
खंडवा की चार में से एक विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। तीन विधायक भाजपा के हैं। पिछले चुनावों में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की संसदीय सीट रही खंडवा में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टिकट बांटने में भी यादव परिवार का ही दबदबा रहा था, लेकिन जीत दूर ही रही। उसके बाद से अरुण यादव की स्थिति पार्टी में कमजोर हुई है। नगरीय निकाय चुनावों में कमलनाथ अपने समर्थकों को पार्षद तक नहीं बना सके थे।
बुरहानपुर में भी साल 2018 में भाजपा का खाता नहीं खुला था। यह बात अलग है कि बाद में सुमित्रा देवी कास्डेकर ने भाजपा की सदस्यता ले ली। उन्हें भी अरुण यादव का समर्थक माना जाता था, जिन्हें पार्टी में रोकने में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाकाम रहे। बुरहानपुर में निर्दलीय सुरेंद्र सिंह जीते, जिन्हें कांग्रेस का समर्थन था। हाल के नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस ने दम दिखाया, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने नुकसान पहुंचाया और महापौर बीजेपी की बन गई थी।
उज्जैन में छह में से तीन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और तीन पर भाजपा का कब्जा है। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के समर्थकों को टिकट मिला था। शहरी क्षेत्र में कांग्रेस कमजोर है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत है। तराना विधायक महेश परमार को कमलनाथ ने टिकट दिलाने में मदद की थी, जबकि दिलीप सिंह गुर्जर और रामलाल मालवीय सिंह गुट से जुड़े हैं।
मप्र में गुटों में बंटे सेनापतियों को जोड़ेगी भारत जोड़ो यात्रा
घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले,सेंसेक्स व निफ्टी में आया उछाल
अमेरिका में मिड टर्म चुनावों के बीच शेयर बाजार में अच्छी तेजी दिख रही है। दो दिनों में डाऊ 750 अंक और नैस्डेक करीब 150 अंकों तक उछला है। वहीं दूसरी ओर, एसजीएक्स उछलकर 18400 के पास कारोबार कर रहा है।
घरेलू शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सुबह नौ बजकर 20 मिनट पर सेंसेक्स 134.75 अंकों की बढ़त के साथ 61,319.90 अंकों पर कारोबार करता दिख रहा है। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी इंडेक्स 55.20 अंकों की मजबूती के साथ 18258.00 अंकों पर कारोबार कर रहा है।अमेरिका में मिड टर्म चुनावों के बीच शेयर बाजार में अच्छी तेजी दिख रही है। दो दिनों में डाऊ 750 अंक और नैस्डेक करीब 150 अंकों तक उछला है। वहीं दूसरी ओर, एसजीएक्स उछलकर 18400 के पास कारोबार कर रहा है। डाऊ फ्यूचर्स में 50 अंकों की कमजोरी है।
वहीं दूसरी ओर,एसजीएक्स निफ्टी भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। इसस पहले सोमवार को घरेलू शेयर बाजार सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। उस दौरान सेंसेक्स में 235 अंकों की तेजी दिखी थी और यह 61185 अकों के लेवल पर व निफ्टी 18202 अंकों के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मंगलवार को गुरु नानक जयंती के मौके पर बाजार बंद था।
Elon Musk ने टेस्ला के 19.5 मिलियन शेयर बेचे…
Twitter पर अधिग्रहण के बाद दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने अपनी कंपनी टेस्ला को लेकर बड़ा फैसला किया है। उन्होंने टेस्ला के 19.5 मिलियन शेयर बेच दिए हैं। इन शेयरों की कीमत 3.95 बिलियन डॉलर है।
टेस्ला को लेकर किए गए फैसले के बाद मस्क की नेटवर्थ में भी बड़ी गिरावट आई है। उनकी नेटवर्थ 200 बिलियन डॉलर के नीचे पहुंच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ला के निवेशकों का मानना है कि ट्विटर पर अधिग्रहण के बार मस्क वहां ज्यादा व्यस्त हैं। ऐसे में इसका असर टेस्ला के शेयरों पर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला के शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
