Home Blog Page 5638

ईडी ने मणिपुर के प्रतिबंधित संगठन के आरोपी की संपत्ति कुर्क की

0

नई दिल्ली| प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि इम्फाल में एक विशेष पीएमएलए अदालत ने एक के. एलिजाबेथ देवी से संबंधित 11.54 लाख रुपये की मनी-लॉन्ड्रिंग में शामिल एक अचल संपत्ति को जब्त करने के संबंध में उनके आवेदन को मंजूरी दे दी है। ईडी ने कहा, "पीएमएलए, 2002 की धारा 8(7) के तहत प्रार्थना किए जाने पर, इंफाल पश्चिम में स्थित 0.16 एकड़ की एक वास भूमि के साथ-साथ उक्त भूखंड के अंदर एक निमार्णाधीन आरसीसी भवन को जब्त करने का आदेश दिया गया है (जिसका मूल्य निर्धारण किया गया था)।"

मणिपुर पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आईपीसी की धारा 121, 21-ए के प्रावधानों के तहत, जनता से जबरन वसूली के अपराध के लिए यूएपीए की धारा 17, 20 और 21 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत ईडी ने देवी, के. प्रेमजीत सिंह और के. सनजाओबा देवी, जो प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन – पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलीपाक की सक्रिय सदस्य थी, के खिलाफ जांच-पड़ताल की।

ईडी ने खुलासा किया है कि आरोपी व्यक्ति जनता और व्यापारिक समुदाय से जबरन वसूली में शामिल थे और प्रतिबंधित 'प्रेपक संगठन' के लिए करों के नाम पर जबरन वसूली की राशि एकत्र की और उस 'अवैध धन' में से उन्होंने अपनी संपत्ति भी अर्जित की।

ईडी ने कहा, "बाद में पीएमएलए 2002 के तहत की गई जांच के दौरान अपराध की आय की पहचान की गई और उसे कुर्क किया गया। विशेष अदालत (पीएमएलए), इंफाल ईस्ट, मणिपुर ने भी उपरोक्त आरोपी व्यक्तियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था।"

पश्चिमी मप्र में पोस्ट मानसून सक्रिय

0

भोपाल । मध्यप्रदेश में ठंड ने दस्तक दे दी है। अगले 24 घंटे में ग्वालियर-चंबल में बारिश होने के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अलर्ट बुधवार दोपहर 2 बजे जारी किया है। प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। 4 दिन बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने के आसार हैं।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि ग्वालियर-चंबल संभाग में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल डेरा जमाए हुए हैं। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसके साथ ही अगले दो दिन के अंदर बुंदेलखंड के ऊपर प्रतिचक्रवात बनेगा। चक्रवाती घेरा के कारण अभी अंचल की ओर दक्षिण-पश्चिमी, पश्चिमी व पूर्वी हवा चल रही हैं। अभी तीन दिन तक पश्चिमी विक्षोभ का असर और रह सकता है। 12 नवंबर के बाद मौसम बदल जाएगा। पारे में गिरावट होगी, तब तक रात में तापमान बढ़ा हुआ ही रहेगा। प्रदेश में मंगलवार को सबसे ठंडी रात मंडला जिले की रही। यहां रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बघेलखंड में भी बूंदाबांदी हो सकती है।
अभी एक सप्ताह हल्की गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्यप्रदेश में नवंबर में अभी तक तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। अभी तीसरा सिस्टम बन रहा है। पाकिस्तान से होते हुए दो सिस्टम गुजर चुके हैं। नया सिस्टम 9 नवंबर से एक्टिव होगा। इसके 4 दिन बाद तेज ठंड पडऩे के आसार हैं।
बादलों के कारण रात का पारा चढ़ेगा
बादल छाने के कारण रात का पारा ज्यादा चढ़ेगा। वैज्ञानिकों का कहना कि सूर्य की किरणें दिन में धरती पर तो आ जाएंगी, लेकिन बादल छाने के कारण गर्मी रात को ऊपरी वायुमंडल में नहीं जा पाती। इससे रात का पारा चढ़ जाएगा, जिससे हल्की गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, 2 दिन से सूरज का असर भी कम देखने को मिल रहा है।

