नई दिल्ली । देश में ठंड बढ़ते ही वायु प्रदूषण की समस्या भी बढ़ने लगती है। कई शहरों में एयर क्वालिटी बदतर होती जा रही है। उत्तर भारत के ज्यादातर शहरों में यही स्थिति है। इन शहरों में एक्यूआई इतना ज्यादा हो गई है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और नोएडा में आज फिर एक्यूआई औसत के लिहाज से हवा की गुणवत्ता काफी खराब है। वहीं पंजाब में पराली के धुएं के चलते राज्य के कई शहरों में एक्यूआई स्तर खतरनाक हो गया है। साल दर साल दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के एक्यूआई 400 के स्तर को पार कर गई है।
पंजाब में पराली के धुएं के चलते वहां के कई शहर भी इस समय वायु प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। पंजाब के तरन तारन जिले में स्थित खेम करन देश में आज वायु प्रदूषण (औसत) की सूची में टॉप पर है। तरन तारन में एक्यूआई 421 दर्ज किया गया है। झारखंड के साहेबगंज जिले स्थित राजमहल में आज एक्यूआई की स्थित काफी खराब है। यहां एक्यूआई 409 देखा गया है। देश की राजधानी दिल्ली में हर साल की तरह इस बार भी प्रदूषण से सांस लेना दूभर हो गया है। वायु प्रदूषण के हालात ऐसे हैं कि बच्चों के स्कूल तक बंद हो गए हैं। दिल्ली सरकार के कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है। दिल्ली में एक्यूआई 402 आंका गया है।
पंजाब के मुक्तसर साहिब जिले में स्थित मलोट में भी वायु प्रदूषण बढ़ता दिख रहा है। यहां का एक्यूआई 358 देखा गया। लोगों को सांस लेने तक में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बिहार की राजधानी पटना में भी हवा की गुणवत्ता काफी खराब हुई है। यहां एक्यूआई 452 दर्ज किया गया है। पंजाब का अबोहर शहर भी टॉप 10 की सूची में शुमार है। यहां एक्यूआई 344 आंका गया है। राजस्थान के भिवाड़ी में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। यहां एक्यूआई 343 दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी दिल्ली के प्रदूषण का असर दिख रहा है। यहां एक्यूआई 342 देखा गया। बिहार का पूर्णिया भी टॉप 10 प्रदूषित शहरों में आ गया है। यहां का एक्यूआई आज 341 दर्ज किया गया है। हरियाणा के रोहतक में भी इस समय वायु की गुणवत्ता खराब देखी जा रही है। यहां का एक्यूआई 340 आंका गया है।
बता दें कि किसी भी क्षेत्र में 0 से 50 के बीच एक्यूआई को सबसे अच्छा माना जाता है। वहीं 51 से 100 तक को संतोषजनक श्रेणी में रखा गया है। अगर एक्यूआई 101 से 200 के बीच है, तो यह मध्यम और 201 से 300 तक रहने पर इसे खराब श्रेणी में माना जाता है। दूसरी ओर 301 से 400 तक के एक्यूआई को बहुत खराब स्तर का माना जाता है और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में माना जाता है, जहां सांस लेना भी दूभर हो जाता है।
दिल्ली में एक्यूआई ने पार किया 400 का स्तर, तरन-तारन में इससे से भी खराब स्थिति
महाराष्ट्र में प्रवेश से पहले भारत जोड़ो यात्रा में तेलंगाना में जनसभा को संबोधित करेंगे राहुल गांधी
हैदराबाद। महाराष्ट्र में प्रवेश करने से पहले राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के जुक्कल में 7 नवंबर को एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि यात्रा का तेलंगाना चरण 7 नवंबर को संपन्न होगा। कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आयोजन स्थल का दौरा भी किया है। तेलंगाना में यह पदयात्रा 24 अक्टूबर से शुरू हुई थी और 7 नवंबर को संपन्न होगी तथा महाराष्ट्र में प्रवेश करेगी।