हालांकि, एलन मस्क अभी भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में मस्क की संपत्ति 223.8 अरब डॉलर आंकी गई थी। अब खबर है कि बीते दो दिनों में मस्क की संपत्ति करीब 10 अरब डॉलर घटी है।
ऑटो सेक्टर देगा रोजगार के मौके…
देश में सरकार आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिश में लगी हुई है। सरकार के इस प्रयास से आने वाले दिनों में नौकरियों में भी इजाफा होने के आसार जताए जा रहे हैं। मैकेंजी और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के सर्वे के मुताबिक ई-वाहनों में कई जरूरी कंपोनेंट अलग होंगे। कंपोनेंट में बदलावों के बाद भी विशेषज्ञ कई नए क्षेत्रों में नौकरियों के मौके बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक इसका फायदा ऑटो कंपोनेंट कंपनियों को भी हो रहा है। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी क्षेत्र में नई भर्तियों पर रोक और छंटनी की शुरुआत ने चिंता बढ़ा दी है।
इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में नौकरियां बढ़ने का अनुमान
देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बढ़त के साथ एक तरफ जहां आईसी इंजन से जुड़े कंपोनेंट के उत्पादन को सुस्त करेगी तो वहीं दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक मोटर्स, बैटरी सेल और बैटरी सिस्टम की मांग बढ़ेगी। इससे जाहिर है उस दिशा में नौकरियों में भी बढ़त देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र से जुड़ी तमाम कंपनियों ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ बढ़ते रुझान को देखते हुए कारोबार में बदलाव भी किया है और यह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रदान करने लगी हैं।
घरेलू खपत और निर्यात से नए अवसर बनेंगे
नौकरियों से जुड़ी कंसल्टेंसी कंपनी ग्लोबल हंट के सीईओ सुनील गोयल के मुताबिक देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बढ़त से ऑटो क्षेत्र में नौकरियों पर कोई बुरा असर दिखाई देने के आसार कम हैं। उनके मुताबिक देश में 2030 तक 30 फीसदी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे माहौल में देश में घरेलू खपत के साथ साथ विदेश में निर्यात के मोर्चे पर भी आईसी इंजन के कंपोनेंट से जुड़े कारोबार में रोजगार बने रहेंगे। साथ ही नए क्षेत्रों में भी भारत के लिए बड़े मौके होंगे।
Murder : एक मां ने 4 साल की बीमार बेटी को चौथी मंजिल से फेंका तो एक मां ने 20 दिन की बेटी को गला दबाकर मारा…
Murder : बेंगलुरु पुलिस ने 3 माह पहले शहर के अद्वैत आश्रय अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर हुई बच्चे की मौत के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र के अनुसार बच्चे की हत्या की गई थी। डेंटिस्ट मां ने ऑटिज्म बीमारी से पीड़ित अपनी चार साल की बेटी को करीब 50 फीट की ऊंचाई से फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हुई थी।
घटना अगस्त माह में बेंगलुरु के संपनगिरामा नगर में स्थित अद्वैत आश्रय अपार्टमेंट में हुई थी। मामले में पुलिस ने मां डॉ. सुषमा भारद्वाज पर हत्या का आरोप लगाया है। मृत बच्ची बालाकृष्णा (4) ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से पीड़ित थी। इस बीमारी के कारण उसे बोलने में तकलीफ के साथ मानसिक समस्या थी। आरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि बीमार बेटी को रोज ऑटिज्म की थैरेपी के लिए ले जाना पड़ता था। इसके कारण उसकी निजी जिंदगी में खलल पड़ता था। बच्चे की बीमारी से वह तंग आ गई थी, इसलिए उसने अपार्टमेंट के चौथे माले स्थित फ्लैट से उसे फेंक दिया था।