कर्ज से परेशान परिवार के 6 लोगों ने खाया जहर, 5 की मौत

0

नवादा| बिहार के नवादा जिले के नगर थाना क्षेत्र में कर्ज से परेशान एक परिवार के छह लोगों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे पांच की मौत हो गई। मृतकों में पति, पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक रजौली के रहने वाले केदार नाथ गुप्ता अपने परिवार के साथ नवादा के आदर्श सोसाइटी के पास न्यू एरिया मुहल्ले में किराए के मकान में रहते थे। बताया जाता है कि परिवार के सभी छह सदस्यों ने बुधवार देर रात कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे 5 की मौत हो गई और एक का जिला सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सूत्रों के मुताबिक घर के मुखिया केदार लाल गुप्ता शहर के विजय बाजार में फल का व्यवसाय करते थे और उन पर काफी कर्ज था। महाजन के द्वारा उन्हें काफी प्रताड़ित किया जा रहा था, इससे तंग आकर शहर की एक मजार के पास जाकर उनके पूरे परिवार ने जहर खा लिया।

नवादा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक अजय कुमार ने बताया किया सभी लोग रात को अस्पताल लाए गए, इनमें से पांच की मौत हो गई है।

उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू की।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों में केदार लाल गुप्ता, उनकी पत्नी अनीता देवी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मामला आत्महत्या प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

Facebook हुआ डाउन, पेज नहीं हो रहा लोड…

0

दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook के डाउन होने की खबर है। Facebook का डेस्कटॉप वर्जन भारत में काम नहीं कर रहा है। यूजर्स को ब्लैंक स्क्रीन मिल रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली साइट डाउनडिटेक्टर ने भी Facebook के डाउन होने की पुष्टि की है।downdetector के मुताबिक फेसबुक में आज यानी 10 नवंबर की सुबह 9 बजे से दिक्कत आ रही है। खबर लिखे जाने तक downdetector पर 47 यूजर्स ने शिकायत की है। सबसे ज्यादा सर्वर डाउन को लेकर शिकायत की गई है। इसके अलावा मोबाइल वर्जन में यूजर्स को कोई दिक्कत नहीं आ रही है।फेसबुक के अलावा फेसबुक एड मैनेजर के भी ठप होने की खबर है। कई यूजर्स ने ट्वीट करके कहा है कि यह मेटा में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी का असर है। बता दें कि मेटा ने इसी हफ्ते 11,000 लोगों को नौकरी से निकाला है। ट्विटर में भी छंटनी के बाद सर्विसेज डाउन हुई थीं।
 

