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काशी रेलवे स्टेशन का  डिजाइन काशी के धार्मिक और मंदिरों की संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार होगा 

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नई दिल्ली । केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण काशी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास होगा और इसका डिजाइन काशी के धार्मिक और मंदिरों की संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि 350 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास करने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्री ने अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन शनिवार को काशी स्टेशन और राजघाट पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, स्टेशन का डिजाइन काशी के धार्मिक और मंदिरों की संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। काशी स्टेशन को जल और नभ मार्ग से जोड़ने की भी तैयारी है। बकौल वैष्ण‍व, इसकी डिजाइनिंग पर काम चल रहा है। डिजाइन तय होने के बाद प्रधानमंत्री से स्वीकृति लेकर काम शुरू कराया जाएगा।
उन्होंने ने कहा, इनलैंड वाटर वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना है। इनलैंड वाटर वे की जेटी को भी काशी स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इसमें ढाई से तीन साल तक का समय लगेगा। मंत्री ने राजघाट स्थित मालवीय पुल के निरीक्षण के दौरान कहा, इस पुल की जगह अब गंगा पर नया पुल बनाया जाएगा। इस पुल पर रेलवे की चार लाइन और उसके ऊपर राजमार्ग के छह लेन बनने हैं। वैष्णव ने कहा, पिछले आठ सालों के विकास की देन है कि रेलवे में अब 12 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से पटरियां बिछाई जा रही हैं। जब नई पटरियां बिछेंगी, तब नई ट्रेन चलेंगी। 
मंत्री ने कहा कि बनारस में बुलेट ट्रेन का सर्वेक्षण का काम चल रहा है। देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी जिससे बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बुलेट ट्रेन के और भी कॉरिडोर बनाएं जाएंगे। 

मप्र में भारत जोड़ो यात्रा निकलते ही चुनावी मैदान में उतरेगी कांग्रेस

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भोपाल । प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मप्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा निकल रही है। इसी महीने 20 दिन बाद मप्र में आ रही यात्रा प्रदेश में 382 किमी चलेगी। राहुल की इस यात्रा से कांग्रेस को मप्र में सरकार में लौटने की उम्मीद है। यात्रा निकलते ही पूरी कांगे्रस चुनाव मैदान में उतर जाएगी। साथ ही यात्रा के लिए जिन नेताओं को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जिम्मेदारी सौंपी हैं, वे नेता विधानसभा में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।प्रदेश में राहुल गांधी की 382 किलोमीटर की भारत जोड़ो यात्रा 20 नवंबर को प्रवेश करेगी। इसके माध्यम से कांग्रेस मालवा और निमाड़ क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। साथ ही अन्य क्षेत्रों को भी यात्रा से जोड़ा जाएगा। इसके चलते प्रदेश कांग्रेस ने यात्रा को लेकर सभी संभागों के प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं।

मालवा-निमाड़ में ये संभालेंगे जिम्मेदारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने मतदान केंद्र स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन और रवि जोशी को सौंपी है। पिछले चुनाव में पार्टी को मालवांचल के खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर और धार में अच्छे परिणाम मिले थे। हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ इन क्षेत्रों के कुछ विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और उपचुनाव में कांग्रेस छह सीटें हार गई थी।

प्रदेश भर में निकाली जा रहीं 17 उप यात्राएं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने मतदान केंद्र स्तर तक के कार्यकर्ताओं को इससे जोडऩे की कार्ययोजना बनाई है। 17 उपयात्राएं निकाली जा रही हैं। इसमें वे सभी जिले शामिल हैं, जो यात्रा मार्ग में नहीं आते हैं। उपयात्राओं का समन्वय और निगरानी का काम पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को दिया गया है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मालवा और निमाड़ क्षेत्र में बढ़त मिली थी। यहां के 66 विधानसभा क्षेत्रों में से 36 पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। भाजपा को खरगोन, बुरहानपुर, झाबुआ और आलीराजपुर जिले में एक भी सीट नहीं मिली थी। हालांकि, नवंबर 2020 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस को छह सीटों पर पराजय का सामना करना पड़ा था। पार्टी 2018 के चुनाव परिणाम फिर दोहराने की के लिए यात्रा की तैयारियों के माध्यम से मैदानी जमावट में जुटी है। क्षेत्र के सभी प्रमुख सामाजिक संगठन और प्रबुद्ध नागरिकों की सूची तैयार की जा रही है, जिनसे राहुल गांधी संवाद करेंगे। जिला और ब्लाक इकाइयों के साथ सभी सहयोगी संगठनों की टीमों को मतदान केंद्र स्तर के लक्ष्य दिए गए हैं।

मप्र में हिन्दुत्व को भी साधने की कोशिश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यात्रा के माध्यम से हर वर्ग को साधने का जतन कर रहे हैं। उन्होंने यात्रा में बुरहानपुर में बोहरा समाज के तीर्थ दरगाह ए हकीमी, खंडवा में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और मां नर्मदा की पूजा-अर्चना, धूनीवाले दादा की समाधि और महू में डा.भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली को शामिल करना प्रस्तावित किया है। इस पर निर्णय आना अभी बाकी है।

T20World Cup : बांग्लादेश की बल्लेबाजी जारी….