पुलिस ने आरोप पत्र में 34 गवाहों के बयान भी पेश किए हैं। इनमें से तीन प्रत्यक्षदर्शी हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी सुषमा भारद्वाज ने बेटी द्रिति की हत्या से एक महीने पहले उसे केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर छोड़ने का प्रयास किया था। इसी दौरान एक रेलवे अधिकारी की नजर उस पर पड़ी और मासूम द्रिति को त्यागने की मां की कोशिश विफल हो गई थी। बच्ची को लावारिस के रूप में छोड़ने का प्रयास विफल होने से निराश होकर सुषमा ने उसे अपने अपार्टमेंट से फेंक कर मारने का फैसला किया था।
अद्वैत आश्रय अपार्टमेंट में हुई थी घटना
आरोपपत्र में कहा गया है कि सुषमा भारद्वाज ने इसी साल चार अगस्त को अद्वैत आश्रय अपार्टमेंट की चौथी मंजिल द्रिति को नीचे फेंक कर मार डाला। आरोप पत्र के साथ पुलिस ने सुषमा के अपार्टमेंट परिसर से बच्चे को फेंकने और बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर उसे छोड़ने के सीसीटीवी फुटेज भी पेश किए हैं।
मां ने 20 दिन की बेटी को गला दबाकर मारा
महाराष्ट्र के अकोला में एक महिला ने अपनी 20 दिन की बच्ची की हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि बच्ची पैदा होने के बाद से ही बीमार रहती थी, इसलिए महिला ने उसे मार डाला।
कई दिनों से चल रहा था इलाज
महिला वाडी आदमपुर की रहने वाली है। वह पिछले महीने बच्ची को अपने मामा के साथ इलाज के लिए तेलहरा के अस्पताल ले गई थी। बच्ची का वहां कई दिन तक इलाज चला लेकिन आराम नहीं लगने की वजह से डॉक्टरों ने उसे अकोला के अस्पताल में रेफर कर दिया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ हत्या का खुलासा
बच्ची को जब ओकला अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में जब उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई तो खुलासा हुआ कि बच्ची का गला दबाकर उसे मारा गया है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि मां के हत्या करने के पीछे की वजह पूरी तरह साफ नहीं है। मामले की पूरी जांच होने के बाद ही खुलासा होगा।
दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया
पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर लिया है। मंगलवार यानी 8 नवंबर को महिला को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। आगे की जांच जारी है।
प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हुए विराट कोहली….
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत को अपना सेमीफाइनल मुकाबला 10 नवंबर को इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है। 9 नवंबर को एडिलेड ओवल मैदान पर जब टीम इंडिया प्रैक्टिस के लिए पहुंची, तो इस दौरान विराट कोहली चोटिल हो गए। हर्षल पटेल की गेंद पर विराट को ग्रोइन में इंजरी हुई, जिसके बाद वह नेट्स से चले गए। रेवस्पोर्ट्स ने विराट की इंजरी की खबर ट्विटर पर शेयर की। हालांकि इसके बाद खबर आई है कि विराट कोहली फिलहाल ठीक हैं और उन्होंने फैन्स के साथ सेल्फी भी क्लिक कराई है।
इस मेगा इवेंट में विराट कोहली जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने इस आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2022 में तो सबसे ज्यादा रन बनाए ही हैं, इस टूर्नामेंट के इतिहास में भी अब उनके नाम ही सबसे ज्यादा रन दर्ज हैं। सुपर-12 राउंड के दौरान विराट कोहली ने पांच पारियों में 123 की औसत और 138.98 के स्ट्राइक रेट से कुल 246 रन बनाए हैं। वहीं विराट के बाद टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत की ओर से दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव हैं।सूर्यकुमार यादव ने पांच मैचों में 75 की औसत और 193.97 के स्ट्राइक रेट से कुल 225 रन बनाए हैं। भारत ने पांच में से चार मैच जीतकर ग्रुप-2 से टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया। भारत ने इकलौता मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाया था।