हनुमान जी के ये मंदिर हैं आस्था के केन्द्र

0

हिन्दू धर्म में रामभक्त हनुमान के पूजन का काफी महत्व और इनकी पूजा करने का सबसे शुभ दिन मंगलवार है। हनुमान जी को कलयुग में भी जीवित देव माना गया है और श्रृद्धाभाव से पूजा करने से वह भक्तों की मनोकामना भी तुरंत पूरी करते है। इनके कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां पर पूजन करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान्यताओं के अनुसार अगर इन मंदिरों में भगवान श्रीराम का नाम लेकर कोई भी मुराद मांगी जाए तो वह अवश्य पूरी होती है।
हनुमान गढ़ी, अयोध्या
अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर के राजा हैं हनुमान जी। मान्यता है कि मंदिर में जब हनुमान जी की आरती होती है, उस समय वरदान मांगने वाले की हर इच्छा पूरी होती है।
कहते हैं कि लंका विजय के बाद हनुमानजी पुष्पक विमान में श्रीराम सीता और लक्ष्मण जी के साथ यहां आए थे। तभी से वो हनुमानगढ़ी में विराजमान हो गये। मान्यताओं के अनुसार जब भगवान राम परमधाम जाने लगे तो उन्होंने अयोध्या का राज-काज हनुमान जी को ही सौंपा था। 
पंचमुखी हनुमान, कानपुर
कानपुर के पनकी में स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर की महिमा भी बड़ी निराली है। यहीं पर हनुमान जी और लवकुश का युद्ध हुआ था। युद्ध के बाद माता सीता ने हनुमान जी को लड्डु खिलाए थे, इसीलिए इस मंदिर में भी उन्हें लड्डुओं का ही भोग लगता है। यहां आने वाले भक्तों की सारी इच्छायें सिर्फ लड्डू चढ़ाने से ही पूरी हो जाती हैं।
हनुमान मंदिर, झांसी
झांसी के हनुमान मंदिर में हैरानी की बात ये है कि यहां हर दिन सुबह पानी ही पानी बिखरा रहता है और कोई नहीं जानता कि ये पानी आता कहां से है। यहां हनुमान जी की पूजा-पाठ इसी पानी के बीच ही पूरी होती हैं। कहते हैं कि इस मंदिर के पानी का औषधीय गुणों से भरपूर है और इस पानी से चर्म रोग दूर होता है। 
बंधवा हनुमान मंदिर, विन्ध्याचल
विन्ध्याचल पर्वत के पास विराजते हैं बंधवा हनुमान। यहां पर ज्यादातर लोग शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए पूजन करने आते हैं। यहां पर शनिवार को लड्डू, तुलसी और फूल चढ़ने से साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।
मूर्छित हनुमान मंदिर, इलाहाबाद
कहते हैं हनुमान जी संगम किनारे भारद्वाज ऋषि से आशीर्वाद लेने आये थे लेकिन वह इतने कमजोर हो गये थे कि उन्होंने प्राण त्यागने का निर्णय लिया। तभी मां सीता आईं और उन्होंने सिंदूर का लेप लगाकर उन्हें नया जीवन दान दिया। इसी मान्यता के अनुसार यहां पर जो भी भक्त, हनुमान जी को लाल सिंदूर का लेप करते हैं, उसकी सभी कामनाऔं पूरी होती हैं। 
यहां होती है खंडित हनुमान प्रतिमा की पूजा
माना जाता है कि चंदौली के कमलपुरा गांव में बरगद के पेड़ से हनुमान जी प्रकट हुए थे. यहां पर बरगद से प्रकट हुए हनुमानजी की खंडित प्रतिमा की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि बरगद वाले हनुमान भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। 
 

शुभ मानी जाती है नेवले की मूर्ति

0

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार नेवले की प्रतिमा को घर में रखना शुभ माना जाता है। इसे सोने के सिक्कों या सिल्ली के ऊपर स्थापित किया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि नेवले को भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है। कहते हैं कि घर में नेवले की मूर्ति रखने से परिवार के लोगों पर भगवान विष्णु की जी की कृपा बनी रहती है। नेवले की मूर्ति रखने से धन लाभ होने की भी मान्यता रही है। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में नेवले की मूर्ति रखी होती है उस घर में माता लक्ष्मी आती हैं। ऐसे लोगों को अपने जीवन में आर्थिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता।
नेवले की मूर्ति के बारे में यह भी मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है जिससे परिवार में खुशियों भरा माहौल बना रहता है। परिवार के लोग आपस में लड़ते नहीं हैं और एक-दूसरे की सहायता करने के लिए तैयार रहते हैं। साथ ही घर में नेवले की मूर्ति होने से परिवार के लोगों की आय के स्रोत में भी बढ़ोत्तरी होने की बात कही गई है।
वहीं कुछ लोग नेवले की प्रतिमा को घर में सोने के सिक्कों या सिल्ली के ऊपर स्थापित करते हैं। ऐसा करना शुभ माना गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से आसपास के नकारात्मक भाव दूर होते हैं। कहते हैं कि सांप सदैव खजाने के ऊपर बैठते हैं और नेवला उनसे लड़कर खजाने को खोलता है। ऐसे में यह माना जाता है कि घर में नेवले की मूर्ति लगाने से परिवार के लिए धन प्राप्ति के स्रोत खुल जाते हैं। इससे घर के लोगों को धन लाभ होता है।
 