इस बीच, एक दिन के विराम के बाद यात्रा शनिवार को अंडोले निर्वाचन क्षेत्र में चोटुकुर से फिर शुरू हुई तथा यह 20 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद रात को अलादुर्ग में रुकेगी। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि शनिवार को राज्य में यात्रा के 10वें दिन राहुल गांधी पेद्दापुर में एक बैठक को संबोधित करेंगे। वायनाड से सांसद राहुल गांधी राज्य में कांग्रेस के अभियान के दौरान बुद्धिजीवियों, खेल, कारोबार और मनोरंजन क्षेत्र के लोगों समेत विभिन्न समुदायों के नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी।
“सिवनी जम्बो सीताफल” ब्रांड को देश-प्रदेश में लोकप्रिय बनाएँ : मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी में ''एक जिला-एक उत्पाद'' कार्यक्रम अंतर्गत उत्पाद ''सिवनी जम्बो सीताफल'' का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री चौहान सीताफल के जम्बो आकार, विशिष्ट गुण तथा स्वाद आदि के संबंध में अवगत हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने "सिवनी जम्बो सीताफल" को लोकप्रिय बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि "सिवनी जम्बो सीताफल" उत्पादक किसान और इसका प्र-संस्करण कर पल्प और अन्य उत्पाद बनाने वाली आजीविका मिशन की बहनों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने ब्रांड की बेहतर मार्केटिंग कर देश- प्रदेश में इसे लोकप्रिय बनाने के भी निर्देश दिये।
सिवनी जिले में 656 हेक्टेयर क्षेत्र में 6500 मीट्रिक टन से अधिक सीताफल का उत्पादन होता है। सीताफल का वजन 600 से 700 ग्राम होने से इसका नाम ''सिवनी जम्बो सीताफल'' रखा गया है। अपने विशिष्ट आकार तथा स्वाद से इसकी देश-प्रदेश में अच्छी माँग है। इसे विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूह की सहभागिता से सीताफल की पल्प यूनिट प्रारंभ की गई है और एफपीओ का गठन किया गया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन, विधायक दिनेश राय और राकेश पाल मौजूद थे।
मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को चुनौती देगा संघ
चेन्नई । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने तमिलनाडु में 6 नवंबर को होने वाले अपने मार्च और अन्य कार्यक्रम स्थगित करने और शर्तों के साथ इन कार्यक्रमों को अनुमति देने के मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। आरएसएस के सूत्र ने शनिवार को पुष्टि की है कि संगठन ने मार्च निकालने और जनसभाएं आयोजित करने के कार्यक्रम को स्थगित करने का फैसला किया है। उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु में 50 के बजाय 44 स्थानों पर कुछ शर्तों के साथ इन कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति दी थी।
मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु पुलिस मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को चुनौती देगा संघ
चेन्नई (ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने तमिलनाडु में 6 नवंबर को होने वाले अपने मार्च और अन्य कार्यक्रम स्थगित करने और शर्तों के साथ इन कार्यक्रमों को अनुमति देने के मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। आरएसएस के सूत्र ने शनिवार को पुष्टि की है कि संगठन ने मार्च निकालने और जनसभाएं आयोजित करने के कार्यक्रम को स्थगित करने का फैसला किया है। उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु में 50 के बजाय 44 स्थानों पर कुछ शर्तों के साथ इन कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति दी थी।
मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया था कि वह संघ को छह नवंबर को राज्य में 44 जगहों पर ‘मार्च’ निकालने और जनसभाएं करने की अनुमति दे। न्यायमूर्ति जी के इलानथिरैयां ने महज खुफिया विभाग की सूचनाओं के आधार पर राज्य में 47 जगहों पर रैली की अनुमति नहीं देने को लेकर पुलिस को फटकार लगाने के बाद उक्त निर्देश जारी किए थे। खुफिया विभाग ने भी तमिलनाडु में कुछ ही जगहों के संबंध में कानून-व्यवस्था को लेकर इस तरह की सूचना दी थी।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने कहा था कि राज्य में उन छह जगहों पर रैलियों की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि वहां हालात सही नहीं हैं। ये छह जगहें कोयंबटूर, मेत्तुपलयाम, पोल्लाची (तीनों कोयंबटूर जिले में), तिरुपुर जिले में पल्लादम, कन्याकुमारी जिले में अरुमनाई और नागरकोईल हैं। अदालत ने कहा था कि अगर इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है,तब संबंधित पुलिस अधिकारी कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। आरएसएस ने राज्य में 50 जगहों पर रैली करने की अनुमति मांगी थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तमिलनाडु में आरएसएस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के ऊपर हमले की घटनाएं काफी बढ़ने लगी हैं। इस लेकर बीजेपी ने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर कई आरोप लगाए हैं।
मप्र में आजादी से पहले बने सौ पुल हैं आवागमन के बड़े साधन
भोपाल| गुजरात के मोरबी पुल हादसे के बाद हर तरफ चर्चाएं नदी और नालों पर बने पुलों के हाल को लेकर हैं। मध्यप्रदेश में जहां हाल के वर्षों में बने कई पुलों के खस्ताहाल होने के मामले सामने आए हैं, वहीं सौ से ज्यादा ऐसे पुल हैं जो आजादी के पहले के हैं और उन पर आवागमन हो रहा हैं। सरकारें कई आई और गई मगर विकल्प पर ज्यादा काम नहीं हो पाया।
मोरबी पुल हादसे के बाद राज्य सरकार और तमाम एजेंसियों की पुलों की हालत पर नजर है। लगभग डेढ़ दशक पहले राजधानी में पर्यटन विकास निगम में सैर सपाटा पर्यटन स्थल विकसित किया और यहां एक झूला पुल है। पुल का नियमित तौर पर परीक्षण न होने की बात सामने आई तो वहीं नगर निगम की महापौर मालती राय ने पर्यटन विकास निगम को पत्र लिखकर पुल की हालत की जांच कराने और फिटनेस सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने को कहा है। यह ऐसा पुल है जिस पर शनिवार और रविवार को यहां आने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में होकर गुजरते हैं। इसी तरह का एक झूला पुल इंदौर में भी है जिसकी वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बीती बरसात पर गौर करें तो कई मामले सामने आए हैं जिन्होंने पुल निर्माण की पोल खोल कर रख दी है। ग्वालियर चंबल इलाके में तो आधा दर्जन से ज्यादा पुलों को नुकसान पहुंचा था इसके अलावा राजधानी के करीब स्थित एक पुल का तो हिस्सा ही खसक गया था। हर साल ऐसे कई मामले सामने आते हैं जो इस बात की गवाही देते हैं कि आजादी के बाद बने पुलों की हालत न केवल खस्ता हैं बल्कि पैदल चलने लायक भी नहीं बचे हैं।