बिजली संयंत्रों के पास 31 अक्टूबर तक कोयले का भंडार बढ़कर 2.56 करोड़ टन
नई दिल्ली । देश में ताप बिजली संयंत्रों के पास 31 अक्टूबर तक कोयले का भंडारण बढ़कर 2.56 करोड़ टन हो गया। मोदी सरकार ने मंगलवार को इसकी जानकारी देकर कहा कि कोविड वर्ष 2020-21 को छोड़कर यह अक्टूबर माह में अबतक का सबसे ऊंचा कोयला भंडार है। बिजली और रेल मंत्रालय के सहयोग से बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उसकी नियमित निगरानी की जाती है।
बिजली क्षेत्र को घरेलू कोयले की आपूर्ति पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। यह किसी भी वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में बिजली क्षेत्र को होने वाली सर्वाधिक कोयला आपूर्ति है। कोयला मंत्रालय ने कहा कि कोयले का उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने के लिए 141 नई कोयला खानों को हाल में नीलामी के लिए रखा गया है। मंत्रालय पूर्व में नीलाम की गई खदानों के संचालन के लिए संबंधित राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ मिलकर समन्वय कर रहा है।
बयान के अनुसार, मंत्रालय पीएम-गतिशक्ति के तहत सभी प्रमुख खानों के लिये रेल संपर्क बढ़ाने के कदम उठा रहा है, ताकि कोयला तेजी से निकाला जा सके। बयान में कहा गया कि कोयला मंत्रालय बिजली क्षेत्र को कोयले की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि इस साल गर्मी के मौसम में कोयले की कमी के कारण कई राज्यों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा था। हालांकि, कोयला मंत्रालय ने कहा था कि बिजली संकट मुख्य रूप से विभिन्न ईंधन स्रोतों से बिजली उत्पादन में तेज गिरावट के कारण हुआ, न कि घरेलू कोयले की अनुपलब्धता के कारण।
AIFF का बड़ा फैसला – 80,000 की सैलरी पर होगी 50 रेफरी की भर्ती
भारत में फुटबॉल मैच के दौरान रेफरी के स्तर को ऊपर उठाने के लिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ अनुबंध के आधार पर 50 रेफरी नियुक्त करेगा। इन रेफरी को हर महीने 80,000 रुपये वेतन भी दिया जाएगा। ताकि वह रेफरी आसानी से अपना जीवन यापन कर सकें और उन्हें आय के लिए किसी अन्य स्त्रोत पर निर्भर न रहना पड़े।
एआईएफएफ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा कि अगर भारतीय रेफरी अपने परिवार को चलाने के लिए पर्याप्त पैसा कमाते हैं और अपने पेशे पर पूर्णकालिक काम करते हैं तो भारत में रेफरी के स्तर में सुधार किया जा सकता है। इंडियन सुपर लीग टीमों के विदेशी कोच भारतीय रेफरी की उनके गलत फैसलों के लिए आलोचना करते रहे हैं।
चौबे ने कहा, "हर साल, भारत में रेफरी की गुणवत्ता, आईएसएल या आई-लीग या संतोष ट्रॉफी में रेफरी की गलतियों के बारे में शिकायत होती है, जिसने हारने वाली टीम की किस्मत को प्रभावित किया है। लेकिन इस मुद्दे पर और भी बहुत कुछ है। प्रति मैच रेफरी को मिलने वाली फीस बहुत कम है। राज्य लीग में, एक रेफरी को 2500 रुपये से 5000 रुपये और राष्ट्रीय लीग में 8000 रुपये से 10,000 रुपये तक मिलते हैं। यह सालाना 2.5 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक आता है, जो रेफरी के लिए केवल रेफरी करके अपने परिवार को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त है।
"इसे सही करने के लिए, हमने तय किया है कि 50 रेफरी नियुक्त किए जाएंगे और उनमें से प्रत्येक को राज्य सरकार के स्तर पर लगभग 50,000 रुपये से 80,000 रुपये प्रति माह का वेतन दिया जाएगा, जो एक रेफरी के लिए अपने परिवार को चलाने के लिए पर्याप्त है।" उन्होंने कहा कि तभी रेफरी पूरी तरह से अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