गेंदेश्वर महादेव मंदिर में होती है तांडव आरती

0

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शिव जी का एक बड़ा ही प्रसिद्ध मंदिर है। इसे गेंदेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां पर शिव जी की तांडव आरती की जाती है। जी हां, मंदिर के पुजारी अपने एक पैर पर खड़ा होकर तांडव आरती करते हैं। यह आरती लगभग एक घंटे तक चलती है। तांडव आरती को देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पर आते हैं। सावन के महीने में गेंदेश्वर महादेव मंदिर का नजारा देखने लायक होता है। इस समय मंदिर में भक्तों की भारी भींड़ लगती है। और भक्तों में तांडव आरती को लेकर विशेष उत्साह पाया जाता है।
गेंदेश्वर महादेव मंदिर इंदौर के परदेशीपुरा में स्थित है। बताया जाता है कि इस मंदिर में तकरीबन पिछले 15 साल से तांडव आरती हो रही है। तांडव आरती के दौरान पुजारी जी 1100 रुद्राक्ष को धारण किए हुए होते हैं। आरती के समय मंदिर के पुजारी तांडव नृत्य की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन करते हैं। पंडित की इन मुद्राओं को देखकर भक्त हैरान रह जाते हैं। साथ ही तांडव आरती देखकर भक्तों में उत्साह भी खूब पैदा होता है। मंदिर आए भक्त इस अनोखी आरती की यादें अपने साथ लेकर जाते हैं।
गेंदेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में 12 ज्योतिर्लिंग और चारों धाम की प्रतिमाएं हैं। इस प्रकार से इस मंदिर की महत्ता और भी बढ़ जाती है। मालूम हो कि तांडव आरती को अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। कुछ लोग इसे ओंकार आरती कहकर भी पुकारते हैं। गेंदेश्वर महादेव मंदिर विश्व में अकेला ऐसा मंदिर है जहां पर तांडव आरती की जाती है। तांडव आरती का हिस्सा बनना सौभाग्य माना गया है। कहते हैं कि इससे शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
 