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टी20 वर्ल्ड कप 2022 का 41वां मैच पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच एडिलेड ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। इस मुकाबले में बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए खबर लिखे जाने तक बांग्लादेश की टीम ने 11 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 73 रन बना लिए हैं।पहली पारी में बांग्लादेश का पहला विकेट ओपनर लिटन दास के रूप गिरा जिन्हें शाहीन अफरीदी ने 10 रन के स्कोर पर शान मसूद के हाथों कैच आउट करवा दिया। वहीं सौम्या सरकार को शादाब खान ने 20 रन के स्कोर पर आउट किया और उनका भी कैच शान मसूद ने पकड़ा। कप्तान शाकिब अह हसन अपना खाता भी नहीं खोल पाए और डक पर शाबाद खान की गेंद पर पगबादा आउट हुए।ग्रुप 2 में पहले नंबर पर 6 अंक के साथ भारत है जो साउथ अफ्रीका की हार के बाद टाप-4 में पहुंच गई है।वहीं पाकिस्तान और बांग्लादेश के अभी 4-4 अंक हैं और जिस टीम को जीत मिलेगी वो 6 अंक के साथ टाप-4 में पहुंच जाएगी।साउथ अफ्रीका की टीम के पांच अंक हैं,लेकिन वो इस वर्ल्ड कप से बाहर हो गई और एक बार फिर से चोकर साबित हुई।

मुंबई दंगे: 168 लोगों से जुड़ी जानकारियों वाली एक रिपोर्ट सौंपने का सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश

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मुंबई। सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में 1992-93 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान लापता हुए 168 लोगों से जुड़ी जानकारियों वाली एक रिपोर्ट सौंपने का महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह रिपोर्ट इसके लिए गठित समिति को सौंपने को कहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश शुक्रवार को दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य के गृह विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा मार्च 2020 में दायर एक हलफनामे में कहा गया है कि दंगों में 900 लोग मारे गए और 168 लोग लापता हुए। मृतकों तथा 60 लापता लोगों के कानूनी उत्तराधिकारियों को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। न्यायमूर्ति एस.के.कौल, न्यायमूर्ति अभय एस.ओका और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने उस याचिका पर अपने फैसले में कई दिशा निर्देश जारी किए, जिसमें राज्य सरकार को श्रीकृष्ण जांच आयोग के निष्कर्षों को स्वीकार करने और उस पर कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा लापता लोगों के परिजनों को मुआवजे के भुगतान के लिए भी निर्देश दिया गया। जिन लापता लोगों के परिवार वालों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है उन्हें यह मुआवजा दिलवाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा, इस फैसले द्वारा जारी निर्देशों का पालन किस हद तक हुआ है इसकी निगरानी के लिए महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति होगी। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार समिति में एक राजस्व अधिकारी और एक पुलिस अधिकारी को शामिल करेगी। दिशा निर्देश में कहा गया है कि राजस्व अधिकारी डिप्टी कलेक्टर और पुलिस अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त के रैंक से नीचे का नहीं होगा। पीठ ने ये भी कहा, राज्य सरकार समिति को एक रिपोर्ट सौंपेगी जिसमें नाम और पते सहित 168 लापता व्यक्तियों का डिटेल होगा। राज्य सरकार उन 108 लापता व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों के पूरे स्टेटस की जानकारी देगी। इसमें खास तौर से उनसे संबंधित जानकारियां शामिल होंगी, जिन्हें मुआवजे से वंचित किया गया है। पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन लोगों के परिवार के सदस्यों या वंशजों का पता लगाने की हर संभव कोशिश करे। न्यायालय ने कहा कि कानून व्यवस्था कायम रखने और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में राज्य सरकार नाकाम रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ 60 लोगों के परिवार को मुआवजा दिया गया और बाकी 108 लापता लोगों के परिजन को मुआवजा नहीं अदा किया गया क्योंकि उनके परिवार या उनके आवासीय पते की जानकारी नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे का काम पूरा करने के लिए 9 महीने का समय दिया है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार दंगे को नियंत्रित कर पाने में बुरी तरह नाकाम हुई थी। राज्य सरकार की इस नाकामी का अंजाम आम जनता को भुगतना पड़ा। इसके बाद भी 168 लापता हुए लोगों में से अब तक सिर्फ 60 लोगों के परिजनों को ही मुआवजे दे पाने में सरकार कामयाब हो पाई है।
– बाबरी ढांचा गिराए जाने के बाद हुए थे मुंबई दंगे और सीरियल बम ब्लास्ट
1992-93 में अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के बाद मुंबई में दंगे हुए थे। इस दंगे में 900 लोग मारे गए थे और 2036 लोग घायल हुए थे। मुंबई के 1992-1993 के दंगे और 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट से जुड़ी अहम सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को यह अहम निर्देश दिए।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में – केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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नई दिल्ली । दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। शनिवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक  447 रहा। हालांकि आज बाद में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी से बहुत खराब श्रेणी में पहुंचकर थोड़ा सुधरा। शहर के 37 निगरानी स्टेशनों में से 30 में शाम 6 बजे एक्यूआई 400 अंक से नीचे दर्ज किया गया।
 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  ने कहा है कि गंभीर एक्यूआई दर्ज करने वाले क्षेत्रों में बवाना (406), जहांगीरपुरी (404), नरेला (408), आरकेपुरम (403) और सोनिया विहार (407) शामिल हैं। नोएडा (354), गुरुग्राम (353), फरीदाबाद (328), गाजियाबाद (315) और ग्रेटर नोएडा (308) में एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में रहा।
एक्यूआई 400 से ऊपर हो तो इसे गंभीर माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है। गंभीर बीमार लोगों को यह अधिक प्रभावित कर सकता है।
शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को 'गंभीर' माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 24 घंटे के औसत पीएम 2.5 कंसंट्रेशन को 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक सुरक्षित माना जाता है।
दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दो-तीन दिनों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने या हल्का कोहरा छाने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि शाम 5.30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 73 प्रतिशत थी।
प्रदूषण के खतरनाक स्तर के चलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बच्चों की सुरक्षा के लिए शनिवार से प्राथमिक स्कूल बंद करने की घोषणा की है। 