इंदौर के पास तो एक अजब मामला सामने आया है जहां रस्सी का पुल बनाकर लोग आवागमन करते थे। सिलोटिया गांव में रस्सी के एक पुल से गुजरते समय बीते दिनों किसान प्रेम नारायण पटेल की गिर कर नदी में डूबने से मौत हो गई, यह मामला सांवेर विधानसभा क्षेत्र का है जहां से जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट विधायक हैं। इस घटना के सामने आने के बाद मंत्री सिलावट ने रस्सी वाले पुल को हटाने के आदेश दिए और पक्का पुल बनाने की घोषणा की।
वहीं दूसरी ओर हम देखते हैं कि राज्य में 100 से ज्यादा ऐसे पुल हैं जो आजादी के पहले बने थे। इन पुलों की हालत अब भी ऐसी है जिन पर यातायात सुगमता से चल रहा है। जानकारों का कहना है कि अंग्रेजों के समय पुलों का निर्माण आर्च टेक्नोलॉजी के जरिए होता था मगर अब तकनीक बदल गई है और उस तकनीक का इस्तेमाल नहीं होता।
लोक निर्माण विभाग और रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण में कई बार खामियां और गड़बड़ियां सामने आ जाती हैं, मगर सियासी दबाव के चलते चाह कर भी सख्त कार्रवाई नहीं कर पाते। यह अलग बात है गड़बड़ी करने वाली कुछ कंपनियों को ब्लैक लिस्ट कर देती हैं, जो बाद में फिर अपने काम को यथावत करने लगती है।
इन घरेलू फेस पैक का करें इस्तेमाल, मिलेगी ग्लोइंग स्किन
नई दुल्हन शादी से पहले अपनी स्किन पर ग्लो के लिए काफी सारी चीजों का इस्तेमाल करती हैं। इस दौरान वह कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट लेती हैं। अगर आपकी शादी जल्द होने वाली है तो आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से ग्लोइंग स्किन पा सकती हैं। कम खर्च में ये उपचार आपको अमेजिंग स्किन देने में कामयाब होते हैं। इसलिए हम आपको कुछ ऐसे फेस पैक के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आपको आसानी से ग्लोइंग स्किन मिलेगी। इन फेस पैक से आपकी स्किन को किसी तरह का नुकसान भी नहीं होगा। इसी के साथ फेस पैक में डलने वाले सभी सामान आपको घर में आसानी से मिल जाएंगे।
चंदन से बनाएं फेस पैक- इस फेस पैक को बनाने के लिए आपको चाहिए दो चम्मच चंदन पाउडर, दो चम्मच कच्चा दूध, चुटकी भर केसर। इसे बनाने के लिए सबसे पहले केसर को दूध में थोड़े देर के लिए भिगोएं। एक कटोरी में चंदन पाउडर लें और फिर उसमें केसर दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, खासकर के दाग धब्बों पर। फिर इसे सूखने दें और फिर चेहरे को धो लें।
बादाम का फेस पैक– इसे बनाने के लिए सबसे पहले 5 से 6 बादाम और एक से दो चम्मच दूध की जरूरत होगी। इसे बनाने के लिए बादाम को पानी में भिगोकर रखें। अगले दिन बादाम को दूध के साथ पीसकर पेस्ट बनाएं। फिर इस फेस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। इसे 15 मिनट बाद धोएं।
संडे स्पेशल डिनर एग मसाला चीज करी
आप अगर एग लवर है, तो आपको एग करी के अलावा एग मसाला चीज करी को भी ट्राई करना चाहिए। खासतौर पर अगर आप संडे को कोई स्पेशल रेसिपी बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आप आज डिनर में एग मसाला चीज बना सकते हैं।
एग मसाला चीज करी बनाने की सामग्री-
1. उबले छह अंडे
2. दो प्याज बारीक कटे हुए
3. एक कप टमाटर की प्यूरी
4. दो चम्मच फ्रेश क्रीम
5. नमक स्वादानुसार
6. हल्दी पाउडर
7. लाल मिर्च पाउडर
8. दो हरी मिर्च
9. लहसुन-अदरक का पेस्ट
एग मसाला चीज करी बनाने की विधि