रत्न से संवारें भाग्य

0

हमारे जीवन में रत्न अहम भूमिका निभाते हैं। जीवन में आने वाली कई अड़चने इनसे दूर होती हैं पर इन्हें पहनते समय योग्य जानकारों से सलाह लेनी चाहिये क्योंकि कई बार इसका विपरीत प्रभाव भी पड़ता है। पन्ना बुध ग्रह का रत्न होता है। इसका रंग हल्का से गहरा हरा हो सकता है। इस बात को लगभग सभी जानते हैं कि बुध ग्रह वाणी, युवा, व्यापार, हाजमा आदि का कारक होता है और बुध ग्रह की दो राशियाँ होती है मिथुन और कन्या।
जिन लोगो की कुंडली में मिथुन राशि तृतीय भाव में होती है एंव कन्या छंठे भाव में पड़ी होती है। पन्ना उनके लिए बहुत ही प्रभावकारी रत्न सिद्द होता है। पन्ना मुख्य रूप से पांच रंगों में पाया जाता है तोते के पंख के रंग का, पानी के रंग सा, सरेस के फूल के रंग सा, मोर पंख जैसा और इसके इलावा हल्का संदुल फूल के जैसा।
पन्ना बहुत ही नर्म रत्न होता है लेकिन इसकी कीमत बहुत अधिक होती है। आइये जानते है पन्ना पहनने के फायदे के बारे में।
स्मरण शक्ति होती है बेहतर 
पन्ना रत्न बुध से संबंधित होता है और जो बुध ग्रह होता है वो स्मरण शक्ति पर बहुत ही अच्छा प्रभाव डालता है। इसलिए जिन लोगों की स्मरण शक्ति कमजोर होती है। उन्हें अवश्य ही पन्ना रत्न धारण करना चाहिए क्योंकि इससे उनको बहुत फायदा प्राप्त होता है।
व्यापार में लाभ
जो लोग किसी प्रकार का व्यापार करते हैं। उनके लिए पन्ना रत्न बहुत ही लाभकारी होता है क्योंकि इससे उन्हें व्यापार में फायदा प्राप्त होता है।
पढ़ाई में लगता है मन 
पन्ना रत्न बच्चों के लिए भी लाभकारी होता है, इसलिएजिन बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता या फिर वो जो पढ़ते हैं उसे शीघ्र ही भूल जाते हैं। उनको चांदी के लाकेट में पन्ने को बनवाकर गले में धारण करवाना चाहिए। इससे उनका पढ़ाई में मन लगेगा और उन्हें पढ़ा हुआ भी लंबे समय तक याद रहेगा। इससे बच्चों की बुद्दि भी तेज हो जाती है।
रोगियों के लिए
रोग से ग्रस्त लोगों के लिए पन्ना बलवर्धक, आरोग्यदायक और सुख प्रदान करने वाला होता है।
अन्न धन के लिए
जिस घर में पन्ना होता है वहां अन्न धन की वृद्धि, सुयोग्य सन्तान और भुत प्रेत की बाधा शांत होती है साथ ही उस घर में सांप भी नहीं आता।
नेत्र रोग में लाभकारी
नेत्र रोग के लिए पन्ना बहुत ही लाभकारी होता है। इस रत्न को पांच मिनट सुबह सुबह एक गिलास पानी में घुमाएं और फिर उस पानी को अपनी आँखों पर छिडक लें। इससे आपकी आँखों को लाभ प्राप्त होगा।
हाजमा खराब होने पर
जिन लोगों का हाजमा अक्सर खराब रहता है उन्हें पन्ने जरुर धारण करना चाहिए क्योंकि इससे उनका हाजमा सही रहता है।
गर्भवती महिलाओं को
जो महिलाएं गर्भवती होती है उन महिलाओं को पन्ना धारण करने से लाभ प्राप्त होता है।
दमा से पीड़ित लोगों को
जो लोग दमा से पीड़ित होते हैं। उन्हें पन्ना रत्न चांदी की अंगूठी में बनवाकर कनिष्ठका अंगुली में धारण करनी चाहिए। इससे उनके दमा रोग में कमी आने लगती है।
पौरुष शक्ति में वृद्धि
जब पुरुष पन्ना को धारण करते हैं तो उनकी पौरुष शक्ति में वृद्धि होती है साथ ही उनका स्वास्थ्य उत्तम होता है।
पन्ना धारण करने की विधि
पन्ना धारण करने के लिए मंगलवार के दिन प्रात: काल स्नान करके पन्ने को गंगाजल में दूध मिलाकर डाल दें और फिर दुसरे दिन बुधवार को स्नान करके ॐ बु बुधाय नम: की कम से कम एक माला का जाप करने के बाद पन्ने को कनिष्ठका उंगुली में धारण करें। सूर्यदय से लेकर सुबह 10 बजे तक आप इसे धारण कर सकते हैं।
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (10 नवंबर 2022)

0

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (10 नवंबर 2022)