जानें क्यों खास है काशी की देव दिवाली, बन रहा है शुभ संयोग

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हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को देव दिवाली मनाई जाती है. इस बार देव दिवाली 7 नवंबर 2022 दिन सोमवार को मनाई जाएगी. इस दिन देवताओं ने दीपावली मनाई और असुर भाइयों पर भगवान शिव की विजय का जश्न मनाया, जिन्हें सामूहिक रूप से त्रिपुरासुर के रूप में जाना जाता है.

देव दीपावली 2022 शुभ संयोग
इस साल देव दीपावली पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं. इस दिन अभिजीत मुहूर्त व रवि योग समेत कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं.
ब्रह्म मुहूर्त- 04:53 am से 05:45 am
अभिजित मुहूर्त- 11:43 am से 12:26 pm
विजय मुहूर्त- 01:54 pmसे 02:37 pm
गोधूलि मुहूर्त- 05:32 pmसे 05:58 pm
अमृत काल- 05:15 pm से 06:54 pm
रवि योग- 06:37 am से 12:37 am, नवम्बर 08

इसलिए खास है देव दिवाली
हालांकि कम ही लोगों को मालूम होगा कि आज से लगभग साढ़े तीन दशक पहले गंगा किनारे ऐसा नजारा नहीं था. सिर्फ कार्तिक मास की पूर्णिमा को चंद दीपक ही जलाए जलाए जाते थे, लेकिन इस आस्था को लाखों लोगों से जोड़ते हुए लोक महोत्सव के रूप में बदलने का बीड़ा अगर किसी ने उठाया तो वे थे, वाराणसी के प्राचीन मंगला गौरी मंदिर के महंत और देव दीपावली के संस्थापक पंडित नारायण गुरू.

क्या कहा गया है शास्त्रों में
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन देवताओं का पृथ्वी पर आगमन होता है और उनके स्वागत में धरती पर दीप जलाये जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार संध्या के समय शिव-मन्दिर में भी दीप जलाये जाते हैं. शिव मन्दिर के अलावा अन्य मंदिरों में, चौराहे पर और पीपल के पेड़ व तुलसी के पौधे के नीचे भी दीये जलाए जाते हैं.