सबसे पहले पैन में तेल गर्म करें। उसमे लहसुन और हरी मिर्च डालकर भूनें। जब तक कि लहसुन सुनहरे रंग के न हो जाएं। फिर इसमे बारीक कटा प्याज डाल दें। प्याज के गोल्डन ब्राउन होते ही टमाटर डालकर पकाएं। जब ये पककर तेल छोड़ने लगे तो इसमे सूखे मसाले मिलाएं। सबसे पहले हल्दी पाउडर डालें। फिर लाल मिर्च पाउडर और साथ में गरम मसाला भी डाल दें। फिर तीन से चार मिनट तक इन सबको भूनें। फिर गैस की आंच धीमी कर इसमे फ्रेश क्रीम डालें। साथ में ग्रेट किया हुआ चीज भी डालें। सब चीजों को मिलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। सब मसालों और मिश्रण को अच्छी तरीके से मिला लें। अब इसमें फ्राई किए हुए अंडे डालें। साथ में हरी धनिया की पत्ती और एक हरी मिर्च को सजाएं। तैयार है एग चीज मसाला, इसे रोटी या परांठे के साथ गर्मागर्म सर्व करें। चीज एग मसाला बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता। साथ ही ये काफी कम मेहनत में बनकर तैयार हो जाता है।
SAIL Recruitment 2022: मैनेजमेंट ट्रेनी के पदों पर 245 पदों पर होनी है नियुक्तियां,आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से निकाली गई मैनेजमेंट ट्रेनी के पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक है। SAIL आगामी 23 नवंबर, 2022 को इन पदों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बंद कर देगा। अब ऐसे में, जो भी उम्मीदवार इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं,वे आधिकारिक वेबसाइट @sailcareers.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई थी। कैंडिडेट्स की सुविधा के लिए नीचे डायरेक्ट लिंक दिया है, जिस पर क्लिक करके उम्मीदवार आधिकारिक सूचना को पढ़ सकते हैं।
आवेदन की प्रारंभिक तिथि – 03 नवंबर 2022
आवेदन की अंतिम तिथि – 23 नवंबर 2022
आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह रिक्तियां मैकेनिकल,Metallurgical, इलेक्ट्रिकल, केमिकल, सिविल इंस्ट्रुमेंटेशन और माइनिंग के लिए उपलब्ध हैं। सेल एमटी भर्ती 2022 के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन पोर्टल पर देख सकते हैं।
ऐसे करें आवेदन
मैनेजमेंट ट्रेनी के पदों पर आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को सबसे पहले सेल की आधिकारिक वेबसाइट यानी sail.co.in पर जाना होगा। इसके बाद, पंजीकृत नहीं होने पर पंजीकरण करें। इसके बाद, अपने खाते में लॉगिन करें। अब आवश्यक इन्फर्मेशन भरकर आवेदन प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करें। अब दस्तावेज अपलोड करें। अब भुगतान शुल्क सभी विवरणों को पूरा करने के बाद आवेदन जमा करें। आवेदन पत्र का प्रिंट आउट ले लें।
ये होगी सैलरी
मैनेजमेंट ट्रेनी के पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 50000 प्रति माह सैलरी दी जाएगी। इसके बाद,प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, उन्हें 60000 से 180000 सैलरी मिलेगी
Post Office S/A का स्टेटमेंट अब ऑनलाइन भी कर सकेंगे चेक
भारत सरकार ने पोस्ट ऑफिस बचत बैंक योजना के लिए ई-पासबुक सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद डाकघर बचत खाताधारक अपने डाकघर बचत बैंक खाते की पासबुक को ऑनलाइन एक्सेस कर सकेंगे।लोग निवेश करने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। इन्हीं तरीकों में पोस्ट ऑफिस भी शामिल है। पोस्ट ऑफिस कई प्रकार की योजनाएं चलाता है, जिसकी मदद से लोग निवेश कर सकते हैं। इन्हीं में पोस्ट ऑफिस बचत बैंक योजना भी शामिल है। इसमें लोग अपनी बचत को सुरक्षित रख सकते हैं। वहीं अब लोग अपने इस अकाउंट की डिटेल ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं और ऑनलाइन अपने अकाउंट स्टेटमेंट की जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।