चौबे ने आगे कहा "हम 18 से 45 वर्ष की आयु के इन 50 रेफरी को संविदा के आधार पर नौकरियां दे रहे हैं। यह एक नीतिगत निर्णय है जो हमने किया है और अनुबंध के आधार पर रेफरी कैसे नियुक्त किए जाएं, इसका विस्तृत विवरण एआईएफएफ सचिवालय तैयार करेगा। इसके अलावा, हमारे पास मुख्य रेफरी अधिकारी (ट्रेवर केटल) हैं जो अच्छी तरह से योग्य और बेहद अनुभवी व्यक्ति हैं। वह एआईएफएफ रेफरी समिति के साथ काम करेंगे। वे नियुक्तियों का मानदंड बनाएंगे। कोई भी पुरुष और महिला जिसके पास अपेक्षित योग्यता या प्रशिक्षण है, वह रेफरी की नौकरियों के लिए आवेदन कर सकता है।"
चौबे ने कहा कि एआईएफएफ ने 50 रेफरी की नियुक्ति के लिए एक बजट अलग रखा है लेकिन जोर देकर कहा कि उनका संगठन संख्या के बजाय गुणवत्ता पर जोर देगा। पूर्व खिलाड़ी भी रेफरी के रूप में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। वे एशियाई खेलों या ओलंपिक या विश्व कप में अंतरराष्ट्रीय मैचों में रेफरी करके खेल का हिस्सा बने रह सकते हैं।
मध्यप्रदेश के सभी जिलो में स्थापित होंगे मूल्य नियंत्रण केंद्र
भोपाल । भारत सरकार मूल्य नियंत्रण केन्द्रों के माध्यम से 22 आवश्यक वस्तुओं के दैनिक बाजार भाव की मॉनीटरिंग करती है। यह काम उपभोक्ता मामला विभाग करता है। अभी तक प्रदेशों में चिन्हित जिलों में ही मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित हैं। लेकिन भारत सरकार ने बाजार के मूल्यों की सटीक जानकारी के लिये देश के प्रत्येक जिले में मूल्य नियंत्रण केन्द्र खोलने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश में अभी 11 जिलो में ये केन्द्र स्थापित है। लिहाजा शेष 41 जिलों में केन्द्र खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में संचालक खाद्य ने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिख कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
मूल्य नियंत्रण केन्द्रों द्वारा 22 आवश्यक वस्तुओं के दैनिक बाजार भाव (थोक और खुदरा) उच्च आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और निम्न आय वर्ग के हिसाब से इक्कठा किए जाते हैं। इन्हें प्रतिदिन भारत सरकार को भेजा जाता है। इसके आधार पर सरकार यह निगरानी रखती है कि किसी वस्तु की कीमत अनापेक्षित तरीके से तो नहीं बढ़ रही है या फिर इन वस्तुओं का महंगाई में कितना योगदान है। इसके अलावा कल्याणकारी और आर्थिक नीतिगत निर्णयों में इन आंकड़ों का इस्तेमाल होता है। भारत सरकार एक मजूबत मूल्य रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित करने जा रही है। लिहाजा अब सभी जिलों में मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
भारत सरकार से मिले निर्देशों को बाद राज्य शासन ने सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, श्योपुर, भिण्ड, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, दतिया, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, विदिशा, हरदा, बैतूल, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडोरी, उमरिया, अनूपपुर में मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सागर, होशंगाबाद, उज्जैन, मुरैना, शहडोल और झाबुआ में मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित हैं।
केन्द्र स्थापित करने के पहले 10 दिन का ट्रायल पीरियड तय किया गया है। इन दिनों में प्रतिदिन तय प्रारूप में जिलों से दैनिक बाजार भाव केन्द्र को भेजे जाएंगे, जहां इनकी नियमित समीक्षा होगी।
चावल, गेहूं, आटा, चना दाल, अरहर दाल, उड़द दाल, मूंग दाल, मसूर दाल, मूंगफली का तेल, सरसों का तेल, वनस्पति, सोया तेल, सूरजमुखी तेल, पाम तेल, आलू, प्याज, टमाटर, चीनी, गुड़, दूध, चाय और नमक आवश्यक वस्तुओं में शामिल हैं। इनके प्रतिदिन के थोक और फुटकार भाव पर नजर रखी जाएगी।