देव दीपावली की मान्यता
काशी में देव दीपावली मनाने के पीछे एक पौराणिक कथा है. कथा के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध करके देवताओं को स्वर्ग वापस लौटाया था. तारकासुर के वध के बाद उसके तीनों पुत्रों ने देवताओं से बदला लेने का प्रण किया. उन्होंने ब्रह्माजी की तपस्या की और सभी ने एक-एक वरदान मांगा. वरदान में उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि जब ये तीनों नगर अभिजित नक्षत्र में एक साथ आ जाएं तब असंभव रथ, असंभव बाण से बिना क्रोध किए हुए कोई व्यक्ति ही उनका वध कर पाए. इस वरदान को पाए त्रिपुरासुर अमर समझकर आतंक मचाने लगे और अत्याचार करने लगे और उन्होंने देवताओं को भी स्वर्ग से वापस निकाल दिया. परेशान देवता भगवान शिव की शरण में पहुंचे. भगवान शिव ने काशी में पहुंचकर सूर्य और चंद्र का रथ बनाकर अभिजित नक्षत्र में उनका वध कर दिया. इस खुशी में देवता काशी में पहुंचकर दीपदान किया और देव दीपावली का उत्सव मनाया.
 

Kartik Purnima 2022 Daan

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कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का खास महत्व बताया गया है. इस साल कार्तिक पूर्णिमा 8 नवंबर 2022 मंगलवार को है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है.

इस दिन पवित्र नदियों, कुंडों में स्नान करके भगवान श्री हरि का जप, तप, ध्यान, दान पूजन आदि किया जाता है.

वस्त्र का दान

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी खास दिन दान करने से उसका महत्व कई गुना अधिक हो जाता है. इस दिन वस्त्रों के दान को भी शुभ माना गया है. इस दिन वस्त्र दान करने से दो गुना ज्यादा फल की प्राप्ति होती है. साथ ही, आर्थिक स्थिति उत्तम रहती है. जितना संभव हो सके आज के दिन वस्त्रों का दान करना चाहिए.

गुड़ का दान

कार्तिक पूर्णिमा साल भर आने वाली पूर्णिमाओं में से सबसे खास है. इस बार पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होने के कारण इस दिन दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. पूर्णिमा के दिन गुड़ का दान करना शुभ माना गया है. कहते हैं कि इस दिन गुड़ के दान से भगवान विष्णु बहुत खुश होते हैं, और प्रसन्न होकर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. गुड़ के दान से दरिद्रता दूर होती है और धन की कभी भी कमी महसूस नहीं होती. साथ ही, मां लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है.

दूध का दान

ज्योतिष शास्त्र में कार्तिक पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है. इस दिन अगर मां लक्ष्मी की प्रिय चीजों का दान किया जाए, तो व्यक्ति को विशेष शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मां लक्ष्मी को सफेद रंग की चीजें बेहद प्रिय हैं. दूध का दान करने से व्यक्ति के घर में बरकत बनी रहती है. इससे व्यक्ति के घर में कभी धन का अभाव नहीं रहता. कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान करते समय इस बात का ध्यान रखें कि शाम के समय दूध का दान न करें. दूध का संबंध चंद्रमा से होता है.

अन्न दान

कार्तिक पूर्णिमा के दिन अन्न दान का भी विशेष महत्व है. अन्नदान महादान के बराबर,होता है. जितना संभव हो व्यक्ति को अन्न का दान करते रहना चाहिए, ऐसा करने से परम कल्याण की प्राप्ति होती है. बता दें अन्न का दान जीवन में सम्मान का कारक होता है. अन्न का दान करने से जीवन में सम्मान मिलेगा और घर में कभी भी अन्न का भंडार खाली नहीं होगा.

आज खुलेंगे स्वर्ग के द्वार, पढ़ें शुभ मुहूर्त और कथा

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हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ''बैकुंठ चतुर्दशी'' मनाए जाने का विधान है।

2022 में वैकुंठ चतुर्दशी 6 नवंबर यानी आज है। इस दिन भगवान शिव और श्री हरि का मिलन होता है शायद इसलिए इस दिन को हरिहर का मिलन भी कहा जाता है। जो लोग संसार के सुख-सुविधाएं भोग कर मरने के बाद वैकुंठ जाना चाहते हैं आज उन्हें श्री हरि और हर यानि भोलेनाथ की कमल के फूलों से पूजा करनी चाहिए। इस कथा का श्रवन जरुर करें।

नारद जी वीणा बजाते हुए नारायण-नारायण बोलते हुए बैकुंठ धाम पंहुचते हैं। भगवान श्री हरि विष्णु उनको सम्मानपूर्वक आसन देते हैं और आने का कारण पूछते हैं।