ई-पासबुक सुविधा
भारत सरकार ने पोस्ट ऑफिस बचत बैंक योजना के लिए ई-पासबुक सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद डाकघर बचत खाताधारक अपने डाकघर बचत बैंक खाते की पासबुक को ऑनलाइन एक्सेस कर सकेंगे। ई-पासबुक सुविधा शुरू होने के बाद, डाकघर बचत बैंक योजना के और अधिक डिजीटल होने की उम्मीद है क्योंकि खाताधारक अपनी इच्छा की किसी भी अवधि के लिए लेनदेन का स्टेटमेंट जान सकेंगे।
खुद देख सकते हैं स्टेटमेंट
इससे पहले लोग केवल मिनी स्टेटमेंट तक ही सीमित था। अब एक डाकघर बचत खाता धारक अपने खाते का विवरण खुद हासिल कर सकेगा और अब उन्हें इसके लिए डाकघर जाने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, इस 'ई-पासबुक सुविधा' के लॉन्च होने के बाद, डाकघर बचत बैंक खाताधारकों के पास केवल मिनी स्टेटमेंट के बजाय उनके पूरे बैंक पासबुक तक पहुंच होगी। ऐसे में कुछ स्टेप को फॉलो कर ऑनलाइन ही इसे चेक किया जा सकता है।
ये स्टेप करें फॉलो- Post Office ऐप में लॉग इन करें,मोबाइल बैंकिंग पर जाएं।अपने खाते की जानकारी भरें।'गो' बटन पर क्लिक करें।आपको डाकघर खाते के डैशबोर्ड पर भेज दिया जाएगा।यहां आपको बैलेंस और स्टेटमेंट चेक करने का विकल्प मिलेगा। स्टेटमेंट पर क्लिक करें।आपको मिनी स्टेटमेंट और अकाउंट स्टेटमेंट का विकल्प मिलेगा।स्टेटमेंट ऑप्शन पर क्लिक करें।वह अवधि चुनें, जिसके लिए आप अपना पोस्ट ऑफिस अकाउंट पासबुक की डिटेल देखना चाहते हैं।स्टेटमेंट डाउनलोड करें या इसे भविष्य के लिए सेव कर लें।
राज्यभर में सोने की एक समान कीमत लागू करने वाला पहला राज्य बना केरल
बैंक दर के आधार पर सोने का एक समान कीमत कारोबार शुरू करने वाला केरल भारत का पहला राज्य बन गया है। देश की सबसे बड़ी सोने और हीरे की खुदरा श्रृंखलाओं में से एक मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के अधिकारियों और ऑल केरल गोल्ड एंड सिल्वर मर्चेंट्स एसोसिएशन के प्रमुख सदस्यों के बीच एक बैठक में 916 शुद्धता वाले 22 कैरेट सोने का मूल्य एक समान रखने का निर्णय लिया गया है।
विकास पर टिप्पणी करते हुए मालाबार समूह के अध्यक्ष एमपी अहमद ने कहा, ‘हम इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बनकर बेहद खुश हैं। हम केरल में आभूषण व्यापार के सभी सदस्यों को एक साथ आने और एक मानकीकृत सोने की दर शुरू करने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। यह कदम राज्य भर में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और व्यापार में मूल्य पारदर्शिता लाने में मददगार साबित होगा।
मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स में हमने अपनी 'वन इंडिया वन गोल्ड रेट' नीति के साथ देश में अपने सभी स्टोर्स पर एक समान सोने की कीमत लागू करने की पहल की है। उन्होंने कहा, ‘देश में सोने की खपत करने वाला एक शीर्ष राज्य होने के नाते केरल देश भर में एक समान सोने की कीमत के लिए मंच तैयार कर सकता है।
सांसद अहमद ने यह भी मांग की कि देश में हर जगह सोने की बिक्री मूल्य को एकीकृत किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि पूरे देश में सोने की कीमत बैंक दर के आधार पर होनी चाहिए।बता दें कि ज्यादातर राज्यों में सोने की कीमत बैंक दर के अनुसार 150-300 रुपये प्रति ग्राम अधिक होती है।