  • मेष राशि :- स्थानांतरण, विवाद, लाभ, शारीरिक कष्ट होगा, मनोविनोद होगा।
  • वृष राशि – कुसंग से हानि, यात्रा से कष्ट विवाद तथा रोग आदि का भय बने, खानापान में ध्यान दें।
  • मिथुन राशि – घर में शुभ कार्य हेंगे, धार्मिक यात्रा होगी, स्वजन सुख उत्सव में शामिल होंगे।
  • कर्क राशि – मित्रों से लाभ, घर तबादला का योग बने तथा राजनीति से प्रेरित कार्य होवे।
  • सिंह राशि – पदोन्नति होगी, विद्या बाधा कष्ट होगा तथा अपव्यय होगा, व्यर्थ हानि से बचें।
  • कन्या राशि – संतान से सुख प्राप्त होवे, राज्य शासन से लाभ तथा शत्रुओं से भय बना रहे।
  • तुला राशि :- शारीरिक कष्ट, जायदाद में वृद्धि तथा स्त्री को कष्ट, शारीरिक रोग भय होवे।
  • वृश्चिक राशि – रुके कार्य बनें, कार्य सिद्ध होगे, उत्तम व्यापार, रोजी रोजगार से लाभ होगा।
  • धनु राशि – संतान को कष्ट, विद्या में बाधा तथा कुसंग से हानि तथा नौकरी पेशा में हानि।
  • मकर राशि – उत्सव आनंद में सम्मिलित होना पड़ेगा, शत्रुभय, कष्ट-लाभ होवें, ध्यान दें।
  • कुंभ राशि – किसी से विवाद होवे, अपयश से बचे, उत्सव में पहुंचने से सुख लाभ होवे।
  • मीन राशि – संतान से सुख, भाई को कष्ट, धार्मिक कार्य में व्यय होगा, विशेष हानि होगी।
     

ज्ञानवापी जैसा मलाली मस्जिद विवाद में कोर्ट सुनवाई को राजी; मंदिर तोड़कर बनी थी यह मस्जिद :VHP

0

मस्जिद विवाद: मेंगलुरु स्थित मलाली मस्जिद विवाद पर यहां की एडिशनल सिविल कोर्ट सुनवाई के लिए राजी हो गई है। अदालत ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की अर्जी मंजूर कर ली। वहीं, मुस्लिम पक्ष की अर्जी खारिज कर दी। VHP का दावा है कि मलाली मस्जिद मंदिर को ढहाकर बनाई गई थी। यह वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद की ही तरह केस है। उधर, मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह वक्फ की जमीन है, इसलिए कोर्ट को इस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए। लेकिन कोर्ट ने यह दावा खारिज कर दिया। मस्जिद के रेनोवेशन के दौरान मंदिर का ढांचा मिलने से विवाद खड़ा हुआ था। हिंदू संगठनों ने उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी मस्जिद की तर्ज पर सर्वे करवाने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है।

मुस्लिम पक्ष के तर्क को मानने से इनकार

मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह वक्फ की जमीन है, इसलिए कोर्ट को इस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष के इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया है और कहा कि आगे इस मामले की सुनवाई मंगलूरु सिविल कोर्ट के अधीन जारी रहेगी। इससे पहले कर्नाटक की स्थानीय अदालत ने दक्षिण कन्नड़ जिले में मलाली मस्जिद विवाद के संबंध में आदेश 9 नवंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था।

mangloroo 1

कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था

मंगलुरु में तीसरे अतिरिक्त सिविल कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने के बाद निर्देश दिया था कि मस्जिद के परिसर में यथास्थिति बनाए रखी जाए। याचिकाकर्ताओं में से एक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मलाली मस्जिद में सर्वे करने के लिए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति की मांग की है। मलाली मस्जिद के प्रबंधन ने कहा था कि विहिप की याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। इसने यह भी कहा था कि अदालत इस मामले को नहीं उठा सकती है। अदालत ने दलीलें और जवाबी दलीलें दर्ज की थीं। फैसला पहले 17 अक्टूबर को सुरक्षित रखा गया था, जिसे 9 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हिंदू संगठन और अल्पसंख्यक समुदाय फैसले का इंतजार कर रहे थे।

इसी साल 21 अप्रैल को मरम्मत के दौरान मस्जिद के नीचे एक पिलर निकला। खबर फैली तो हिंदू पक्ष ने दावा किया कि यह मंदिर का पिलर है। इससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। यहां तब से ही धारा 144 लागू है।

Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group