नारद जी कहते हैं, "हे प्रभु! मैं पृथ्वी लोक से आ रहा हूं। आपका नाम कृपानिधान है, इस नाम को लेने वाला भवसागर से पार पाता है लेकिन सामान्य नर-नारी कैसे भक्ति कर मुक्ति पा सकते हैं।"

श्री हरि ने कहा," कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी वैकुण्ठ चतुर्दशी के नाम से जानी जाएगी। इस दिन जो कोई नियम से व्रत और पूजन करेगा, उनके लिए स्वर्ग के द्वार सदा खुले रहेंगे। मरणोपरांत वह बैकुंठ धाम को प्राप्त करेगा।

उन्होंने अपने द्वारपाल जय-विजय को आदेश देते हुए कहा कार्तिक चतुर्दशी को स्वर्ग के द्वार खुले रहेंगे।

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 6 नवंबर रविवार की शाम 4:28 से होगा और समापन 7 नवंबर की शाम 4:15 पर होगा। शास्त्रों के अनुसार बैकुंठ चतुर्दशी की पूजा निशिता काल में की जाती है। चतुर्दशी तिथि में निशिता काल का मुहूर्त 6 नवंबर को रहेगा। ऐसे में बैकुंठ चतुर्दशी का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा।

Vaikunth Chaturdashi Puja muhurat: बैकुंठ चतुर्दशी पूजा मुहूर्त 2022
6 नवंबर की रात 11:45 से लेकर देर रात 12:37 तक पूजा मुहूर्त रहेगा। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी रहेगा।
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (06 नवंबर 2022)

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  • मेष राशि – स्त्री सुख, पुत्र सुखधर्म रहेगा, यश प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी, कार्य अवश्य बनते रहेंगे।
  • वृष राशि – मानसिक कार्य में रुचि, इच्छित कार्य की पूर्ति होगी तथा शुभ समाचारों की उत्तम प्राप्ति होगी।
  • मिथुन राशि – कर्म क्षेत्र में विफलता, अव्यवस्थित जीवन, रोग उपद्रव तथा भय होगा, समय का ध्यान दें।
  • कर्क राशि – प्रभावशाली कार्य करने का अवसर मिलेगा, अच्छे लोगों की संगति व सहायता अवश्य मिलेगा।
  • सिंह राशि – कोई मित्र शत्रुवत चेष्टाकर हानि पहुंचाने का प्रयास करेंगे, अभीष्ट कार्य में सफलता मिलेगी।
  • कन्या राशि  व्यापार में वृद्धि होने व व्यापार में हानि ही तथा स्वजनों से मेल मिलन होगा।
  • तुला राशि – राजकीय प्रतिष्ठा, अनेक योजना में आर्थिक व्यवहारिक लाभ अवश्य ही होवे।
  • वृश्चिक राशि – भौतिक सुख साधनों में कमी, प्रियजनों की उपेक्षा तथा पारिवारिक क्लेश अवश्य होगा।
  • धनु राशि – कार्य सिद्ध, व्यावहारिक शिथिलता का निवारण होगा तथा गृहस्थ जीवन उत्तम सुखी होगा।
  • मकर राशि – दुर्जन व्यक्तियों से कष्ट, अनियमित दिनचर्या तथा मानसिक व्यथा, कष्ट अवश्य होवे।
  • कुंभ राशि – लापरवाही अनिद्रा से कार्य संभंव तथा सामान्य सुविधा अवश्य बने।
  • मीन राशि – सामान्य व्यवहार का आचरण करना उचित होगा, व्यवसायिक यात्रा अवश्य होगी।
     

नॉन कम्यूनिकेबिल बीमारियों के उपचार और रोकथाम की रणनीति तैयार

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भोपाल : प्रदेश में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, मानसिक अस्वस्थता और किडनी संबंधी नॉन कम्यूनिकेबिल बीमारियों के उपचार और रोकथाम के बारे में विशेषज्ञों द्वारा रणनीति तैयार की गई है। शुक्रवार को मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में रणनीति का प्रेजेन्टेशन दिया गया।

नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राज्यों के मुख्य सचिव की राष्ट्र स्तरीय कॉन्फ्रेंस में राज्य में नॉन कम्यूनिकेबिल बीमारियों के उपचार और रोकथाम के संबंध में किये गये कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाना है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, मेन्टल हेल्थ और डायलिसिस की राज्य स्तरीय विशेषज्ञ समिति का समूहवार गठन किया गया था। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पृथक-पृथक समूह ने बीमारी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिये शॉर्ट और लांग टर्म कार्य-योजना पर चर्चा की। एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास, एम्स भोपाल, गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और सहयोगी संस्थाओं के विशेषज्ञ चर्चा में शामिल रहे।
 

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